पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण काल के विषय में स्मरणीय तथ्य

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आज हम आपको पुरापाषाण (Paleolithic Age), मध्यपाषाण (Mesolithic Age) और नवपाषाण (Neolithic Age) काल के विषय में Hindi में बताने जा रहे हैं. पुरातत्त्वविदों ने पाषाण युग को इन तीन भागों में बाँटा है. यह बहुत ही interesting topic है जिसे हम बचपन से पढ़ते आ रहे हैं. पर exam point of view से आज हम इन ages के बारे … Read More

विजयनगर साम्राज्य की स्थापना – Vijayanagara Empire

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मुहम्मद तुगलक के शासनकाल (1324-1351 ई.) के अंतिम समय में (उसकी गलत नीतियों के कारण) जब अधिकाँश स्थानों पर अव्यवस्था फैली और अनेक प्रदेशों के शासकों ने स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर दिया तो दक्षिण के हिन्दू भी इससे लाभ उठाने से नहीं चूके. उन्होंने विजयनगर साम्राज्य (Vijayanagar Empire) की स्थापना सन 1336 ई. में पाँच भाइयों (हरिहर, कंपा प्रथम, … Read More

बिंदुसार (298 ई.पू. – 273 ई.पू.) का जीवन

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बिंदुसार

चन्द्रगुप्त के बाद उसका पुत्र बिंदुसार (Bindusara) सम्राट बना. आर्य मंजुश्री मूलकल्प के अनुसार जिस समय चन्द्रगुप्त ने उसे राज्य दिया उस समय वह अल्प-व्यस्क था. यूनानी लेखकों ने उसे अमित्रोचेडस (Amitrochades) अथवा अमित्राचेटस (Amitrachates) या अलित्रोचेडस (Allitrochades) के नाम से पुकारा है. विद्वानों के अनुसार इन शब्दों का संस्कृत रूप अमित्रघात अथवा अमित्रखाद (शत्रुओं का विनाश करने वाला) है. … Read More

भारत पर हूणों का आक्रमण और उसका प्रभाव- Huna Invasions Explained

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आज हम इस पोस्ट में जानने कि कोशिश करेंगे कि हूण कौन थे, ये कहाँ से आये और भारत पर इनके आक्रमण (Huna Invasion) से भारतीय राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा? हूण कौन थे? हूण मूलतः मध्य एशिया की एक जंगली और बर्बर जाति थे. जनसंख्या बढ़ जाने के कारण और कुछ अन्य कारणों से उनको मध्य … Read More

समुद्रगुप्त और उसकी विजयें – Samudragupta’s Conquests in Hindi

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समुद्रगुप्त महाराजा चन्द्रगुप्त का पुत्र और उत्तराधिकारी था. हरिषेण द्वारा रचित प्रयाग स्तम्भ प्रशस्ति की चौथी पंक्ति में चन्द्रगुप्त प्रथम द्वारा Samudragupta को भरी सभा में राज्य प्रदान करने का वर्णन दिया हुआ है. विद्वानों की राय है कि संभवतः चन्द्रगुप्त प्रथम ने समुद्रगुप्त की योग्यता को ध्याम में रखकर और अपने पुत्रों में गृह-युद्ध को रोकने के लिए ऐसा … Read More

बुद्ध के उपदेश – Teachings of Buddha in Hindi

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बुद्ध ने बहुत ही सरल और उस समय बोली जाने वाली भाषा पाली में अपना उपदेश दिया था. यदि आपको परीक्षा में सवाल आये कि बुद्ध ने उपदेश किस भाषा में दिया था तो उसका उत्तर पाली होगा, नाकि संस्कृत या हिंदी. चूँकि पाली भाषा उस समय की आम भाषा थी तो इसके चलते बुद्ध के उपदेश का प्रसार दूर-दूर … Read More

आर्यों की जन्मभूमि और उनका प्रसार (साक्ष्य के साथ)

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आर्य

आर्यों  (Aryans) की जन्मभूमि कहाँ पर थी, इस विषय में इतिहास के विद्वानों में बड़ा मतभेद है. आर्य (Aryans) कहाँ से आये, वे कौन थे इसका पता ठीक से अभी तक चल नहीं पाया है. कुछ विद्वानों का मत है कि वे डैन्यूब नदी के पास ऑस्ट्रिया-हंगरी के विस्तृत मैदानों में रहते थे. कुछ लोगों का विचार है कि उनका आदिम … Read More

जैन धर्म का इतिहास, नियम, उपदेश और सिद्धांत

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जैन धर्म – 24 तीर्थंकर जैन धर्म और बौद्ध धर्म  में बड़ी समानता है. किन्तु अब यह साबित हो चुका है कि बौद्ध धर्म की तुलना में जैन धर्म अधिक प्राचीन है. जैनों का मानना है कि हमारे 24 तीर्थंकर हो चुके हैं जिनके द्वारा जैन धर्म की उत्पत्ति और विकास हुआ. क्या आपको पता है कि जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर … Read More

गौतम बुद्ध : बौद्ध धर्म के विषय में संक्षिप्त जानकारी

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गौतम बुद्ध का जन्म बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध थे. गौतम बुद्ध का जन्म 567 ई.पू. (born, according to Wikipedia) कपिलवस्तु के लुम्बनी नामक स्थान पर हुआ था. इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था. गौतम बुद्ध का विवाह 16 वर्ष की अवस्था में यशोधरा के साथ हुआ. इनके पुत्र का नाम राहुल था. गृह-त्याग और शिक्षा ग्रहण सिद्धार्थ ने … Read More

भारत के ऐतिहासिक स्थल – Historical Places of India in Hindi

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सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Exam) में मेंस और प्री दोनों में भारत के ऐतिहासिक स्थल (Historical Places of India) के सवाल जरुर पूछे जाते हैं. मेंस में कई स्थलों के नाम एक साथ दे दिए जाते हैं और हर सवाल 1 नम्बर के होता है. Prelims में भी ऐतिहासिक स्थलों के नाम दे दिए जाते हैं और उनके locations … Read More