[वस्तु एवं सेवा कर] Good and Services Tax – GST क्या है?

Sansar LochanEconomics Notes, Fiscal Policy and Taxation56 Comments

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अगस्त 2022 के महीने में सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) राजस्व ₹1,43,612 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के इसी महीने में ₹1,12,020 करोड़ के जीएसटी राजस्व से 28% अधिक है। ज्ञातव्य है कि लगातार छह महीनों तक मासिक जीएसटी राजस्व 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।

अगस्त 2022 के महीने में सकल जीएसटी राजस्व का विभाजन निम्न प्रकार किया जा सकता है :-

  1. SGST : ₹ 24,710 करोड़
  2. CGST : 30,951 करोड़
  3. IGST : ₹ 77,782 करोड़ (वस्तुओं के आयात पर एकत्रित ₹ 42,067 करोड़ सहित)
  4. उपकर : ₹ 10,168 करोड़ (माल के आयात पर एकत्रित ₹ 1,018 करोड़ सहित)

GST का इतिहास

वस्तु एवं सेवा कर (GST) एक अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है, जिसे 1 जुलाई, 2017 से लागू किया गया। इसे लागू करने के लिए भारतीय संविधान में 101वाँ संशोधन किया गया. GST लागू करने के लिए संविधान में संशोधन (amendment in constitution) किया गया और इस संशोधन पर 50% राज्य विधान मंडलों (legislature) से स्वीकृति ली गई. राज्यसभा ने 3 August, 2016 को GST Bill निर्विरोध पारित कर था. यह बिल लोकसभा द्वारा पहले ही पारित किया जा चुका था.

यह भारत के लिए एक एतिहासिक घटना था. अर्थशास्त्रियों का कहना था कि 1947 के बाद से यह भारत का आर्थिक सुधार (economic reform) का कदम है. GST लागू करने के लिए संविधान में संशोधन (amendment in constitution) किया गया और इस संशोधन पर 50% राज्य विधान मंडलों (legislature) से स्वीकृति ली गई.

वस्तु एवं सेवा कर (GST) क्या है?

किसी वस्तु की पूरी विनिर्माण शृंखला के दौरान विभिन्‍न चरणों में होने वाले सभी लेनदेनों, मूल्य वर्धन पर GST लगाया जाता है। जबकि पहले की व्यवस्था में केंद्र सरकार उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) लगाती थी, राज्य सरकार द्वारा मूल्य संवर्धन कर (VAT) लगाये जाते थे।

जिस राज्य में उत्पादन/विनिर्माण होता है, तो इन चरणों में लगने वाला GST उसी राज्य को मिलता है। इसके अतिरिक्त यह एक गंतव्य आधारित कर भी है, जो किसी वस्तु की अंतिम बिक्री वाले राज्य में वसूला जाता है।

इसमें 3 प्रकार के कर शामिल होते हैं-

  1. CGST: जहां केंद्र सरकार द्वारा राजस्व एकत्र किया जाता है,
  2. SCGST: राज्य में बिक्री के लिए राज्य सरकारों द्वारा राजस्व एकत्र किया जाता है,
  3. IGST: जहां अंतरराज्यीय बिक्री के लिए केंद्र सरकार द्वारा राजस्व एकत्र किया जाता है।

GST (Good and Services Tax) को समझने के लिए पहले हमें पहले भारत के tax structure को समझना होगा. आइए सर्वप्रथम भारत के टैक्स स्ट्रक्चर को समझते हैं.

भारतीय संविधान ने Taxation Power को दो हिस्सों में बाँटा है-

i) Central Government’s Tax Power

ii) State Government’s Tax Power

कर शीर्षों के आबंटन का महत्त्वपूर्ण सिद्धांत

  1. वे टैक्स जो अंतर्राज्यीय महत्त्व के हैं —->>> केन्द्रीय टैक्स के अन्दर आते हैं.
  2. वे टैक्स जो स्थान-विशेष से सम्बंधित हैं और स्थानीय खपत के लिए हैं—->>> राज्य टैक्स के अन्दर आते हैं.

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GST लागू होने से पहले भारत में Tax Arragement की क्या स्थिति थी?

GST के आने से पहले देश में tax arrangement में कई तरह की दिक्कतें आती थीं. जैसे हम दुकान में जाकर लैपटॉप लेने जाते थे. हम जानते हैं कि लैपटॉप का उत्पादन किसी फैक्ट्री में हुआ होगा. इसलिए केन्द्रीय सरकार उसके उत्पादन के समय ही कंपनी के मालिक से tax वसूल लेती थी. फिर वह लैपटॉप उस दुकान तक पहुँचता है जहाँ अभी मैं खड़ा हूँ. इस stage पर आकर अब राज्य सरकार उस लैपटॉप पर VAT लगा देती है. अंततः: लैपटॉप खरीदते समय मुझे central government और state government दोनों के द्वारा लगाए गए taxes का वहन करना पड़ता है. आइए इसे एक example से समझते हैं:-

दया ने मुंबई daya_breakingdoorमें जितने घर के दरवाज़े तोड़े हैं…उन घरों में वह दरवाज़ा लगवाना चाहता है. उसे अफ़सोस और आत्मग्लानि है इसलिए उसने ऐसा कार्य करने की ठानी है. उसने असम से लकडियाँ मंगवाने का सोचा.

राज्य के border के अन्दर राज्य का अपना tax structure होता है. बाहर के राज्यों से आ रहे goods को वे as an import देखती हैं. यदि दया दरवाजे की लकड़ी असम से महाराष्ट्र import कर के लाया है तो दया को निम्नलिखित taxes का वहन करना पड़ेगा:—>

a) लड़कियाँ 😁 लकड़ियाँ जहाँ काटी जा रही हैं (saw mill) वह पहले से Central और State टैक्स दे चुका है. इसलिए दया को भी इन दोनों taxes का वहन करना पड़ेगा.

b) जब दया दरवाज़ा महाराtax_structureINDIAष्ट्र लेकर आया तो महाराष्ट्र सरकार ने चुंगी वसूल कर ली. इस तरह दया ने तीन taxes का वहन किया:—>> उत्पाद शुल्क, राज्य कर और चुंगी.

c) यदि दया जरुरत से ज्यादा लकड़ी ले आया और वह उसे local market में बेचना चाहे तो उसमें भी राज्य सरकार टैक्स लगायेगी.

d) यदि राज्य से बाहर लकड़ियों को बेचना चाहे तो फिर से टैक्स.

भारत भले ही राजनैतिक रूप से एक देश है पर आर्थिक रूप से बहुत बिखरा हुआ है. राज्य की सीमा के बाहर वाणिज्य करने पर तरह-तरह के taxes लिए जाते हैं. फलस्वरूप, हर वस्तु का मूल्य बढ़ जाता है और अंततः भारत के अन्दर कोई भारतीय यदि व्यवसाय करता है तो उसमें पेचीदगी आ जाती है. चाहे वो खुद उत्पादक हो या रिटेलर हो या हम जैसे खरीदने वाले हों. सबसे अधिक भुक्तभोगी हम जैसे consumer होते हैं जिनको सभी taxes including VAT भी देना पड़ता है.

इन double/triple taxation को दूर करने के लिए ही GST लाया गया है. अब बहुत से टैक्स खत्म हो गए और उनके बदले मात्र एक tax GST रह गया.

किन Taxes को GST के द्वारा ख़त्म (subsumed) कर दिया गया?

GST के लाभ/ Benefits of GST

  1. कई taxes के जंजाल से छुट्टी.
  2. एक ही tax रहने से इसे लेने और देने वाले दोनों को आसानी.
  3. तरह-तरह के tax होने से तरह-तरह की बैमानियाँ होतीं थीं जो अब नहीं होती है या घट गई है.
  4. तरह-तरह टैक्स के बदले एक टैक्स होने से सरकार को कर प्रवंचन (tax evasion) पर लगाम रखने की सुविधा होती है अर्थात् Black money/काले धन पर नकेल कसी जाती है.
  5. पूरे भारत में एक ही tax होने से देश भर में वस्तुओं और सेवाओं के दाम एक ही रहते हैं, उनमें पहले की तरह अंतर नहीं होता .
  6. निर्माता को अब एक ही टैक्स भरना पड़ता है जिससे वस्तु और सेवा के दाम गिर जाते हैं. पूरा भारत अब एक विशाल बाजार हो गया है जिससे देश के व्यापारियों और विदेशी व्यवसायियों को भी आसानी हो गई है.
  7. GST से भारत के अन्दर विभिन्न राज्यों के बीच व्यवसाय सरल हो गया है तथा उसका खर्च बहुत घट जायेगा क्योंकि एक तो चुंगी नहीं देनी पड़ती और दूजे परिवहन का खर्चा (transportation cost) इसलिए कम हो गया कि अब trucks को अलग-अलग चुंगी (octroi) स्टेशनों पर रुकना नहीं पड़ता.
  8. सामान ढोने वाले trucks की आवाजाहि निर्बाध होने से देश के खनिज तेल का खर्च बचता है.

GST की दर क्या है? Taxation rate under GST

जैसा कि हम जानते हैं कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) वस्तु और सेवाओं की आपूर्ति पर निर्माता से लेकर अंतिम उपभोक्ता तक एक ही कर है। इसका उद्देश्य अप्रत्याशितता को दूर करना और देश-भर में उत्पादों की कीमतों में समानता लाना है। इसका उद्देश्य व्यवसायों की विनिर्माण लागत को कम करना और एक एकीकृत और सुव्यवस्थित बाजार बनाना है.

GST परिषद ने GST के तहत 0%, 5%, 12%, 18% और 28% के चार टैक्स स्लैब बनाए हैं जिसके अंतर्गत 1300 से अधिक वस्तुओं और 500 सेवाओं को इसके अन्दर समाया गया किया है। इसके अतिरिक्त, सोने पर 3% और कीमती या अर्ध-कीमती पत्थरों पर जीएसटी के तहत 0.25% की दर का निर्धारण किया गया है. सरकार के अनुसार 81% वस्तुएँ, सेवाएँ जीएसटी की 18 प्रतिशत की श्रेणी के भीतर आती हैं।

आशा है कि आप GST के विषय में अच्छे से समझ गए होंगे. यदि आपको अर्थव्यवस्था से सम्बंधित और भी आर्टिकल पढ़ने हैं जो आपकी UPSC या PCS परीक्षा में मददगार साबित हो सकते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करें – Economics Notes in Hindi

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56 Comments on “[वस्तु एवं सेवा कर] Good and Services Tax – GST क्या है?”

  1. dear sir….
    previous year mera intermediate complete hua aur mai commerce group se hu mujhe up pcs nikalne k liye kitni mehnat karni hogi plz btaeye aapki bhut kripa hogi….

  2. Thanks sir about gst

    Sir ydi sarkar 17% gst tix lagati hi to bipach 18% tix ki baat ku karaa hi usko 18% tix se kya fayeda hi jabki aam janta ko 17% tix se faayda hi
    Explain this plz

  3. Nice… very Simple way to make concept.. y dont ypu Go for Online classes.. it will be one of Best…

  4. koi goods uttrakhand se tamilnadu jata hai to uttrakhand aur tamilnadu mai us goods ka same rate hoga kya ??

  5. Sir main asmanjas ki sthiti mein hu…mai pahle coaching le chuki hu…ab mere dad fir se coaching dilane ko taiyar hain…par mujhe samajh nahi aa raha ki coaching lu ya nahi…kaise janu ki mujhe coaching ki zarurat hai ya nahi?please bataiye taki main sahi faisla le paau…

    1. कोचिंग तभी लें जब आपने कम से कम आधी पढ़ाई कम्पलीट कर ली है क्योंकि कोचिंग क्लासेज बहुत बार सर के ऊपर से जानी लगती है जब आप पूरी तरह से तैयार नहीं हों तो. इसलिए advance में आपने पढ़ाई कर लिया हो तो ही कोचिंग ज्वाइन करें.

  6. Thank you so much sir..

    Mein kab se GST smjh NHi pa rhi thi. Aj sb clear smjh aa gya.
    But Sir ye Chungi Kya hota h.? Ye nhi smjhe.

    One more question..
    Sir pre csat GS paper 2
    Only qualifing h,to Uski prepation ko kitna time Dena jruri h.
    Meri reasoning almost bahut achi h. To m kitna Pdhu?

    1. Paper 2 में अधिक मेहनत न करें. रोज आधे घंटे की प्रैक्टिस पर्याप्त है.

      चुंगी = बाहर से कोई भी सामन अन्दर आया (चाहे International या Regional)….उस पर देश/राज्य tax लगा देती है, उसे ही चुंगी कहते हैं. जैसे उत्तर प्रदेश से ट्रक से लदा सामान बिहार आया तो बिहार सरकार Custom Duty (चुंगी) लगाएगी.

  7. GST Bill ke baare me hum hindi chatron ko itne detail me batane k lie apko big big salute, i jst <3 ur every article sir

  8. thanku for your information but can u please clarify my point that how poors get affected by passing this gst bill bcoz I read this point in newspaper…

    1. Divya, all have different opinions about GST. Wherever you’ve read about its drawbacks and disadvantages, writer might have expressed his/her own views. Some people say that GST will make basic necessities of daily lives like food, transport, houses, clothing and medical treatment more expensive and the huge economic inequality will occur (gap between rich and poor).

  9. Ager kisi ke paas gyaan hai aur wo use batne ke bajaye chhupata hai to usse bada murkh koi or nahi hai . Par aap gyaan baatate ho

    Sir ji gyaan batne me hi sobha deta hai

    So thank sir ji

  10. So nice column regarding GST and foremost is your mode of presentation. So simple and very informative.

    I request you to present this type of new issues arising in daily basis.

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