प्रमुख शास्त्रीय नृत्य एवं उनके कलाकार

प्रमुख शास्त्रीय नृत्य एवं उनके कलाकार

अक्सर परीक्षाओं में पूछा जाता है कि यह नृत्य कलाकार (dancer) किस शास्त्रीय नृत्य (classical dance) से सम्बंधित है या इस नृत्य के लिए भारत में कौन-सा कलाकार famous है? ऐसे सवाल match of the following में अक्सर पूछे जाते हैं जहाँ A सेक्शन में चार कलाकार के नाम रहेंगे जिनको सही ढंग से B […]

जैन धर्म का इतिहास, नियम, उपदेश और सिद्धांत

जैन धर्म का इतिहास, नियम, उपदेश और सिद्धांत

जैन धर्म – 24 तीर्थंकर जैन धर्म और बौद्ध धर्म  में बड़ी समानता है. किन्तु अब यह साबित हो चुका है कि बौद्ध धर्म की तुलना में जैन धर्म अधिक प्राचीन है. जैनों का मानना है कि हमारे 24 तीर्थंकर हो चुके हैं जिनके द्वारा जैन धर्म की उत्पत्ति और विकास हुआ. क्या आपको पता है कि […]

महात्मा गाँधी की ग्यारह सूत्री योजना – 11 Demands by Gandhi

महात्मा गाँधी की ग्यारह सूत्री योजना – 11 Demands by Gandhi

महात्मा गाँधी ने हिन्सात्मक घटना के चलते (चौरी-चौरा नामक स्थान पर आन्दोलनकारियों ने एक थानेदार और 21 सिपाहियों को जलाकर मार डाला) असहयोग आंदोलन को बीच में ही स्थगित कर दिया क्योंकि वे अहिंसात्मक आंदोलन के पक्ष में थे.  असहयोग आन्दोलन की असफलता के बाद गाँधीजी 11 फरवरी, 1930 से सविनय अवज्ञा आन्दोलन प्रारम्भ करना […]

बेसिन की संधि, 1802 का भारतीय इतिहास में महत्त्व

बेसिन की संधि, 1802 का भारतीय इतिहास में महत्त्व

अठारहवीं सदी के आते-आते मराठा साम्राज्य की आंतरिक एकता छिन्न-भिन्न हो गयी और विकेंद्रीकरण की शक्ति प्रबल हो गयी थी. जब मराठा संघ ऐसी बुरी स्थिति से गुजर रहा था तो वेलेजली जिया साम्राज्यवादी ईस्ट इंडिया कंपनी का गवर्नर जनरल बनकर आया. उसने आते ही मराठों के ऊपर भी अपना साम्राज्यवादी चक्र चलाना शुरू किया […]

भारत का विभाजन : Partition of India in Hindi

भारत का विभाजन : Partition of India in Hindi

आज हम भारत का विभाजन (Partition of India) कैसे हुआ और इसके पीछे क्या कारण थे, क्या सच्चाई थी, यह जानने की कोशिश करेंगे. कैबिनेट मिशन योजना के अंतर्गत भारत में कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के साथ सहयोग कर एक अंतरिम सरकार (interim government) का गठन किया, लेकिन मुस्लिम लीग इस अंतरिम सरकार में रहकर भी केवल […]

गौतम बुद्ध : बौद्ध धर्म के विषय में संक्षिप्त जानकारी

गौतम बुद्ध : बौद्ध धर्म के विषय में संक्षिप्त जानकारी

गौतम बुद्ध का जन्म बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध थे. गौतम बुद्ध का जन्म 567 ई.पू. (born, according to Wikipedia) कपिलवस्तु के लुम्बनी नामक स्थान पर हुआ था. इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था. गौतम बुद्ध का विवाह 16 वर्ष की अवस्था में यशोधरा के साथ हुआ. इनके पुत्र का नाम राहुल था. गृह-त्याग […]

स्वामी दयानंद सरस्वती की जीवनी और आर्य समाज

स्वामी दयानंद सरस्वती की जीवनी और आर्य समाज

उन्नीसवीं शताब्दी यूँ तो समाज सुधारकों और धर्म सुधारकों का युग है और इस युग में कई ऐसे महापुरुष हुए जिन्होनें समाज में व्याप्त अन्धकार को दूर कर नयी किरण दिखाने की चेष्टा की. इनमें आर्य समाज के संस्थापक दयानंद सरस्वती (Swami Dayananda Saraswati) का नाम सर्वप्रमुख है. स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज के […]

वारेन हेस्टिंग्स, कार्नवालिस, विलियम बेंटिक और लॉर्ड डलहौजी के सुधार

वारेन हेस्टिंग्स, कार्नवालिस, विलियम बेंटिक और लॉर्ड डलहौजी के सुधार

अंग्रेज़ सर्वप्रथम भारत में व्यापार करने के उद्देश्य से आये, लेकिन यहाँ की बिगड़ती हुई राजनीतिक स्थिति और देशी राज्यों के आपसी फूट का लाभ उठाकर यहाँ बिटिश सत्ता की स्थापना कर ली. अंग्रेजों को सबसे पहले बंगाल में पैर जमाने का मौका मिला और उसके बाद तो वे पूरे भारत में धीरे-धीरे फ़ैल गए. […]

स्थायी बंदोबस्त क्या है? Permanent Settlement in Hindi

Aaj is post ke maadhyam se hum jaanenge ki Bhartiya Itihas men sthayi bandobast ka kya arth hai? Sthai bandobast British sarkaar ne kyu laaya aur isse kisaanon par kya impact pade? Jamindaaron ki kya bhumika thi? Aayiye jaante hain sthayi bandobast kya hai?

स्थायी बंदोबस्त क्या है? Permanent Settlement in Hindi

लॉर्ड कार्नवालिस का शासनकाल अपने प्रशानिक सुधारों के लिए हमेशा याद किया जायेगा. उसने साम्राज्य विस्तार की और अधिक ध्यान न देकर आंतरिक सुधारों की ओर विशेष ध्यान दिया. कम्पनी शासन में निष्पक्षता और दृढ़ता लाने में उसे काफी सफलता मिली. उसने कम्पनी की सेवा, लगान व्यवस्था, न्याय और व्यापार सम्बन्धी अनेकों सुधार किये. लगान […]

1935 ई. से 1947 ई. तक भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन का इतिहास

1935 ई. से 1947 ई. तक भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन का इतिहास

1935 ई. के पूर्व महात्मा गाँधी द्वारा संचालित सविनय अवज्ञा आन्दोलन की प्रगति चरम सीमा पर थी. भारतीयों को संतुष्ट करने के लिए अंग्रेजी सरकार अनेक प्रयास कर रही थी. उसी के परिणामस्वरूप 1935 ई. का भारत सरकार अधिनियम पारित हुआ. परिणामस्वरूप सविनय अवज्ञा आन्दोलन बंद हो गया. इस अधिनियम के प्रावधान के अनुसार ही […]

1 2 3 4