संसार मंथन 2021] मुख्य परीक्षा लेखन अभ्यास – Economy | GS Paper 3/Part 01

Sansar LochanGS Paper 3 2021 EconomyLeave a Comment

नीली अर्थव्यवस्था से आप क्या समझते हैं? भारत के लिए इसके महत्त्व की संक्षेप में चर्चा कीजिए.

What do you understand by blue economy? Briefly discuss its importance for India.

उत्तर :-

✔नीली अर्थव्यवस्था से अभिप्राय आर्थिक विकास, बेहतर आजीविका और रोजगार के लिए महासागरीय संसाधनों का सतत उपयोग करते हुए महासागर पारिस्थितिकी-तंत्र के स्वास्थ्य को संरक्षित करने से है.

✔मत्स्य पालन, गहरे समुद्र में खनन और अपतटीय तेल एवं गैस भारत की नीली अर्थव्यवस्था के बड़े घटक हैं.

✔भारत की कुल अर्थव्यवस्था में नीली अर्थव्यवस्था की भागीदारी 4.1% है.

नीली अर्थव्यवस्था का भारत के लिए महत्त्व

✔आर्थिक संवृद्धि: भारत की आर्थिक संवृद्धि हेतु हिंद महासागर क्षेत्र रणनीतिक महत्त्व रखता है क्‍योंकि भारत का अधिकांश कच्चा तेल और गैस समुद्र के जरिये आयात किया जाता है. इसके अतिरिक्त, इस निर्भरता में वर्ष 2025 तक अत्यधिक तीव्रता से वृद्धि होने की आशा है. भारत का अनन्य आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone) 20 लाख वर्ग किलोमीटर से भी अधिक का है. इसके अंतर्गत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के दोहन करने योग्य संसाधनों के साथ-साथ विशाल मात्रा में जीवित और निर्जीव संसाधन भी विद्यमान हैं.

✔महासागरीय संसाधनों का दोहन: मध्य हिंद महासागर बेसिन (Central Indian Ocean Basin: CIOB) की तलहटी में विद्यमान बहुधात्विक पिंडों के खनन से भारत को निकेल, तांबा, कोबाल्ट और मैंगनीज जैसे खनिजों की उपलब्धता में सुधार लाने में सहायता मिल सकती है. भारत को अंतर्राष्ट्रीय समुद्र तल प्राधिकरण (International Seabed Authority – ISA) के साथ समझौते के माध्यम से CIOB के 7,50,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में बहुधात्विक पिंडों की खोज और खनन करने का अधिकार प्राप्त है.

✔व्यापार की संभावनाः भारत के व्यापार के संबंध में हिन्द महासागरीय क्षेत्र अपार संभावना प्रदान करता है. इंडियन ओसियन रिम एसोसिएशन (IORA) के देशों ने बीते हुए कुछ सालों में महत्त्वपूर्ण गतिशीलता का प्रदर्शन किया है क्‍योंकि इस क्षेत्र के व्यापार में चार गुना से भी अधिक की वृद्धि हुई है.

✔मत्स्य पालन और जलीय कृषि: भारत में नीली संवृद्धि पहल (Blue Growth Initiative) को प्रोत्साहन देने के लिए भारत के पास राष्ट्रीय मत्स्य पालन नीति है. यह नीति समुद्री और अन्य जलीय संसाधनों से प्राप्त होने वाले मत्स्य संसाधनों के संधारणीय उपयोग पर केन्द्रित है.

✔सतत विकास: महासागर पर आधारित नीली अर्थव्यवस्था एक नया उभरता हुआ प्रक्षेत्र है. नीली अर्थव्यवस्था स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों का प्रयोग करने और नवीकरणीय स्रोतों के नियोजन पर आधारित होती है. उदाहरणस्वरूप, ‘संसाधन-के रूप में- महासागर’ का उपयोग करना जो संसाधन की कमी से सम्बंधित समस्याओं को निदान करता है और सतत विकास को संभव बनाता है. 

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