मुग़ल काल में चित्रकला का स्थान

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मुगल सम्राट चित्रकला प्रेमी थे. अकबर के काल में इसकी उन्नति आरम्भ हुई और जहाँगीर के काल में यह चर्मोत्कर्ष पर पहुंच गई . इस युग की चित्रकला में भारतीय और ईरानी कला का सुन्दर एवं सुखद समन्वय है. इस काल के सम्राटों ने चित्रकला की ऐसी परम्परा की नींव डाली जो मुगल साम्राज्य के पतन के बाद भी देश … Read More

पल्लव कला एवं विभिन्न शैलियाँ

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पल्लव वंश के नरेश कला प्रेमी थे. उन्होंने 7वीं सदी से 10वीं सदी तक राज किया. उनकी वास्तुकला के सर्वोत्कृष्ट उदाहरण कांची तथा महाबलिपुरम में पाए जाते हैं. कुछ उदाहरण तंजौर प्रदेश तथा पुडुकोट्टई में भी मिलते हैं. मंदिर और मूर्तिकला के क्षेत्र में उनकी अपनी एक विशेष देन है. उन्होंने चट्टानों को काटकर और पत्थर ईंट के भी बड़े … Read More

हड़प्पा संस्कृति एवं सामाजिक-आर्थिक जीवन

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हड़प्पा सभ्यता भारत को प्रथम प्रमाणित सर्वश्रेष्ठ सभ्यता है. इसके लिए साधारणतः दो नामों का प्रयोग होता है: “सिन्धु-सभ्यता” या “सिन्धु घाटी की सम्यता” और हड़प्पा संस्कृति. ये दोनों नाम पर्यायवाची हैं एवं इनका समान अर्थ हैं. हड़प्पा का नामकरण इनमें से प्रत्येक शब्द की एक विशिष्ट पृष्ठभूमि है. सिन्धु हमारे देश की एक नदी है जो हिमालय पर्वत से … Read More

अकबर के काल में वास्तुकला, चित्रकला और संगीत कला

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अकबर के काल में मुगलों द्वारा लाई गई तुर्की-ईरानी संस्कृति तथा मुगलों से पूर्व विद्यमान भारतीय संस्कृति का बड़ी तेजी से समन्वय हुआ. इस काल में भारत के सांस्कृतिक विकास में विभिन्न भागों, जातियों तथा मतों के लोगों ने विभिन्न प्रकार से योगदान दिया था. अगर यह कहा जाए कि अकबर के काल में सांस्कृतिक विकास सही अर्थों में राष्ट्रीय … Read More

कोणार्क सूर्य मंदिर से सम्बंधित जानकारियाँ

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पिछले दिनों विशेषज्ञों के एक द्विदिवसीय सम्मेलन के पश्चात केन्द्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने बताया कि कोणार्क के 800 वर्ष पुराने सूर्य मंदिर का जीर्णोद्धार और संरक्षण किया जाएगा. पृष्ठभूमि कोणार्क मंदिर को सुदृढ़ता प्रदान करने के लिए 1903 में ब्रिटिशों ने इस मंदिर को बालू से भर दिया था और बंद कर दिया था. कालांतर में 2013 … Read More

बृहदेश्वर मंदिर में कुंभाभिषेकम – संस्कृत Vs. तमिल विवाद

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कुंभाभिषेकम 1,010 वर्ष पुराने तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर में कुंभाभिषेकम आयोजित हो रहा है. यह आयोजन 23 वर्षों से रुका हुआ था क्योंकि शुद्धीकरण की प्रक्रिया के विषय में महाराष्ट्र उच्च न्यायालय में मामला अटका हुआ था और इस पर जनवरी 31 को ही निर्णय आया है. विवाद क्या था? विवाद इस बात को लेकर था कि कुंभाभिषेकम में पढ़े … Read More

चालुक्य वंश के बारे में जानकारी – कला एवं स्थापत्य

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आज हम चालुक्य वंश (Chalukya Dynasty) के बारे में जानेंगे in Hindi. चालुक्य कौन थे? चालुक्य दक्षिण और मध्य भारत में राज करने वाले शासक थे जिनका प्रभुत्व छठी से बारहवीं शताब्दी तक रहा. इतिहास में चालुक्यों के परिवारों का उल्लेख आता है. इनमें सबसे पुराना वंश बादामी चालुक्य वंश कहलाता है जो छठी शताब्दी के मध्य से वातापि (आधुनिक … Read More

[संसार मंथन] मुख्य परीक्षा लेखन अभ्यास – Culture & Heritage GS Paper 1/Part 11

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सामान्य अध्ययन पेपर – 1 भारतीय कलाकार ने लोक जीवन के भौतिक स्वरूप की अवहेलना नहीं की है. आप इससे कहाँ तक सहमत हैं? (250 words)  यह सवाल क्यों? यह सवाल UPSC GS Paper 1 के सिलेबस से प्रत्यक्ष रूप से लिया गया है – “भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला … Read More

अजन्ता के प्रसिद्ध चित्र – Ajanta Famous Pictures with Details

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शायद आपने संसार मंथन वाला वह पोस्ट पढ़ा होगा जिसमें हम लोगों ने दो प्रश्नों का जवाब दिया था – i) अजंता की गुफाओं में विभिन्नता देखने को क्यों मिलती है? गुफाओं के प्रकार और गुफाओं के चित्रांकन की विशेषताओं का वर्णन करें ii) अजंता के चित्रों की मुख्य विषय-वस्तु पर टिपण्णी करें. यदि आपने नहीं पढ़ा तो इस लिंक को पढ़ … Read More

भारतीय चित्रकला के प्रकार, अंग और प्रयोजन

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वात्सायन ने अपने ग्रन्थ कामसूत्र में 64 कलाओं की गणना की है जिनमें चित्रकला का भी स्थान है. चित्रकला का महत्त्वपूर्ण अंग है चित्र. चलिए जानते हैं हर एक काल (प्रागैतिहासिक, आद्यैतिहासिक, ऐतिहासिक, मध्यकाल, साहित्यिक) भारतीय चित्रकला क्या स्थान रहा. साथ-साथ यह भी जानेंगे कि भारतीय चित्रकला के कितने प्रकार और अंग हैं एवं इनका प्रयोजन कहाँ-कहाँ किस रूप में होता है. विष्णुधर्मोत्तर … Read More