आंध्र प्रदेश में तीन राजधानी – आवश्यकता और चुनौतियाँ

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आंध्र प्रदेश विधानसभा ने आंध्र प्रदेश समस्त क्षेत्र विकेंद्रीकरण एवं समान विकास विधेयक, 2020 (The Andhra Pradesh Decentralisation and Equal Development of All Regions Bill, 2020) को पारित कर दिया है. इसके साथ ही उस राज्य में तीन राजधानियों (capitals) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है.

ये राजधानियाँ और उनके कार्य निम्नलिखित होंगे –

  1. अमरावती – विधायी राजधानी
  2. विशाखापत्तनम – कार्यपालक राजधानी
  3. कर्नूल – न्यायिक राजधानी

आंध्र प्रदेश को तीन राजधानियों की आवश्यकता क्यों पड़ी?

आंध्र सरकार का विचार है कि एक ही विशाल राजधानी बनाने से राज्य के अन्य भागों की उपेक्षा हो जाती है. अतः यदि तीन राजधानियाँ बनाई जाएँ तो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में समान विकास सुनिश्चित होगा.

इस विषय में कई बड़ी-बड़ी समितियाँ गठित हुई थीं जिनका काम आंध्र प्रदेश के लिए एक उपयुक्त स्थान सुझाना था. उन सभी समितियों ने विकेंद्रीकरण (Decentralisation) के पक्ष में मंतव्य दिया था. ये समितियाँ थीं –

  1. बी.एन. श्रीकृष्ण समिति
  2. के शिवरामकृष्णन समिति
  3. जी.एन. राव समिति

तीन राजधानियाँ होने से सम्बंधित चुनौतियाँ

  • विधायी और कार्यपालक राजधानियों के बीच में समन्वय का काम अत्यंत दुष्कर हो सकता है. इसमें सामान ढुलाई की प्रचंड समस्या हो सकती है जिसका खामियाजा अधिकारियों और जनसामान्य दोनों को भुगतना पड़ सकता है.
  • विशाखापत्तनम कार्यपालक राजधानी बनने जा रहा है. यह न्यायिक राजधानी कर्नूल से 700 किलोमीटर और विधायी राजधानी अमरावती से 400 किलोमीटर दूरी पर है. अमरावती और कर्नूल की दूरी भी 370 किलोमीटर है. एक राजधानी से दूसरी राजधानी जाने में समय और लागत दोनों अधिक होंगे.
  • आंध्र प्रदेश पुलिस का मुख्यालय मंगलागिरी में विजयवाड़ा से 14 किलोमीटर दूर है. यदि यहाँ से भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को सचिवालय जाना होगा तो उनको विशाखापत्तनम 400 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ेगी. इसी प्रकार, यदि सरकारी अधिकारियों को उच्च न्यायालय में उपस्थित होना होगा तो उनको इसके लिए 700 किलोमीटर कर्नूल जाना होगा जहाँ कोई हवाई अड्डा भी नहीं है.
  • जब विधानसभा का सत्र होता है तो उस समय मंत्रियों को समझाने के लिए आस-पास अधिकारियों और कर्मियों को रहना पड़ता है. ऐसे समय इन अधिकारियों और कर्मियों को विशाखापत्तनम में अपनी जिम्मेवारियाँ छोड़कर अमरावती में रहना पड़ेगा.

एक से अधिक राजधानियों वाले देश

विश्व में ऐसे कई देश हैं जहाँ एक से अधिक राजधानियाँ हैं.

  • दक्षिण अफ्रीका की तीन राजधानियाँ हैं – केपटाउन (विधायी राजधान), ब्लोमफोंटिन (न्यायिक राजधानी) और प्रीटोरिआ (कार्यपालक राजधानी).
  • श्रीलंका में भी एक ओर जहाँ श्री जयवर्धनपुर कोट्टे में राष्ट्रीय संसद और औपचारिक राजधानी है, वहीँ कोलोम्बो में राष्ट्रीय कार्यपालिका और न्यायिक निकाय अवस्थित हैं.
  • मलेशिया में क्वालालम्पुर में औपचारिक एवं राजसी राजधानी के अतिरिक्त राष्ट्रीय विधायिका है, वहीं पुत्रजया में प्रशासनिक केंद्र और राष्ट्रीय न्यायपालिका है.

भारतीयों राज्यों में एक से अधिक राजधानियाँ

  • महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई है, किन्तु राज्य विधान सभा शरदकाल में नागपुर में संचालित होती है.
  • हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला है, किन्तु धर्मशाला में शरदकाल राजधानी है.
  • जम्मू और कश्मीर संघीय क्षेत्र में श्रीनगर ग्रीष्मकालीन और जम्मू शरदकालीन राजधानी है.

Tags : Three capitals for Andhra Pradesh in Hindi. 

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