Sansar डेली करंट अफेयर्स, 03 February 2020

Sansar LochanSansar DCALeave a Comment

Sansar Daily Current Affairs, 03 February 2020


GS Paper 2 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : Karnataka anti-superstition law

संदर्भ

कर्नाटक सरकार ने पिछले दिनों एक अंधश्रद्धा विरोधी विवादास्पद कानून अधिसूचित कर दिया है जिसका नाम कर्नाटक अमानवीय कुप्रथाओं एवं काला जादू प्रतिषेध एवं उन्मूलन अधिनियम, 2017 (Karnataka Prevention and Eradication of Inhuman Evil Practices and Black Magic Act, 2017) है.

यह कानून क्या प्रतिबंधित करता है?

  1. धन संपदा के खोज में अमानवीय कृत्य करना, कुप्रथाओं का पालन करना और काला जादू करना
  2. शारीरिक एवं यौनाचार समेत तांत्रिक क्रियाएँ
  3. किसी को नंगा कर घुमाना
  4. धार्मिक कृत्य के नाम पर किसी का बहिष्कार करना और अमानवीय कृत्य को प्रोत्साहन देना
  5. वशीकरण एवं भूत-प्रेत से मुक्ति का झांसा देना
  6. भूत-प्रेत झाड़ने के बहाने लोगों को चोट पहुँचाना
  7. भूत और काला जादू के बहाने अफवाह और आतंक फैलाना
  8. रोग ठीक कर देने का दावा करना
  9. ऐसी प्रथाओं का प्रचार करना जिसमें अपने शरीर को क्षति पहुँचाई जाती है
  10. लोगों को बलपूर्वक आग पर चलाना

यह कानून क्या प्रतिबंधित नहीं करता है?

  • तीर्थस्थलों में प्रदक्षिणा, यात्रा, परिक्रमा जैसे पूजा से जुड़े कृत्य करना.
  • हरिकथा, कीर्तन, प्रवचन, भजन, प्राचीन एवं पारम्परिक ज्ञान एवं कलाओं और प्रथाओं का प्रचार करना.
  • स्वर्गस्थ संतों के चमत्कारों का प्रसार करना और धार्मिक उपदेशकों के ऐसे चमत्कारों के बारे में साहित्य का प्रचार-प्रसार करना जिनसे शारीरिक क्षति नहीं होती है.
  • घर, मंदिर, दरगाह, गुरुद्वारा, बौद्ध मंदिर, चर्च और अन्य धार्मिक स्थलों में ऐसी प्राथनाएं, उपासना और धार्मिक कृत्य करना जिनसे शारीरिक क्षति नहीं होती है.
  • धार्मिक कृत्यों से जुड़े सभी समारोह, उत्सव, प्राथनाएं, शोभा यात्रा आदि.
  • धार्मिक कृत्यों के अनुसार बच्चों के कान-नाक छेदना और जैनों के द्वारा किये जाने वाले केश लुंचन जैसे धर्म कृत्य
  • वास्तुशास्त्र के बारे में परामर्श देना.
  • ज्योतिषियों और अन्य भविष्य वक्ताओं द्वारा परामर्श देना.

चिंता का विषय

देश-भर में धर्म के नाम पर अमानवीय प्रथाएँ चिंता का कारण हैं. महाराष्ट्र में, ऐसे कई मामले सामने आये जिनमें भूत-प्रेत झाड़ने वालों ने मासूम व्यक्तियों की हत्या कर दी या क्रूरतापूर्वक उन्हें घायल कर दिया या भूत-प्रेत दूर करने के नाम किसी स्त्री का कई बार बलात्कार किया.


GS Paper 2 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

UPSC Syllabus : Effect of policies and politics of developed and developing countries on India’s interests, Indian diaspora.

Topic : West Asia Peace Plan

संदर्भ

पिछले दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने पश्चिम एशिया के लिए एक शान्ति योजना (West Asia Peace Plan) का अनावरण किया.

इस योजना का उद्देश्य इजराइल और फिलिस्तीनियों के बीच स्थगित वार्ता को फिर से जीवित करना है.

पश्चिम एशिया शान्ति योजना के मुख्य तत्त्व

  • इसमें एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश के निर्माण तथा पश्चिम तट की बस्तियों पर इजराइल की सम्प्रभुता देने का प्रस्ताव है.
  • इस योजना के अनुसार, इजराइल में पश्चिम तट की यहूदी बस्तियों के साथ-साथ जॉर्डन घाटी को मिला दिया जाएगा.
  • इजराइल देश के निर्माण के उपरान्त 1948 में हुए अरब-इजराइली युद्ध के समय जिन फिलिस्तीनियों को घर छोड़कर अन्यत्र शरण लेनी पड़ी थी उन्हें इस योजना के अनुसार वापस आने नहीं दिया जाएगा. वे या तो भविष्य में बनने वाले फिलिस्तीन देश में चले जाएँगे या जहाँ अभी वे शरण लिए हुए हैं उन देशों से एकात्म हो जाएँगे या क्षेत्र के अन्य देशों में जा कर बस जाएँगे.
  • इस शान्ति योजना में पश्चिम तट की यहूदी बस्तियों को इजराइल में मिलाने के लिए भूमि की अदला-बदली का भी प्रस्ताव है. इसके अनुसार गाजा को बड़ा करते हुए उसे एक सुरंग के माध्यम से पश्चिम तट से जोड़ा जाएगा.
  • यदि फिलिस्तीनी प्रस्ताव को मान लेते हैं तो अमेरिका दस वर्षों में इस काम के लिए 50 मिलियन डॉलर का निवेश करेगा.
  • अंतिम समझौते में फिलिस्तीन को आज की तुलना में और अधिक भूभागों पर नियंत्रण मिल जाएगा.

फिलिस्तीनियों की प्रतिक्रिया क्या है?

फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इस शान्ति योजना को एक षड्यंत्र बताते हुए निरस्त कर दिया है. हजारों लोग इसका विरोध कर रहे हैं. फिलिस्तीनी चाहते हैं कि उनका अपना एक स्वतंत्र देश हो जिसमें पश्चिम तट, गाजा और पूर्वी येरुसलम हों.

भारत की प्रतिक्रिया

भारत शुरू से कहता रहा है कि इजराइल और फिलिस्तीनियों के बीच का झगड़ा वार्तालाप से दूर किया जाए. वह इस पक्ष में है कि फिलिस्तीनियों का एक संप्रभु एक स्वतंत्र, टिकाऊ और एकीकृत देश हो जिसके अन्दर पूर्वी जेरुसलम राजधानी हो और जिसकी सीमाएं सुरक्षित और मान्यता प्राप्त हों. भारत यह भी चाहता है कि फिलिस्तीन इजराइल के साथ शान्तिपूर्वक रहे जैसा कि Quartet Roadmap तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (United Nations Security Council) के द्वारा उस विषय में पारित संकल्पों में अभिकल्पित है.

इसलिए भारत ने इजराइल और फिलिस्तीन दोनों से आग्रह किया है कि वे अमेरिका द्वारा दिए गये प्रस्तावों पर मिल-जुलकर विचार करें और एक ऐसे समाधान तक पहुँचे जिससे ये दोनों देश भविष्य में शांतिपूर्वक साथ- साथ रह सकें.


GS Paper 2 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

UPSC Syllabus : Statutory, regulatory and various quasi-judicial bodies.

Topic : Indian National Commission for Cooperation with UNESCO (INCCU)

संदर्भ

UNESCO के साथ सहयोग हेतु भारतीय राष्ट्रीय आयोग (Indian National Commission for Cooperation with UNESCO) मानव संसाधन विकास मंत्रालय के माध्यमिक एवं उच्चतर शिक्षा विभाग के अन्दर एक सरकारी निकाय है जिसकी स्थापना 1949 में हुई थी. इसको 1951 में स्थाई रूप दिया गया था. यह आयोग सरकार को UNESCO से जुड़े विषयों पर परामर्श देता है.

इसकी स्थापना इसलिए आवश्यक थी कि UNESCO के संविधान में यह निर्देश है कि सभी देश सदस्य अपनी-अपनी सरकार और UNESCO के बीच तालमेल बिठाने के लिए अपने-अपने यहाँ एक राष्ट्रीय आयोग का गठन करेंगे.

भारतीय राष्ट्रीय आयोग की बनावट

  1. इस आयोग का अध्यक्ष मानव संसाधन विकास का मंत्री होता है.
  2. उच्चतर शिक्षा विभाग का सचिव इस आयोग का महासचिव होता है.

महत्त्वपूर्ण कार्य

  • भारत के लोगों में UNESCO के लक्ष्यों और उद्देश्यों की समझ बढ़ाना.
  • भारत सरकार और शिक्षा, विज्ञान एवं संस्कृति की प्रगति के लिए काम कर रहे संस्थानों के बीच तालमेल बिठाना.
  • भारत सरकार और UNESCO के कार्यों से जुड़ी सेवाओं, संगठनों और संस्थानों में सहयोग करना.
  • एशिया और प्रशांत क्षेत्र के देशों के राष्ट्रीय आयोगों तथा यूनेस्को के क्षेत्रीय कार्यालयों एवं केन्द्रों के साथ सहयोग करते हुए शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति एवं सूचना के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्यक्रमों की रचना और क्रियानव्यन के माध्यम से क्षेत्रीय, उप-क्षेत्रीय एवं द्विपक्षीय सहयोग करना.

GS Paper 3 Source: PIB

pib_logo

UPSC Syllabus : Cyber security related issues.

Topic : National Crime Records Bureau (NCRB)

संदर्भ

राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (National Crime Records Bureau – NCRB) ने गुमशुदा व्यक्तियों की खोज करने तथा वाहन अनापत्ति प्रमाण पत्र निकालने से जुड़ी दो ऑनलाइन राष्ट्र-स्तरीय सेवाओं का अनावरण किया है.

  • पुलिस से सम्बंधित और नागरिकों के लाभ की इन सेवाओं का अनावरण अपराध एवं अपराध-अनुसरण संजाल एवं तंत्र (CCTNS) पर हुआ है.
  • इन सेवाओं का लाभ gov.in अथवा वर्तमान डिजिटल पुलिस पोर्टल में एक लिंक के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है.

CCTNS परियोजना क्या है?

2009 के जून में आरम्भ की इस परियोजना का उद्देश्य पुलिस थाने के स्तर पर कुशलता एवं प्रभावशालिता बढ़ाने के लिए एक व्यापक और समेकित प्रणाली स्थापित करना है. इसके लिए ई-प्रशासन के सिद्धांतों पर चला जायेगा और अपराध के अन्वेषण और अपराधियों का पता लगाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के आधार पर आधुनिकतम ट्रैकिंग प्रणाली के विकास के लिए एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क तैयार किया गया है. CCTNS एक मिशन मोड पर चलने वाली परियोजना (MMP) होगी जो भारत सरकार के राष्ट्रीय ई-प्रशासन योजना के अन्दर संचालित की जाती है.

परियोजना के अधीन कार्य

  • यह परियोजना देश-भर के 15,000 पुलिस थानों और पर्यवेक्षण स्तर के पुलिस अधिकारियों के 500 कार्यालयों को एक दूसरे से जोड़ेगी तथा इसके लिए प्राथमिकी के पंजीयन, अन्वेषण एवं आरोपपत्र से सम्बंधित सभी आँकड़ों को डिजिटल रूप देगी.
  • यह परियोजना न केवल पुलिस थानों और उच्चतर स्तरों पर हो रहे कार्यकलाप को स्वचालित बनाएगी, अपितु इन सार्वजनिक सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिए सुविधाओं एवं तन्त्र का सृजन भी करेगी, जैसे – शिकायतों का ऑनलाइन पंजीकरण, पंजीकृत मामले की स्थिति को जानना, व्यक्तियों का सत्यापन आदि.
  • 2015 में इस परियोजना में एक अतिरिक्त उद्देश्य जोड़ा गया जिसके अनुसार अंतर-संचालनीय अपराध न्याय प्रणाली (Inter-operable Criminal Justice System – ICJS) के लिए एक आधारभूत मंच भी स्थापित किया जाएगा.

लाभ

  • यदि यह परियोजना अपने सभी नए अवयवों के साथ पूरी तरह से लागू हो जायेगी तो एक ऐसा केन्द्रीय नागरिक पोर्टल तैयार हो जाएगा जिसके पास उन राज्य-स्तरीय नागरिक पोर्टलों के साथ लिंकेज हो जाएगा जो नागरिकों के योग्य ढेर सारी सेवाएँ प्रदान कर सकेंगे, जैसे – पासपोर्ट सत्यापन के लिए पुलिस सत्यापन, साइबर-अपराध जैसे अपराधों को प्रतिवेदित करना, किसी कांड में हो रही प्रगति का ऑनलाइन अनुशरण करना आदि.
  • इस परियोजना की सहायता से राष्ट्र-स्तरीय अपराध विश्लेषण से सम्बंधित प्रतिवेदन पहले से अधिक बारम्बारता के साथ प्रकाशित हो सकेंगे और इससे नीति-निर्माताओं और विधायकों को उचित और सामयिक कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी. साथ ही पूरे भारत के अपराधियों, अभियुक्तों के नाम क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो जाएँगे जिस कारण आपराधिक गतिविधियों का अंतर-राज्ययीय अनुसरण करना पहले से बेहतर हो जाएगा. कुल मिलाकर इसके माध्यम से अपराधों एवं अपराधियों के बारे में एक राष्ट्रीय डेटाबेस निर्मित हो जाएगा.

Prelims Vishesh

Tyler Prize for the environment :-

  • 2020 का टाइलर प्राइज दो व्यक्तियों को दिया गया है जिनमें से एक पवन सुखदेव हैं जो भारत के हैं.
  • पुरस्कार प्राप्त करने वाले इन दोनों महानुभावों ने धरती के प्राकृतिक पर्यावरण का आर्थिक मूल्य (economic value of our natural environment) निर्धारित करने का काम किया है.
  • यह पुरस्कार 1973 में जॉन एंड ऐलिस टाइलर ने शुरू किया था.

New mascot for National Games: flame-throated bulbul :-

  • Rubigula नामक बुलबुल को गोवा में होने वाले 36वें राष्ट्रीय खेलकूद के लिए मैस्कॉट चुन लिया गया है क्योंकि यह पक्षी गोवा का राज्य पक्षी है.
  • यह पक्षी बहुतायत से मिलता है, अतः IUCN ने इसको अत्यंत कम चिंताजनक श्रेणी (Least Concern) में रखा गया है.

Click here to read Sansar Daily Current Affairs – Sansar DCA

January, 2020 Sansar DCA is available Now, Click to Download

Books to buy

Leave a Reply

Your email address will not be published.