यूरोपियन यूनियन (European Union) का विकास और उसके अंग

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परिचय यूरोपियन यूनियन यूरोपीय देशों का राजनैतिक व आर्थिक संगठन है. इसका विकास विभिन्न स्तरों पर हुआ है अर्थात यूरोपियन यूनियन की स्थापना किसी एक समझौते या संधि द्वारा नहीं बल्कि विभिन्न संधिओं तथा उनमे संशोधन के बाद हुई है. इसके विकास में  “पेरिस की संधि (1951)”,”रोम की संधि (1957)”,”मास्त्रिच की संधि (1993)” तथा “लिस्बन की संधि (2009)” का महत्वपूर्ण … Read More

औद्योगिक क्रांति – Industrial Revolution in Hindi

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औद्योगिक क्रांति

“क्रांति” शब्द से साधारणतया आकस्मिक उथल-पुथल का बोध होता है. लेकिन औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) के साथ हम वैसी बात नहीं पाते हैं. साधारणतः लोहे, काँसे और दूसरी-दूसरी चीजों के उत्पादन के ढंग में आमूल परिवर्तन को “औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution)” की संज्ञा दी जाती है. दस्तकारी के स्थान पर वैज्ञानिक अनुसंधानों के परिणामस्वरूप कारखानों का जन्म हुआ, उत्पादन में … Read More

इंग्लैंड की गौरवपूर्ण क्रांति -Glorious Revolution 1688 in Hindi

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जेम्स द्वितीय 1685 ई. में इंग्लैंड का राजा बना. उसे बहुत सुरक्षित सिंहासन प्राप्त हुआ था. परिस्थिति राजतंत्र के पक्ष में थी. विरोधी दल कुचला जा चूका था. राज्य के प्रति निर्विरोध आज्ञाकारिता का सिद्धांत स्वीकृत हो चूका था. संसद के अधिकांश सदस्य राजा के दैवी अधिकार सिद्धांत के समर्थक थे. जेम्स द्वितीय ने स्वयं ही परिस्थिति को विपरीत बना … Read More

बोस्टन की चाय-पार्टी की घटना क्या थी?

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ब्रिटिश संसद ने चाय के व्यापार के सम्बन्ध में नया कानून बनाया था. इस कानून के अनुसार ईस्ट इंडिया कंपनी को अमेरिका में चाय भेजने की अनुमति दी गई थी. चाय के व्यापार को बढ़ाने के लिए मूल्य में कमी की गई थी. फलस्वरूप अमेरिकनों को सस्ती चाय मिल जाती थी और ईस्ट इंडिया कंपनी को भी आर्थिक लाभ हो … Read More

जर्मनी का एकीकरण – Unification of Germany in Hindi

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19वीं सदी के पूर्वार्द्ध में जर्मनी भी इटली की तरह एक “भौगोलिक अभिव्यक्ति” मात्र था. जर्मनी अनेक छोटे-छोटे राज्यों में विभाजित था. इन राज्यों में एकता का अभाव था. ऑस्ट्रिया जर्मनी के एकीकरण (Unification of Germany) का विरोधी था. आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से जर्मनी पिछड़ा और विभाजित देश था. फिर भी जर्मनी के देशभक्त जर्मनी के एकीकरण (Unification of … Read More

यूरोप का पुनर्जागरण – Renaissance in Europe

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पुनर्जागरण (Renaissance in Europe) का शाब्दिक अर्थ होता है, “फिर से जागना”. चौदहवीं और सोलहवीं शताब्दी के बीच यूरोप में जो सांस्कृतिक प्रगति हुई उसे ही “पुनर्जागरण” कहा जाता है. इसके फलस्वरूप जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नवीन चेतना आई. यह आन्दोलन केवल पुराने ज्ञान के उद्धार तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इस युग में कला, साहित्य और विज्ञान … Read More

अमेरिका का स्वतंत्रता-संग्राम – American Revolution

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आपको पता ही होगा कि क्रिस्टोफ़र कोलम्बस ने अमेरिका का पता लगाया था. अमेरिका का पता लगने के बाद यूरोप के बड़े-बड़े धनवान लोगों ने अमेरिका को बाँटना शुरू कर दिया. स्पेन, पुर्तगाल, हॉलैंड, फ्रांस औरइंग्लैंड ने वहाँ अपनी बस्तियाँ बसायीं. अमेरिका में अंग्रेजों के 13 उपनिवेश (Colonies) थे. उपनिवेशों में रहनेवाले अंग्रेज स्वतंत्रता-प्रेमी थे. वे अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के … Read More

इटली का एकीकरण – Unification of Italy in Hindi

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एकीकरण के पूर्व इटली एक “भौगोलिक अभिव्यक्ति” मात्र था. वह अनेक छोटे-छोटे राज्यों में विभाजित था. राज्यों में मतभेद था और सभी अपने स्वार्थ में लिप्त थे. एकीकरण (Unification) के मार्ग में अनेक बाधाएँ थीं. लेकिन इटली (Italy) के कुछ प्रगतिवादी लोगों ने एकता की दिशा में कदम उठाया. इटली के एकीकरण (Unification of Italy) में आर्थिक तत्त्वों की भूमिका … Read More

[विश्व इतिहास] फ्रांस की क्रांति – 1789 French Revolution

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फ्रांस की क्रांति (French Revolution): भूमिका 18वीं शताब्दी के 70-80 के दशकों में विभिन्न कारणों से राजा और तत्कालीन राजव्यवस्था के प्रति फ्रांस के नागरिकों में विद्रोह की भावना पनप रही थी. यह विरोध धीरे-धीरे तीव्र होता चला गया. अंततोगत्वा 1789 में राजा लुई 16वाँ (Louis XVI) को एक सभा बुलानी पड़ी. इस सभा का नाम General State था. यह सभा … Read More

प्रथम विश्वयुद्ध – First World War [1914-18]

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प्रथम विश्वयुद्ध की भूमिका (Background of First World War) 1914-18 ई. का प्रथम विश्वयुद्ध (First World War) साम्राज्यवादी राष्ट्रों की पारस्परिक प्रतिस्पर्द्धा का परिणाम था. प्रथम विश्वयुद्ध का सबसे महत्त्वपूर्ण कारण गुप्त संधि प्रणाली थी. यूरोप में गुप्त संधि की प्रथा जर्मन चांसलर बिस्मार्क ने शुरू की थी. इसने यूरोप  को दो विरोधी गुटों में विभाजित कर दिया. दो गुटों … Read More