Tribo E मास्क – ट्राइबोइलेक्ट्रिक प्रभाव पर काम करने वाला कोरोना मास्क

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Tribo-E masks and triboelectricity

बेंगलुरु में स्थित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान नैनो एवं मृदु पदार्थ विज्ञान केंद्र (Centre for Nano and Soft Matter Sciences – CeNS) के शोधकर्ताओं ने TriboE नामक मास्क बनाने की एक पद्धति निकाली है.

ऐसे कोरोना मास्क में संक्रमण को रोकने के लिए विद्युत आवेश होते हैं. परन्तु इसके लिए किसी बाहरी ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती.

TriboE_mask

TriboE मास्क कैसे काम करता है?

TriboE मास्क इलेक्ट्रोस्टैटिक्स पर चलता है. जब इसकी दो कुचालक परतें (non-conducting layers) एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं तो इनमें तुरंत धनात्मक एवं ऋणात्मक आवेश उत्पन्न हो जाते हैं जो कुछ समय तक चलते रहते हैं. इससे जो विद्युत क्षेत्र बनता है, यह कीटाणुओं को न केवल निष्क्रिय बना सकता है, अपितु उनका नाश भी कर सकता है.

इस मास्क की मुख्य विशेषताएँ

  1. इसमें तीन परतें होती हैं. दो परतें पोलीप्रोपलीन की होती हैं और उनके बीच नायलोन के कपड़े की एक परत होती है. पोलीप्रोपलीन की परतें ग्रोसरी थैलों से बनती हैं.
  2. यदि नायलोन का कपड़ा नहीं मिले तो किसी पुरानी साड़ी अथवा शाल को काटकर रेशमी कपड़ा भी प्रयोग में लाया जा सकता है.
  3. जब ये परतें एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं तो दोनों बाहरी परतों में ऋणात्मक आवेश तथा नायलोन में धनात्मक आवेश उत्पन्न हो जाता है.
  4. संक्रमण करने वाले विषाणु को यह मास्क अपनी दोहरी विद्युत दीवार के बल पर रोक देता है.
  5. साधारणतः उपलब्ध कपड़ों से बने होने के कारण यह मास्क अन्य कपड़ों के समान धोया जा सकता है और फिर से प्रयोग में लाया जा सकता है.

ट्राइबोइलेक्ट्रिक प्रभाव (Triboelectric Effect) क्या होता है?

ट्राइबोइलेक्ट्रिक प्रभाव अर्थात् ट्राइबोइलेक्ट्रिक आवेश एक प्रकार का सम्पर्कजन्य विद्युतीकरण है जिसमें दूसरे पदार्थ के द्वारा अलग कर दिए जाने पर कुछ पदार्थ विद्युत से आवेशित हो जाते हैं. इन दो पदार्थों को तीसरे पदार्थ से रगड़ने पर इनकी सतहों के बीच सम्पर्क बढ़ जाता है और फलतः ट्रायबो इलेक्ट्रिक प्रभाव उत्पन्न होता है.

उदाहरण

इसका एक अत्यंत प्रसिद्ध उदाहरण तब देखने को मिलता है जब हम एक प्लास्टिक कलम को अपने आस्तीन पर रगड़ते हैं. यह आस्तीन कपड़े, ऊन, पोलियेस्टर या आजकल कपड़ों के लिए प्रयुक्त होने वाले मिश्रित कपड़े का हो सकता है. रगड़े जाने पर कलम में विद्युत का आवेश आ जाता है और इससे एक वर्ग सेंटीमीटर से कम के आकार के कागज़ के टुकड़े उठाये जा सकते हैं. यही नहीं यदि इसी प्रकार की एक और आवेशित कलम इस कलम के पास लाया जाए तो दोनों एक दूसरे को विपरीत दिशा में धकेलने लगते हैं.

Tags : TriboE masks Features, how they work and what is triboelectricity? Need for and significance of such masks in Hindi.

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