Apps and Web-portals launched by Indian Govt in 2018

Richa KishoreScience Tech1 Comment

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हमने कोशिश किया है कि 2019 UPSC परीक्षा के लिए वर्ष 2018 में भारत सरकार द्वारा launch किये गये महत्त्वपूर्ण apps और web-portals को इकठ्ठा कर आपके सामने परोसें. वर्ष 2018 इसी महीने ख़त्म होने जा रहा है इसलिए हम चाहते हैं कि करंट अफेयर्स का ऐसा कोई टॉपिक आप मिस मत कर दो जो आगामी परीक्षा में पूछा जा सकता है. Govt apps और web-portals / websites से सम्बन्धित कई प्रश्न UPSC prelims परीक्षा में पूछ लिए जाते हैं. तो चलिए जानते हैं कुछ ऐसे ही govt apps और webportals के बारे में जो काफी important हैं.

Apps launched by Indian Govt in 2018

आपूर्ति ऐप

  • भारतीय रेलवे द्वारा भारतीय रेलवे ई-खरीद प्रणाली (IREPS) सम्बन्धी “आपूर्ति” नामक एक नया मोबाइल ऐप लांच किया गया है.
  • यह ई-खरीद प्रणाली अर्थात् “IREPS” के तहत भारतीय रेलवे की आपूर्ति शृंखला नेटवर्क के डिजिटलीकरण का एक हिस्सा है.
  • यह ऐप भारतीय रेलवे की ई-निविदा और ई-नीलामी गतिविधियों से सम्बंधित आँकड़े और सूचनाएँ प्रदान करेगी.
  • यह भारतीय रेलवे में Ease of Doing Business, पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देने में सहायता करेगी.

खान प्रहरी ऐप

  • यह अवैध कोयला खनन जैसे – रैट होल माइनिंग, कोयले की चोरी आदि से सम्बंधित किसी भी गतिविधि की रिपोर्टिंग हेतु एक साधन है.
  • कोई भी व्यक्ति इन घटनाओं से सम्बन्धित जिओ-टैग तस्वीरों को टेक्स्ट सूचना के साथ सीधे सिस्टम पर अपलोड कर सकता है.
  • शिकायतकर्ता की पहचान प्रकट नहीं की जायेगी.

प्राप्ति ऐप

  • यह बिजली उत्पादकों को विभिन्न दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों (PPAs) के लिए चालन और भुगतान डाटा (Invoicing and payment data) का संकलन करेगा.
  • यह ऐप उभोक्ताओं को उनकी बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के वित्तीय निष्पादन का मूल्यांकन (बिजली उत्पादक कम्पनी को किये गये भुगतान के सन्दर्भ में) करने में सक्षम बनाएगा.
  • यह बकाया भुगतानों का निस्तारण करवाने, पारदर्शिता बढ़ाने और बिजली खरीद लेन-देन में सर्वोत्तम प्रणालियों को प्रोत्साहित करने में DISCOMs और GENCOs (उत्पादक कंपनियों) की सहायता भी करेगा.
  • यह विभिन्न बिजली उत्पादक कंपनियों को भुगतान की सुगमता के आधार पर विभिन्न राज्य बिजली वितरण कंपनियों का तुलनात्मक मूल्यांकन करने की सुविधा प्रदान करेगा.

सोल्यूशन ऐप

  • हाल ही में सरकार द्वारा UPaAI (Unified Planning and Analysis Interface) अथवा सोल्यूशन नामक ऐप का अनावरण किया गया है.
  • यह सांसदों की उनके राज्यों में हो रहे विकास कार्यों पर निगरानी रखने में सहायता करेगी.
  • यह ऐप प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अवसरंचना एवं सामाजिक संकेतकों से सम्बन्धित आँकड़ों का एक समेकित प्लेटफार्म प्रदान करेगी.
  • यह सांसद को उसके निर्वाचन क्षेत्र से सम्बंधित जिलेवार सूचनाएँ प्रदान करेगी तथा MPLAD निधियों व किसी अन्य केन्द्रीय योजना से सम्बन्धित बेहतर निर्णय लेने में उनकी सहायता करेगी.
  • इसकी निगरानी प्रधानमन्त्री कार्यालय द्वारा की जायेगी और यह डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप है.

ऐश ट्रैक ऐप

  • ऐश ट्रैक ऐप किसी निर्धारित स्थान से 100 km. से 300 km. के दायरे के भीतर स्थित कोयला आधारित बिजली संयंत्रों, फ्लाई ऐश की उपलब्धता तथा साथ ही उसी परिधि में भावी प्रयोक्ताओं का पता लगाकर 200 मिलियन टन फ्लाई ऐश का प्रबन्धन करेगा.
  • यह ऐप देश में संयंत्र, प्रतिष्ठान और राज्यवार उपयोग का स्तर प्रदर्शित करता है.
  • तापीय संयत्रों के लिए फ्लाई ऐश उत्पादन, उपयोग एवं स्टॉक का ब्यौरा वेब पोर्टल व ऐप पर अपडेट करना आवश्यक होगा.

कॉफ़ी कनेक्ट

कॉफी हितधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए कॉफी बोर्ड ने आज डिजिटल पहल करते हुए कॉफी कनेक्ट ऐप लॉन्च किया है. इस एेप की मदद से कॉफी हितधारकों को लाभ पहुंचेगा और पहले की तुलना में मार्केटिंग और आसान होगी. ऐप की लॉन्चिंग के अवसर पर बोर्ड के सीईओ ने कहा है कि शुरुआत के तौर पर उन्होंने यह प्रयोग किया है. आगे चलकर इसको और विस्तार दिया जाएगा. कॉफी कनेक्ट ऐप की लॉन्चिंग केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने की.

NeVA

NeVA एक डिजिटल app है जो डिजिटल मंच पर विधान सभाओं में दिन-प्रतिदिन होने वाले कार्यों के सम्बन्ध में विधानसभा सदस्यों को सूचना मुहैया कराती है. इसमें प्रत्येक विधानसभा सदस्य के लिए एक सुरक्षित पेज होता है जिसके माध्यम से वह प्रश्न अथवा अन्य सूचनाएँ प्रतिवेदित कर सकता है.

Web-portals launched by Indian Govt in 2018

GeM 3.0

  • सरकार की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता लाने सरकार ने GeM पोर्टल की शुरुआत किया है..
  • इस पोर्टल के जरिये सभी सरकारी विभाग अपनी जरुरातों के हिसाब से जुड़े सामान tender और विभागों के बीच फाइलों की लम्बी दौड़ के बिना खरीद सकते हैं.
  • केंद्र सरकार ने अपने सभी विभागों के लिए इसे अनिवार्य कर दिया है.
  • सभी सरकारी विभाग इस पोर्टल पर registered विक्रेताओं से बिना कोटेशन और बिना टेंडर के सामान खरीद रहे हैं.
  • इस पोर्टल पर केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभाग, सार्वजनिक कंपनियाँ और स्वायत्त निकायों के अधिकृत प्रतिनिधि सामानों को खरीद सकते हैं.
  • इसमें PC, laptop, mobile, stationary, furniture आदि ख़रीदा जा सकता है.
  • हालाँकि GeM पर खरीददारी करने के लिए अधिकृत किये गए खरीदारों को अपने विभाग के सेक्शन प्राधिकारी से अनिवार्य अनुमोदन लेना होगा.
  • आर्डर करने पर vendor निर्धारित समय पर ख़रीदा गया सामान विभाग तक पहुँचा देंगे.

GLIS (Government Land Information System)

  • सरकारी भूमि सूचना प्रणाली (GLIS) अपने प्रकार का केंद्रीकृत डेटाबेस है. इसे इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा तैयार किया जाता है और प्रधानमन्त्री कार्यालय (PMO) द्वारा इसकी निगरानी की जाती है.
  • यह कुल क्षेत्र, भौगोलिक स्थिति-निर्धारक मानचित्रों एवं स्वामित्व अधिकारों आदि का रिकॉर्ड रखता है.
  • पोर्टल के अनुसार, सभी केन्द्रीय मंत्रालयों में रेल मंत्रालय सर्वाधिक भूमि का स्वामित्व धारण करता है. रक्षा मंत्रालय, सरकारी भूमि धारण ले वृहद् भाग का स्वामित्व धारण करता है, परन्तु सुरक्षा सम्बन्धी चिंताओं का हवाला देते हुए इसने केवल आंशिक विवरण ही दिए हैं.

नारी

  • हाल ही में सरकार द्वारा नलाइन पोर्टल – “नारी” का शुभारम्भ किया गया है.
  • महिला सम्बन्धी विभिन्न योजनाओं/विधानों की जानकारी किसी निश्चित स्थान पर उपलब्ध नहीं होने के कारण जन-सामान्य इसके प्रति जागरूक नहीं हो पाते हैं. इस समस्या के समाधान के लिए सरकार द्वारा “नारी पोर्टल” लांच किया गया है जिसकी मदद से एक ही विंडो पर सभी सूचनाओं और सेवाओं को उपलब्ध कराया जायेगा.

ई-संवाद पोर्टल

  • यह गैर-सरकारी संगठनों तथा सिविल सोसाइटी संस्थाओं द्वारा महिला और बाल विकास मंत्रालय के साथ अपनी प्रतिक्रिया, सुझाव, शिकायतें तथा सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करने हेतु एक मंच है.
  • यह महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए प्रभावी नीतियों और मानकों के निर्माण में सहायता करेगा.

DEEP ई-बिडिंग पोर्टल

  • यह DISCOMs द्वारा की जाने वाली बिजली की खरीद में एकरूपता और पारदर्शिता लाने के लिए ऊर्जा मंत्रालय की एक पहल है.
  • यह DISCOMs द्वारा की जाने वाली बिजली की अल्पकालिक खरीद के लिए ई-बिडिंग और ई-रिवर्स नीलामी पोर्टल है.
  • यह वेब पोर्टल विक्रेता से क्रेता तक बिजली के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने का प्रयास करता है.

खाद्य विनियामक पोर्टल

  • खाद्य विनियामक पोर्टल (Food regulatory portal) “एक राष्ट्र, एक खाद्य कानून” सिद्धांत पर आधारित है.
  • घरेलू गतिविधियों और खाद्य आयातों दोनों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए सिंगल इंटरफेस के रूप में, यह पोर्टल खाद्य सुरक्षा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करेगा.

I-STEM (Indian Science Technology and Engineering Facilities Map)

  • यह वेबपोर्टल एक ऐसे गेटवे के रूप में कार्य करेगा जो उपयोगकर्ताओं को उनके R&D कार्य के लिए आवश्यक विशिष्ट सुविधा का पता लगाने तथा निकटतम स्थिति या जल्द से जल्द उपलब्ध हो सकने वाली ऐसी सुविधा को पहचानने में मदद करेगा.
  • यह किसी भी संस्थान के शोधकर्ताओं को भारत में कहीं भी अनुसन्धान उपकरण एवं सुविधाओं की जाँच करने, आरक्षित करने तथा उन तक आसान पहुँच में सक्षम करेगा.

e-SANAD

e-SANAD एक ऐसा पोर्टल है जिसका लक्ष्य भारत में दस्तावेजों की ऑनलाइन प्रस्तुति या प्रमाणन हेतु आवेदकों को प्रमाण-पत्र देने और सामान्य प्रमाणन सेवा उपलध कराने के लिए एक सम्पर्क-रहित, नकदी-रहित, चेहराविहीन और कागज़-रहित सुविधा प्रदान करना है.

परिणाम मंजूषा

  • यह CBSE के अकादमिक रिकॉर्डों की एक डिजिटल डिपोजिटरी है.
  • CBSE के छात्रों के अकादमिक रिकॉर्ड के ऑनलाइन सत्यापन के लिए नियोक्ता और शिक्षण संस्थान इस पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं.

उद्यम सखी

  • अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नीति आयोग ने “महिला उद्यमिता” प्लेटफार्म का और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय ने “उद्यम सखी” का शुभारम्भ किया.
  • यह पोर्टल सामाजिक उद्यमिता को बढ़ावा देने और सामाजिक असमानताओं का समाधान करने के साथ ही महिलाओं को स्वावलम्बी और सशक्त बनाने के लिए कम लागत वाली सेवाओं और उत्पादों के लिए कारोबार के नए मॉडल तैयार करने के लिए आरम्भ किया गया है.
  • यह उद्यमशीलता सीखने के साधनों, निधि जुटाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, सलाहकार उपलब्ध करना, निवेशकों से सीधा सम्पर्क, बाजार सर्वेक्षण की सुविधा और तकनीकी सुविधा प्रदान के लिए सहायता प्रदान करेगा.

रेल सहयोग

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने हाल में ‘रेल सहयोग’ पोर्टल लॉन्च किया. यह पोर्टल भारतीय रेलवे का एक खास मंच होगा, जिसके जरिए देश के कारोबारी समूह अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वाह रेल के माध्यम से कर सकेंगे.

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