[संसार मंथन] मुख्य परीक्षा लेखन अभ्यास – Ethics GS Paper 4/Part 4

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सामान्य अध्ययन पेपर – 4

Case Study – Ethics

“जिला आरोग्य, हिमालय की तलहटी में स्थित है और यहाँ मानव विकास के संकेतक कम हैं. यह राज्य की राजधानी से दूर स्थित है. भौगोलिक दृष्टि से बड़ा और अनेक विशेषताएँ जैसे कि घने जंगलों से ढकी हुई पहाड़ियाँ, छोटी दरार वाली घाटियाँ, ऊँचाई से बहती हुई नदियाँ और झरने होने के बावजूद यहाँ बहुत खामियाँ भी हैं, जैसे – कम आबादी, प्राचीन मूलसंरचना और अधिकांश छोटे कस्बों में बिजली की कमी. तराई के कारण यहाँ खेती सीमित है तथा यहाँ कोई औद्योगिक गतिविधि भी नहीं है.

जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल की सीमित सुविधाएँ हैं. जंगली बिल्लियाँ जंगल पार से बस्तियों की सीमा में बार-बार आती हैं और इससे ग्रामवासी जंगल से जलाने के लिए लकड़ी लाने से डरते हैं, जो स्थानीय ग्रामवासियों की जरुरत है. अनेक युवा पुरुष शिक्षा और नौकरियों के लिए राज्य की राजधानी में प्रवास कर गये हैं. कुछ लोग प्रवासी श्रमिक के रूप में कार्य करने के लिए आस-पास राज्यों में भी चले गये हैं.

अधिकांश लोग जो यहाँ बचे हुए हैं वे गैर कानूनी रूप से व्यापार और शिकार की गतिविधियों में शामिल हैं. लगभग प्रत्येक परिवार में कम से कम एक ऐसा सदस्य है जो इमारती लकड़ी के गैर कानूनी व्यापार में शामिल है. बढ़ती अपराध दर के साथ ये जिला पूरे राज्य से फरार अपराधियों का आश्रय स्थल बन गया है. अधिकांश अपराधी यहाँ जेबी चाकू से लेकर आटोमेटिक पिस्तौल जैसे हथियार लेकर चलते हैं.

आपको जिले में विकास की गतिविधियों तथा कानून और व्यवस्था की स्थिति के निरीक्षण के लिए जिला कलेक्टर के रूप में तैनात किया गया है.

प्रश्न 1 : क्षेत्र के अपराधियों के खिलाफ आप की कार्यवाही किस प्रकार होगी? दंडात्मक या सुधारात्मक? कारण सहित व्याख्या करें. (150 शब्द)

उत्तर लेखन कैसा हो?

आज मैं आपको उत्तर नहीं बताऊंगा. हाँ, भले हिंट दे सकता हूँ. आप अपना उत्तर लेखन कमेंट में नोट्स के फोटो अपलोड करें तो बाकी लोगों को भी आईडिया मिलेगा.

इस केस स्टडी में ध्यान देने योग्य बात है कि पहली कुछ पंक्तियों में क्षेत्र की भौगोलिक विशेषताएँ बतलाई गई हैं. भले ही क्षेत्र आर्थिक, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि मामले में कमजोर हो पर भौगोलिक दृष्टि से यह क्षेत्र सम्पन्न है. पहाड़ी तराई और तेजी से बहती नदियों का अर्थ है लघु पनबिजली परियोजनाओं की संभाव्यता है. वन्य जीवन का सीधा अर्थ है कि कई पर्यटक यहाँ घूमने के लिए आ सकते हैं.

जब किसी क्षेत्र में गरीबी व्याप्त हो, व्यवसाय के लिए कोई रास्ता न खुला हो तो ऐसे में जाहिर है कि युवा वर्ग गलत रास्ते में जाने के लिए मजबूर होंगे और प्रश्न से स्पष्ट है कि अपराध अब इस क्षेत्र की पहचान बन चुका है क्योंकि लगभग हर परिवार में एक अपराधी है.

व्यवहार में, इन समस्याओं का समाधान बहुत जटिल है क्योंकि अपराध इस क्षेत्र में बहुत ही व्यापक पैमाने में फैला है. इसलिए सुधारात्मक कार्यवाही करते हुए इस क्षेत्र में डैम आदि परियोजनाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए ताकि लोगों को रोजगार मिले और वे अपराध करना खुद-पर-खुद छोड़ दें.

दूसरी ओर इन खतरनाक हथियारों को इस क्षेत्र में कौन सप्लाई कर रहा है, इसका भी पता करना चाहिए. हो सके तो इमारती लकड़ियों की तस्करी को रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि अपराध में संलिप्त व्यक्ति चारों ओर से घिर जाएँ और मजबूरन उन्हें अपने ही क्षेत्र में हो रहे विकास में भागीदार बनना बड़े जिनसे उन्हें आर्थिक लाभ भी होगा.

खैर यह तो मेरी सोच थी. जब मैंने एक परिचित प्रशासनिक सेवक से यह सवाल पूछा तो उनका जवाब कुछ और था —

उन्होंने कहा कि कार्यवाही दंडात्मक होनी चाहिए. क्षेत्र में जब तक यह खबर नहीं फैलेगी कि अपराध में लिप्त व्यक्ति पकड़े जा रहे हैं तब तक अपराध में काबू पाना मुश्किल है.

उन्होंने कहा कि IPC की धारा 379 के तहत इमारती लकड़ी की तस्करी करने वालों को दंड देने का प्रावधान है. सभी पर सख्त कार्यवाही करनी होगी. वैसे भी इस इलाके की जनसंख्या कम है. पकड़-धकड़ की खबर बहुत ही जल्द अपराधियों के बीच फैलेगी.

आप बताएँ?  आपका क्या सुझाव है?

प्रश्न 2 : जंगली बिल्लियों के आतंक पर आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी? कारण सहित स्पष्ट करें. (150 शब्द)

उत्तर लेखन कैसा हो?

या…तो आप लिखेंगे कि जिला फारेस्ट ऑफिसर को आप आदेश देंगे कि यदि जंगल से भाग रहे जानवरों पर वे ध्यान दें या हो सके तो उन्हें काँटों का बाड़ा आदि लगा कर इन जानवरों को बस्तियों की सीमा में आने से रोकने का प्रयास करें.

पर आपका उत्तर जैसा भी होगा बस इस बात का ध्यान रहे कि परीक्षक आपके मन में जंतुओं के बारे में सहानुभूति को टटोल रहा है. वह यह भी देखना चाह रहा है कि आपके मन में पर्यावरण संबधी विचारों के प्रति जागरूकता है या नहीं.

इसलिए आपको अपने उत्तर में ऐसे कुछ उपाय सुझाने होंगे कि जिनसे जानवर और पर्यावरण दोनों को क्षति नहीं पहुँचे.

आप बताएँ?  आपका क्या सुझाव है? (कमेंट में आप अपने उत्तर का  फोटो खींचकर अपलोड कर सकते हैं)

“संसार मंथन” कॉलम का ध्येय है आपको सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में सवालों के उत्तर किस प्रकार लिखे जाएँ, उससे अवगत कराना. इस कॉलम के सारे आर्टिकल को इस पेज में संकलित किया जा रहा है >> Sansar Manthan

5 Responses to "[संसार मंथन] मुख्य परीक्षा लेखन अभ्यास – Ethics GS Paper 4/Part 4"

  1. Aruna Mishra   August 7, 2018 at 7:58 pm

    Nice answer

    Reply
  2. Rohit chhimpa   August 6, 2018 at 10:57 pm

    Attachment

    Word limit ki problem hai

    Reply
  3. Rohit chhimpa   August 6, 2018 at 10:54 pm

    Or bhi bhut kuch jud skta h but lenghty ho jayega

    Reply
  4. Rohit chhimpa   August 6, 2018 at 9:30 pm

    Attachment

    I think

    Reply
  5. Karan   August 6, 2018 at 6:39 pm

    Bnd too nhi ho skta pr unhe rojgar ki kmi agr uhe rojgar milata he too vh dhere dhere bnd ho ghahge our kanun vpsta lagu ki janeee chanye

    Reply

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