[संसार मंथन] मुख्य परीक्षा लेखन अभ्यास – Polity GS Paper 3/Part 16

Sansar LochanGS Paper 3, Sansar Manthan3 Comments

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TOPICS – हरित पहल, संचार अवसंरचना

Q1. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा की जा रही “हरित पहलों” की संक्षेप में चर्चा करें.

Syllabus, GS Paper III : बुनियादी ढाँचा, ऊर्जा, सड़क….

सवाल की माँग

 राजमार्ग/परिवहन के संदर्भ में हरित पहल से आप क्या समझते हैं? परीक्षक यह जानना चाहता है.

 मंत्रालय द्वारा क्या-क्या कदम उठाये गए हैं, चर्चा करें.

X राजमार्ग मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के बारे कोई चर्चा नहीं.  (मूलतः इस प्रश्न में योजनाओं/पहलों की ही चर्चा करनी है)

उत्तर की रूपरेखा

  • भूमिका
  • सरकार के कदम
  • निष्कर्ष

उत्तर :-

पर्यावरण के प्रदूषण को नियंत्रित करने में एक बहुत बड़ी भूमिका परिवहन व्यवस्था की होती है. इस तथ्य को दृष्टि में रखते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कई कदम उठाये हैं.

  1. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक ग्रीन हाइवे डिवीज़न का गठन किया है और पिछले साल ढाई लाख पौधे रोपे गये ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग हरे-भरे और प्रदूषणमुक्त रह सकें.
  2. देश के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति हो जाने के कारण तालाबों, चैकडैमों और जलाशयों आदि का निर्माण करना बहुत जरुरी हो गया था. मंत्रालय ने तालाबों से गाद हटाने, मौजूदा तालाबों तथा जलाशयों को फिर से भरने के लिए प्रयासरत है.
  3. मंत्रालय ने राज्यों के लोक निर्माण विभागों से राष्ट्रीय राजमार्गों पर पुल व बैराज निर्माण के प्रस्ताव आमंत्रित किये हैं ताकि सड़क पार करने के लिए पुल की सुविधा रहे और ऊपरी तथा निचली धारा में पानी के भंडारण की सुविधा हो.
  4. स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत आयोजित स्वच्छता पखवाड़े में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के 371 टोल प्लाजा में शौचालयों का निर्माण किया गया है और कूड़ेदान भी उपलब्ध कराये गये हैं. इसके अतिरिक्त अस्थायी शौचालयों के निर्माण और पीने के पानी की सुविधा भी टोल प्लाजा में उपलब्ध कराई गई है.
  5. सड़कों और नालों की सफाई, सड़क निर्माण, स्थलों का उचित प्रबंधन, कूड़े-करकट को हटाने जैसे अनेक कार्य सम्बंधित मंत्रालय द्वारा किये जा रहे हैं.
  6. ट्रैक्टर और निर्माण उपकरणों एवं मशीनों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए कम सल्फर वाले ईंधन सम्बन्धी उत्सर्जन नियमों को अधिसूचित कर दिया गया है और अक्टूबर 2020 से इन पर अमल होने लगेगा.
  7. मंत्रालय बिजली से चलने वाले वाहनों को भरपूर बढ़ावा दे रहा है. ई-रिक्शा, मेट्रो आदि किफायती और पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल सिद्ध हो रहे हैं.

निष्कर्ष

सरकार द्वारा पर्यावरण सुधार की दिशा में उठाये गए ये सारे कदम फलदायी होंगे, इसमें कोई संदेह नहीं. परन्तु इनकी शत-प्रतिशत सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब जनसाधारण इनका महत्त्व समझे और इसमें अपना सहयोग दे क्योंकि अंततः पर्यावरण को अनुकूल बनाने का काम जनता को ही करना है.

Q2. “भारत को डिजिटल तरीके से सशक्त समाज और ज्ञान पर आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की परिकल्पना में “संचार अवसरंचना” का बहुत बड़ा हाथ है.” चर्चा करें.

Syllabus, GS Paper III : सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी…

सवाल की माँग

 संचार अवसंरचना का अर्थ क्या है, परीक्षक आपसे जानना चाहता है

 डिजिटल इंडिया का जिक्र बहुत जरुरी है.

 सरकार के अन्य पहलों की चर्चा कीजिए

X डिजिटल इंडिया के बारे में जिक्र नहीं किया जाना.

उत्तर की रूपरेखा

  • भूमिका
  • योजनाओं/कार्यक्रमों का उल्लेख
  • निष्कर्ष

उत्तर :-

आज विश्व में डिजिटल क्रांति का युग है. यह ऐसा हथियार है जो एक ओर समाज का कल्याण करने में सहायता कर सकता है तो दूसरी ओर अर्थव्यवस्था में चमत्कारी परिवर्तन ला सकता है. इसलिए आज इस बात की प्रबल आवश्यकता है कि इस देश को सामाजिक और आर्थिक मोर्चे पर सफल देशों की श्रेणी में लाने के लिए संचार और उसकी अवसंरचना को सुदृढ़ किया जाये. इस सन्दर्भ में सरकार ने कई कदम उठाये हैं.

  1. ई-गवर्नेंस, बैंकों, वित्तीय सेवाओं, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, लॉजिस्टिक, परिवहन और नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में नकदीविहीन लेन-देन में विकास के दूरसंचार क्षेत्र में अद्भुत् रूप से तीव्रता आई है.
  2. दूरसंचार क्षेत्र में प्रगति से स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया जैसी पहल के माध्यम से नवसृजन और उद्यमिता को बढ़ावा मिला है.
  3. आज देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों के मध्य मोबाइल फोने के माध्यम से सम्पर्क संभव है. दूरसंचार क्षेत्र आज देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में महत्त्वपूर्ण योगदान कर रहा है.
  4. ब्रॉडबैंड फोरम ऑफ़ इंडिया के अनुसार 2015 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में इस क्षेत्र का योगदान 1.75% के स्तर पर पहुँच गया था.
  5. आज लगभग 1.5 लाख ग्राम पंचायतें इन्टरनेट और वाई-फाई हॉटस्पॉट तथा कम लागत पर डिजिटल सेवाओं तक पहुँच बनाने हेतु डिजिटल इंडिया और भारत नेट परियोजनाओं के अंतर्गत ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ी जा रही है.
  6. वित्तीय सेवाओं, टेली-मेडिसिन, शिक्षा, ई-गवर्नेंस, ई-मार्केटिंग और कौशल विकास को मंच प्रदान करने के लिए डिजी-गाँव की योजना बनाई गई है.
  7. भारत ने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत जुलाई 2015 में 1,13,000 करोड़ रू. की लागत से की थी. इसके तीन प्रमुख क्षेत्र निर्धारित किये गये थे जिनमें डिजिटल अवसंरचना का निर्माण, सेवाओं को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से प्रदान करने की व्यवस्था, डिजिटल साक्षरता और शासन में जनता को ई-भागीदार के जरिये सहभागी बनाकर नागरिकों का सशक्तिकरण करने की परिकल्पना की है.

निष्कर्ष

सरकार के द्वारा की गई ये पहलें महत्त्वपूर्ण और कारगर हैं, परन्तु इनकी सफलता के लिए यह आवश्यक कि जनसाधारण इसके लिए हर प्रकार से तैयार हो. जब तक समाज का प्रत्येक आदमी इन व्यवस्थाओं को पूरी तरह से समझेगा नहीं और इनके बारे में जानकारी नहीं प्राप्त करेगा, तब तक सरकार के सम्बंधित कार्यक्रमों के शत-प्रतिशत सफल होने में संदेह बना रहेगा. इसलिए यह अनिवार्य प्रतीत होता है कि योजना बनाने के साथ-साथ लोगों को उनके बारे में जागरूक करने का भी एक अभियान चलता रहना चाहिए. 


“संसार मंथन” कॉलम का ध्येय है आपको सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में सवालों के उत्तर किस प्रकार लिखे जाएँ, उससे अवगत कराना. इस कॉलम के सारे आर्टिकल को इस पेज में संकलित किया जा रहा है >> Sansar Manthan

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