गोबर-धन योजना के बारे में जानें – Galvanising Organic Bio-Agro Resources-Dhan

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संसार लोचन, प्रधान सम्पादक महोदय ने मुझसे अनुरोध किया है कि मैं आपके समक्ष 2018 की सभी योजनाओं को आपके सामने फ़रवरी 2019 के पहले परोस दूँ. वैसे तो Sansar DCA में आप योजनाओं के बारे में अवगत होते ही रहते हैं, पर एक अलग से योजना का पेज बना लेना ठीक रहेगा ताकि आप लोगों को योजनाओं को ढूंढने में समय बर्बाद नहीं करना पड़े. इसलिए हम लोग सभी योजनाओं को इस पेज से जोड़ रहे हैं > Yojana 2018. आज हम लोग गोबर-धन योजना के विषय में बात करने वाले हैं और आपके सामने सिर्फ उन्हीं तथ्यों को रखूंगी जो आपके UPSC Prelims 2019 परीक्षा में काम आ सके.

About the Author

Ruchira

रुचिरा जी हिंदी साहित्यविद् हैं और sansarlochan.IN की सह-सम्पादक हैं. कुछ वर्षों तक ये दिल्ली यूनिवर्सिटी से भी जुड़ी रही हैं. फिलहाल ये SINEWS नामक चैरिटी संगठन में कार्यरत हैं. ये आपको केंद्र और राज्य सरकारी योजनाओं के विषय में जानकारी देंगी.

यह योजना पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय की है.

इस पहल की देख-रेख स्वच्छ भारत मिशन के तहत किया जा रहा है.

GOBAR-Dhan का full-form है – Galvanising Organic Bio-Agro Resources-Dhan.

Gobar-Dhan के दो उद्देश्य हैं : – गांवों को स्वच्छ बनाना और मवेशियों के मल और कचरे से ऊर्जा उत्पन्न करना.

gobar-dhan-yojana

गोबर-धन योजना

  1. इस योजना की घोषणा 2018-19 के बजट में की गई थी.
  2. इसका कार्यान्वयन स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अंतर्गत किया जाएगा. इसके दो उद्देश्य हैं – प्रथम, गाँव को स्वच्छ बनाना तथा द्वितीय, मवेशियों के मल और कचरे से ऊर्जा उत्पन्न करना.
  3. यह मवेशियों के गोबर और ठोस अपशिष्ट को खेतों में कम्पोस्ट खाद, बायोगैस और बायो CNG के रूप में प्रतिबंध और परिवर्तित करने पर ध्यान केन्द्रित करेगा.
  4. किसानों को खरीददारों से जोड़ने के लिए एक ऑनलाइन व्यापार मंच भी बनाया जाएगा ताकि वे गोबर और कृषि अपशिष्ट के लिए उचित मूल्य प्राप्त कर सकें.
  5. इस संदर्भ में एक प्रमुख चुनौती यह है कि किसानों को यह सोचने के लिए प्रेरित किया जाए कि उनके मवेशियों के अपशिष्ट से आय प्राप्त की जा सकती है और इस प्रक्रिया में वे अपने समुदायों को भी स्वच्छ बना सकते हैं.

आवश्यकता

  • 19वीं पशुधन गणना (2012) का अनुमान है कि भारत के मवेशियों की जनसंख्या 300 मिलियन (विश्व में सबसे अधिक) है, जिनसे प्रतिदिन 3 मिलियन टन गोबर का उत्पादन होता है.
  • 2014 के ILO के एक अध्ययन के अनुसार, गोबर का उत्पादक उपयोग राष्ट्रीय स्तर पर 1.5 मिलियन नौकरियाँ उपलब्ध करा सकता है. किसान के लिए गोबर बिक्री से अधिक आय की महत्त्वपूर्ण संभावना है.
  • ILO अध्ययन में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक किग्रा. गोबर का मूल्य 10 गुना से अधिक बढ़ सकता है. यह इस बात पर निर्भर कि क्या अंतिम उत्पाद ताजा गोबर है (बिक्री मूल्य 0.13 रुपए) अथवा एक बायोगैस प्लांट के 1 MW के इनपुट के साथ कम्पोस्ट आउटपुट (1.6 रुपए) के रूप में है.

Tags: Gobar Dhan योजना 2018 – Galvanising Organic Bio-Agro Resources-Dhan in Hindi के बारे में. Gktoday, PIB, Vikaspedia, Wikipedia, launch date/year, related ministry information, full form, download in PDF.

सभी योजनाओं की लिस्ट इस पेज से जोड़ी जा रही है – > Govt Schemes in Hindi

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5 Comments on “गोबर-धन योजना के बारे में जानें – Galvanising Organic Bio-Agro Resources-Dhan”

  1. Iam very fortunate that sansar Lochan is providing us such a beautiful information for civil service exam

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