सिन्धु घाटी सभ्यता में कृषि – Agriculture in Indus Valley Civilization

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सिन्धु और पंजाब में प्रतिवर्ष नदियों द्वारा लाइ गई उपजाऊ मिट्टी में कृषि कार्य अधिक श्रम-साध्य नहीं रहा होगा. इस नरम मिट्टी में कृषि के लिए शायद ताम्बे की पतली कुल्हाड़ियों को लकड़ी के हत्थे पर बाँध कर तत्कालीन किसान भूमि खोदते रहे होंगे. मोहनजोदड़ो से पत्थर के तीन ऐसे उपकरण मिले हैं जिनके आकार-प्रकार और भारीपन से इनके शस्त्र … Read More

सिन्धु घाटी सभ्यता स्थलों से प्राप्त अवशेष

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आज इस पोस्ट में हम सिन्धु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) के विभिन्न स्थलों (हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, धौलावीरा, लोथल, चन्हूदड़ो, रंगपुर, कालीबंगा, बनावली, सुरकोटड़ा इत्यादि) से प्राप्त अवशेषों एवं साक्ष्यों के विषय में क्रम से आपको बताने वाले हैं. हड़प्पा पाषाण नर्तक श्रमिक आवास काले पत्थर का शिव लिंग डेढ़ फीट का पैमाना स्वस्तिक (शुभ-लाभ) ताम्बे का वृषभ धोति पहने एवं … Read More

हड़प्पा समाज, राजनैतिक संगठन, प्रशासन एवं धर्म

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आज इस पोस्ट में हड़प्पा समाज, राजनैतिक संगठन, प्रशासन एवं धर्म के विषय में बात करेंगे. इस पोस्ट को लिखने में NCERT, IGNOU आदि किताबों की मदद ली गई है और शोर्ट नोट्स बनाने का प्रयास किया गया है. सामाजिक व्यवस्था लिखित सामग्री के अभाव में सामाजिक व्यवस्था की पूर्ण जानकारी प्राप्त नहीं है, पर खुदाई में प्राप्त सामग्री के … Read More

सिन्धु घाटी सभ्यता में नगर-योजना – Town Planning in Hindi

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सिन्धु सभ्यता में संपादित उत्खननों पर एक विहंगम दृष्टि डालने से प्रतीत होता है कि यहाँ के निवासी महान् निर्माणकर्ता थे. उन्होंने नगर नियोजन करके नगरों में सार्वजनिक तथा निजी भवन, रक्षा प्राचीर, सार्वजनिक जलाशय, सुनियोजित मार्ग व्यवस्था तथा सुन्दर नालियों के प्रावधान किया. हड़प्पा सभ्यता – नगर नियोजन वास्तव में सिन्धु घाटी सभ्यता अपनी विशिष्ट एवं उन्नत नगर योजना … Read More

प्रमुख बौद्ध स्थल – Buddhist Places in India

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किसी बौद्ध धर्म के व्यक्ति को इन चार स्थानों का वैराग्य की वृद्धि के हेतु दर्शन करना चाहिए. वे चार स्थान हैं – लुम्बिनी वन, जहाँ तथागत का जन्म हुआ. बोधगया, जहाँ उन्होंने ज्ञानप्राप्त किया. ऋषिपतन मृगदाव (सारनाथ), जहाँ उन्होंने प्रथम धर्मोपदेश, और कुशीनगर, जहाँ उन्होंने अनुपाधिशेष निर्वाण में प्रवेश किया. उपर्युक्त चार स्थलों के अतिरिक्त चार अन्य स्थल हैं, … Read More

मौर्य साम्राज्य का पतन – Decline of the Maurya Dynasty

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साम्राज्यों का उत्थान और पतन एक ऐतिहासिक सत्य है, लेकिन यह भी एक महत्त्वपूर्ण प्रश्न है कि क्या साम्राज्यों के पतन के कारणों का ज्ञान होने के बावजूद भी उनके पतन को कभी रोका जा सकता है. इसका अर्थ यह हुआ कि साम्राज्यों के अंत के कारणों का विश्लेषण इतिहासकार के अपनी दृष्टिकोण पर निर्भर करता है. फिर भी साम्राज्य … Read More

UPSC में प्राचीन भारत से आये सवालों के One-Liner नोट्स : Part 2

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आशा है कि आपने प्राचीन इतिहास से सम्बंधित One-Liner का पार्ट 1 पढ़ लिया होगा. यदि नहीं पढ़ा है तो यहाँ क्लिक करें > One Liner Part 1. One-Liner में हमने UPSC के सवालों को (प्राचीन भारत – Ancient India) आपके सामने परोसा ही है, साथ-साथ UPSC Prelims परीक्षाओं में जो चार ऑप्शन होते हैं – उनके विषय में भी हमने one liner … Read More

UPSC में प्राचीन भारत से आये सवालों के One-Liner नोट्स : Part 1

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इस आर्टिकल का शीर्षक थोड़ा भ्रामक है क्योंकि नीचे दिए गये सारे तथ्य प्रत्यक्ष रूप से UPSC की गत परीक्षाओं में नहीं पूछे गये हैं. दरअसल, इस One-Liner में हमने UPSC के सवालों को (प्राचीन भारत – Ancient India) आपके सामने परोसा ही है, साथ-साथ UPSC Prelims परीक्षाओं में जो चार ऑप्शन होते हैं – उनके विषय में भी हमने one … Read More

भारतीय चित्रकला के प्रकार, अंग और प्रयोजन

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वात्सायन ने अपने ग्रन्थ कामसूत्र में 64 कलाओं की गणना की है जिनमें चित्रकला का भी स्थान है. चित्रकला का महत्त्वपूर्ण अंग है चित्र. चलिए जानते हैं हर एक काल (प्रागैतिहासिक, आद्यैतिहासिक, ऐतिहासिक, मध्यकाल, साहित्यिक) भारतीय चित्रकला क्या स्थान रहा. साथ-साथ यह भी जानेंगे कि भारतीय चित्रकला के कितने प्रकार और अंग हैं एवं इनका प्रयोजन कहाँ-कहाँ किस रूप में होता है. विष्णुधर्मोत्तर … Read More

[संसार मंथन] मुख्य परीक्षा लेखन अभ्यास – Culture & Heritage GS Paper 1/Part 6

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अजंता की पहाड़ी महाराष्ट्र के जलगाँव से 55 कि.मी. और औरंगाबाद से 100 कि.मी. की दूरी पर स्थित है. अजंता नामक गाँव से अजंता की गुफाएँ लगभग 5 कि.मी. दूर हैं. ये गुफाएँ फरदापुर गाँव के समील बाघोरा नदी के तट के किनारे-किनारे एक ही पहाड़ी में काट-तराशकर बनाई गई हैं. सर्पिलाकार नदी, सघन वनराशि और उन्मुक्त खुले आकाश के … Read More