एथीना (ATHENA) और लीजा (LISA) यूरोपीय अन्तरिक्ष एजेंसी के दो अभियान

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Athena and LISA missions

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संदर्भ

एथीना (Athena) और लीजा (Lisa) नामक यूरोपीय अन्तरिक्ष एजेंसी (ESA) के दो आगामी अभियानों की पर्यवेक्षण शक्ति को एकत्र करने का एक प्रस्ताव अनुसंधानकर्ताओं द्वारा दिया गया है. इसका उद्देश्य दो विशाल आयतन वाले कृष्ण विवरों (black holes) के टकराव से उतपन्न प्रभावों का अध्ययन करना है. विदित हो कि ये दोनों अभियान 2030 के दशक के पहले भाग में प्रक्षेपित होने हैं.

पृष्ठभूमि

विशाल आयतन वाले कृष्ण विवरों का आयतन सूर्य की तुलना में करोड़ों गुना अधिक होता है. ये कृष्ण विवर ब्रह्मांड में अधिकांश बड़े आयतन वाली आकाशगंगाओं के मूल में स्थित होते हैं. हमें यह ठीक से पता नहीं कि ये विशाल और अतिशय घने पिंड कैसे बने. हमें यह भी जानकारी नहीं कि ऐसा क्या होता है कि ये विवर आस-पास के पदार्थों को बहुत ही तीव्र गति से निगलने लगते हैं. इस क्रम में ये विवर विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में प्रचुर मात्रा में विकिरण छोड़ने लगते हैं तथा जिन आकाशगंगाओं में ये स्थित होते हैं उनको वे सक्रिय आकाशगंगा नाभिक (active galactic nuclei) में बदल डालते हैं.

Athena क्या है?

  • इसका पूरा नाम है – Advanced Telescope for High-ENergy Astrophysics.
  • एथीना अब तक की बनी सबसे बड़ी X-Ray वेधशाला होगी जो अभूतपूर्व सटीकता और गहराई के साथ ब्रह्मांड के कुछ सबसे गर्म और ऊर्जायुक्त घटनाक्रम की पड़ताल करेगी.
  • इसके माध्यम से इन दो मूलभूत प्रश्नों का उत्तर खोजा जाएगा – i) आकाशगंगाओं के केंद्र में विशाल आयतन वाले कृष्ण विवर कैसे बनते हैं और कैसे विकसित होते हैं, तथा ii) अदृश्य काले पदार्थ के साथ मिलकर साधारण पदार्थ किस प्रकार पूरे ब्रह्मांड में फैले हुए कॉस्मिक वेव का निर्माण करते हैं.
  • उद्देश्य : एथीना अपेक्षाकृत नजदीक से लाखों कृष्ण विवरों को नापेगी. इसके लिए वह उन विवरों के आस-पास स्थित 10 लाख डिग्री सेल्सियस गर्म पदार्थ से निकलने वाले X-Ray उत्सर्जन का अध्ययन करेगा.

LISA क्या है?

  • इसका पूरा नाम है – Laser Interferometer Space Antenna है.
  • LISA ऐसी पहली अन्तरिक्ष में स्थित वेधशाला होगी जो अन्तरिक्ष समय (space time) में होने वाले उतार-चढ़ाव अर्थात् गुरुत्वजनित तरंगों का अध्ययन करेगी. विदित हो कि ये तरंगें अत्यंत प्रबल गुरुत्व क्षेत्रों से युक्त ब्रह्मांडीय पिंडों की गति में वृद्धि के कारण उत्पन्न होती हैं, जैसे – दो कृष्ण विवरों के आपास में मिल जाने से.
  • LISA कम फ्रीक्वेंसी वाली गुरुत्वजनित तरंगों का पता लगाएगी. ऐसी तरंगें तब उत्पन्न होती हैं जब आकाशगंगाओं के विलय के समय दो विशाल आयतन वाले कृष्ण विवर आपस में टकराते हैं.
  • LISA में यह क्षमता है कि वह कृष्ण विवरों द्वारा उत्सर्जित गुरुत्वजनित तरंगों का पता उनके टकराने के एक महिना पहले ही लगा लेगी. उस समय दो कृष्ण विवरों के बीच में जो दूरी होगी, वह उनकी त्रिज्या की लम्बाई से कई गुना अधिक होगी.

Tags : Athena and LISA- objectives, features and significance.

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