Sansar डेली करंट अफेयर्स, 15 October 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 15 October 2020


GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : UDAN Scheme

संदर्भ

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से बयान आया कि उड़ान योजना को टिकाऊ बनाने और अपने दम पर संचालित करने तथा इसकी दक्षता को बेहतर करने के लिए सभी पक्षों को काम करना चाहिए. विदित हो कि उड़ान योजना का आरंभ आम आदमी को सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सस्ती हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किया गया था. 

उड़ान योजना क्या है?

UDAN भारत सरकार की एक मूर्धन्य योजना है जिसका अनावरण अप्रैल, 2017 में किया गया था. यह योजना जून, 2016 में लागू राष्ट्रीय नागर विमानन नीति (National Civil Aviation Policy – NCAP) का एक प्रमुख अवयव है. UDAN क्षेत्रीय विमानन बाजार को विकसित करने के लिए एक नवोन्मेषी योजना (innovative scheme) है. यह योजना बाजार तंत्र पर आधारित है जिसके अंतर्गत वायुयान सेवादाताओं के द्वारा सीटों के लिए सब्सिडी हेतु बोली लगाई जाएगी. यह योजना इस प्रकार की अभी तक की पहली योजना है जो आर्थिक रूप से आम नागरिकों के लिए व्यवहार्य और लाभदायक है. इससे विश्व-स्तर पर क्षेत्रीय मार्गों पर सस्ती उड़ानें भरी जा सकेंगी.

चुने गए एयरलाइन ऑपरेटरों को सामान्य जहाज़ों में न्यूनतम 9 और अधिकतम 40 उड़ान सीटें रियायती दरों पर देनी होंगी तथा हेलीकाप्टरों में न्यूनतम 5 और अधिकतम 13 सीटों का प्रावधान करना होगा. सामान्य जहाज़ों और हेलिकोप्टरों में क्रमशः लगभग एक घंटे और आधे घंटे की यात्रा के लिए आरक्षित सीटों का अधिकतम किराया 2,500 रु. तय किया गया है.

उड़ान योजना के लाभ

  • इस योजना के द्वारा नागरिकों को वायुयात्रा की कनेक्टिविटी मिलेगी
  • यह सभी हितधारकों के लिए एक स्पर्द्धा की स्थिति प्रदान करेगा
  • रोजगार के अवसर प्रदान करेगा
  • क्षेत्रीय हवाई संपर्क और बाजार का विस्तार होगा
  • राज्य सरकारों को दूरदराज के क्षेत्रों के विकास, व्यापार और वाणिज्य के विस्तार और पर्यटन की वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा.

उड़ान 1.0

  • इस चरण के तहत 5 एयरलाइन कंपनियों को 70 हवाई अड्डों (36 नए बनाए गए परिचालन हवाई अड्डों सहित) के लिये 128 उड़ान मार्ग प्रदान किये गए.

उड़ान 2.0

  • वर्ष 2018 में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 73 ऐसे हवाई अड्डों की घोषणा की जहाँ कोई सेवा प्रदान नही की गई थी या उनके द्वारा की गई सेवा बहुत कम थी.
  • उड़ान योजना के दूसरे चरण के तहत पहली बार हेलीपैड भी योजना से जोड़े गए थे.

उड़ान 3.0

  • पर्यटन मंत्रालय के समन्वय में उड़ान 3.0 के तहत पर्यटन मार्गों का समावेश.
  • जलीय हवाई-अड्डे को जोड़ने के लिए जल विमान का समावेश.
  • उड़ान के दायरे में पूर्वोत्तर क्षेत्र में कई मार्गों को लाना.

उड़ान 4.0

  • उड़ान 4.0 के तहत छत्तीसगढ़ में बिलासपुर और अंबिकापुर हवाई अड्डों को जोड़ने पर विशेष ध्‍यान दिया जाएगा.
  • उड़ान योजना राज्‍य के उन क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्‍यान केंद्रित करती है जो हवाई सेवा से नहीं जुड़े हैं.
  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय जिन राज्‍यों पर विशेष ध्‍यान दे रहा है, छत्‍तीसगढ़ उनमें से एक है.

मेरी राय – मेंस के लिए

 

यदि विमानन क्षेत्र को प्रतिस्पर्द्धी बनाने व अच्छी सेवाएँ देने के लिये निजी क्षेत्र की कंपनियों को बढ़ावा दिये जाने की नीति है तो फिर विमानन कंपनियाँ घाटे में क्यों चली जाती हैं और क्यों बंद हो जाती हैं? कारोबारी प्रबंधन के जानकारों से लेकर नियामक तक विमानन कंपनियों में संकट की आहट को आखिर समय रहते क्यों नहीं पहचान पा रहे हैं? क्या इस क्षेत्र के लिये सरकार की ओर से कारगर नीतियाँ नहीं बनाई जा रही हैं? क्या इस पर निगरानी के लिये कोई तंत्र नहीं होना चाहिये? स्पष्ट है कि भारत में विमानन उद्योग के लिये हालात अच्छे नहीं हैं. आखिर इसके लिये किसे ज़िम्मेदार ठहराया जाए?

सुरक्षित विमान यात्रा भी विमानन क्षेत्र की एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। बोइंग 737 मैक्स विमानों पर पूरे विश्व में रोक लग चुकी है. दो विमान हादसों में 300 से ज़्यादा यात्रियों की मौत के बाद यह रोक लगाई गई थी। इन विमानों में इस्तेमाल होने वाली सॉफ्टवेयर प्रणाली MCAS में समस्या होने से दुर्घटनाएँ हुई थीं. बोइंग 737 मैक्स विमानों के डिज़ाइन में लगातार बदलाव किये जाते रहे हैं. पायलटों को उड़ान संबंधी नए मानकों का प्रशिक्षण नहीं मिला था जिसके कारण ये दुर्घटनायें हुईं थीं. अब DGCA को सुरक्षा संबंधी मानदडों में कड़े बदलाव करने होंगे.


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre and States and the performance of these schemes; mechanisms, laws, institutions and bodies constituted for the protection and betterment of these vulnerable sections.

Topic : Saral Jeevan Bima

संदर्भ

यह बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (Insurance Regulatory and Development Authority– IRDA) द्वारा हाल ही में शुरू किया गया एक स्टैंडर्ड इंडिविजुअल टर्म लाइफ इंश्योरेंस उत्पाद (Standard Individual Term Life Insurance Product) है.

  1. यह ग्राहकों को एक सुविज्ञ विकल्प चुनने तथा बीमा उत्पाद की गलत बिक्री को कम करने में सहयोग प्रदान करेगा.
  2. सभी बीमा कंपनियों को अगले वर्ष 1 जनवरी 2021 तक ‘मानक उत्पाद’ पेश करना होगा.

सरल जीवन बीमा की प्रमुख विशेषताएँ

  1. पॉलिसीधारक की पॉलिसी अवधि के दौरान मृत्यु के बाद उसके नॉमिनी को बीमित राशि के बराबर क्लेम मिलेगा.
  2. इसके तहत जेंडरआवासयात्रापेशा या शैक्षणिक योग्यता से कोई मतलब नहीं है और कोई भी इसे खरीद सकता है.
  3. पात्रता: यह पॉलिसी 18-65 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के लिए उपलब्ध होगी.
  4. पॉलिसी की अवधि 5-40 वर्ष होगी.
  5. पॉलिसी की अधिकतम परिपक्वता अवधि 70 वर्ष है.
  6. सरल बीमा योजना में न्यूनतम बीमित राशि 5 लाख और अधिकतम बीमित राशि 25 लाख रखी गई है. हालाँकि, बीमाकर्ताओं के पास अन्य नियमों और शर्तों के अंतर्गत, 25 लाख से अधिक की राशि के चुनाव का विकल्प होगा.
  7. पॉलिसी के अंतर्गत केवल एक अपवर्जन होगा – आत्महत्या करने पर अपवर्जन.
  8. इसके अंतर्गत को परिपक्वता लाभ प्राप्त नहीं होगा तथा इसमें पॉलिसी सरेंडर करने पर कोई लाभ प्राप्त नहीं होगा और न ही पॉलिसी के विरुद्ध कोई ऋण लिया जा सकता है.
  9. पॉलिसी वैकल्पिक दुर्घटना लाभ और स्थायी विकलांगता लाभ भी प्रदान करेगी.

इस पॉलिसी की आवश्यकता

भिन्न-भिन्न नियम और शर्तों के साथ बाजार में कई ‘टर्म पॉलिसी’ उपलब्ध हैं. परन्तु, जिन ग्राहकों के पास एक सुविज्ञ विकल्प चुनने हेतु पर्याप्त समय और ऊर्जा नहीं होती है, उन्हें उचित उत्पाद का चयन करना मुश्किल लगता है. इसलिए, सरल सुविधाओं और मानक नियमों और शर्तों के साथ एक मानक, निजी जीवन बीमा उत्पाद को शुरू करना आवश्यक महसूस किया गया था.

अनिवार्य शुद्ध जीवन बीमा देश में समावेशन और बीमा-पैठ बनाने में भी सहायक होगा.

इस टॉपिक से UPSC में बिना सिर-पैर के टॉपिक क्या निकल सकते हैं?

प्रवासी भारतीय बीमा योजना – इस योजना के तहत विदेशगमन की अनुमति मिलने के बाद रोज़गार के लिये विदेश गए प्रवासी भारतीय की मृत्यु अथवा विकलांगता पर नामित/आधिकारिक व्यक्ति को 10 लाख रुपए का जीवन बीमा दिया जाता है.


GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Infrastructure and energy related issues.

Topic : Mangdechhu hydroelectric Project

संदर्भ

हाल ही में भूटान में भारत के सहयोग से निर्मित मंगदेछु जलविद्युत परियोजना (Mangdechhu Hydroelectric project) को सिविल इंजीनियरिंग में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित ब्रुनेल पदक (Brunel Medal) से सम्मानित किया गया है.

मंगदेछु जलविद्युत परियोजना को यह पुरस्कार ब्रिटेन के इंस्टीट्यूट आफ सिविल इंजीनियर्स द्वारा दिया गया है.

मंगदेछु जलविद्युत परियोजना के बारे में

  • मंगदेछु जलविद्युत परियोजना (Mangdechhu hydroelectric project), भूटान के ट्रोंगसा द्ज़ोंगखाग जिले में मंगदेछु नदी पर अवस्थित है.
  • इस परियोजना के निर्माण में करीब 4,500 करोड़ रुपये की लागत आयी है. इस परियोजना को भारत द्वारा 70 प्रतिशत ऋण और 30 प्रतिशत अनुदान के माध्यम से वित्त पोषित किया गया है.
  • 17 अगस्त,2019 को अपनी भूटान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 720 मेगावाट की मंगदेछु जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन किया था.

भारत-भूटान द्विपक्षीय जलविद्युत परियोजना सहयोग से जुड़े महत्त्वपूर्ण तथ्य

  • पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय सहयोग के सबसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक ‘जलविद्युत/ पनबिजली विकास’(hydroelectric development) के महत्त्व को भारत एवं भूटान दोनों ने पहचाना है और जलविद्युत परियोजनाओं के विकास पर काफी जोर दिया है.
  • भारत ने अब तक भूटान में इन प्रमुख परियोजनाओं को पूर्ण किया है – चुखा (Chukha) परियोजना, कुरिछू (Kurichhu) परियोजना , ताला (Tala) परियोजना और मंगदेछु (Mangdechhu) परियोजना.
  • जून , 2020 में भारत एवं भूटान ने खोलांगछू नदी पर खोलोंगछु जलविद्युत परियोजना (Kholongchhu Hydropower Project) के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये. यह परियोजना 600 मेगावाट क्षमता वाली है.
  • भारत, भूटान में पुनात्सांगछू-1 (Punatsangchhu-1) एवं पुनात्सांगछू-2 (Punatsangchhu-2) जैसी महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं सहित अन्य परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए भी एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है.
  • दोनों देशो के मध्य सनकोश जलाशय पनबिजली परियोजना पर जारी द्विपक्षीय बातचीत के माध्यम से परियोजना के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने पर काम किया जा रहा है.

ब्रुनेल पदक (Brunel Medal) के बारे में

  • सिविल इंजीनियरिंग में उत्कृष्टता के लिए ब्रुनेल मेडल प्रदान किया जाता है.
  • ब्रुनेल पदक (Brunel Medal) को ब्रिटेन के इंस्टीट्यूट आफ सिविल इंजीनियर्स द्वारा प्रदान किया जाता है.
  • ब्रुनेल पदक या पुरस्कार को सर्वप्रथम 1985 में प्रदान किया गया था. 

इस टॉपिक से UPSC में बिना सिर-पैर के टॉपिक क्या निकल सकते हैं?

भारत के प्रमुख जल विद्युत् केन्द्रों की सूची
1. टिहरी बांध
स्थान: उत्तराखंड
2. कोयना जलविद्युत परियोजना
स्थान: महाराष्ट्र
3. श्रीशैलम
स्थान: आंध्र प्रदेश
4. नाथपा झाकीरी
स्थान: हिमाचल प्रदेश
5. सरदार सरोवर बांध
स्थान: नवग्राम, गुजरात
6. भाखड़ा नंगल बांध (गोविंद सागर)
स्थान: सतलज नदी, बिलासपुर – हिमाचल प्रदेश
7. चमेरा
स्थान: हिमाचल प्रदेश
8. शारावथी परियोजना
स्थान: कर्नाटक
9. इंदिरा सागर बांध
स्थान: मध्य प्रदेश
10. कर्कम वांग्टा पनबिजली संयंत्र
स्थान: हिमाचल प्रदेश
11. देहरा (पांडोह) पावर प्रोजेक्ट
स्थान: हिमाचल प्रदेश
12. नागार्जुन सागर बांध गुंटूर
स्थान: आंध्र प्रदेश
13. पुरुलिया पास
स्थान: पश्चिम बंगाल
14. इडुक्की
स्थान: केरल
15. सलाल I & II
स्थान: जम्मू और कश्मीर
16. ऊपरी इंद्रवती
स्थान: उड़ीसा
17. रंजीत सागर बांध
स्थान: पंजाब
18. ओंकारेश्वर
स्थान: मध्य प्रदेश
19. बेलीमेला बांध
स्थान: उड़ीसा
20. तीस्ता बांध
स्थान: सिक्किम


GS Paper 3 Source : Indian Express

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : National Supercomputing Mission

संदर्भ

हाल ही में ‘सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग’ (C-DAC) ने भारत में सुपरकंप्यूटिंग अवसंरचना की स्थापना तथा विकास के लिये भारत के प्रमुख शैक्षणिक और अनुसंधान एवं विकास संस्थानों के साथ कुल 13 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किये हैं.

प्रमुख बिंदु

  • समझौता ज्ञापनों के तहत असेम्बलिंग और विनिर्माण सुपरकंप्यूटिंग अवसंरचना के अलावा राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (National Supercomputing Mission) के महत्त्वपूर्ण घटक (Critical Components) की स्थापना की जाएगी.
  • प्रमुख संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की दिशा में एक पहल है.
  • समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये जाने का मुख्य लक्ष्य स्वदेशी हार्डवेयर का उपयोग करके एक्सैस्केल पैमाने पर चिप का निर्माण करना,  सिलिकॉन-फोटोनिक्स सहित एक्सैस्केल सर्वर बोर्ड, एक्सैस्केल इंटरकनेक्टस और स्टोरेज के निर्माण में पूर्ण आत्म-निर्भरता प्राप्त करना है.
  • एक्सैस्केल (Exascale) कंप्यूटिंग कम-से-कम 10 ^ 18 फ्लोटिंग पॉइंट ऑपरेशंस प्रति सेकंड (FLOPS) की गणना करने में सक्षम कंप्यूटिंग सिस्टम को संदर्भित करता है.

सुपरकंप्यूटिंग (Supercomputing)

सुपरकंप्यूटर उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (High-performance Computing- HPC) का भौतिक मूर्त रूप हैं, जो संगठनों को उन समस्याओं को हल करने में सक्षम बनाता है, जिन्हें नियमित कंप्यूटर के साथ हल किया जाना असंभव है.

राष्ट्रीय सुपर कम्प्यूटिंग मिशन (NSM)

  • राष्ट्रीय सुपरकम्प्यूटिंग मिशन (NSM) सरकार द्वारा 2015 में शुरू किया गया है, जिसे 7 वर्ष की अवधि में एमईआईटीवाई और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित और कार्यान्वित किया जा रहा है.
  • विदित हो कि पुणे स्थित प्रगत संगणन विकास केंद्र (C-DAC) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बंगलूरू को इस मिशन के लिये नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया था.
  • मिशन के अंतर्गत 70 से अधिक उच्च-क्षमता वाली कम्प्यूटिंग सुविधाओं से युक्त एक विशाल सुपर कम्प्यूटिंग ग्रिड की स्थापना की जानी है जो देश भर में फैले हुए राष्ट्रीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान एवं विकास संस्थानों को सुदृढ़ करेगा.
  • इन सुपर कम्प्यूटरों को राष्ट्रीय सुपर कंप्यूटर ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा. इसके लिए राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (NKN) की सहायता ली जायेगी जो पहले से एक तेज नेटवर्क के द्वारा शैक्षणिक संस्थाओं एवं अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं को जोड़े हुए है.
  • इस मिशन का एक उद्देश्य देश में उच्च पेशेवर कम्प्यूटिंग से अवगत मनुष्यों की फ़ौज तैयार करना है जिससे कि कम्प्यूटिंग के विकास के मार्ग में आ रही चुनौतियों का निदान हो सके.

माहात्म्य

विश्व-भर में सुपर कंप्यूटिंग सुविधाओं के चलते कई देश इन क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता का काम करने में सक्षम हो गये हैं – वाहनों और हवाई जहाजों का रूपांकन करना, बहुमंजिला इमारतों और पुलों जैसी विशाल अवसरंचनाओं का निर्माण करना, अन्य निर्माण करना, नई जीवन रक्षक दवाओं की खोज करना, खनिज तेल, प्राकृतिक गैस आदि के साथ-साथ ऊर्जा के नए स्रोतों का दोहन करना आदि.

सुपर कंप्यूटरों ने मानव मात्र को कई प्रकार से लाभान्वित किया है. इनके कारण मौसम का पूर्वानुमान अब सटीक हो गया है और प्राकृतिक घटनाओं पर प्रतिक्षण ध्यान रखने की सुविधा हो गयी है. समय पर चक्रवात की चेतावनी देने से कई प्राण और सम्पत्तियाँ बच गई हैं


Prelims Vishesh

Final trial of anti-tank guided missile ‘Nag’ successful, ready for induction in Army :-

  • तीसरी पीढ़ी के टैंकरोधी निर्देशि‍त प्रक्षेपास्‍त्र (एटीजीएम) नाग का हाल ही में पोखरण परीक्षण अड्डे पर प्रयोक्‍ता द्वारा अंतिम परीक्षण किया गया.
  • नाग प्रक्षेपास्‍त्र वाहक एनएएमआईसीए एक बीएमपी-IIआधारित प्रणाली है जिसमें जल एवं जमीन दोनों पर चलने की क्षमता है. इस अंतिम प्रयोक्‍ता परीक्षण के बाद अब नाग उत्पादन के चरण में प्रवेश करेगा. प्रक्षेपास्‍त्र का उत्पादन रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम भारत डायनामिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा जबकि मेडक स्थित आयुध निर्माणी एनएएमआईसीए का उत्पादन करेगी.

Indian Navy’s indigenously built corvette ‘INS Kavaratti’ to be commissioned :-

  • स्वदेश निर्मित पनडुब्बी रोधी प्रणाली (एएसडब्ल्यू) से लैस “आईएनएस कवरत्ती” को आज भारतीय नौसेना को सौंपा जाएगा.
  • आईएनएस कवरत्ती में अत्याधुनिक हथियार प्रणाली है और इसमें ऐसे सेंसर लगे हैं जो पनडुब्बियों का पता लगाने और उनका पीछा करने में सक्षम है. इसके अलावा, पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता के साथ ही पोत विश्वसनीय आत्मरक्षा क्षमता और लंबी दूरी के संचालन में सक्षम है.

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