e-NAM क्या है? लाभ और आवश्यकता – नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट

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National Agriculture Market

पिछले दिनों पंजाब मंडी बोर्ड ने पूरे राज्य की मंडियों में राष्ट्रीय कृषि बाजार (National Agriculture Market – e-NAM) के विषय में जागरूकता शिविरों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सेमिनारों का आयोजन किया.

e-NAM क्या है?

e-NAM (राष्ट्रीय कृषि बाजार) कृषि उत्पादों के लिए एक ऑनलाइन वाणिज्य मंच है जिसका उद्देश्य किसानों, व्यापारियों और क्रेताओं को ऑनलाइन वाणिज्य सुविधा प्रदान करना और बाजार की ऐसी सुचारू व्यवस्था देना है जिसमें कृषि उत्पादों के लिए बेहतर दाम मिल सकें.

e-NAM का अनावरण भारत सरकार ने 2015 में किया था और क्रमबद्ध रूप से विस्तार होते-होते दिसम्बर 31, 2019 तक इसका विस्तार देश की 585 मंडियों तक हो गया.

e-NAM के लाभ

  • इससे किसानों को कृषि उत्पादों की विक्री के लिए एक से अधिक विकल्प मिल जाते हैं.
  • किसान की पहुँच सीधे गोदाम तक हो जाती है जिससे उसे मंडी तक उत्पाद पहुँचाने के लिए परिवहन की व्यवस्था नहीं करनी पड़ती है.
  • मंडी और बाजार के स्थानीय व्यापारियों को e-NAM के माध्यम से द्वितीयक वाणिज्य (secondary trading) के लिए एक अधिक बड़े राष्ट्रीय बाजार तक पहुँच प्राप्त हो जाती है.
  • e-NAM मंच के माध्यम से थोक विक्रेताओं, प्रसंस्कर्ताओं, निर्यातकों आदि को स्थानीय मंडी/बाजार में प्रत्यक्ष प्रतिभागिता करने का अवसर मिल जाता है जिस कारण बिचौलियों का खर्च घट जाता है.
  • भविष्य में धीरे-धीरे NAM के अन्दर पूरे देश की सभी बड़ी मंडियाँ आ जाएंगी जिसके फलस्वरूप लाइसेंस देने, शुल्क लगाने और उत्पादों को इधर-उधर ले जाने की प्रक्रियाएँ समरूप हो जाएँगी.
  • NAM से प्रमुख कृषि वस्तुओं के लिए एक वैल्यू चैन देश-भर में उभर कर सामने आ सकता है और साथ ही वैज्ञानिक ढंग से वस्तुओं के भंडारण और परिवहन को बढ़ावा भी मिल सकता है.

e-NAM आवश्यक क्यों है?

  1. वर्तमान में देश कई बाजार क्षेत्रों में बंटा हुआ है.
  2. कृषि विपणन से सम्बंधित अवसंरचनाओं की गुणवत्ता अच्छी नहीं है और तकनीक का प्रयोग भी कम होता है.
  3. पारम्परिक मंडी प्रणाली में किसानों को अपनी फसल के लिए बहुत कम दाम मिल पाता है क्योंकि उनको बाजार में कई बिचौलियों से होकर पहुंचना पड़ता है. इससे उत्पाद की लागत बढ़ जाती है.
  4. वर्तमान प्रणाली में किसान को अनेक प्रकार के करों, लेवियों और लाइसेंसों की समस्या से दो-चार होना पड़ता है.
Latest Update 2021

14 अप्रैल, 2021 को राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) के 5 वर्ष पूर्ण हो गये. केंद्र सरकार द्वारा 14 अप्रैल 2016 को e-NAM पोर्टल का प्रारम्भ किया गया था. यह एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है, जो कि कृषि वस्तुओं हेतु एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार निर्माण के लिए विद्यमान APMCs और अन्य बाजार स्थलों को जोड़ने का प्रयास करता है. सरकारी आँकड़ों के अनुसार अब तक 1.70 करोड़ से अधिक किसान और 1.63 लाख व्यापारी e-NAM मंच पर पंजीकृत हुए हैं. e-NAM प्लेटफार्म पर अनुमानित 1.30 लाख करोड़ रूपए मूल्य का कुल संयुक्त व्यापार रिकॉर्ड किया गया है.

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