कमिश्नर प्रणाली क्या है और यह कैसे लागू होती है?

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उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ और नॉएडा में पुलिस की कमिश्नर प्रणाली (commissionerate system) लागू करने का निर्णय लिया है.

कमिश्नर प्रणाली क्या है और इसके लाभ क्या हैं?

  1. कमिश्नर प्रणाली में पुलिस कमिश्नर किसी नगर की सम्पूर्ण पुलिस संरचना का प्रमुख होता है और नगर की विधि-व्यवस्था के लिए उत्तरदायी होता है. उसकी जिम्मेवारी राज्य सरकार के प्रति होती है.
  2. कमिश्नर के पास दंडाधिकारियों की शक्तियाँ भी होती हैं जिनमें लाइसेंस देना और उस पर नियंत्रण रखना भी सम्मिलित होता है.
  3. पुलिस कमिश्नर उप-महानिरीक्षक अथवा उससे ऊपर की श्रेणी का होता है और उसे उसके काम में विशेष/संयुक्त/अतिरिक्त/उपायुक्त सहायता करते हैं.
  4. समझा जाता है कि इस प्रणाली को अपनाने से नगरों से सम्बंधित जटिल विषयों के समाधान हेतु निर्णय तेजी से होता है.

कमिश्नर प्रणाली कैसे लागू होती है?

संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार, पुलिस “राज्य सूची” में आती है. जिसका अभिप्राय यह है कि पुलिस से सम्बंधित कानून बनाने और उस पर नियंत्रण रखने का अधिकार सम्बंधित राज्यों के पास होता है.

इस विषय में संवैधानिक स्थिति

कमिश्नर प्रणाली कहाँ लागू है?

पहले इस प्रकार की पुलिस प्रणाली केवल इन चार नगरों में थी – कलकत्ता, मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई. परन्तु जैसे-जैसे नगरीकरण में तेजी आई, राज्यों ने अनुभव किया कि इस प्रणाली को और कई स्थानों पर लागू करना उचित होगा.

1983 में प्रकाशित राष्ट्रीय पुलिस आयोग के छठे प्रतिवेदन (sixth National Police Commission report) में यह सुझाव दिया गया था कि कमिश्नर प्रणाली उन सभी नगरों में लागू की जाए जहाँ की जनसंख्या पाँच लाख और उससे अधिक है अथवा जहाँ विशेष परिस्थितियाँ विद्यमान हैं.

कालांतर में, कमिश्नर प्रणाली दिल्ली, पुणे, बंगलुरु और अहमदाबाद में लागू हुई. जनवरी, 2016 तक इस प्रणाली के अन्दर आने वाले नगरों की संख्या बढ़कर 53 हो गई थी.

Tags : Role of civil services in a democracy. What is the commissionerate system in Hindi.

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