नेहरु रिपोर्ट से जुड़े तथ्य और जानकारियाँ – Nehru Report 1928 in Hindi

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साइमन कमीशन की नियुक्ति के साथ ही भारत सचिव Lord Birkenhead ने भारतीय नेताओं को यह चुनौती दी कि यदि वे विभिन्न दलों और सम्प्रदायों की सहमति से एक संविधान तैयार कर सकें तो इंग्लैंड सरकार उस पर गंभीरता से विचार करेगी. इस चुनौती को भारतीय नेताओं ने स्वीकार करके इस बात का प्रयास किया कि साथ में मिल-जुलकर संविधान का … Read More

साइमन कमीशन – Simon Commission [1927]

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1927 में वाइसराय लार्ड इरविन ने महात्मा गांधी को दिल्ली बुलाकर यह सूचना दी कि भारत में वैधानिक सुधार लाने के लिए एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है जिसके लिए एक कमीशन बनाया गया है जिसके अध्यक्ष सर जॉन साइमन होंगे. साइमन कमीशन/Simon Commission की एक मुख्य विशेषता यह थी कि उसके सदस्यों में केवल अँगरेज़ ही अँगरेज़ थे. … Read More

स्वराज दल की स्थापना, उद्देश्य और पतन – Swaraj Party

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1921 ई. में महात्मा गाँधी द्वारा असहयोग आन्दोलन (Non Cooperation Movement) को बंद किये जाने के कारण बहुत-से नेता क्षुब्ध हो गए. इसी कारण कुछ नेताओं ने मिलकर एक अलग दल का निर्माण किया, जिसका नाम स्वराज दल रखा गया. इस दल की स्थापना 1 जनवरी, 1923 को देशबंधु चित्तरंजन दास तथा पं. मोतीलाल नेहरु ने की. इस दल का … Read More

असहयोग आन्दोलन 1920 – Non-Cooperation Movement in Hindi

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प्रथम विश्वयुद्ध (First World War) के बाद महात्मा गाँधी ने भारतीय राजनीति में प्रवेश किया और अब कांग्रेस की बागडोर उनके हाथों में आ गई.  महात्मा गाँधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने एक नयी दिशा ग्रहण कर ली. राजनीति में प्रवेश के पहले महात्मा गाँधी दक्षिण अफ्रीका में सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह का प्रयोग कर चुके थे. उन्होंने विश्वयुद्ध में … Read More

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) का जन्म

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1857 की क्रांति के पश्चात् भारत में राष्ट्रीयता की भावना का उदय तो अवश्य हुआ लेकिन वह तब तक एक आन्दोलन का रूप नहीं ले सकती थी, जबतक इसका नेतृत्व और संचालन करने के लिए एक संस्था मूर्त रूप में भारतीयों के बीच नहीं स्थापित होती. सौभाग्य से भारतीयों को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) के रूप में ऐसी … Read More

1857 Ki Kranti -Sepoy Rebellion/Mutiny in Hindi

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1857 Ki Kranti आज मैं 1857 ki Kranti के विषय में केवल उन्हीं तथ्यों को लिखूंगा जो आपकी परीक्षा में काम आ सकें. ठीक है, तो बताइये कि १८५७ की क्रांति किस ब्रिटिश गवर्नर जनरल के शासन काल में हुई थी? नहीं पता है तो आगे पढ़िए. लॉर्ड डलहौजी के पश्चात् लॉर्ड कैनिंग गवर्नल जनरल (governor general) बनकर भारत आया और … Read More

19वीं सदी में भारतीय महिलाओं की दशा एवं स्त्री-समाज सुधारक

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आधुनिक विचारधारा एवं दृष्टिकोण से 19वीं सदी के समाज सुधारकों को प्रगतिशील सामाजिक तत्त्वों के प्रचार-प्रसार एवं विकास के लिए पूरा सहयोग प्राप्त हुआ. समाज सुधार के क्रम में सुधारकों का ध्यान तत्कालीन सामाजिक व्यवस्था के विभिन्न पक्षों की ओर गया. इसी क्रम में महिलाओं की दशा में सुधार कैसे करना है, यह यक्ष प्रश्न चुनौती के रूप में सामने … Read More

[भारतीय इतिहास] धर्म तथा समाज सुधार आन्दोलन

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19वीं शताब्दी में भारत नवजागरण की जिन प्रवृत्तियों के दौर से गुजर रहा था, उन्हें “समाज सुधार आन्दोलन (Social Reform Movements)” की संज्ञा दी जाती है. विभिन्न संस्थाओं तथा संगठनों ने धार्मिक तथा सामजिक सुधार के माध्यम से वैज्ञानिक तथा आधुनिक वैचारिक प्रवृत्तियों को स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई. आज हम 19वीं शताब्दी में धर्म तथा समाज सुधार आन्दोलन … Read More

रॉबर्ट क्लाइव का शासनकाल, उपलब्धि, चरित्र और मृत्यु

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#AdhunikIndia की पिछली सीरीज में हमने पढ़ा कि डूप्ले के जाने के बाद अंग्रेजों ने कैसे अपना पैर भारत में पसारा.  हम लोगों ने निर्णायक युद्ध प्लासी और बक्सर के बारे में भी चर्चा की. जैसा मैंने पिछले पोस्ट में कहा था कि अगले पोस्ट में हम लोग पढेंगे – “रॉबर्ट क्लाइव ने अपनी दूसरी बार के शासन (1765-67) में … Read More

[संसार मंथन] मुख्य परीक्षा लेखन अभ्यास – History GS Paper 1/Part 3

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सामान्य अध्ययन पेपर – 1 साइमन कमीशन की नियुक्ति क्यों हुई थी? भारतीयों द्वारा इसका बहिष्कार क्यों किया गया? इसकी सिफारिशें क्या थीं? (250 words)  यह सवाल क्यों? यह सवाल UPSC GS Paper 1 के सिलेबस से प्रत्यक्ष रूप से लिया गया है – “स्वतंत्रता संग्राम – इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने … Read More