[Prelims Part 1] प्राचीन भारतीय इतिहास के स्मरणीय तथ्य

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आपके साथ आज प्राचीन भारतीय इतिहास के स्मरणीय तथ्य share करने जा रहा हूँ जो आपके आगामी Civil Services Prelims परीक्षा में काम आयेंगे. Ancient History Valuable Facts प्राचीन भारत का इतिहास जानने के लिए “पुराण” एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है. इसका अर्थ है प्राचीन. इसकी संख्या 18 है. इससे प्राचीन राजवंशों और भारत के भूगोल की जानकारी मिलती है. पुराण … Read More

पल्लव कौन थे? पल्लव वंश के शासक और उनकी उपलब्धियाँ

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पल्लव कौन थे? प्रायः इसके बारे में कहा जाता है कि ये लोग स्थानीय कबीलाई थे. पल्लव का अर्थ होता है “लता” और यह तमिल शब्द “टोंडाई” का रूपांतरण है जिसका अर्थ भी लता होता है. इसलिए इन्हें मूलतः लताओं के प्रदेश का निवासी कहा जाता है. कुछ इतिहासकार उन्हें विदेशी-पहलव मानते हैं. इस मत का समर्थन करते हुए वे … Read More

अशोक के शासनकाल का घटनाक्रम – Timeline of Ashoka’s Regime

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इस पोस्ट के जरिये अशोक के राज्यारोहण से लेकर उसके शासनकाल के वर्षों के घटनाओं का उल्लेख करने का प्रयास किया गया है. साथ में अशोक के शिलालेखों का सन्दर्भ भी दिया गया है. Timeline of Ashoka’s Regime अशोक का राज्यारोहण पिता बिंदुसार के निधन के उपरान्त मगध के सिंहासन पर 268 ई.पू. में हुआ. अशोक के शासन के 8वें … Read More

सिन्धु घाटी सभ्यता और वैदिक सभ्यता के मध्य अंतर

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आज हम सिन्धु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) और वैदिक संस्कृति (Vedic period culture) के मध्य अंतर स्थापित करने की  कोशिश करेंगे. सिन्धु सभ्यता और ऋग्वैदिक सभ्यता के मध्य अंतर  ऋग्वैदिक सभ्यता ग्रामीण संस्कृति लगती है जबकि सिन्धु सभ्यता के लोग सुनियोजित नागरिक जीवन से भलीभाँति परिचित थे. आर्य धातुओं में सोने और चाँदी से परिचित थे और यजुर्वेद में … Read More

जैन तीर्थंकरों के बारे में कुछ तथ्य – Jainism

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नीचे 24 जैन तीर्थंकरों के विषय में details दिए गए हैं. अक्सर परीक्षाओं में जैन धर्म से जुड़े सवाल आते रहते हैं. कभी जैन मत, जैन साहित्य, जैन धर्म के इतिहास आदि के बारे में पूछ लिया जाता है तो कभी जैन तीर्थंकरों के जीवन, उपदेश आदि से सम्बंधित सवाल आ जाते हैं. इसलिए मैंने यह Jain Tirthankara की लिस्ट … Read More

अशोक के विषय में स्मरणीय तथ्य : Important Facts about Ashoka

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आज हम अशोक के विषय में महत्त्वपूर्ण तथ्यों को आपके सामने रखने वाले हैं जो प्वाइंट वाइज लिखे गए हैं. ये फैक्ट्स आपके विभिन्न परीक्षाओं में बहुत काम आयेंगे. राजा अशोक के बारे में जानकारियां prelims परीक्षा को ध्यान में रखकर आपके साथ साझा की जा रही हैं. अशोक के विषय में Important Facts अशोक का सर्वाधिक पसंदीदा पंक्षी मयूर था. अशोक … Read More

प्रमुख भारतीय बंदरगाह : Important Ports in Indian History

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अति प्राचीन काल में ही मनुष्य ने नाव बनाना सीख लिया था और इसका प्रयोग कर समुद्री यात्रा करना आरम्भ कर दिया था. इसकी यात्राओं का उद्देश्य मुख्यतः व्यापार ही होता था.  ये नावें जिन तटों से निकलती थीं उन तटों की आकृति ऐसी थी कि उन्हें आसानी से स्थिर जल में लगाया जा सके. ऐसे स्थानों को बंदरगाह कहा जाता था. सिन्धु … Read More

पुराण – 18 Purana का संक्षिप्त विवरण in Hindi

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प्राचीन संस्कृत-साहित्य में पुराण-साहित्य बहुत विशाल और गौरवमय है. वेदों के बाद पुराणों की ही मान्यता है. पुराणों को एक प्रकार से भारतीय सभ्यता, संस्कृति, राजनीति, भूगोल, इतिहास आदि का विश्वकोष कहा जा सकता है. चलिए जानते हैं पुराणों के बारे में. पुराणों के कितने भाग थे और उनकी संख्या कितनी थी. purana के 18 भागों की संक्षिप्त चर्चा भी … Read More

प्राचीन भारत के ग्रन्थ और उनके लेखक (Ancient Indian Writers)

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आज हम आपके सामने प्राचीन भारत (Ancient India) में रचित संस्कृत, पाली, प्राकृत व अन्य भाषाओं के ग्रन्थ और उनके लेखकों (writers) के नाम बताने वाले हैं. अक्सर परीक्षा में MCQ के रूप में या match the following के रूप में books और writers (written by) से सम्बंधित सवाल आते हैं. यह लिस्ट मैंने सोच-समझकर तैयार की है, फिर भी … Read More

मौर्यकालीन अधिकारी और उनके कार्य – Mauryan Officers

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मौर्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था (Mauryan Administrative System) की जानकारी हमें मुख्य रूप से कौटिल्य के अर्थशास्त्र और आंशिक रूप से अशोक के शासनादेशों (शिलालेख, स्तम्भ लेख आदि) से मिलती है. यूनानी विवरणों में भी कुछ मौर्यकालीन अधिकारीयों (mauryan officers) के नाम आते हैं. अर्थशास्त्र में मौर्य शासन की विस्तृत जानकारी दी गई है. इससे पता चलता है कि उस समय शासन की एक सुदृढ़ व्यवस्था थी जिसके बल … Read More