टीके से होने वाला पोलियो वायरस क्या है? – Vaccine-derived poliovirus

Sansar LochanIndian ExpressLeave a Comment

What is a vaccine-derived poliovirus?

पिछले एक वर्ष से पोलियो कुछ देशों में फिर से प्रकट हुआ है, जैसे – फ़िलीपीन्स, मलेशिया, घाना, म्यांमार, चीन, कैमरून, इंडोनेशिया और ईरान. इनमें से अधिकांश मामले पोलियो के टीके से हुए संक्रमण के कारण हुए हैं. उल्लेखनीय है कि ये देश पहले पोलियो के वायरस को अपने यहाँ से मिटा चुके थे.

टीके से होने वाला पोलियो वायरस क्या है?

यह एक प्रकार का दुर्बल पोलियो वायरस है जिसका उपयोग मौखिक पोलियो टीके (oral polio vaccine – OPV) में हुआ था और जिसने समय के साथ अपने-आप में बदलाव लाया है और जो अब प्राकृतिक रूप से होने वाले वायरस के समान व्यवहार कर रहा है.

इसका अर्थ यह है कि जिस व्यक्ति को पोलियो का टीका नहीं पड़ा है और जो संक्रमित व्यक्ति की विष्ठा अथवा छींक के सम्पर्क में आया है उसको पोलियो बहुत सरलता से संक्रमित कर सकता है. इस वायरस से व्यक्ति को पक्षाघात भी हो सकता है.

टीके से होने वाला पोलियो वायरस कैसे फैलता है?

  1. किसी भी मौखिक पोलियो टीके (OPV) में वायरस का एक दुर्बल प्रकार डाला हुआ होता है जो शरीर में प्रतिरोध की क्षमता को बढ़ाता है. यदि किसी बच्चे को OPV दिया जाता है तो यह दुर्बल वायरस तेजी से उसकी आंत में थोड़े समय के लिए कई गुना बढ़ जाता है और इस प्रकार उसके शरीर में प्रतिरोधकता विकसित हो जाती है.
  2. कुछ समय के पश्चात् टीके में डाला हुआ वायरस शरीर से निकल जाता है. जहाँ पर्याप्त स्वच्छता नहीं हो वहाँ शरीर से निकला हुआ यह वायरस आस-पास के समुदाय में फ़ैल सकता है और अंततः मृत हो जाता है.
  3. इस प्रक्रिया का एक लाभ भी है कि इससे कई बच्चों का अप्रत्यक्ष रूप से टीकाकरण हो जाता है.

समस्या क्या है?

टीके से होने वाले पोलियो वायरस अपने-आप में कोई समस्या नहीं है. यह तभी होता है जब किसी समुदाय का टीकाकरण पूरी तरह से नहीं हुआ हो और कुछ ऐसे लोग बच गये हों जिनको प्राकृतिक रूप से अथवा टीकाकरण के चलते पोलियो हो सकता है. यदि किसी जनसंख्या का पूरी तरह से टीकाकरण हो जाए तो उसको टीकाकरण से होने वाले अथवा सामान्य पोलियो वायरस से सुरक्षा मिल जायेगी.

पोलियो क्या है?

  • बहुतृषा, जिसे अक्सर पोलियो या ‘पोलियोमेलाइटिस’ भी कहा जाता है, एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है जो आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति मे संक्रमित विष्ठा या खाने के माध्यम से फैलता है.
  • यह एक उग्र स्वरूप का बच्चों में होनेवाला रोग है, जिसमें मेरुरज्जु (spinal cord) के अष्टश्रृंग (anterior horn) तथा उसके अंदर स्थित धूसर वस्तु में अपभ्रंशन (degenaration) हो जाता है और इसके कारण चालकपक्षाघात (motor paralysis) हो जाता है.
  • इस रोग का औपसर्गिक कारण एक प्रकार का विषाणु (virus) होता है, जो कफ, मल, मूत्र, दूषित जल तथा खाद्य पदार्थों में विद्यमान रहता है; मक्खियों एवं वायु द्वारा एक स्थान में दूसरे स्थान पर प्रसारित होता है तथा दो से पाँच वर्ष की उम्र के बालकों को ही आक्रांत करता है.
  • लड़कियों से अधिक यह लड़कों में हुआ करता है तथा वसंत एवं ग्रीष्मऋतु में इसकी बहुलता हो जाती है.
  • जिन बालकों को कम अवस्था में ही टाँसिल का शल्यकर्म कराना पड़ जाता है उन्हें यह रोग होने की संभावना और अधिक होती है.

इनएक्टिवेटेड पोलियो टीका (IPV) क्या है?

  • इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन या आईपीवी इंजेक्शन द्वारा दिया जाता है. इसमें वायरस के एक निष्क्रिय (मृत) रूप का उपयोग किया जाता है जिसमें पोलियो का कारण बनने की क्षमता नहीं होती है.
  • IPV मुख्य रूप से उन देशों में उपयोग किया जाता है जहां पर पोलियो वायरस पहले ही समाप्त हो चुका है.
  • चूँकि ओपीवी एक जीवित पोलियो वायरस से बना होता है इसलिए जीवित वायरस के टीके से पोलियो के खिलाफ सुरक्षा अत्यधिक प्रभावी होने के बावजूद प्रति वर्ष पोलियो के कुछ मामलों का कारण पोलियो ड्राप या ओरल पोलियो वैक्सीन होते थे.
  • अमेरिका में सन 2000 में निष्क्रिय पोलियो टीके (आईपीवी) का उपयोग शुरू हो गया. भारत ने नवंबर 2015 से ओरल पोलियो वैक्सीन या पोलियो ड्राप (ओपीवी) के साथ अपने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में इंजेक्शन योग्य पोलियो टीका या इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन (आईपीवी) को भी पेश किया है.

Tags : Polio- symptoms, spread and prevention, vaccine- derived poliovirus? Recurrence- concerns and challenges, ways to address them.

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