सम्राट अशोक के विषय में व्यापक जानकारी, कलिंग आक्रमण और शिलालेख

अशोक (लगभग 273-232 ई.पू.) मौर्य वंश का तीसरा सम्राट था. मौर्य वंश के संस्थापक उसके पितामह चन्द्र गुप्त मौर्य (लगभग 322-298 ई.पू.) थे. चन्द्रगुप्त मौर्य के बाद उसका पिता बिन्दुसार (लगभग 298 ई.पू.-273 ई.पू.) गद्दी पर बैठा था. सिंहली इतिहास में सुरक्षित जनश्रुतियों के अनुसार अशोक अपने पिता बिन्दुसार के अनेक पुत्रों में से एक […]

तीनों पानीपत युद्धों का संक्षिप्त विवरण – War of Panipat in Hindi

तीनों पानीपत युद्धों का संक्षिप्त विवरण – War of Panipat in Hindi

आज इस पोस्ट में हम पानीपत की पहली, दूसरी और तीसरी लड़ाई (Panipat First, Second and Third War) की कहानी आपके सामने रखेंगे. इन युद्धों के क्या कारण थे, ये युद्ध किनके बीच हुआ और इन युद्धों के क्या परिणाम निकले, इन सब तथ्यों की चर्चा करेंगे. भारतीय इतिहास में ये तीनों युद्ध बहुत महत्त्वपूर्ण […]

अकबर का जीवनकाल और साम्राज्य – Akbar’s Life Story in Hindi

अकबर का जीवनकाल और साम्राज्य – Akbar’s Life Story in Hindi

अकबर का उत्तर भारत पर विजय अकबर मुग़लवंश का तीसरा बादशाह था. वह अपने पिता हुमायूं की मृत्यु के बाद 1556 ई. में सिंहासन पर बैठा. उस समय उसके अधीन कोई ख़ास इलाका नहीं था. उसी वर्ष पानीपत की दूसरी लड़ाई में उसने हेमू पर विजय पाई जो अफगनों के सूर राजवंश का समर्थक था. […]

आर्यों की जन्मभूमि और उनका प्रसार (साक्ष्य के साथ)

आर्यों की जन्मभूमि और उनका प्रसार (साक्ष्य के साथ)

आर्यों  (Aryans) की जन्मभूमि कहाँ पर थी, इस विषय में इतिहास के विद्वानों में बड़ा मतभेद है. आर्य (Aryans) कहाँ से आये, वे कौन थे इसका पता ठीक से अभी तक चल नहीं पाया है. कुछ विद्वानों का मत है कि वे डैन्यूब नदी के पास ऑस्ट्रिया-हंगरी के विस्तृत मैदानों में रहते थे. कुछ लोगों का […]

अशोक के समय का सामाजिक जीवन और कला का स्थान

अशोक के शासन-काल में भारत की सामाजिक स्थिति में बहुत परिवर्तन दिखे. ब्राह्मण, श्रवण, आजीवक आदि अनेक सम्प्रदाय थे परन्तु राज्य की ओर से सबके साथ निष्पक्षता का व्यवहार किया जाता था और सभी को इस बात की हिदायत दी जाती थी  कि धर्म के मामलों में सहिष्णु होना सीखें, सत्य का आदर करें आदि. […]

वेदों के विषय में संक्षिप्त विवरण – Vedas in Hindi

वेदों के विषय में संक्षिप्त विवरण – Vedas in Hindi

वेद सनातन धर्म के प्राचीनतम ग्रन्थ हैं. यहीं नहीं, ये विश्व के सबसे पुरानी कृतियाँ हैं. इन्हें संसार का आदिग्रंथ कहा जा सकता है. इससे पहले कि हम आगे बढ़ें, मैं आपको बताना चाहूँगा कि वेद शब्द का अर्थ “ज्ञान” होता है. मूलतः वेद एक ही था. कालांतर में व्यास के द्वारा चार भागों में […]

प्रमुख शास्त्रीय नृत्य एवं उनके कलाकार

प्रमुख शास्त्रीय नृत्य एवं उनके कलाकार

अक्सर परीक्षाओं में पूछा जाता है कि यह नृत्य कलाकार (dancer) किस शास्त्रीय नृत्य (classical dance) से सम्बंधित है या इस नृत्य के लिए भारत में कौन-सा कलाकार famous है? ऐसे सवाल match of the following में अक्सर पूछे जाते हैं जहाँ A सेक्शन में चार कलाकार के नाम रहेंगे जिनको सही ढंग से B […]

जैन धर्म का इतिहास, नियम, उपदेश और सिद्धांत

जैन धर्म का इतिहास, नियम, उपदेश और सिद्धांत

जैन धर्म – 24 तीर्थंकर जैन धर्म और बौद्ध धर्म  में बड़ी समानता है. किन्तु अब यह साबित हो चुका है कि बौद्ध धर्म की तुलना में जैन धर्म अधिक प्राचीन है. जैनों का मानना है कि हमारे 24 तीर्थंकर हो चुके हैं जिनके द्वारा जैन धर्म की उत्पत्ति और विकास हुआ. क्या आपको पता है कि […]

महात्मा गाँधी की ग्यारह सूत्री योजना – 11 Demands by Gandhi

महात्मा गाँधी की ग्यारह सूत्री योजना – 11 Demands by Gandhi

महात्मा गाँधी ने हिन्सात्मक घटना के चलते (चौरी-चौरा नामक स्थान पर आन्दोलनकारियों ने एक थानेदार और 21 सिपाहियों को जलाकर मार डाला) असहयोग आंदोलन को बीच में ही स्थगित कर दिया क्योंकि वे अहिंसात्मक आंदोलन के पक्ष में थे.  असहयोग आन्दोलन की असफलता के बाद गाँधीजी 11 फरवरी, 1930 से सविनय अवज्ञा आन्दोलन प्रारम्भ करना […]

बेसिन की संधि, 1802 का भारतीय इतिहास में महत्त्व

बेसिन की संधि, 1802 का भारतीय इतिहास में महत्त्व

अठारहवीं सदी के आते-आते मराठा साम्राज्य की आंतरिक एकता छिन्न-भिन्न हो गयी और विकेंद्रीकरण की शक्ति प्रबल हो गयी थी. जब मराठा संघ ऐसी बुरी स्थिति से गुजर रहा था तो वेलेजली जिया साम्राज्यवादी ईस्ट इंडिया कंपनी का गवर्नर जनरल बनकर आया. उसने आते ही मराठों के ऊपर भी अपना साम्राज्यवादी चक्र चलाना शुरू किया […]

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