मौलिक अधिकार: Fundamental Rights in Hindi

भारतीय संविधान के तृतीय भाग में नागरिकों के मौलिक अधिकारों (fundamental rights) की विस्तृत व्याख्या की गयी है. यह अमेरिका के संविधान से ली गयी है. मौलिक अधिकार व्यक्ति के नैतिक, भौतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए अत्यधिक आवश्यक है. जिस प्रकार जीवन जीने के लिए जल आवश्यक है, उसी प्रकार व्यक्तित्व के विकास के लिए मौलिक अधिकार. मौलिक अधिकारों (fundamental rights) को 6 भागों में विभाजित किया गया है –

मौलिक अधिकार के प्रकार (Types of Fundamental Rights)

1. समानता का अधिकार

2. स्वतंत्रता का अधिकार

3. शोषण के विरुद्ध अधिकार

4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार

5. संस्कृति और शिक्षा से सम्बद्ध अधिकार

6. सांवैधानिक उपचारों का अधिकार

मौलिक अधिकार के अंतर्गत यह बताया गया है कि वे सब कानून, जो संविधान के शुरू होने से ठीक पहले भारत में लागू थे,  उनके वे अंश लागू रह जायेंगे जो संविधान के अनुकूल हों अर्थात् उससे मेल खाते हों. यह भी कहा गया कि राज्य कोई भी ऐसा कानून नहीं बना सकता, जिससे मौलिक अधिकारों पर आघात होता है. “राज्य” शब्द से तात्पर्य है – – संघ सरकार, राज्य सरकार दोनों. अब हम ऊपर दिए गए 6 मौलिक अधिकारों (fundamental rights) का बारी-बारी से संक्षेप में वर्णन करेंगे –

1. समानता का अधिकार (Right to Equality)

इसके अनुसार राज्य की तरफ से धर्म, जाति, वर्ण और लिंग के नाम पर नागरिकों में कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा. राज्य की दृष्टि से सभी नागरिकों को सामान माना गया है. लेकिन, राज्य के स्त्रियों, बच्चों तथा पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए विशेष सुविधा के नियम बनाने का अधिकार दिया गया है.

2. स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom)

प्रजातंत्र में स्वतंत्रता को ही जीवन कहा गया है. नागरिकों के उत्कर्ष और उत्थान के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें लेखन, भाषण तथा अपने भाव व्यक्त करने की स्वतंत्रता दी जाए. उन्हें कम से कम राज्य सरकार द्वारा यह आश्वासन दिया जाए कि उनकी दैनिक स्वतंत्रता का अकारण अपहरण नहीं किया जायेगा.

a) भाषण और भावाभिव्यक्ति की स्वतंत्रता

b) शांतिपूर्वक निःशस्त्र एकत्र होने की स्वतंत्रता

c) संघ या समुदाय या परिषद् निर्मित करने की स्वतंत्रता

d) राज्य के किसी भी कोने में निर्विरोध घूमने की स्वतंत्रता

e) किसी भी तरह की आजीविका के चयन करने की स्वतंत्रता

f) अपराधों  के लिए दोषसिद्धि के विषय में संरक्षण

g) प्राण और शारीरिक स्वाधीनता का संरक्षण

h) बंदीकरण और निरोध से संरक्षण

राज्य को यह अधिकार है कि वह किसी व्यक्ति की इन स्वतंत्रताओं पर नियंत्रण करें – यदि वह यह समझे कि इनके प्रयोग से समाज को सामूहिक तौर पर हानि होगी.

3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right against Exploitation)

संविधान के अनुसार, मनुष्यों का क्रय-विक्रय, बेगार तथा किसी अन्य प्रकार का जबर्दस्ती लिया गया श्रम अपराध घोषित किया गया है. यह बताया गया है कि 14 वर्ष से कम आयुवाले बालकों को कारखाने, खान अथवा अन्य संकटमय नौकरी में नहीं लगाया जा सकता.

4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom of Religion)

संविधान के द्वारा भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य घोषित किया गया है. Articles 25, 26, 27 और 28 में धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार उल्लिखित है. राज्य में किसी भी धर्म को प्रधानता नहीं दी जाएगी. धर्मनिरपेक्ष राज्य का अर्थ धर्मविरोधी राज्य नहीं होता है. अतः प्रत्येक व्यक्ति की आय, नैतिकता और स्वास्थ्य को हानि पहुँचाये बिना अपना धर्मपालन करने का सम्पूर्ण अधिकार है.

5. संस्कृति और शिक्षा से सम्बद्ध अधिकार (Cultural and Educational Rights)

संविधान द्वारा भारतीय जनता की संस्कृति को बचाने का भी प्रयास किया गया है. अल्पसंख्यकों की शिक्षा और संस्कृति से सम्बद्ध हितों की रक्षा की व्यवस्था की गई है. यह बताया गया है कि नागरिकों के किसी भी समूह को, जो भारत या उसके किसी भाग में रहता है, अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को सुरक्षित रखने का अधिकार है. धर्म के आधार पर किसी भी इंसान को शिक्षण संस्थान में नाम लिखाने से रोका नहीं जा सकता.

6. सांवैधानिक उपचारों का अधिकार (Right to Constitutional Remedies)

भारतीय संविधान में में मौलिक अधिकारों (fundamental rights) को अतिक्रमण से बचाने की व्यवस्था की गई  है. संविधान के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों का संरक्षक माना गया है. प्रत्येक नागरिक को मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय से प्रार्थना करने का अधिकार प्राप्त है.

डॉ. अम्बेडकर ने बताया था कि मौलिक अधिकार (fundamental rights) उल्लिखित करने का उद्देश्य एक तो यह है कि हर व्यक्ति इन अधिकारों का दावा कर सके और दूसरा यह है कि हर अधिकारी इन्हें मानने के लिए विवश हो. 

मौलिक अधिकारों का निलम्बन (Suspension of Fundamental Rights)

निम्नलिखित दशाओं में मौलिक अधिकार सीमित या स्थगित किये जा सकते हैं:-

i) संविधान में संशोधन करने का अधिकार भारतीय संसद को है. वह संविधान में संशोधन कर मौलिक अधिकारों को स्थगित या सीमित कर सकती है. भारतीय संविधान में इस उद्देश्य से बहुत-से संशोधन किये जा चुके हैं. इसके लिए संसद को राज्यों के विधानमंडलों की स्वीकृति की आवश्यकता नहीं रहती.

ii) संकटकालीन अवस्था की घोषणा होने पर अधिकार बहुत ही सीमित हो जाते हैं.

iii) संविधान के अनुसार स्वतंत्रता के अधिकार और वैयक्तित्व अधिकार कई परिस्थतियों में सीमित किये जा सकते हैं; जैसे- सार्वजनिक सुव्यवस्था, राज्य की सुरक्षा, नैतिकता, साधारण जनता के हित में या अनुसूचित जातियों की रक्षा इत्यादि के हित में राज्य इन स्वतंत्रताओं पर युक्तिसंगत प्रतिबंध लगा सकता है.

iv) जिस क्षेत्र में सैनिक कानून लागू हो, उस क्षेत्र में उस समय अधिकारीयों द्वारा मौलिक अधिकारों का अतिक्रमण या स्थगन हो सकता है.

v) संविधान में यह कहा गया है कि सशस्त्र सेनाओं या अन्य सेना के सदस्यों के मामले में संसद् मौलिक अधिकारों (fundamental rights) को सीमित या प्रतिबंधित कर सकती है.

यह भी पढ़ें:>> मौलिक अधिकार और नीति-निर्देशक तत्त्वों में अंतर

22 Responses to "मौलिक अधिकार: Fundamental Rights in Hindi"

  1. ajay   October 25, 2016 at 1:04 am

    thanks such this type of post

    Reply
  2. hemlata suman   October 25, 2016 at 12:39 pm

    Thanks

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  3. vijay mandavi   October 25, 2016 at 10:18 pm

    Very useful important post…thankyou sir……

    Reply
  4. pawan kumar   December 26, 2016 at 6:30 am

    owesome

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  5. Nafees ahmed   January 21, 2017 at 10:02 pm

    सर जी आपके यह दिल से शुक्रिया अदा करता हुँ

    Reply
  6. Riya Singh   February 15, 2017 at 3:09 pm

    Very nice

    Reply
  7. Kajal kumari   February 21, 2017 at 7:36 pm

    Thanku so much sir …………really very useful notes ..awesome..😊👌😊

    Reply
  8. Yaashvi sharma   March 31, 2017 at 11:16 am

    Thanks sir….. Mujhe iski sbse Jada jarurt Thi…… Thank u so much

    Reply
  9. mehfooj   April 3, 2017 at 11:04 am

    Shukriya sir. Aaj ke waqt main is jankar ko prapt karna bhut hi jaruri hai. Thank you sir.

    Reply
  10. shubham kumar   April 17, 2017 at 11:18 pm

    A lot of thanxx sir..
    Aaj ke din onl9 study bahut aachi ho gayi hai aur aap log isme hamari help kr raHe hai

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  11. Priyanka modwnwal   April 19, 2017 at 8:44 pm

    Thank you mere liye aaj ka indian constitution bhot hi acha rha .thankyou so much.

    Reply
  12. Sandhya   May 16, 2017 at 3:20 pm

    Thanks for help

    Reply
  13. Sandhya   May 16, 2017 at 3:21 pm

    Thanks for help

    Reply
  14. Aniket Patel   May 24, 2017 at 6:10 pm

    Thanks mam

    Reply
  15. Ankit sharma   June 27, 2017 at 9:02 pm

    Thank u so mucj for helping me

    Reply
  16. nomita   July 8, 2017 at 10:14 pm

    tnx for explain hindi

    Reply
  17. Ahmad gazali   July 14, 2017 at 1:24 am

    Thankyou ,
    sumpatti ka adhekaar kes catagere main aata hai

    Reply
  18. MUSKAN   August 1, 2017 at 6:22 pm

    Thankyou so much sir…………………………………. for helping me

    Reply
  19. Ravindra kumar   August 3, 2017 at 10:43 pm

    Very good sir these information given me fundamental rights learn of life

    Reply
  20. Neha   August 14, 2017 at 5:35 pm

    Thank u very much

    Reply
  21. Neha   August 14, 2017 at 5:37 pm

    This information about fundamental rights prove very helpful for me

    Reply
  22. Neha   August 14, 2017 at 5:40 pm

    I am definitely interested on your foundation so thank you very much with lovely heart

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