संविधान का 74th संशोधन अधिनियम, 1992

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1992 ई. में संविधान का 74वाँ संशोधन हुआ और संविधान में एक नया भाग IX A जुट गया. इसके अंतर्गत नगरपालिकाओं के संगठन एवं कार्य के सम्बन्ध में एक निश्चित दिशा-निर्देश दिया गया है. इसके अनुसार  नगरपालिकाओं की निम्नलिखित विशेषताओं का उल्लेख किया जा सकता है –

Main characteristics of the municipalities according to 74th Amendment Act

i) प्रत्येक राज्य में तीन प्रकार की शहरी संस्थाएँ होंगी – क) जो क्षेत्र देहाती से शहरी में परिवर्तित हो रहे हैं वहाँ नगर पंचायत, ख) छोटे शहरी क्षेत्रों के लिए नगरपालिका परिषद् और ग) बड़े शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निगम. यह आर्टिकल जरुर पढ़ें – >> पंचायती राज – ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद्

ii) सदस्यों के निर्वाचन के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है. शहर की जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए स्थान सुरक्षित रहेंगे. इनमें 1/3 स्थान अनुसूचित जाति एवं जनजाति की महिलाओं के लिए सुरक्षित रहेंगे. सम्पूर्ण सदस्यों का 1/3 स्थान ही महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे.

iii) नगरपालिकाओं का कार्यकाल 5 वर्ष निर्धारित रहेगा. कार्यकाल समाप्त होने के छह महीने पूर्व ही नई नगरपालिका का चुनाव सम्पन्न हो जाना चाहिए.

iv) नगरपालिकाओं में चुनाव सम्पन्न करने का उत्तरदायित्व राज्य निर्वाचन आयोग पर होगा.

v) नगरपालिका के अध्यक्ष-पद पर अनुसूचित जाति (Scheduled Cast), अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe) एवं महिलाओं का स्थान किस प्रकार आरक्षित रहगा, इसका निश्चय राज्य सरकार कानून बनाकर करेगी.

vi) संविधान में 12वीं अनुसूची (12th Schedule of Constitution) जोड़ दी गई है और उसमें विभिन्न प्रकार की नगरपालिकाओं द्वारा सम्पन्न किये जानेवाले कार्यों की सूची निश्चित कर दी गई है, जैसे – नगर योजना सहित शहरी योजना, आर्थिक एवं सामजिक विकास के कार्यक्रम, सड़क एवं पुल, जल आपूर्ति, जनस्वास्थ्य इत्यादि.

NIOS के किताब में 74th amendment से सम्बंधित PDF यहाँ दिया गया है>> 74th amendment of the Constitution

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14 Comments on “संविधान का 74th संशोधन अधिनियम, 1992”

  1. Thank u sir please aur jada jaankri digi ya ga mara liya ya bahut help ful ha. So thanks a lot sir

  2. संघ का नाम और राज्यक्षेत्र

    (1) भारत, अर्थात्‌ इंडिया, राज्यों का संघ होगा।
    (2) राज्य और उनके राज्यक्षेत्र वे होंगे जो पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं।
    (3) भारत के राज्यक्षेत्र में,
    (क) राज्यों के राज्यक्षेत्र,
    2[(ख) पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट संघ राज्यक्षेत्र, और
    (ग) ऐसे अन्य राज्यक्षेत्र जो अर्जित किए जाएँ, समाविष्ट होंगे।

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