अधीनस्थ न्यायालय – उच्च न्यायालय के अधीन

RuchiraIndian ConstitutionLeave a Comment

आपने उच्च न्यायालय और उसके क्षेत्राधिकार के विषय में हमारे ब्लॉग पर पढ़ा ही होगा. यदि नहीं पढ़ा तो यहाँ इस लिंक से पढ़ लें > (उच्च न्यायालय). आज हम इस पोस्ट में उच्च न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालय के विषय में पढेंगे. उच्च न्यायालय के अधीन कई श्रेणी के न्यायालय होते हैं, उन्हें अधीनस्थ न्यायालय की श्रेणी में रखा जाता है. … Read More

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 – इस नए कानून में क्या है?

Sansar LochanBills and Laws: Salient FeaturesLeave a Comment

20 जुलाई 2020 से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 (New Consumer Protection Act 2019) पूरे देश में प्रभावी हो गया है. विदित हो कि इस अधिनियम ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 को विस्थापित किया है. पुराने अधिनियम को विस्थापित करने की आवश्यकता क्यों आन पड़ी? दरअसल, नया अधिनियम अर्थात् उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 पुराने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की तुलना में अधिक … Read More

लाभ का पद : सम्पूर्ण जानकारी

Sansar LochanIndian ConstitutionLeave a Comment

लाभ का पद (Office of Profit) क्या है? अनुच्छेद 102(1)(a) एवं 191(1)(a) में लाभ के पद के आधार पर निरर्हताओं/निर्योग्यताओं का उल्लेख है, किंतु लाभ के पद को न तो संविधान में परिभाषित किया गया है और न ही जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम में. प्रद्युत बोरदोलोई बनाम स्वप्न रॉय वाद (2001) में उच्चतम न्यायालय ने लाभ के पद की जांच के लिए निम्नलिखित … Read More

तब्लीगी गतिविधियों में लिप्त होने पर प्रतिबंध – New Visa Rules

Sansar LochanGovernanceLeave a Comment

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वीजा से सम्बंधित मार्गनिर्देशों में नए संशोधन किये हैं जिनके अंतर्गत विशिष्ट वीजा उल्लंघन के रूप में तब्लीगी गतिविधियों को सम्मिलत किया है. संशोधन में क्या है? संशोधन के द्वारा भारतीय वीजा से संबंधित सामान्य नीति दिशानिर्देश में एक नई श्रेणी जोड़ी है, जो है – “तब्लीगी गतिविधियों में संलिप्त होने पर प्रतिबंध”. जारी दिशानिर्देश में … Read More

आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में संशोधन

RuchiraBills and Laws: Salient FeaturesLeave a Comment

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में साढ़े छह दशक पुराने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में संशोधन को स्वीकृति दे दी ताकि अनाज, दलहन और प्याज सहित खाद्य वस्तुओं को नियमन के दायरे से बाहर किया जा सके. संशोधन के मुख्य तथ्य संशोधन के माध्यम से राष्ट्रीय आपदाओं, अकाल के फलस्वरूप दामों में बेलगाम वृद्धि जैसी असाधारण परिस्थितियों में ही खाद्य … Read More

कोरोना महामारी को लेकर आपदा प्रबंधन अधिनियम की प्रासंगिकता

Sansar LochanGovernance2 Comments

भारत में कोरोना महामारी के प्रकोप को रोकने हेतु देश में लॉकडाउन लगाया गया है. इस दौरान केंद्र सरकार ने अनेक आदेश और दिशानिर्देश निर्गत किए हैं. ‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, 68 दिनों के अबतक के लॉकडाउन में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रति दिन औसतन 1.3 आदेश निर्गत किए हैं. हाल ही में, एमएचए द्वारा राज्यों को … Read More

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 2 (एच) एवं RTI के तहत ‘पब्लिक अथॉरिटी’ क्या है?

RuchiraIndian ConstitutionLeave a Comment

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने आरटीआई अधिनियम के तहत दायर एक आवेदन में मांगी गई सूचना को साझा करने से यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 2 (एच) के अंतर्गत PM CARES FUND ‘सार्वजनिक प्राधिकरण’ (public authority) नहीं है. पृष्ठभूमि आरटीआई आवेदन 1 अप्रैल को हर्षा कंदुकुरी द्वारा किया गया था, जो प्रधानमंत्री … Read More

भारतीय श्रम कानून और उसकी आलोचना

Sansar LochanBills and Laws: Salient Features1 Comment

भारत ने कुछ राज्यों में श्रमिक कानूनों को पिछले दिनों शिथिल किया था. इसी सन्दर्भ अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labour Organisation – ILO) ने चिंता प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहा है कि वे केन्द्रीय और राज्य सरकारों को अंतर्राष्ट्रीय श्रम कानूनों का पालन करने का सन्देश दें. पृष्ठभूमि विदित हो कि हाल ही में देश के 10 … Read More

सार्वजनिक दायित्व बीमा अधिनियम, 1991

RuchiraBills and Laws: Salient FeaturesLeave a Comment

Public Liability Insurance Act, 1991 in Hindi पिछले दिनों विशाखापत्तनम में स्थित LG Polymers India Private Ltd कारखाने में हुई गैस लीक ने एक बार फिर लोगों का ध्यान सार्वजनिक दायित्व बीमा अधिनियम, 1991 (Public Liability Insurance Act, 1991) पर केन्द्रित कर दिया है. ज्ञातव्य है कि इस अधिनियम के अंतर्गत कम्पनी की सार्वजनिक दायित्व बीमा के तहत गैस लीक … Read More

अंतर-राज्य प्रवासी मजदूर अधिनियम, 1979

RuchiraBills and Laws: Salient FeaturesLeave a Comment

कोविड-19 महामारी के चलते मार्च 24 से अचानक पूरे देश में तालाबंदी हो गई जिस कारण प्रवासी मजदूरों को बहुत कष्ट झेलना पड़ा. ऐसी स्थिति में लोगों का ध्यान 1979 में पारित अंतर-राज्य प्रवासी मजदूर अधिनियम (Inter-State Migrant Workmen Act, 1979) की ओर गया है. लोगों का मानना है कि एक राज्य से दूसरे राज्य जाने वाले मजदूरों के रोजगार … Read More