डॉ. अम्बेडकर की जीवनी, विचार और रचनाएँ

Dr. SajivaBiography, Modern HistoryLeave a Comment

आज हम डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जीवनी, विचार और रचनाओं के बारे में जानेंगे. चलिए पढ़ते हैं – Ambedkar Biography को हिंदी में. आप चाहें तो इसका PDF भी डाउनलोड कर सकते हैं. Biography of B.R. Ambedkar दलितों के मसीहा, सामाजिक समानता के लिए संघर्षशील, समाज सुधारक एवं भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता डॉ. अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 … Read More

वीर सावरकर से सम्बंधित मुख्य तथ्य

Dr. SajivaBiography, Modern HistoryLeave a Comment

28 मई, 2019 को स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की जयंती मनाई गई. वीर सावरकर से सम्बंधित मुख्य तथ्य सावरकर का पूरा नाम गणेश दामोदर सावरकर था. सावरकर ने 1904 में नासिक में ‘मित्रमेला’ नाम से एक संस्था आरंभ की थी जो शीघ्र ही मेजनी के ‘तरुण इटली’ की तर्ज पर एक गुप्त सभा ‘अभिनव भारत’ में परिवर्तित हो गयी. अभिनव … Read More

भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में सहायक तत्त्व

Dr. Sajiva#AdhunikIndiaLeave a Comment

भारत की स्वतंत्रता एक महान ऐतिहासिक घटना है. यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में 62 वर्षों के संघर्ष का परिणाम है. अन्य देशों के स्वतंत्रता संग्राम से इसकी प्रकृति भिन्न है. यह मुख्यतः एक अहिसंक लड़ाई थी. इसने न तो प्रधानमन्त्री एटली और मजदूर दल की उदारता का परिणाम और न ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रयत्नों का परिणाम … Read More

कैबिनेट मिशन योजना – 16 May, 1946

Dr. Sajiva#AdhunikIndia, Modern History2 Comments

cabinet_mission

द्वितीय विश्वयुद्ध समाप्त हो गया था और इंगलैंड ने पहले आश्वासन दे रखा था कि युद्ध में विजयी होने के बाद वह भारत को स्वशासन का अधिकार दे देगा. इस युद्ध के फलस्वरूप ब्रिटिश सरकार की स्थिति स्वयं दयनीय हो गयी थी और अब भारतीय साम्राज्य पर नियंत्रण रखना सरल नहीं रह गया था. बार-बार पुलिस, सेना, कर्मचारी और श्रमिकों … Read More

भारत छोड़ो आन्दोलन – Quit India Movement in Hindi

Dr. Sajiva#AdhunikIndia, Modern History14 Comments

gandhi

भारत छोड़ो आन्दोलन – भूमिका भारत के इतिहास में 1942 की अगस्त क्रान्ति (August Revolution) एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है. इस क्रांति का नारा था “अंग्रेजों भारत छोड़ो (Quit India)“ और सचमुच ही एक क्षण तो ऐसा लगने लगा कि अब अंग्रेजों को भारत से जाना ही पड़ेगा. द्वितीय विश्वयुद्ध (Second Word War) में जगह-जगह मित्रराष्ट्रों की पराजय से … Read More

क्रिप्स योजना – Cripps Mission, 30 March 1942 in Hindi

Dr. Sajiva#AdhunikIndia, Modern History1 Comment

cripps _mission

द्वितीय विश्वयुद्ध के प्रथम दो वर्ष ब्रिटिश साम्राज्य के लिए बहुत संकटपूर्ण थे. जर्मनी की निरंतर सफलता और इंग्लैंड पर आक्रमण की आशंका से इंग्लैंड अपनी रक्षा के लिए खुद प्रयत्नशील था. जापानी आक्रमण से भारतीय साम्राज्य पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे थे. इस प्रकार युद्ध की दोहरी मार से ब्रिटिश साम्राज्य की शांति और सुरक्षा खतरे में … Read More

[Quiz] अगस्त प्रस्ताव: भारत छोड़ो आन्दोलन Questions Answers

Dr. Sajiva#AdhunikIndia, Quiz46 Comments

Subhas_Chandra_Bose

अगस्त प्रस्ताव इस समय तक युद्ध में जर्मनी की तेजी से विजय हो रही थी. डेनमार्क, नार्वे, हालैंड, फ़्रांस आदि उसके अधिकार में आ गये थे. फ्रांस में अंग्रेजी सेना को मुँह की खानी पड़ी थी और स्वयं ब्रिटेन पर खतरे के बादल मँडरा रहे थे. युद्ध के कारण ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई थी. ऐसी स्थिति … Read More

द्वैध शासन से आप क्या समझते हैं? Diarchy in Hindi

Dr. Sajiva#AdhunikIndia, Modern HistoryLeave a Comment

Subhas_Chandra_Bose

1919 ई. के भारत सरकार अधिनियम द्वारा प्रांतीय सरकार को मजबूत बनाया गया और द्वैध शासन (diarchy) की स्थापना की गई. 1919 के पहले प्रांतीय सरकारों पर केंद्र सरकार का पूर्ण नियंत्रण रहता था. लेकिन अब इस स्थिति में परिवर्तन लाकर प्रांतीय सरकारों को उत्तरदायी बनाने का प्रयास किया गया. इस द्वैध शासन का एकमात्र उद्देश्य था – भारतीयों को पूर्ण … Read More

सविनय अवज्ञा आन्दोलन – Salt or Dandi March, Gandhi-Irwin Pact in Hindi

Dr. Sajiva#AdhunikIndia, Modern History8 Comments

Subhas_Chandra_Bose_with_Gandhi_Ji

असहयोग आन्दोलन के पश्चात् भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का संघर्ष चलता रहा और 1930 ई. तक कांग्रेस ने भारत की स्वतंत्रता के लिए सरकार से कई माँगें कीं, लेकिन कांग्रेस की सभी माँगें सरकार द्वारा ठुकरा दी जाती थीं. जनता के मन में यह बात घर कर गई थी कि सरकार को कुछ करने के लिए मजबूर किया ही जाना चाहिए. … Read More

जिन्ना की चौदह मांगें (Fourteen points of Jinnah)

Dr. Sajiva#AdhunikIndia, Modern History1 Comment

1928 ई. के राष्ट्रीय सम्मलेन में नेहरु रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया गया था. नेहरु रिपोर्ट के बारे में जिन्ना ने यह कहा था कि – “नेहरु रिपोर्ट को हिंदुओं की ओर से मुस्लिम प्रस्तावों का जवाब था.” जिन्ना ने कांग्रेस प्रस्ताव को, जिसमें नेहरु रिपोर्ट को स्वीकार किया गया था, मुस्लिम सम्प्रदाय का अपमान समझा और यह निष्कर्ष निकाला … Read More