सभी चिकित्सा उपकरण “औषधि” के रूप में अधिसूचित

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All medical devices to be treated as ‘drugs’ from April 1

अप्रैल 1 से सभी चिकित्सा उपकरण “औषधि” कहलायेंगे. इस आशय की अधिसूचना पिछले दिनों केन्द्रीय सरकार ने निर्गत की. इस प्रकार कई प्रकार के चिकित्सकीय उत्पाद औषधि की श्रेणी में आ गये हैं, जैसे – चिकित्सा उपकरण, शरीर के अन्दर डाले जाने वाले उपकरण और यहाँ तक कि मनुष्य या पशु के उपचार के लिए बनाया गया सॉफ्टवेयर भी. अब ये सभी औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 के दायरे में आ जाएँगे. वर्तमान में केवल 37 चिकित्सा उपकरण ही औषधि के रूप में अधिसूचित हैं.

चिकित्सा उपकरण नियमावली में किये गये संशोधन और उनके निहितार्थ

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2017 की चिकित्सा उपकरण नियमावली (Medical Devices Rules, 2017) में कुछ संशोधन किये थे जो निम्नलिखित हैं –

  1. विनियमन का दायरा बढ़ाकर सुरक्षा एवं कुशलता सुनिश्चित की गई.
  2. औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (Drugs Price Control Order – DPCO) के अधीन दामों के विनियमन का मार्ग प्रशस्त किया गया.
  3. प्रावधान किया गया कि जो कम्पनी नियमों का उल्लंघन करेगी उसको न्यायालय के द्वारा दण्डित किया जाएगा.
  4. चिकित्सा उपकरणों को बनाने, आयात करने और बेचने के लिए कम्पनियों को औषधि नियंत्रक से स्वीकृति लेनी पड़ेगी.
  5. चिकित्सा उपकरणों का केन्द्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण के यहाँ पंजीकरण आवश्यक होगा. यह पंजीकरण केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organisation – CDSCO) द्वारा स्थापित किसी चिन्हित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगा. 18 महीने तक यह पंजीकरण स्वैच्छिक रहेगा, परन्तु उसके बाद यह अनिवार्य हो जाएगा.
  6. चिकित्सा उपकरणों के निर्माता को उनके बारे में सूचनाएँ पंजीकरण हेतु CDSCO द्वारा स्थापित ऑनलाइन चिकित्सा उपकरण प्रणाली (Online System for Medical Devices) पर अपलोड करना होगा. आयातकों को भी यह काम करना होगा.

Tags : Why treat medical devices as drugs – need, concenrs and significance in Hindi.

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