सामुदायिक वन संसाधन – Community Forest Resources (CFR)

Sansar LochanBiodiversity, Environment and Biodiversity1 Comment

Print Friendly, PDF & Email

हाल ही में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) द्वारा सामुदायिक वन संसाधन (Community Forest Resources – CFR) के प्रबंधन पर पीपुल्स फारेस्ट रिपोर्ट जारी की गई.

रिपोर्ट के निष्कर्ष

  • केवल सात राज्यों ने अपने वन संसाधनों का प्रबंधन और नियंत्रण करने (सम्भावित क्षेत्र का केवल 3%) के लिए औपचारिक रूप से वनवासी समुदायों के अधिकारों को मान्यता प्रदान की है. इस सम्बन्ध में राज्यों के बीच अत्यधिक असमान्यता व्याप्त है.
  • 2013 तक विश्व के कम से कम 15.5% वन किसी न किसी प्रकार के सामुदायिक नियंत्रण के अधीन थे.

वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006

यह वनों पर अधिकार-आधारित, लोकतांत्रिक और विकेंद्रीकृत नियंत्रण प्रदान करता है. FRA के अंतर्गत मान्यता प्राप्त अधिकार हैं :

  • व्यक्तिगत वन अधिकार (IFR) :- यह कानूनी रूप से वनभूमि का स्वामित्व धारण करने का अधिकार है जिस पर वनवासी समुदाय 13 दिसम्बर, 2005 के पहले से निवास और कृषि कर रहे हैं.
  • सामुदायिक अधिकार (CRs), लघु वन उत्पादों (Minor Forest Produce) :- इन्हें गैर-काष्ठ वन उत्पाद (non-timber forest produce : NTFP) भी कहा जाता है. CRs में चराई, ईंधन की लकड़ी, जल निकायों से मछली और अन्य उत्पाद एकत्रित करने के साथ ही पारम्परिक ज्ञान से सम्बंधित बौद्धिक सम्पदा और जैव विविधता अधिकार आदि सम्मिलित हैं.
  • सामुदायिक वन संसाधन (CFR) अधिकार : धारा 3(1)(i) के अंतर्गत वनों पर सामुदायिक शासन के लिए सामुदायिक वन संसाधनों की सुरक्षा, पुनरुद्धार, संधारणीय उपयोग हेतु वन संसाधनों के संरक्षण या प्रबंधन सम्बन्धी प्रावधान किये गये हैं.
Environment Notes
हमारी टीम जल्द से जल्द पर्यावरण एवं जैव-विविधता से सम्बंधित सभी नोट्स इस पेज पर एकत्रित कर रही है > Environment Notes

CFR के सम्बन्ध में

  • CFR अधिकार, वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 को सर्वाधिक सशक्त बनाने वाला प्रावधान है क्योंकि यह वन विभाग से लेकर वन प्रशासन पर ग्राम सभा [ग्राम परिषद्] के नियंत्रण को पुनर्स्थापित करता है, जिससे देश के औपनिवेशिक वन प्रशासन को पूर्णरूप से लोकतान्त्रिक बना दिया गया है.
  • ग्राम सभा द्वारा CFR प्रबंधन समितियों (CFRMCs) का गठन किया गया है.

भूमिका

  • राष्ट्रीय वन नीति, 1988 द्वारा देश में वन प्रशासन के अर्द्ध-विकेंद्रीकरण का मार्ग प्रशस्त किया गया, जिससे संयुक्त वन प्रबंधन (JFM) अस्तित्व में आया. इससे गैर-काष्ठ वन उत्पाद (NTFPs) और ईंधन की लकड़ी (जलावन) की उपलब्धता में वृद्धि एवं वन संरक्षण में सुधार हुआ.
  • 2006 में अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम या वन अधिकार अधिनियम (FRA) पारित किया गया. यह वन भूमि को सामुदायिक वन संसाधन (Community Forest Resources – CFR) के रूप में मान्यता प्रदान करने का प्रावधान करता है.
  • 2016 तक, 1.1 मिलियन हेक्टेयर से थोड़ी अधिक वनभूमि को CFR प्रबन्धन के अंतर्गत लाया जा चुका है.

Tags : सामुदायिक वन संसाधन और वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के बारे में जानें, – Community Forest Resources (CFR) in Hindi, PIB, Wikipedia, Gktoday, UPSC Notes.

Read all Environment Notes in Hindi Here > Environment Notes

Books to buy

One Comment on “सामुदायिक वन संसाधन – Community Forest Resources (CFR)”

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.