वैश्विक संरक्षण सूची, CMS संधि और बोन कन्वेंशन

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Global conservation list explained in Hindi एशियाई हाथ और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को वैश्विक संरक्षण सूची (Global conservation list) में  लाने के लिए भारत ने प्रयास करने की सोची है. विदित हो कि इस सूची में आने वाली प्रजाति का संरक्षण बहुत जोर-शोर से किया जाता है. वर्तमान में वैश्विक संरक्षण सूची (अपर नाम Appendix 1) में 173 प्रजातियाँ अंकित … Read More

सुरक्षित विशेष कृषि जोन – Protected Special Agricultural Zone (PSAZ)

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Protected Special Agricultural Zone (PSAZ) Explained in Hindi तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने कावेरी डेल्टा को सुरक्षित विशेष कृषि जोन (Protected Special Agricultural Zone – PSAZ) घोषित कर दिया है. इसके लिए शीघ्र ही एक कानून बनाया जाएगा. सुरक्षित विशेष कृषि जोन (Protected Special Agricultural Zone – PSAZ) में तंजावुर, तिरुवरुर और नागपट्टनम जिले तथा त्रिची, अरियालुर, कुड्डलौर और पुडुकोट्टइ के … Read More

रामसर स्थल क्या है? – रामसर संधि और मोंट्रेक्स रिकॉर्ड

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Ramsar sites in India भारत ने रामसर संधि द्वारा सुरक्षित स्थलों में 10 नई आर्द्रभूमियों को जोड़ दिया है. इस प्रकार रामसर संधि के अंतर्गत भारत में मान्यता प्राप्त स्थलों की संख्या 37 हो गई है. कौन 10 नए स्थल जोड़े गये हैं? नंदुर मदमेश्वर – महाराष्ट्र (1) केशोपुर-मियानी, ब्यास संरक्षण रिजर्व और नांगल – पंजाब (3) नवाबगंज, पार्वती आगरा, … Read More

पोलिक्रैक क्या है? – Polycrack technology Explained

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Polycrack technology Explained in Hindi पिछले दिनों ओडिशा में मंचेश्वर कैरेज रिपेयर वर्कशॉप में देश का पहला सरकारी कचरे से ऊर्जा उत्पादित करने वाला संयंत्र चालू किया गया. इस संयंत्र में पोलिक्रैक नामक एक पेटेंट-कृत तकनीक (Polycrack technology) अपनाई गई है. इस प्रकार का यह देश का चौथा और भारतीय रेलवे का पहला संयंत्र है. यह अनेक प्रकार के फीड … Read More

ऑस्ट्रेलिया में दावानल (Bushfire) – कारण, दुष्प्रभावित क्षेत्र और अभी तक हुई क्षति

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पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया में दावानल का एक ऐसा प्रकोप देखने को मिला जिससे देश के एक बहुत बड़े भाग में विनाश का तांडव देखा गया. वहाँ इस समय सूखा चल रहा है और गर्मी पड़ रही है. कुछ लोग इस प्राकृतिक आपदा को जलवायु परिवर्तन से जोड़ रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया में दुष्प्रभावित क्षेत्र वैसे तो ऑस्ट्रेलिया के प्रत्येक राज्य में … Read More

ओपन-लूप स्क्रबर, MARPOL संधि और सल्फर उत्सर्जन को नियंत्रित करने हेतु अंतर्राष्ट्रीय संधि

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ग्लोबल डाटा नामक एक डाटा और विश्लेषण कम्पनी के अनुसार पिछले एक वर्ष में ही जलयानों में ओपन-लूप स्क्रबर (open-loop scrubber) का प्रयोग अतिशय बढ़ गया है जबकि दूसरी ओर, इसपर अभी बहस चल ही रही है कि ऐसे स्क्रबर गंधक के उत्सर्जन को घटाने में समर्थ हैं अथवा नहीं. 2018 में 767 जहाजों में स्क्रबर लगे थे जबकि 2019 … Read More

मियावाकी पद्धति (Miyawaki method) क्या है?

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केरल सरकार वन रोपण की मियावाकी पद्धति (Miyawaki method) अपनाने जा रही है जिसके अन्दर सरकारी कार्यालय-परिसरों, आवासीय सोसाइटियों, विद्यालय परिसरों और सरकारी भूमि (puramboke land) पर पेड़ रोपने का काम किया जाता है. मियावाकी पद्धति (Miyawaki method) क्या है? यह वनरोपण की एक पद्धति है जिसका आविष्कार मियावाकी नामक जापान के एक वनस्पतिशास्त्री ने किया था. इसमें छोटे-छोटे स्थानों … Read More

इंडिया स्टेट ऑफ़ फारेस्ट रिपोर्ट 2019 – राज्यों का प्रदर्शन

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भारत में वनों की दशा से सम्बंधित 2019 (India State of Forest Report 2019) का प्रतिवेदन प्रकाशित हो गया है. वनों की दशा से सम्बंधित 2019 प्रतिवेदन के मुख्य निष्कर्ष विगत दो वर्षों में पेड़ और जंगल 5,188 वर्ग किलोमीटर बढ़ गये हैं. 2017 के आकलन के पश्चात् देश में कार्बन के भंडार में 42.6 मिलियन टन की बढ़ोतरी हुई … Read More

इकोक्लब क्या हैं? – National Green Corps ‘Ecoclub’ in Hindi

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पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने देश भर के लिए एक कार्यक्रम बनाया है जिसका पिछले दिनों अनावरण हुआ. इस कार्यक्रम का अनिवारण राष्ट्रीय हरित कोर्ज (National Green Corps – NGC) के पर्यावरण, शिक्षा, जागरूकता एवं प्रशिक्षण (Environment Education Awareness and Training – EEAT) कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ. यह कार्यक्रम इकोक्लब (Ecoclubs) के नाम से भी जाना जाता है. … Read More

वैश्विक जलवायु जोखिम सूचकांक 2020 – Global Climate Risk Index

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जर्मनवाच नामक अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण से सम्बंधित थिंकटैंक ने पिछले दिनों 2020 का वैश्विक जलवायु जोखिम सूचकांक (Global Climate Risk Index 2020) प्रकाशित कर दिया. प्रतिवर्ष छपने वाले इस सूचकांक में यह दर्शाया जाता है कि आंधी, बाढ़, लू आदि मौसम से जुड़ी आपदाओं का विभिन्न देशों पर कितना दुष्प्रभाव पड़ा है. ज्ञातव्य है कि जर्मनी के बॉन और बर्लिन नगरों … Read More