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UPSC Mains Answer-Writing Topics in Hindi

GS Paper 1 (History+Culture+Society+World Geography) – 2018-19

GS Paper 2 (Polity+Social Justice+IR) – 2018-19

GS Paper 3 (Eco+Bio+Tech) – 2018-19

GS Paper 4 (Ethics) – 2018-19

 

संसार मंथन हमारे द्वारा आरम्भ की गई एक नई पहल है जो उन छात्रों को समर्पित है जो सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (UPSC Mains) के लिए जोर-शोर से तैयारी में लगे हैं. कई छात्र, विशेषकर हिंदी-माध्यम के छात्र, IAS परीक्षा की प्रारम्भिक परीक्षा में सफल तो हो जाते हैं पर इन्टरनेट की इस असीमित दुनिया में हिंदी भाषा में पठन-सामग्री उपलब्ध नहीं होने की वजह से Mains परीक्षा में विफल रह जाते हैं. संसार मंथन के इस पेज पर हमें मुख्य परीक्षा के लिए (GS Paper 1 + GS Paper 2 + GS Paper 3 + GS Paper 4) History, Polity, Economics, Geography, एवं Ethics Answer-writing कैसे करना है और कौन-से टॉपिक आपके मुख्य परीक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण हैं आदि विषयों [Civil Services (Mains) Examination Writing Practice in Hindi] की चर्चा करेंगे.

संसार मंथन

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UPSC मुख्य परीक्षा के लिए रणनीति

मेंस में सफलता के लिए आपको एक उदाहरण देना चाहता हूँ. कल्पना कीजिए मैंने आपको 100 मीटर की दौड़ लगाने के लिए कही तो क्या आप एक दिन पहले पेंटिंग बनाने का अभ्यास करोगे? नहीं न? जाहिर है कि आप दौड़ने का अभ्यास करोगे. यदि मैं आपको कहूँ कि कल आपको एक हजार ऑडियंस के बीच गाना गाकर सुनाना है तो क्या आप एक दिन पहले डांस करने का अभ्यास करोगे, नहीं न? या रियाज करोगे एवं किसी अच्छे गाने के चयन करने में समय बिताओगे? ठीक वैसे ही मेंस की परीक्षा है तो आपको अधिक से अधिक लेखन का अभ्यास करना होगा क्योंकि यह एक लिखित परीक्षा है. आपको किसी भी टॉपिक पर लिखने की क्षमता जागृत करनी होगी. आपको “गाय” पर भी लेख कहने कहूँ तो बहुत हद तक संभव है कि अभी की परिस्थिति में आपका हाथ एक-दो वाक्य लिखने के बाद थम जायेगा. आप सोचने लगोगे कि क्या लिखूँ…क्या लिखूँ….

इन्हीं सभी आदतों से आपको मुक्ति पानी है. आपको हर टॉपिक पर लिखने के लिए खुद को तैयार करना होगा. यह तो UPSC की परीक्षा है जो आपसे “गाय” पर नहीं, कई ऐसे मुद्दों पर सवाल पूछेगी जिसका हमें प्रायः ज्ञान भी नहीं होता है. इसलिए आपको उस हद तक तैयार रहना होगा कि ज्ञान नहीं रहने पर भी आप कुछ न कुछ ऐसा लिखो जिससे परीक्षक आपसे प्रभावित हो जाए और यह अथक अभ्यास से ही संभव है.

आपका व्यक्तित्व – आपका लेखन

परीक्षक आपका न तो चेहरा देखेगा और न ही आपका आचार-व्यवहार. आपकी ओर से परीक्षक के पास आपका चेहरा और व्यक्तित्व बनकर जो जायेगा वह है आपका लेखन. आपको अपनी लेखन शक्ति से ही परीक्षक को प्रभावित करना है और यह तभी संभव है जब आप अधिक से अधिक UPSC Mains के लिए लेखन-अभ्यास करोगे.

टॉपिक

आपको मेंस परीक्षा के लिए टॉपिक उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी हमारी है. हम विभिन्न स्रोतों जैसे The Hindu, Economic Times, Yojana, Kurukshetra, PIB, Jansatta आदि के सम्पादकीय (Editorial) सेक्शन से विभिन्न महत्त्वपूर्ण टॉपिक आपको उपबल्ध कराएँगे. वैसे कोई भी शैक्षणिक वेबसाइट/पोर्टल या ऑफलाइन कोचिंग संस्थान यह दावा नहीं करते कि उनके द्वारा बतलाये गए ही टॉपिक इस वर्ष की परीक्षा में आयेंगे इसलिए हम भी आपसे ऐसा कोई झूठा वादा नहीं करना चाहते. हम अवश्य UPSC मुख्य परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों की प्रकृति से अवगत हैं पर IAS मुख्य परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों को मद्देनजर रखते हुए हम भविष्य में आने वाले प्रश्नों का केवल अनुमान लगा सकता है. हमारी योजना आपके समक्ष केवल IAS परीक्षा में पूछे जाने वाले Current Affairs और सामान्य अध्ययन (GS Paper 1 + GS Paper 2 + GS Paper 3 + GS Paper 4) के सवालों को परोसना ही नहीं अपितु उनका उत्तर कैसे होना चाहिए, आपको इससे भी अवगत करना है. इस पेज पर हम वैकल्पिक विषयों और निबंध पेपर का जिक्र नहीं करेंगे.

मूल्यांकन

यदि आप चाहते हैं कि हमारी टीम आपके उत्तर का मूल्यांकन करे, आपके लेखन में कमियों व त्रुटियों से आपको अवगत कराये तो आप कमेंट में लिखित रूप में उत्तर लिख सकते हो या हमारे वेबसाइट पर स्कैन की हुई कॉपी अपलोड कर सकते हो.

ध्यान रहे

कई बार छात्रों द्वारा प्रश्नों की प्रकृति को समझने में भूल हो जाती है. जैसे पूछा कुछ और जाता है पर उनके उत्तर में कुछ और बातों का जिक्र होता है. प्रश्न के अंत में दिए गए शब्द वर्णन, विश्लेषण, व्याख्या, रुपरेखा, उल्लेख आदि शब्दों के अलग-अलग मतलब होते हैं. चलिए इन्हें और डिटेल में समझते हैं –

  1. Account for – कारण बताएँ – प्रश्न से सम्बंधित तथ्यों का संक्षिप्त विवरण देते हुए कारणों का विश्लेषण करें
  2. Account of – विवरण दीजिए.
  3. Analyse : विश्लेषण कीजिए.
  4. Asses : आकलन/मूल्यांकन कीजिए – प्रश्न में उल्लिखित अभिलक्षण या विशेषताओं के सबल एवं दुर्बल पक्षों का विश्लेषण करें.
  5. Bring out : स्पष्ट कीजिए
  6. Comment : टिपण्णी कीजिए – प्रश्न में उल्लिखित कथन के बारे में अपने दृष्टिकोण/पर्यवेक्षण के आधार पर व्यक्त करें.
  7. Define : परिभाषा/स्पष्ट जीजी.
  8. Determine : सुनिश्चित कीजिए/निर्धारण कीजिए.
  9. Describe : वर्णन कीजिए/विवरण दीजिए/समझाइए. प्रश्न से सम्बंधित सभी पहलुओं का वर्णन करें.
  10. Discuss: विवेचन/चर्चा/व्याख्या कीजिए – प्रश्न में उल्लिखित कथन से सम्बंधित सभी प्रचलित विचारों या दृष्टिकोण का समग्र विश्लेषण करते हुए अंततः आलोचनात्मक निष्कर्ष व्यक्त करें.
  11. Distinguish : अंतर स्पष्ट कीजिए/विवेचन कीजिए – प्रश्न में उल्लिखित कथन/अभिलाक्ष्नों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित करें.
  12. Evaluate/Critically Evaluate/Review – प्रश्न में उल्लिखित कथन/अभिलक्षण विसेश्ताओं का मूल्यांकन करते हुए निष्पक्ष विश्लेषण करें.
  13. Elucidate : स्पष्ट व्याख्या कीजिए – प्रश्न में उल्लिखित कथन या विचार का सरलीकरण या सरलीकृत विश्लेषण कीजिए जो कि संभवतः कठिन या दुर्बोध प्रतीत होता है.
  14. Explain : व्याख्या/स्पष्ट कीजिए/कारण बताइए/समझाइए – प्रश्न में उल्लिखित सभी कथनों/बिन्दुओं का स्पष्ट रूप से विश्लेषण करें.
  15. Examine/Critically examine : विवेचना/आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए – प्रश्न में उल्लिखित बिंदु या मुद्दे के पक्ष व विपक्ष दोनों का ही स्पष्टीकरण करें. आपका अंतिम निष्कर्ष साक्ष्यों द्वारा समर्थित होना चाहिए और आपने कुछ बिन्दुओं को क्यों नकार दिया, इसकी भी व्याख्या की जानी चाहिए.
  16. Explain : कारण बताइए.
  17. Form an estimate : मूल्यांकन कीजिए.
  18. Highlight : प्रकाश डालिए/प्रतिपादन कीजिए – मुख्य-मुख्य बातें बताइए.
  19. Illustrate : उदाहरण दीजिए – उदाहरण आँकड़े या तथ्यों के साथ दें.
  20. Interpret : व्याख्या करें – तथ्यों का विवरण देते हुए उनके आधार पर विश्लेषण करें. तथ्य मात्र आगत (inputs) होते हैं, उनका आप किस प्रकार उपयोग करते हैं यह आपने perception पर निर्भर करता है लेकिन आपका preception दोषपूर्ण नहीं होना चाहिए. इसलिए युक्तिसंगत तर्क/विश्लेषण करें. आपका perception आपके उत्तर को भिन्नता प्रदान करता है.
  21. Mention : उल्लेख कीजिए.
  22. Outline : रुपरेखा
  23. Reasons : तर्क/कारण – प्रश्न में दिए गये शब्दों का तार्किक विश्लेशन किया जाना चाहिए.
  24. Role : भूमिका – अगर प्रश्न में किसी व्यक्ति विशेष का नाम होता है तो उसकी भूमिका पर टिपण्णी करते हुए संक्षिप्त रूप से उन तथ्यों और कारणों पर भी प्रकाश डालें जो कि उस व्यक्ति को भूमिका अदा करने के लिए अवसर प्रदान करते हैं.
  25. Significance/Importance : सार्थकता/महत्त्व – प्रश्न के उत्तर में योगदान व परिणाम के महत्त्व पर प्रकाश डालें. जहाँ तक संभव हो सके, दृष्टिकोण सकारात्मक होना चाहिए. कई बार प्रतीकात्मक महत्त्व पर प्रकाश डालें.
  26. Significant : प्रमुख – ऐसे प्रश्न में भी महत्त्वपूर्ण योगदान व परिणामों को महत्त्व दिया जाना चाहिए.
  27. Trace : रुपरेखा/विकास का निरूपण/अनुरेखन/उल्लेख/वर्णन – यह शब्द अपने-आप में स्पष्ट है लेकिन किस प्रकार से प्रश्न में उल्लिखित बात का विकास होता है इस पर अधिक बल दिया जाना चाहिए.
  28. To what extent : किस सीमा तक – कोई भी कथन या कारण किस सीमा तक उचित/अनुचित या उपयुक्त/अनुपयुक्त हो सकते हैं या कथन में उल्लिखित बात का किस सीमा/कहाँ तक योगदान/भूमिका हो सकता है.

हमारे वेबसाइट के अन्य सेक्शन जो वर्ष 2018 में launch किये गये हैं –

Sansar DCA

Sansar Weekly Quiz

Sansar GK Quiz