[Answerkey] CSAT 2016 GS Paper 1: Polity Questions Solved

[Answerkey] CSAT 2016 GS Paper 1: Polity Questions Solved
Print Friendly, PDF & Email

[ANALYSIS 1] Polity Total Questions (कुल सवाल) in 2014, 2015, 2016 (CSAT)

polity_analysis_csat2016

[ANALYSIS 2] Topic-wise Breakup (पॉलिटी/Polity)

polity_questions_breakup

(विधायिका/Legislature)- 2 Questions

Q. राष्ट्र हित में भारत की संसद् राज्य सूची (State list) के किसी भी विषय पर विधिक शक्ति (power to legislate) प्राप्त कर लेती है यदि इसके लिए एक संकल्प (resolution) : (विधायिका/Legislature)

a) लोक सभा द्वारा अपनी सम्पूर्ण सदस्यता के साधारण बहुमत से पारित कर लिया जाए

b) लोक सभा द्वारा अपनी सम्पूर्ण सदस्य संख्या के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से पारित कर लिया जाए

c) राज्य सभी द्वारा अपनी सम्पूर्ण सदस्यता के साधारण बहुमत से पारित कर लिया जाए

d) राज्य सभा द्वारा अपने उपस्थित एवं मत देने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से पारित कर लिया जाए

Answer D

Explanation:- 

संविधान की धारा/Art 249 के अनुसार राज्य सूची में वर्णित किसी भी विषय पर कानून बनाने के लिए संसद को अधिकार दिया जा सकता है.

Refer M.Laxmikanth

Chapter : parliament , topic : Special powers of Rajya Sabha (Buy Book Online)

 

Q. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (विधायिका/Legislature)

  1. लोक सभा में लंबित कोई विधेयक उसके सत्रावसान पर व्यपगत (lapse) हो जाता है.
  2. राज्य सभा में लंबित (pending) कोई विधेयक, जिसे लोक सभा ने पारित नहीं किया है, लोक सभा के विघटन (dissolution) पर व्यपगत नहीं होगा.

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए.

a) केवल 1

b) केवल 2

c) 1 और 2 दोनों

d) न तो 1, न ही 2

Answer B

Explanation:-  

संविधान में Article 107 और Article 108 में बिल/विधेयक प्रस्तुत करने और पारित करने का प्रावधान है – (Provisions as to introduction and passing of Bills ). लोक सभा में लंबित कोई विधेयक उसके सत्रावसान में lapse नहीं होता. (Article 107 (3) कहता है कि —A Bill pending in Parliament shall not lapse by reason of the prorogation of the Houses.

कब-कब बिल लैप्स/lapse होता है? (लोकसभा भंग होने पर)

  1. जब बिल पहली बार लोक सभा में प्रस्तुत किया गया हो मगर राज्य सभा में pending हो—lapses.
  2. जब बिल पहली बार राज्य सभा में प्रस्तुत और pass किया गया हो मगर लोक सभा में pending हो— lapses.
  3. जब बिल पहली बार लोक सभा में प्रस्तुत और pass किया गया हो मगर राज्य सभा में pending हो— lapses.
  4. जब बिल राज्य सभा में प्रस्तुत किया गया हो और लोक सभा से राज्य सभा को कुछ amendments के साथ लौटा दिया गया हो, पर राज्य सभा में वह बिल अभी pending हो (उसी समय लोक सभा भंग हो गया हो)— lapses.

कब-कब बिल लैप्स/lapse नहीं होता है? (लोकसभा भंग होने पर)

  1. जब बिल राज्य सभा में pending हो मगर लोक सभा द्वारा pass नहीं हुआ हो— does not lapse.
  2. यदि राष्ट्रपति ने लोकसभा को भंग करने से पहले एक संयुक्त बैठक के आयोजन के लिए अधिसूचित किया है तो— does not lapse.
  3. यदि बिल दोनों सदन से pass हो गया हो मगर अभी राष्ट्रपति की अनुमति नहीं मिली हो — does not lapse.
  4. यदि बिल दोनों सदन से pass हो गया हो मगर राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा को बिल पर पुनर्विचार करने के लौटा दिया गया हो तो — does not lapse.

Refer M.Laxmikanth Chapter Legislative Procedure (Buy Book Online)

 

(कार्यपालिका/Executive)- 2 Questions

Q. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (कार्यपालिका/Executive)

  1. किसी भी व्यक्ति के लिए पंचायत का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम निर्धारित आयु 25 वर्ष है.
  2. पंचायत के समयपूर्व भंग होने के पश्चात् पुनर्गठित पंचायत केवल अवशिष्ट समय के लिए ही जारी रहती है.

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?

a) केवल 1

b) केवल 2

c) 1 और 2 दोनों

d) न तो  1, न ही 2

Answer B

Explanation:- 

  1. किसी भी व्यक्ति के लिए पंचायत का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम निर्धारित आयु 21 वर्ष है (Article 243F, 73th amendment)
  2. A Panchayat reconstituted after premature dissolution (i.e., before the expiry of the full period of five years) shall continue only for the remainder of the period (73rd Constitutional Amendment).

Refer M.Laxmikanth, NCERT

Chapter : Panchayat (Buy Book Online)

 

 

Q. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:- (कार्यपालिका/Executive)

  1. किसी राज्य में मुख्य सचिव को उस राज्य के राज्यपाल द्वारा (Chief Secretary’s appointment in State) नियुक्त किया जाता है.
  2. राज्य में मुख्य सचिव का नियत कार्यकाल होता है.

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

a) केवल 1

b) केवल 2

c) 1 और 2 दोनों

d) न तो 1, न ही 2

Answer D

Explanation:-  

Chief Secretary का appointment Chief Minister/मुख्य मंत्री करता है और चूंकि यह कोई constitutional post नहीं है इसलिए इनका कार्यकाल (tenure) भी नहीं होता.  “The chief secretary is chosen by the Chief Minister from the senior IAS officers of the state cadre– Laxmikant.”

chief_secretaryappointment

Refer M.Laxmikanth Chapter State Administration> Chief Secretary –  (Buy Book Online)

 

(न्यायपालिका/Judiciary)- 1 Question

Q. “ग्राम न्यायालय अधिनियम (Gram Nyayalaya Act) के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (न्यायपालिका/Judiciary)

  1. इस अधिनियम के अनुसार ग्राम न्यायालय केवल सिविल मामलों की सुनवाई कर सकता है, आपराधिक मामलों की नहीं.
  2. यह अधिनियम स्थानीय सामाजिक सक्रियतावादियों को मध्यस्थ/सुलहकर्ता (mediators/reconciliators) के रूप में स्वीकार करता है. The Act allows only social activists as mediators/reconciliators.

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए.

a) केवल 1

b) केवल 2

c) 1 और 2 दोनों

d) न तो 1, न ही 2

Answer B

Explanation:-  

ग्राम न्यायालयों की स्थापना के लिए संसद ने ग्राम न्यायालय अधिनियम (Gram Nyayalaya Act 2008) बनाया है. इसके अनुच्छेद/Section 11, 12 & 13 के अनुसार ग्राम न्यायालय सिविल और आपराधिक मामलों (civil and criminal jurisdiction) दोनों की सुनवाई कर सकता है.

Section 26 of Gram Nyayalaya Act:-जिला न्यायलय कोषांग द्वारा स्वीकृत सुलहकर्ताओं की सूची में से किसी सुलहकर्ता को ग्राम न्यायालय सुनवाई  के समय बुला सकते हैं. उन सुलहकर्ताओं की सूची जिला मजिस्ट्रेट द्वारा तैयार की जाती है. ये लोग ग्राम स्तर के होते हैं और इनकी योग्यता और अनुभव का निर्धारण उच्च न्यायालय द्वारा किया जाता है.  The District Court shall, in consultation with the District Magistrate, prepare a panel consisting the names of social workers at the village level having integrity for appointment as Conciliators who possess such qualifications and experience as may be prescribed by the High Court.

My personal comment after seeing the answerkey of CSAT Paper1 (Polity):–>> 4 out 5 सवाल M. Laxmikanth से थे. मैंने आपको इस बुक को पहले से ही recommend किया है. यह किताब Polity के questions को संभालने के लिए पर्याप्त है. वैसे इस साल Polity के सवालों में अच्छी-खासी कमी आई जो चौंकाने वाली थी. सांवैधानिक संस्था, संविधान की मौलिक संरचना से कोई सवाल नहीं पूछे गए. पर फिर भी अगले साल 5 से अधिक सवाल (questions) भी आ सकते हैं इसलिए Polity को lightly मत लें. नए परीक्षार्थी आँख मूँद कर M.Laxmikanth की किताब को खरीद लें.

Check other Answerkeys

9 Responses to "[Answerkey] CSAT 2016 GS Paper 1: Polity Questions Solved"

  1. Rupa Ganguli   August 10, 2016 at 7:31 pm

    Thanks sir for providing polity answerkey in detail. Plz upload all other subjects answerkeys also jst like d way u did abhi

    Reply
  2. Prabhat Singh   August 10, 2016 at 7:35 pm

    Sadar Parnam! kripa aise hi daya drishti hum students par banaye rakhe

    Reply
  3. Gaurav Patnayak   August 10, 2016 at 9:14 pm

    Sir thank you for such a wonderful explanation of polity csat answerkey. when u will release other keys!! m waiting eagerly

    Reply
  4. Ishwar Jha   August 11, 2016 at 2:32 pm

    Mera polity bahut kamjor hai sir koi accha book
    recommend kijiye pls

    Reply
  5. pp   August 12, 2016 at 11:21 am

    https://gad.gujarat.gov.in/personnel/Portal/News/213_1_1_img-730121623.pdf

    I think this notification for the appointment of Chief Secretary of Gujarat shall clear the air. The Chief Secretary is indeed appointed by the State Governor.

    Reply
    • Sansar Lochan   August 12, 2016 at 7:44 pm

      The sheer mention of the Governor in the notification does not mean that the consent of the Governor has been obtained for the concerned order of appointment. In fact it is a well-known practice to mention “by the order of the governor” on all important notifications because technically Govt is run on behalf of the Governor.

      Reply
  6. Pawan Srinil   August 13, 2016 at 2:23 pm

    According to ur answerkey i m scoring only 95. m SC sir.

    Reply
  7. Anurag   September 11, 2016 at 12:00 pm

    sir M laxmikant book is available in Hindi .

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published.