NPA क्या होता है? Non-Performing Asset in Hindi

Sansar LochanBanking, Economics Notes26 Comments

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सरल शब्दों में कहें तो जब बैंक किसी व्यक्ति को लोन देती है तो कभी-कभी ऐसा होता है कि लोन लेना वाला इंसान बैंक को regular payment नहीं कर पाता है. फिर बैंक उसे एक नोटिस भेजती है कि भाई तुम अपना देख लो, नहीं तो तुम्हारे खिलाफ लीगल एक्शन लिया जायेगा…फिर भी वह आदमी payment नहीं करता है या कर पाता है. अब उसके खिलाफ बैंक ने क्या एक्शन लिया वो बैंक ही जाने…पर हम NPA की बात करने वाले हैं, इसलिए NPA की ही बात करेंगे. जब वह आदमी बैंक को पैसे/interest चुकाने में नाकामयाब हो जाता है तो बैंक उस लोन को Non-Performing Asset (NPA) (=Bad Loan) करार देती है. आपको जानकार आश्चर्य होगा कि भारत में अभी के date में 1 लाख करोड़ से भी ज्यादा NPA है.

Debt Recovery tribunals क्या है?

  1. 90s के पहले बैंक को bad loans को recover करने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.
  2. क्योंकि ज्यादातर लोन लेने वाले बैंकों की कुछ प्रतिक्रिया आये, उससे पहले से ही उल्टा बैंकों पर case ठोक देते थे कि मेरे साथ नाइंसाफी हुई, गलत info बताकर लोन दिया गया आदि-आदि …और ये cases सिविल कोर्ट में चलते रहते थे…तारीख पे तारीख…तारीख पे तारीख….
  3. इसलिए 1993 में सरकार ने NPA matters को deal करने के लिए Debt Recovery Tribunals की स्थापना किया.
  4. अब borrowers सिविल कोर्ट में अपील नहीं कर सकते हैं. उनके cases Debt Recovery Tribunals (DRT) में ही चलते हैं.
  5. भले ही इससे बैंकों को इससे सुविधा हुई हो पर DRT में अभी 75 हज़ार से अधिक cases pending पड़े हैं.
  6. 2002 में गवर्नमेंट ने एक एक्ट लाया था जिसका नाम था – SARFAESI Act

SARFAESI Act क्या है?

SARFAESI का full form है  –

  • Securitisation
  • and Reconstruction
  • of Financial Assets
  • and Enforcement of Security Interest Act, 2002

मानिए, गजोधर भैया ने 100 करोड़ की एक फैक्ट्री खोली. उसने इतने सारे पैसे निम्नलिखित sources से लाया –

1. Equity (IPO >Shares) <<इनके बारे में यहाँ पढ़ें)

  • खुद का पैसा = 20 crore
  • IPO/Public से= 30 crore

2. Debt (loans, bonds)

  • Business loan from Bank = 40 crore
  • Bonds = 10 crore

Total = 100 crore.

शुरुआत में गजोधर भैया की कंपनी अच्छे से चली. मगर गजोधर ने जहाँ से MBA किया था, वहाँ के सारे classes, books वह भूल गया और उसकी कंपनी डूबने लगी और loss होने लगा. अब वह बैंक की EMI भरने में असमर्थ होने लगा. बैंक ने उसको नोटिस भेजा. फिर भी गोजधर EMI भरने में असमर्थ था. SBI ने 40 crore रुपये को NPA (Non-Performing Asset) घोषित कर दिया. जब एक बार loan NPA घोषित कर दिया जाता है तो बैंक SARFAESI Act के अंतर्गत लोन recover करने के लिए action ले सकती है.

Bank के पास SARFAESI Act के चलते निम्नलिखित powers हैं –

  1. गजोधर के assets (commercial, residential, fixed or moving) को बैंक बिना कोर्ट के आर्डर के बिना जब्त कर सकती है.
  2. उसके assets को Auction/Sale कर सकती है.
  3. यदि गजोधर ने किसी तीसरे को अपना asset पहले से ही बेच दिया है तो बैंक तीसरे इंसान से भी सारे assets ले सकती है.
  4. यदि तीसरे खरीददार के पास गोजोधर के पैसे हैं तो banks उसे भी ले सकती है.

* SARFAESI के अंतर्गत 10 लाख तक के लोन का मामला ही आ सकता है.

* SARFAESI केवल उन परिसंपत्तियों पर ही लागू होता है जो ऋण प्राप्त करने के लिए “गिरवी / सुरक्षित” हों.

यदि गजोधर भैया ने बैंक से business loan लिया है तो बैंक उसे अपने कारखाने / मशीनी / वाहनों / भूमि आदि को बंधक (mortgage) के रूप में रखने के लिए कहता है. इसलिए बैंक SARFAESI के नाम पर गजोधर के निजी घर-फर्नीचर, महँगी कलाई-घड़ी या उनके बेटे की साइकिल नहीं ले सकता है. Agricultural land को भी SARFAESI act में शामिल नहीं किया गया है.

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26 Comments on “NPA क्या होता है? Non-Performing Asset in Hindi”

  1. सरल और सहज तरीके से आपने npa की जानकारी दी धन्यवाद

  2. You have explained the concept of NPA (non-performing Assets), its resolution, the DRT (Debt Recovery Tribunals) and the Sarfaesi Act, very decently in running hindi (day to day) knowledge. It is going to help immensly to the students preparing for Banking Exams / interviews as well to the businessmen whose accounts have been declared NPA by the Banks.

    It has been observed that Banks are grossly violating the provisions of Sarfaesi Act and in many a cases the NPA is the outcome of wrongs committed by the Banks. But the sufferor are the companies and their employees/

    We at https://npadoctor.com serve the nation by saving the sick industry by resolving their NPA Accounts and safeguarding their legitimate interests under the Sarfaesi Act.

    Shakti Kumar Jain
    Banking, NPA Resolution & Sarfaesi Act Consultant
    NPA Doctor, Chandigarh

  3. I just started study about bank as i m preparing for IBPS.. I dont know even the “B” of bank…but i went through this site and understood everything..!! Thanks for providing this TOPIC in general language because to my mind banking language is so tough to understand..from today i will follow your page..THANKYOU 😇

  4. his video provides a good deal of information on Banking NPAs. But there is an amazing service that helps the NPA Borrowers and guarantors to resolve their NPA and legally contest the Bank’s high-handedness. This is- https://npadoctor.com

  5. बहुत सही और सरल भाषा मे लिखा है । धन्यवाद

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