बंदियों को मताधिकार देने की मांग – Voting Rights of Prisoners

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Voting Rights of Prisoners in News

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले दिनों एक याचिका निरस्त कर दी जिसमें बंदियों को मताधिकार देने की माँग की गई थी.

न्यायालय की टिप्पणियाँ

  • मताधिकार कोई मौलिक अधिकार अथवा एक साधारण कानूनी अधिकार नहीं है और इसका प्रावधान विधान (statute) के द्वारा ही किया जाता है.
  • इससे सम्बंधित विधान है – जनप्रतिनिधित्व अधिनियम. इस अधिनियम पर भी कानून द्वारा निर्देशित प्रतिबंध लागू होते हैं. ज्ञातव्य है कि यह बंदियों को कारावास से मत डालने की अनुमति नहीं देता.

कौन मत दे सकता है और कौन नहीं?

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुभाग 62(5) स्पष्टतः कहता है कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस संरक्षा में है या न्यायालय से सजा पाकर कारावास भुगत रहा है तो वह मत नहीं डाल सकता है. विचाराधीन बंदी को भी ऐसा करने का अधिकार नहीं है चाहे उसका नाम चुनाव पंजी में हो भी तो. केवल वही व्यक्ति डाक से मतदान कर सकता है जिसे किसी कारण निवारक कारण (preventive detention) से बंदी बनाया गया हो.

विचाराधीन अभियुक्तों को मताधिकार देने के लिए याचिका में दिया गया तर्क

  1. बंदियों पर लगाया गया वर्तमान प्रतिबंध यह नहीं देखता कि सम्बंधित बंदी का अपराध कितना बड़ा है या उसे दिया गया कारावास कितना लम्बा है. साथ ही इसमें सभी बंदियों को शामिल कर लिया गया है चाहे वह दण्डित बंदी हो, उस पर मुकदमा अभी चल ही रहा हो और जो पुलिस की संरक्षा में हो. तात्पर्य यह है कि सभी बंदियों को एक ही लाठी हाँक दिया जाता है.
  2. जब तक कानून किसी का दोष सिद्ध नहीं कर देता तब तक वह निरपराध ही माना जाना चाहिए. फिर भी एक ओर जहाँ उस व्यक्ति को मताधिकार नहीं दिया जाता है जिसपर मुकदमा चल रहा है, वहीं दूसरी ओर निवारक कारणों से बंदी बनाए गये व्यक्ति को मत देना का अधिकार है.
  3. इस प्रकार यहाँ पर संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत दिए गये समानता के अधिकार का हनन हो रहा है. यह प्रतिबंध निरंकुश है न कि तार्किक.

विश्व में बंदियों के मताधिकार से सम्बंधित कानून क्या हैं?

  • यूरोप महादेश के अन्दर कुछ देशों में बंदियों को मत देने का अधिकार है, जैसे – स्विट्जरलैंड, फिनलैंड, नॉर्वे, डेनमार्क, आयरलैंड, बाल्टिक राज्य और स्पेन.
  • यूरोप के कुछ अन्य देशों में मध्यम मार्ग अपनाते हुए बंदी के कारावास दंड की मात्रा आदि को ध्यान में रखकर बंदियों को सशर्त मतदाधिकार दिया जाता है, जैसे – रोमानिया, आइसलैंड, नीदरलैंड, स्लोवाकिया, लक्जमबर्ग, साइप्रस और जर्मनी.
  • इन देशों में गंभीर अपराध के लिए दिए गये दंड में मतदान का अधिकार निरस्त करने का भी आदेश दिया जाता है. बल्गेरिया में दस वर्ष से कम की सजा पाने वाले व्यक्ति को मत डालने दिया जाता है. ऑस्ट्रेलिया में पाँच वर्ष से कम की सजा वालों को मताधिकार मिला हुआ है.

Tags : Who can and who cannot cast their votes? Should undertrials and convicts be allowed to vote- arguments ‘For’ and ‘Against’. Voting Rights of Prisoners.

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