[Sansar Surgery Part 11, 2018] Left Topics of Sansar DCA

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कई बार ऐसा होता है कि हमारी लाख मेहनत के बावजूद करंट अफेयर्स का कोई न कोई टॉपिक छूट ही जाता है. यह सिर्फ हमारे साथ ही नहीं, बड़ी-बड़ी कोचिंग संस्थाओं के साथ भी होता है. हम तो खैर छोटे लोग हैं और वैसे भी मानव की प्रकृति है कि कुछ भी परफेक्ट नहीं हो सकता.

खैर, जब हमने फिर से The Hindu और अन्य अखबारों पर अपनी पैनी नज़र दौड़ाई तो देखा कि कुछ important current affairs को हमने Sansar DCA में cover नहीं किया है या कभी-कभी हम उन टॉपिक को इसमें उठाते हैं जो Revision के लिए उपयुक्त हैं.

फिर हमने सोचा जो लोग UPSC Prelims 2019 को टारगेट कर रहे हैं और संसार लोचन टीम पर आँख मूँद कर भरोसा कर रहे हैं, हमारी यह भूल उनके लिए नाइंसाफी होगी. इसलिए हमने Sansar DCA से हटकर “Sansar Surgery Series” शुरू की है जिसमें वर्ष 2018 और आगामी वर्ष 2019 के वही टॉपिक शामिल होंगे जो हमारे द्वारा भूल से Sansar DCA में कवर नहीं किये गए हों. यह Sansar Surgery Series का पार्ट 11 है.

Sansar Surgery Part 11, 2018

हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव में नोटा का उपयोग रद्द कर दिया है. यदि राज्य के लिए राज्यसभा में आवंटित सीटों की संख्या 4 है और उस राज्य से विधायकों के मतों का कुल मूल्य 160 है, तो उम्मीदवार को जीतने के लिए कितने मतों की आवश्यकता है?

राज्यसभा के लिए चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा किया जाता है, अर्थात राज्यसभा के सदस्य प्रत्येक उम्मीदवार को 1, 2, 3 … के अनुसार प्राथमिकताएं देते हैं, इसलिए इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि राज्यसभा में राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों का निर्वाचन अप्रत्यक्ष निर्वाचन पद्धति द्वारा किया जाता है. उम्मीदवार को जीतने के लिए आवश्यक मतों की संख्या = {मतों का कुल मूल्य / (सीटों की संख्या + 1)} +1 मतों, अर्थात {160 / (4 + 1)} + 1 = 32 + 1 = 33 मतों की आवश्यकता है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

हाल ही में हुए राज्यसभा के चुनाव के समाचारों में रहने के कारण और प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रमानुसार इसकी उपयोगिता को देखते हुए हमने छात्रों का ध्यान इस ओर आकृष्ट करने का प्रयास किया है.

बुद्ध का अष्टांगिक मार्ग

बुद्ध की शिक्षाओं में वैदिक अनुष्ठान प्रणाली का तीव्र विरोध किया गया है, आर्य अष्टांग मार्ग को पाली भाषा में ‘अट्ठानगीको मग्गो’ (Atthangiko Maggo) नाम से संदर्भित किया गया है. इसलिए, ‘बुद्ध मार्ग’, जो कि बुद्ध की असाधारण शिक्षाओं को संदर्भित करता है उसे ‘मध्य मार्ग’ भी कहा जाता है. बुद्ध से जुड़े आठ स्थानों को पाली भाषा में अट्ठमःथनानि (Atthamahthanani) कहा जाता है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन, 2018 दिल्ली में आयोजित किया गया. हमारा प्रयास विषय की उपयोगिता को देखते हुए, हमारे प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम को वर्तमान की घटनाओं के साथ जोड़ना है. इसलिए इस टॉपिक का चयन किया गया है ताकि छात्र प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम को वर्तमान के साथ जोड़ सकें.

गाडगिल समिति और कस्तूरीरंगन समिति की रिपोर्ट

गाडगिल समिति ने कुल पश्चिमी घाटों में से लगभग 75% क्षेत्र पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसजेड) के तौर पर चिह्नित किया था. इससे इस क्षेत्र में न तो उद्योग स्थापित किया जा सकता था और न ही रेलवे लाइन बिछाई जा सकती थी. गाडगिल समिति का राज्यों द्वारा विरोध होने के बाद सरकार ने कस्तूरीरंगन समिति का गठन किया और इसके सुझावों के अनुसार कुल पश्चिमी घाटों में से 37% क्षेत्र पर ही पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसजेड) के रूप में अत्यधिक ध्यान देने की आवश्यकता है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

यूपीएससी वर्ष 2016 में, एक टॉपिक गाडगिल समिति से सम्बंधित पूछा गया था. केरल में बाढ़ के कारण, गाडगिल समिति और कस्तूरीरंगन समिति की रिपोर्ट फिर से समाचारों में है तो हो सकता है कि फिर से इससे सम्बन्धित प्रश्न पूछा जाये. अतः इसकी उपयोगिता को देखते हुए हमने छात्रों का ध्यान इस ओर आकृष्ट करने का प्रयास किया है.

हेलीना

हेलीना नाग(NAG) मिसाइल का हेलीकॉप्टर-लॉन्च संस्करण है. यह नाग(NAG) मिसाइल का एक अन्य रूप है जिसे ध्रुव जैसे हेलीकॉप्टरों से लॉन्च किया जा सकता है. यह पृथ्वी, अग्नि, आकाश और त्रिशूल के समान तीसरी पीढ़ी की भारतीय एंटी-टैंक मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता 7-8 किमी तक है.

भारतीय दिवाला एवं दिवालियापन बोर्ड (आईबीबीआई)

हाल ही में, भारतीय दिवाला एवं दिवालियापन बोर्ड (आईबीबीआई) समाचारों में है. यह एक वैधानिक निकाय है जो कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) के अंतर्गत आता है, वित्त मंत्रालय नहीं. यह निकाय दिवालिया पेशेवरों और सूचना उपयोगिताओं आदि के लिए नियामक के रूप में कार्य करता है. वर्तमान में, एम.एस. साहू इसके अध्यक्ष हैं और इसमें 10 सदस्य हैं, जिनमें से एक सदस्य आरबीआई से, तीन सदस्य केंद्र सरकार से और बाकी पांच सदस्यों को केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किया गया है.

उष्णकटिबंधीय चक्रवात

उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति महासागर की सतह के गर्म होने से होती है, इसलिए यह स्पष्ट है कि इनकी प्रकृति ‘थर्मल'(Thermal) होती है, जबकि शीतोष्णकटिबंधीय चक्रवात, प्रकृति में ‘फ्रंटल'(Frontal) होते हैं. यदि कोरियोलिस बल को देखा जाये, तो यह हमेशा हवाओं को अपने दाहिनी ओर मोड़ने की कोशिश करता है. इसलिए, यह स्पष्ट हो जाता है कि यह चक्रवात को उत्तरी गोलार्ध में घड़ी की सुई के चलने की विपरीत दिशा में घुमाएगा.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

हाल ही में, सरकार तिरुवनंतपुरम में एक चक्रवात चेतावनी केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है. हम प्रारंभिक परीक्षा के ऐसे पाठ्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जिन्हें समसामयिकी के मुद्दों से जोड़ा जा सकता है. अतः इसकी उपयोगिता को देखते हुए हमने छात्रों का ध्यान इस ओर आकृष्ट करने का प्रयास किया है.

तापी गैस परियोजना

तापी (TAPI) पाइपलाइन को ट्रांस-अफगानिस्तान पाइपलाइन भी कहा जाता है. इस टॉपिक में दिया गया संकेत, पंजाब में फजिलका है. यह पाइपलाइन तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत से गुज़रती है. प्राकृतिक गैस क्षेत्र गाल्किनीश (तुर्कमेनिस्तान) से तीन देशों – अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत को गैस आपूर्ति की जाती है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

तापी(TAPI) पाइपलाइन फिर से समाचारों में है क्योंकि भारत सरकार वैश्विक मूल्य में गिरावट होने के कारण पहले तय की गई दरों पर फिर से बातचीत करना चाहती है. इसलिए, इसकी उपयोगिता को देखते हुए हमने छात्रों का ध्यान इस ओर आकृष्ट करने का प्रयास किया है.

किसी भी आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के प्रावधान

किसी भी आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए भारत सरकार ने केरल में आई बाढ़ को “गंभीर प्रकृति की आपदा” घोषित किया है. जब किसी आपदा को गंभीर प्रकृति की आपदा के रूप में घोषित किया जाता है, तो लोगों की मदद के लिए एनडीआरएफ निधि का प्रयोग किया जा सकता है. एनसीसीडी का उपयोग एनडीआरएफ को फंड करने के लिए किया जाता है. जब जीएसटी प्रणाली के तहत सेस कम हुआ, तो एनसीसीडी से छुटकारा पाने की मांग उठाई जाने लगी, लेकिन सरकार ने एनसीसीडी को जीएसटी प्रणाली में भी जारी रखा है.

नोट: एनसीसीडी को तंबाकू, पान मसाला आदि पर लगाया जाता है.

नागा शांति समझौता

ग्रेटर नागालिम के लिए की जाने वाली मांग में नागालैंड के अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और यहाँ तक कि म्यांमार के भी नागा बहुतायत क्षेत्र शामिल हैं. नागा समझौते पर, एनएससीएन-आईएम और 6 अन्य समूहों के बीच हस्ताक्षर किया गया . वहीं, खापलांग समूह (एनएससीएन-के) ने इस समझौते का विरोध किया था.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

इस टॉपिक को देने का  मुख्य उद्देश्य लगातार समाचारों में रहने वाले विषयों और स्थानों के मानचित्रों की ओर छात्रों का ध्यान आकृष्ट करना है.

‘इनसाइट’ मिशन

इनसाइट, मंगल ग्रह की संरचना का गहराई से अध्ययन करने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का महत्वपूर्ण मिशन है. इस मिशन के साथ नासा ने एक रोबोटिक भूवैज्ञानिक भी भेजा है, जो मंगल ग्रह की खुदाई करके वहां के तामपान को जानने की कोशिश करेगा. इस मिशन का मुख्य कार्य मंगल ग्रह की गहरी संरचना के विषय में जानकारी इकठ्ठा करना है यह मंगल की आंतरिक संरचना के विवरण प्राप्त करने के लिए रेडियो विज्ञान का भी प्रयोग करेगा.

भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG)

यह स्पष्ट है कि सीएजी उन कंपनियों का ऑडिट कर सकता है जो सरकार के साथ राजस्व साझा करते हैं. आमतौर पर, निजी कंपनियां सीएजी द्वारा लेखा परीक्षण किये जाने का विरोध करती हैं. हाल ही में, जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन- जीएसटी को लागू करने के लिए मुख्य रूप से केंद्र और राज्यों, करदाताओं और अन्य हितधारकों को सूचना एवं प्रौद्योगिकी की आधारभूत संरचना और सेवाएं प्रदान करने के लिए स्थापित गैर-लाभकारी कंपनी) ने भी अपने लेखा परीक्षण का विरोध किया. इसलिए, छात्रों के लिए यह जानना आवश्यक है कि अगर राजस्व का कम्पनी और सरकार के बीच साझाकरण होता है तो ऐसी स्थिति में सीएजी निजी कंपनियों का भी ऑडिट कर सकती है . इसके अलावा, सीएजी को नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के रूप में कार्य करना चाहिए, लेकिन, यह केवल लेखा परीक्षक के रूप में कार्य करता है नियंत्रक के नहीं. ब्रिटेन में, उनका सीएजी नियंत्रक और महालेखा परीक्षक दोनों के रूप में कार्य करता है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

हाल ही में, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) के बीच राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के लेखा परीक्षण करने को लेकर सीएजी की शक्ति के दायरे और प्रयोज्यता से सम्बंधित विवाद देखा गया है. समसामयिकी की घटनाओं से लगातार अवगत कराने के लिए, वर्तमान की घटनाओं को हमारे प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम से जोड़कर हम छात्रों की अवधारणाओं को स्पष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं.

जीरो बजट प्राकृतिक खेती

जीरो बजट प्राकृतिक खेती, खेती के ‘निवेश’ वाले पहलू पर केंद्रित है, क्योंकि इसके अंतर्गत कीटनाशकों, रसायनों, आदि का उपयोग न करके गाय के गोबर, गाय मूत्र आदि जैसे प्राकृतिक पदार्थों के उपयोग के बारे में बात की जाती है. जबकि एमएसपी किसानों द्वारा उत्पादन किये जाने के बाद उनकी सहायता के लिए होता है. अतः न्यूनतम समर्थन तंत्र, खेती के ‘उत्पादन’ वाले पहलू पर केंद्रित है. जीरो बजट प्राकृतिक खेती करने वाला पहला राज्य आंध्र प्रदेश है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

आजकल ‘जीरो बजट प्राकृतिक खेती’ समाचारों में है. इस टॉपिक को पूछने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को जीरो बजट प्राकृतिक खेती वाली प्रवृत्ति से सम्बंधित राज्यों से अवगत कराना है.

बौद्ध धर्म से सम्बंधित स्थान

कुशीनगर में बुद्ध की मृत्यु होने के कारण इसे महापरिनिर्वाण कहा जाता है. बुद्ध घर छोड़ने के बाद राजगीर (बिहार) पहुंचे जिसे महाभिनिष्क्रमण के नाम से जाना जाता है. श्रावस्ती यूपी में एक स्थान है, जो कि बुद्ध के समय में कोसाला की राजधानी थी और बुद्ध ने अपना अधिकतम मठवासी जीवन यहीं व्यतीत किया था. सारनाथ में डियर पार्क ऐसा स्थान है जहां बुद्ध ने अपना पहला धर्मोपदेश दिया था या धर्म की घोषणा की थी इतिहास में इस घटना को धम्म चक्र परिवर्तन के नाम से जाना जाता है. बोधगया में बोधवृक्ष (पीपल वृक्ष) के नीचे ‘सिद्धार्थ’ ज्ञान प्राप्त कर गौतम बुद्ध कहलाए.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

हाल ही में नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का आयोजन किया गया. सरकार बौद्ध सर्किट बनाने की योजना बना रही है और इसे विस्तारित करना चाहती है, यूपीएससी की परीक्षा में अक्सर बौद्ध धर्म से सम्बंधित टॉपिक पूछे जाते रहे हैं. इसलिए, छात्रों को इससे सम्बंधित स्थानों और उनके महत्वों के सम्बंध में जानकारी होनी आवश्यक है. अतः इसकी उपयोगिता को देखते हुए हमने इससे सम्बंधित टॉपिक का चयन कर छात्रों का ध्यान इस ओर आकृष्ट करने का प्रयास किया है.

बिम्सटेक (BIMSTEC)

हाल ही में, बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी की पहल) शिखर सम्मेलन नेपाल में आयोजित किया गया था.

2004 में नेपाल और भूटान के शामिल होने के बाद से इसे बिम्सटेक कहा जाता है. इसका मुख्यालय ढाका, बांग्लादेश में है. अगर इसके नाम पर ध्यान केंद्रित किया जाये तो सही उत्तर आसानी से प्राप्त किया जा सकता है- जैसा कि इसे बंगाल की खाड़ी की पहल कहा गया है, इसलिए, यह स्पष्ट है कि इसके सदस्यों में बंगाल की खाड़ी के आसपास के देश ही शामिल होंगे और मालदीव, बंगाल की खाड़ी का हिस्सा नहीं है, अतः मालद्वीव इसका सदस्य नहीं है. इसके सदस्यों देशों में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में बसे सात देश-बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाइलैंड शामिल हैं.

पोषण अभियान

पोषण अभियान कुपोषण, एनीमिया, स्टंटिंग इत्यादि से निपटने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक पहल है. यह न केवल बच्चों बल्कि किशोरावस्था की लड़कियों, महिलाओं आदि पर भी ध्यान केंद्रित करेगा. इसलिए, भारत में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के सम्बंध में यह एक क्रांतिकारी योजना है.

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