India-Africa Summit 2015 के महत्त्वपूर्ण बिंदु

Sansar LochanIndia and non-SAARC countries, International Affairs4 Comments

भारत और अफ्रीका के बीच समिट 2015 के प्रमुख बिंदु:- Important Points of India-Africa Summit 2015

  • भारत-अफ्रीका की यह समिट 26 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2015 पाँच दिन तक चली.
  • कुल 600 million dollars की सहायता अफ्रीका को भारत के तरफ से मिलेगी.
  • इस सम्मेलन (India-Africa Summit 2015) में अफ्रीका के सभी 54 देश शामिल हुए.
  • भारत-अफ्रीका के बीच दिल्ली में हुई यह समिट तीसरी समिट है. 4 से 8 अप्रैल को 2008 में पहली समिट भारत में दिल्ली में ही हुई थी (जिसमें अफ्रीका के 14 देश शामिल हुए थे, मिस्र और लीबिया पहली समिट में शामिल नहीं हुए थे) और दूसरी समिट 2011 में इथियोपिया (Ethiopia) की राजधानी अदिस अबाबा में हुई थी जिसमें भारत के साथ 15 अफ्रीकी देशों ने शिरकत की थी.
  • भारत-अफ्रीका के बीच मौजूदा कारोबार लगभग 70 अरब डॉलर का है. भारत ने अभी तक 41 अफ्रीकी देशों (African Countries) में करीब 137 projects लगाए हैं .
  • इस summit के logo में आधी आकृति भारतीय बाघ की है और आधी अफ्रीकन बाघ की. इसके पीछे अफ्रीका के नक़्शे को भारतीय नक़्शे में मिलता हुआ दिखाया गया है क्योंकि पहले ये दोनों भूभाग करोड़ों वर्ष पहले आपस में जुड़े हुए थे. Official website में logo के नीचे लिखा है- Proud, Courageous, Bold and on the Prowl, ready to take on the future and seize every opportunity
  • इस समिट का motto है – “Reinvigorated Partnership-Shared Vision
  • सच कहिये तो यह समिट 1983 की (NAM Summit -Non-Aligned Movement) नाम समिट (जिसमें 140 countries  ने शिरकत की थी) और कॉमनवेल्थ के बाद अब तक की सबसे बड़ी समिट है.
  • इस समिट में दोनों देशों के बीच ट्रेड बढ़ाने पर बातचीत की गयी. आईटी, स्किल डिवलपमेंट, साइबर सिक्‍युरिटी और मेरिटाइम सिक्‍युरिटी पर भी फोकस रहा.
  • भारत UN REFORM पर जोर देर रहा था. सिक्यूरिटी कौंसिल (Security Council) में भारत दावेदारी चाहता है. अभी सिक्यूरिटी कौंसिल में अमेरिका, चीन, रूस, इंग्लैंड और फ्रांस पाँच देश हैं. छठा देश भारत बनना चाहता है. इसीलिए भारत अफ्रीका का सहयोग चाहता है. अफ्रीका भारत की दावेदारी को वोट देकर पुख्ता करेगा. पर चीन नहीं चाहता कि भारत सिक्यूरिटी कौंसिल में घुसे या UN REFORM का कोई प्रावधान हो.

 

अफ्रीका से जुड़े कुछ तथ्य को भी जानें :- Some Facts about Africa

  • क्षेत्रफल की दृष्टि से अफ्रीका भारत से 10 गुना बड़ा है.
  • क्षेत्रफल के अनुसार अल्जीरिया अफ्रीका का सबसे बड़ा देश है और सबसे छोटा देश सेशल्स है.
  • यदि जनसंख्या की बात करें तो अफ्रीका की जनसंख्या करीब एक अरब दस करोड़ है जो कि भारत के जनसंख्या से अधिक कम नहीं है. दोनों भूभाग एक समान समस्या से जूझ रहे हैं और वह है- आवश्यकता से अधिक आबादी और उससे उपजने वाली विभिन्न अन्य समस्याएँ.
  • अफ्रीका में कुल 54 देश हैं. 2011 में बना दक्षिण सूडान अफ्रीका का नवीनतम देश है जो सूडान से अलग होकर बना है.
  • अफ्रीका और भारत की समुद्रतट रेखा (coast line of Africa and India) क्रमशः 26,000 किलोमीटर और 7,517 किलोमीटर लंबी है (according to Wiki/Wikipedia data).
  • अफ्रीका को युवा महाद्वीप माना जाता है. अफ्रीका में लगभग 65 परसेंट जनसँख्या 35 वर्ष से कम की है. ठीक ऐसे हीं भारत युवा देश है.
  • अफ्रीका का मुख्य क्षेत्र आम तौर से सब-सहारा (Sub-Saharan region) कहलाता है. सब-सहारा मूलतः अफ्रीका के सहारा मरुस्थल के दक्षिणी क्षेत्र में विस्तृत है. इस्लामी देश मिस्र, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, मोरक्को, लीबिया और मॉरितानिया की गिनती सब-सहारा क्षेत्र में नहीं की जाती क्योंकि वे उत्तरी अफ्रीका में स्थित हैं. सब-सहारा अफ्रीका में कुल 48 देश हैं जिनमें 6 द्वीपीय राष्ट्र हैं.
  • अफ्रीका में लगभग 27 लाख भारतीय लोग काम करते हैं. कई भारतीयों के पास वहाँ परमानेंट जॉब है या वे अन्य कारोबार में व्यस्त हैं.
  • अफ्रीका में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा अरबी है जो 17 करोड़ जनता द्वारा बोली जाती है.वैसे अफ्रीका में कुल 2000 मान्यताप्राप्त भाषाएँ हैं.
  • अफ्रीका में सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश नाइजीरिया है जिसकी आबादी 17 करोड़ से अधिक है और यह देश wildlife reserves के लिए प्रसिद्ध है. मिस्र अफ्रीका का दूसरा बड़ा देश है जिसकी आबादी साढ़े आठ करोड़ है.
  • अफ्रीका में जातीय समूह की संख्या लगभग 3000 है. मात्र नाइजीरिया में ही ऐसे कबीलों की संख्या 370 से भी अधिक है.

 

[stextbox id=”download”]Summary of the article in English[/stextbox]

Today we highlighted some important points regarding the India-Africa Summit which was held at New Delhi on 26 October, 2015. It was the third summit between these two regions. This forum continued for five days. All fifty four African countries participated in this forum. The first summit and the second summit were held in 2008 and in 2011 respectively. In the current summit, India granted 600 million dollars to Africa. India’s current trade with Africa is around USD 75 billion dollars. India is working in 371 projects with 41 countries of Africa. India wants permanent seat in the UN security council. China does not want India’s presence in the UN security council as a permanent member. We also discussed some interesting facts about Africa.

 

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4 Comments on “India-Africa Summit 2015 के महत्त्वपूर्ण बिंदु”

    1. Jaruri nahi hai Ki much haaseel hi Ho. Nagar is article me likha hai Ki Bharat Un security me permannt membrsp chahta h …african countries ka vote Bharat ko chahie

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