व्यापक-आधारभूत व्यापार एवं निवेश समझौता (BTIA) क्या है? – India EU BTIA

Sansar LochanFiscal Policy and TaxationLeave a Comment

India-EU Broad Based Trade and Investment Agreement (BTIA) यूरोपीय संघ ने भारत के साथ द्विपक्षीय निवेश संरक्षण समझौता (Bilateral Investment Protection Agreement – BIPA) करने में अपनी रूचि दिखलाई है. यह समझौता प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) से अलग होगा. विदित हो कि FTA के लिए बातचीत तो हो रही है, परन्तु मामला आगे बढ़ता नहीं दिखाई दे रहा है. … Read More

राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (NIP) क्या है और इसका महत्त्व क्या है?

Sansar LochanSector of EconomyLeave a Comment

प्रधानमन्त्री के द्वारा 2024-25 तक भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के अनुरूप वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 102 लाख करोड़ रु. के राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (National Infrastructure Pipeline – NIP) का पिछले दिनों अनावरण किया है. पृष्ठभूमि वित्त मंत्रालय ने आर्थिक मामले के सचिव की अध्यक्षता में एक कार्यदल गठित किया है जो … Read More

जमा बीमा (deposit insurance) क्या होती है? – Explained in Hindi

Sansar LochanBankingLeave a Comment

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय और भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने सुझाव दिया है कि एक लाख रु. से ऊपर के बैंक जमा (deposit insurance) पर बीमा होनी चाहिए. यह सुझाव पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारिता बैंक घोटाले को दृष्टि में रखकर आया है. जमा बीमा (deposit insurance) क्या होती है? जमा बीमा में ग्राहक द्वारा जमा की … Read More

विशेष आर्थिक जोन (SEZ) क्या हैं? – Special Economic Zone in Hindi

Sansar LochanFinanceLeave a Comment

पिछले दिनों केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने त्रिपुरा के लिए पहला विशेष आर्थिक जोन (Special Economic Zone – SEZ) अधिसूचित किया. यह जोन त्रिपुरा औद्योगिक विकास निगम (TIDC) उन उद्योगों के लिए बनाने जा रहा है जो रबर, कपड़े और परिधान, बाँस और कृषि खाद्य प्रसंस्करण पर आधारित हैं. विशेष आर्थिक जोन (SEZs) क्या हैं? विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZs) वे भौगोलिक … Read More

भारत 22 विनिमय वाणिज्य कोश (ETF) – Exchange Traded Funds

Sansar LochanFinanceLeave a Comment

अपने विनिवेश कार्यक्रम के लिए भारत सरकार एंकर तथा गैर-एंकर निवेशकों के लिए भारत 22 विनिमय वाणिज्य कोश (ETF) के “Further Fund Offer 2” (FFO 2) प्रस्ताव को शीघ्र ही खोलने जा रही है. Exchange Traded Fund (ETF) क्या है? ETF का पूरा नाम Exchange Traded Funds है. ये म्यूच्यूअल फण्ड हैं जो शेयरों की भाँति स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध … Read More

[Sansar Editorial] भारत में बैंक विलय और अधिग्रहण का इतिहास – History of Bank Mergers

Sansar LochanBanking, Economics Notes, Sansar Editorial 20187 Comments

आज हम इस आलेख में बैंक विलय के विषय में पढेंगे और जानेंगे कि भारत में बैंक विलय और अधिग्रहण का इतिहास (History of Indian Banks’ mergers) क्या रहा है. कोई भी अर्थव्यवस्था बैंक विलय के लिए कब बाध्य हो जाती है, यह भी जानने की कोशिश करेंगे. अभी Bank Merger का topic काफी चर्चा में है. PCA Framework क्या … Read More

विकास बैंक क्या होता है? – Development Bank in Hindi

Sansar LochanBankingLeave a Comment

भारत में कोई विकास बैंक (development bank) नहीं है. अतः बड़ी-बड़ी निर्माण योजनाओं के लिए वित्त पोषण में समस्या देखी जाती है. अतः दीर्घकालिक वित्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने एक ऐसे संगठन को स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है जो भवन निर्माण और आवास-परियोजनाओं के लिए अधिक से अधिक ऋण मुहैया कराएगा. इस घोषणा से भारत के … Read More

मसाला बॉन्ड क्या है? Masala Bond in Hindi

Sansar LochanFinance1 Comment

विदेशी बाजार से धनराशि उठाने के लिए केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड ने मसाला बॉन्ड निर्गत किये हैं. आइये जानते हैं मसाला बांड (masala bond) किसे कहते हैं और यह किस देश में निर्गत हो सकता है? मसाला बॉन्ड क्या है? यह बांड रूपया पर आधारित एक बॉन्ड है जिससे विदेशी बाजार से भारतीय रूपये में धनराशि उठाई जायेगी. ऐसे … Read More

स्थायी विदेशी कार्यालय क्या है? Permanent Foreign Establishment in Hindi

Sansar LochanPIB Hindi, Sector of EconomyLeave a Comment

Profit Attribution to Permanent Establishment(PE) in India / विदेशी कम्पनियों के भारत में स्थित स्थायी कार्यालयों से होने वाली आय पर करारोपण भारत में स्थायी कार्यालय को लाभ-वितरण (Profit Attribution to Permanent Establishment – PE) के विषय में तैयार एक प्रतिवेदन पर केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने सभी हितधारकों से मंतव्य माँगा है. पृष्ठभूमि दोहरा कराधान निवारण समझौते (Double … Read More

[Sansar Editorial] सकल गैर- निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात (Gross Non-Performing Assets Ratio)

Sansar LochanBanking, Sansar Editorial 20182 Comments

Signs of a turnaround: on RBI’s Financial Stability Report The Hindu –  DECEMBER 31 अभी हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (Financial Stability Report) में यह बताया गया है कि बैंको के सकल गैर- निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात (Gross Non-Performing Assets Ratio) में कमी दर्ज की गई है जो अर्थव्यवस्था और बैंको की वित्तीय सेहत के हिसाब से … Read More