लखनऊ समझौता – 1916 (Lucknow Pact)

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वर्ष 1916 का कांग्रेस अधिवेशन लखनऊ में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता नरमपंथी नेता अम्बिका चरण मजुमदार ने की थी. गरमपंथियों का कांग्रेस में फिर से शामिल होना तथा लीग के साथ समझौता इस अधिवेशन की प्रमुख उपलब्धि थी. कांग्रेस के दोनों धड़ों को आभास हो गया था कि पुराने विवादों को दोहराने की अब कोई प्रासिंगता नहीं रह गई है … Read More

होमरूल आन्दोलन – Home Rule League in Hindi

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आज हम लोग होमरूल लीग की स्थापना किन परिस्थतियों में हुई और इस आन्दोलन पतन कैसे हुआ, इसकी चर्चा करने वाले हैं. पृष्ठभूमि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारत में लोकमान्य तिलक तथा एनी बेसेंट द्वारा स्थापित होमरूल लीग एक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रवादी प्रतिक्रिया थी. प्रथम विश्व युद्ध के प्रारंभ होने पर ब्रिटिश सरकार ने भारत को भी युद्ध में सम्मिलित … Read More

Sansar डेली करंट अफेयर्स, 09 February 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 09 February 2019 GS Paper 2 Source: The Hindu Topic : Drugs Technical Advisory Board संदर्भ भारत सरकार ने हाल ही में एक अधिसूचना निकालकर कुछ चिकित्सा उपकरणों, यथा – प्रत्यारोपण उपकरण, सी.टी. स्कैन, PET मशीन, MRI मशीन, डिफाइबरीलेटर, डायलिसिस यंत्र और अस्थि मज्जा विस्थापक यंत्र को 1 अप्रैल, 2020 के प्रभाव से मानव चिकित्सा के लिए से … Read More

भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 – मार्ले-मिंटो सुधार

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भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 भारत के संवैधानिक विकास का अगला कदम था. यह पूर्ववर्ती भारतीयों के ‘सहयोग की नीति’ के क्रियान्वयन की दिशा में एक प्रशंसनीय प्रयास था. इसके जन्मदाता भारत सचिव मार्ले तथा गवर्नर जनरल लार्ड मिण्टो थे. इन्हीं के नाम पर इसे मार्ले-मिंटो सुधार कहते हैं. भारतीय परिषद अधिनियम 1909 को पारित करने के पीछे कारण अधिनियम को … Read More

भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 – Indian Council Act

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1861 के बाद भारत की अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक सेवाओं, स्थानीय-स्वशासन आदि क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण घटनाएँ हुईं. इन घटनाओं के फलस्वरूप भारतीयों में बड़ी उत्तेजना फैली और उनमें राजनीतिक चेतना तथा राष्ट्रीयता का विकास हुआ. 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का जन्म हुआ. इसने संवैधानिक सुधारों की मांग की. इन घटनाओं तथा माँगों के फलस्वरूप ब्रिटिश संसद ने 1892 का भारतीय परिषद … Read More

भारतीय परिषद् अधिनियम, 1861 – Indian Council Act

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1861 का भारतीय परिषद् अधिनियम 1858 के अधिनियम द्वारा केवल गृह सरकार में ही परिवर्तन हुए थे. भारतीय प्रशासन में कोई भी परिवर्तन नहीं किये गये थे. इस बात की बहुत तीव्र भावना थी कि 1857-58 के महान् संकट के बाद भारतीय संविधान में महान् परिवर्तनों की आश्यकता है. 1861 के बाद अधिनियम के साथ ‘सहयोग की नीति’ का आरंभ … Read More

Sansar डेली करंट अफेयर्स, 08 February 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 08 February 2019 GS Paper 2 Source: The Hindu Topic : Macedonia signs accord to join NATO संदर्भ मेसीडोनिया ने हाल ही में NATO में शामिल होने के लिए कागज़ात पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. अभी इसे पूरी सदस्यता नहीं मिली है जिसके लिए NATO के सभी 29 सदस्यों का अनुमोदन लेना होगा. वर्तमान के लिए मेसीडोनिया नाटो … Read More

उदारवादी तथा उग्रवादी नेता और उनके विचारों के बीच तुलना

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उदारवादी तथा उग्रवादी विचारों की तुलना तिलक ने लिखा है कि हमारी नीतियों के प्रति दो शब्दों का प्रयोग होने लगा हैः उदारवादी और उग्रवादी. ये शब्द समय से सम्बन्धित है. इसलिए ये समय के अनुसार बदल जायेंगे, जैसे कल के उग्रवादी आज के उदारवादी बन गये हैं, उसी प्रकार आज के उदारवादी कल के उग्रवादी बन जायेंगे. तिलक की … Read More

Sansar डेली करंट अफेयर्स, 07 February 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 07 February 2019 GS Paper 2 Source: PIB Topic : Banning of Unregulated Deposit Schemes Bill, 2018 संदर्भ हाल ही में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने अनियमित जमा योजना प्रतिबंध विधेयक, 2018 में कुछ सुधार करने का अनुमोदन कर दिया है. ये सुधार स्थायी वित्त समिति के सुझाव पर लाये जा रहे हैं. इन सुधारों का उद्देश्य अवैध जमा लेने से … Read More

बाल गंगाधर तिलक (1856-1920)

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कांग्रेस के उग्रवादी नेताओं में सर्वप्रथम स्थान लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को दिया जाता है. उन्होंने राष्ट्रीय आन्दोलन को तीव्रता और गति प्रदान की. भारतीय इन्हें श्रद्धा और प्यार से ‘लोकमान्य’ कहते थे. उनका जन्म 23 जुलाई, 1856 को महाराष्ट्र के रत्नगीरि नगर में एक उच्च चितपावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था. तिलक के कार्यकाल को सुविधानुसार दो भागों में … Read More