Sansar डेली करंट अफेयर्स, 08 April 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 08 April 2020


GS Paper 2 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre and States and the performance of these schemes; mechanisms, laws, institutions and bodies constituted for the protection and betterment of these vulnerable sections.

Topic : Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana (PMBJP)

संदर्भ

फार्मासिस्ट, जो प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के स्वास्थ्य के सिपाही‘ के नाम से लोकप्रिय हैं, भारत सरकार की प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत मरीजों एवं बुजुर्गों के दरवाजों तक अनिवार्य सेवाएं और दवाएं पहुंचा रहे हैं.

लाभ

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (पीएमबीजेके) के एक हिस्से के रूप में कार्य करते हुए, कोरोना महामारी से लड़ने के लिए वे देश के आम लोगों एवं बुजुर्गों के दरवाजों तक किफायती दामों पर गुणवत्तापूर्ण जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराने के जरिये अनिवार्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं. इससे सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने की सरकार की पहल को सहायता मिल रही है.

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना

  • प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल विभाग द्वारा आरम्भ की गई एक योजना है जिसका उद्देश्य PMBJP केन्द्रों के माध्यम से जन-सामान्य को सस्ती किन्तु गुणवत्ता युक्त औषधियाँ मुहैया करना है.
  • ज्ञातव्य है कि जेनेरिक दवाओं को उपलब्ध कराने के लिए इस योजना के अन्दर कई वितरण केंद्र बनाए गए हैं जिन्हें प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र कहते हैं. विदित हो कि जेनेरिक दवाएँ उतनी ही गुणवत्तायुक्त और कारगर हैं जितनी ब्रांड की गई महँगी दवाइयाँ. साथ ही इनके दाम इन महँगी दवाइयों की तुलना में बहुत कम होते हैं.
  • भारतीय फार्मा लोक सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम ब्यूरो (Bureau of Pharma PSUs of India – BPPI) इस योजना के लिए कार्यान्वयन एजेंसी बनाई गई है. इसकी स्थापना केंद्र सरकार के फार्मास्यूटिकल विभाग ने की है.

जन औषधि केन्द्रों की भूमिका

  • देश में अधिक से अधिक चिकित्सक जेनरिक दवाएँ लिखने लगे हैं. उधर 652 जिलों में 5,050 जन औषधि बाजार खुल गये हैं, इसलिए उच्च गुणों वाली सस्ती जेनेरिक दवाओं को उपलब्ध कराना और उनके बारे में जागरूकता उत्पन्न करना आवश्यक हो गया है. इन केन्द्रों से प्रतिदिन 10-15 लाख लाभान्वित हो रहे हैं. पिछले तीन वर्षों में जेनरिक दवाओं की बाजार में खपत 2% से बढ़कर 7% अर्थात् तिगुनी हो गई है.
  • जन औषधि दवाओं के चलते जानलेवा बीमारियों से ग्रस्त रोगियों का खर्च अच्छा-ख़ासा घट गया है. ये दवाइयाँ बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती होती है. बताया जाता है कि PMBJP योजना के कारण जनसाधारण को 1,000 करोड़ रू. की बचत हुई.
  • इस योजना के कारण नियमित आय से युक्त स्वरोजगार के अवसर बढ़ गये हैं.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : Interpol

संदर्भ

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन/इंटरपोल (The International Criminal Police Organisation- Interpol) ने सदस्य देशों को चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी रैनसमवेयर  का उपयोग करके COVID-19 के विरुद्ध लड़ रहे अस्पतालों और अन्य संस्थानों को नुकसान पहुँचा सकते हैं.

रैनसमवेयर क्या है?

रैनसमवेयर  एक प्रकार का दुर्भावनापूर्ण फिरौती मांगने वाला सॉफ़्टवेयर है. इसे इस तरह से बनाया जाता है कि वह किसी भी कंप्यूटर सिस्टम के सभी फाइलों को इनक्रिप्ट कर दे. जैसे ही सॉफ्टवेयर इन फाइलों को इनक्रिप्ट कर देता है, वैसे ही वह फिरौती मांगने लगता है और धमकी देता है कि यदि उतनी राशि नहीं चुकाई तो वह कंप्यूटर के सभी फाइलों को बर्बाद कर देगा. इसके बाद इन फाइलों तक कंप्यूटर उपयोगकर्ता तब तक देख या उपयोग नहीं कर सकता जब तक वह फिरौती में मांगी गई राशि का भुगतान न कर दे.

इंटरपोल क्या है?

  • इंटरपोल का पूरा नाम है – International Criminal Police Organisation.
  • यह एक अंतरसरकारी संगठन है जिसका मुख्यालय फ्रांस के ल्यों नगर में है.
  • इस संगठन में 194 देश सदस्य हैं.
  • इसकी स्थापना 1923 में हुई थी. उस समय इसका नाम अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस आयोग (International Criminal Police Commission) था. इसका नाम इंटरपोल 1956 में पड़ा.
  • भारत इस संगठन में 1949 में ही सम्मिलित हो गया था और इस प्रकार वह इसके पुराने सदस्यों में से एक है.

इंटरपोल के लक्ष्य

  • आतंकवाद से लड़ना.
  • संकटापन्न समुदायों को सुरक्षा देना.
  • जनसामान्य और व्यवसायों के लिए सुरक्षित साइबर स्पेस की व्यवस्था करना.
  • अवैध बाजारों पर लगाम लगाना.
  • पर्यावरण सुरक्षा में सहयोग करना.

इंटरपोल महासभा (INTERPOL GENERAL ASSEMBLY) क्या है?

  • इंटरपोल महासभा इंटरपोल का सर्वोच्च प्रशासी निकाय है जिसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि होते हैं.
  • अपनी गतिविधियों एवं नीतियों पर मतदान के लिए यह महासभा प्रत्येक वर्ष बैठती है. यह बैठक लगभग चार दिन चलती है.
  • महासभा में प्रत्येक देश के एक अथवा अधिक प्रतिनिधि होते हैं जो अपने-अपने देश के कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख होते हैं.
  • इंटरपोल महासभा इंटरपोल कार्यकारिणी समिति का भी चुनाव करती है. इस समिति का काम उस समय मार्ग-निर्देश, दिशा-निर्देश उपलब्ध कराती है जब महासभा की बैठक नहीं हो रही होती है.

इंटरपोल सूचना क्या होती है?

यदि कोई व्यक्ति अपने देश से अपराध कर के भागा हुआ हो तो उसको उसके देश में वापस बुलाने, आत्म-समर्पण करवाने अथवा इसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करने के लिए सम्बन्धित मूल देश इंटरपोल को नोटिस निर्गत करने का अनुरोध करता है.

ये सूचनाएँ सात प्रकार की होती हैं – लाल सूचना, पीली सूचना, नीली सूचना,  काली सूचना, हरी सूचना, नारंगी सूचना और बैंगनी सूचना.


GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : UN Women

संदर्भ

UN Women संस्था ने सदस्य-राज्यों से COVID ​​-19 पर अपनी कार्य योजनाओं में महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने का आग्रह किया है. इसने लिंग आधारित हिंसा में वृद्धि को “छाया महामारी” (shadow pandemic) का नाम दिया है.

यू.एन. वीमेन

  • विश्व में महिलाओं के समानता के मुद्दे को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विश्व निकाय के भीतर एकल एजेंसी के रूप में यू.एन. वीमेन के गठन के लिए 2010 को स्वीकृति प्रदान की गई थी.
  • इसका मुख्यालय अमेरिका के न्यूयार्क शहर में बनाया गया है.
  • यू.एन. वीमेन की वर्तमान प्रमुख दक्षिण अफ्रीका की पूर्व उप-राष्ट्रपति Phumzile Mlambo-Ngcuka हैं.
  • संस्था का प्रमुख कार्य महिलाओं के प्रति सभी तरह के भेदभाव को दूर करना तथा उनके सशक्तीकरण की दिशा में प्रयास करना है.
  • वास्तव में UN Women संयुक्त राष्ट्र के चार अलग-अलग भागों को विलय कर स्थापित किया गया था जो सभी लैंगिक समानता और स्त्री-सशक्तीकरण से जुड़े हुए थे. ये भाग निम्नलिखित थे –
  1. महिला प्रगति प्रभाग / Division for the Advancement of Women (DAW).
  2. अंतर्राष्ट्रीय महिला प्रगति औसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान / International Research and Training Institute for the Advancement of Women (INSTRAW).
  3. लैंगिक विषयों एवं महिला प्रगति के विशेष परामर्शी का कार्यालय / Office of the Special Adviser on Gender Issues and Advancement of Women (OSAGI)
  4. संयुक्त राष्ट्र महिला विकास कोष / United Nations Development Fund for Women (UNIFEM).

यू.एन. वीमेन के मुख्य कार्य

  • महिला आयोग जैसे अंतरसरकारी निकायों को नीतियाँ, वैश्विक मानक एवं मानदंड बनाने में सहायता करना.
  • सदस्य देशों को इन मानकों को लागू करने में सहयोग करना तथा जो देश अनुरोध करते हैं उनको उचित तकनीकी एवं वित्तीय समर्थन प्रदान करना तथा सिविल सोसाइटी के साथ कारगर भागीदारी बनाना.
  • लैंगिक समानता के प्रति संयुक्त राष्ट्र की वचनबद्धता के निर्वाह के लिए इस क्षेत्र में होने वाली प्रगति की निगरानी करना.

GS Paper 2 Source: Indian Express

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : Global Initiative on Sharing All Influenza Data (GISAID)

संदर्भ

पुणे में स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (National Institute of Virology) ने GISAID अर्थात् समस्त इन्फ्लुएंजा डाटा को साझा करने से सम्बंधित वैश्विक पहल के साथ नए कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) की 9 सम्पूर्ण जीनोम शृंखलाओं को साझा किया है.

पृष्ठभूमि

ज्ञातव्य है की मार्च के आरम्भ में ही भारत कोविड 19 की जीनोम शृंखला बनाने वाला विश्व का पांचवा देश बन गया था.

जीनोम शृंखला क्या होती है?

जीनोम की शृंखला (genomic sequencing ) बनाना एक ऐसी तकनीक है जिसके बल पर हम लोग DNA अथवा RNA के भीतर स्थित आनुवांशिक सूचनाओं को पढ़ सकते हैं और उनकी व्याख्या कर सकते हैं.

COVID-19 की जीनोम शृंखला तैयार करना आवश्यक क्यों था?

COVID-19 की जीनोम का औपचारिक नाम SARS-CoV-2 है. इसमें 30,000 आधार जोड़े होते हैं. तात्पर्य यह है कि इसमें एक लम्बा धागा (long string) जैसा होता है जिसमें 30,000 जगहों पर nucleotide नामक चार रसायनों में से एक रसायन हुआ करता है. Nucleotide का यह मिश्रण अपने-आप में अनोखा होता है और इसी से विषाणु की पहचान होती है. इस पूरी शृंखला को जीनोम शृंखला कहते हैं.

COVID-19 से ग्रस्त लोगों से लिए गये नमूने से शोधकर्ताओं को यह समझने में सुविधा होती है कि प्रसार के साथ-साथ यह विषाणु कैसे विकसित हो रहा है. अभी तक पूरे विश्व में 1,000 से अधिक कोविड-19 जीनोम प्रकाशित हो चुके हैं.

इस प्रकार जीनोम की शृंखला निम्नलिखित कार्यों के लिए आवश्यक होती है –

  1. इससे यह पता लगता है कि कोई विषाणु पूरे संसार में किस मार्ग से फ़ैल रहा है.
  2. इससे यह भी पता चलता है कि अपने फैलाव के साथ-साथ विषाणु कितनी तेजी से अपने-आप को बदल रहा है.
  3. जीनोम शृंखला के आधार पर यह निश्चय किया जा सकता है कि रोग के उपचार के लिए क्या किया जाए.
  4. जीनोम शृंखला सह-संक्रमण की भूमिका को समझने में सहायक होती है.

GISAID क्या है?

  • यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के द्वारा 2008 में आरम्भ किया गया एक सार्वजनिक मंच है जिसमें विभिन्न देश जीनोम शृंखलाओं को साझा करते हैं.
  • GISAID सदस्य देशों को सर्वसुलभ डेटाबेस भी उपलब्ध कराता है जिससे इन्फ्लुएंजा से सम्बंधित आंकड़ों को अधिक से अधिक साझा किया जा सके.
  • 2010 में जर्मनी GISAID मंच का आधिकारिक आतिथेय (official host) बन गया.
  • 2013 में GISAID को यूरोपीय आयोग ने एक शोध संगठन के रूप में मान्यता दी और उसे PREDEMICS consortium नाम की परियोजना में भागिदार बना लिया. विदित हो कि यह परियोजना विषाणुओं से उत्पन्न होने वाली महामारियों की रोकथाम और भविष्यवाणी करने का काम किया करती है.
  • इसमें यह ध्यान भी रखा जाता है की आनुवांशिक शृंखला से सम्बंधित आँकड़े देने वाले व्यक्ति की बौद्धिक सम्पदा विषयक अधिकार का उल्लंघन नहीं हो.

GS Paper 3 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Indian Economy and issues relating to planning, mobilization of resources, growth, development and employment.

Topic : What is marginal cost of funds-based lending rate or MCLR?

संदर्भ

देश के सबसे बड़े ऋणदाता प्रतिष्ठान भारतीय स्टेट बैंक ने सभी प्रकार की ऋण अवधियों के लिए MCLR को 35 आधारभूत बिन्दु (35 basis points – bps) घटा दिया है. नई दर अप्रैल 10 से लागू हो जाएगी.

MCLR क्या होता है?

  • MCLR का पूरा नाम है – Marginal cost of fund-based lending rate.
  • यह ब्याज की वह न्यूनतम दर है जिसपर कोई बैंक ऋण देता है.
  • यह अवधि से जुड़ा हुआ एक आंतरिक बेंचमार्क है जिसका तात्पर्य यह है कि इस दर का निर्धारण बैंक स्वयं करता है और इसके लिए वह देखता है कि किसी ऋण के भुगतान के लिए कितना समय बचा हुआ है.
  • MCLR वास्तविक जमा दरों से निकट रूप से जुड़ी होती है. इसका आकलन इन चार अवयवों पर आधारित होता है:- निधि की समान्त लागत, नकद रिज़र्व अनुपात (CRR), संचालन लागत तथा अवधि प्रीमियम.

MCLR का इतिहास

MCLR की पद्धति भारतीय रिज़र्व बैंक ने सबसे पहले 1 अप्रैल, 2016 को ब्याज दरों के निर्धारण के लिए आरम्भ की थी. इसके पहले जुलाई, 2010 से एक दूसरी पद्धति लागू थी जिसे आधार दर संरचना (base rate structure) कहा जाता था.


Prelims Vishesh

Patriot air defence missiles :-

  • पिछले दिनों अमेरिका ने इराक में पैट्रियट (MIM-104) नामक हवाई रक्षा मिसाइलों की तैनाती की.
  • यह एक हर मौसम में और 24 किलोमीटर तक की उंचाई पर काम करने वाली हवाई रक्षा प्रणाली है जिसकी मारक क्षमता 70 किलोमीटर तक है.
  • यह बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ उन्नत वायुयानों को नष्ट कर सकता है. इसमें मिसाइल के माध्यम से शत्रु अस्त्रों का पता लगाने का एक तन्त्र स्थापित है जिसे track-via-missile (TVM) तन्त्र कहा जाता है.

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