भारत का उपराष्ट्रपति : Vice-President of India in Hindi

RuchiraIndian Constitution, Polity Notes12 Comments

उपराष्ट्रपति
Print Friendly, PDF & Email

आज हम भारत के उपराष्ट्रपति के कार्यकाल, कार्य, वेतन, नियुक्ति, कृत्य तथा अधिकार के विषय में पढेंगे. उपराष्ट्रपति की सूची और उसके चुनाव के विषय में भी जानेंगे. अमेरिका के संविधान से प्रभावित होकर हमारे संविधान ने भी उपराष्ट्रपति (Vice-President) के पद की व्यवस्था की है. संविधान के अनुसार, भारत का एक राष्ट्रपति होगा. उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों की एक संयुक्त बैठक में गुप्त मतदान द्वारा एकल हस्तांतरणीय मतदान (single transferable vote – STV) द्वारा होता है. वही व्यक्ति उपराष्ट्रपति (Vice-President) के पद पर निर्वाचित हो सकता है जो —

क) भारत का नागरिक हो

ख) 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो

ग) राज्य सभा की सदस्यता की योग्यता रखता हो

घ) भारत सरकार या राज्य सरकारों के अधीन या उनमें किसी के द्वारा नियंत्रित किसी स्थानीय या अन्य अधिकारी के अधीन कोई लाभ का पद धारण नहीं करता हो. राष्ट्रपति, संघ के मंत्री, राज्यपाल तथा राज्यों के मंत्री लाभ का पद धारण किये हुए नहीं समझे जायेंगे.

उपराष्ट्रपति (Vice-President) संसद के किसी सदन या किसी राज्य के विधानमंडल का सदस्य नहीं होगा. यदि निर्वाचन के पूर्व वह सदस्य रहा हो, तो निर्वाचित होने की तिथि से उसकी सदस्यता का अंत हो जायेगा. उसका कार्यकाल 5 साल है, लेकिन इस अवधि के भीतर भी वह राष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र देकर हट सकता है या राज्य सभा के सदस्यों द्वारा बहुमत से स्वीकृत प्रस्ताव के द्वारा, जिसे लोक सभा ने स्वीकार कर लिया हो, वह हटाया जा सकता है. लेकिन इसकी सूचना 14 दिन पूर्व देनी होगी. 1999 के एक अधिनियम के अनुसार vice-president को, जो राज्य सभा का सभापति होता है, 40,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा (जिसे अब बढ़ाकर 1,25,000 रु. कर दिया गया है).

उपराष्ट्रपति कृत्य तथा अधिकार

उपराष्ट्रपति राज्य सभा का पदेन सभापति होता है, अतः उसे सभापति के सभी सामान्य अधिकार दिए जाते हैं. राज्य सभा में मतदान के समय दोनों पक्षों के बराबर मत होने उसे निर्णायक मतदान का अधिकार है. लेकिन, वह सामान्य सदस्यों की भाँति साधारणतया मतदान नहीं कर सकता.

इसके अतिरिक्त, जब राष्ट्रपति का पद किसी कारण से रिक्त हो, तब नए निर्वाचित राष्ट्रपति के पदग्रहण करने के पूर्व तक Vice-President ही राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है. जब राष्ट्रपति बीमारी या अनुपस्थिति या किसी अन्य कारण से अपना काम करने में असमर्थ हो, तब vice-president ही उसका कार्यभार संभालता है. उदाहरण के लिए, जुलाई 1961 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति स्व. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद  बीमार पड़ गए थे, तब उपराष्ट्रपति (Vice-President) ने ही उनका कार्यभार संभाला था. राष्ट्रपति के स्थानापन्न के रूप में कार्यकाल तक के लिए उपराष्ट्रपति को राष्टपति का ही वेतन, भत्ता और अन्य सुविधाएँ मिलती हैं.

उपराष्ट्रपति की सूची

उपराष्ट्रपतिपदग्रहणपदमुक्तिराष्ट्रपति
सर्वपल्ली राधाकृष्णनमई 13 ,  1952मई 14 ,  1957राजेन्द्र प्रसाद
जाकिर हुसैनमई 13 ,  1962मई 12 ,  1967सर्वपल्ली राधाकृष्णन
वी वी गिरीमई 13 ,  1967मई 3 ,  1969जाकिर हुसैन
गोपाल स्वरूप पाठकअगस्त 31 ,  1969अगस्त 30 ,  1974वी वी गिरी
बी डी जत्तीअगस्त 31 ,  1974अगस्त 30 ,  1979फखरुद्दिन अली अहमद
मोहम्मद हिदायतुल्लाअगस्त 31 ,  1979अगस्त 30 ,  1984नीलम संजीव रेड्डी
रामस्वामी वेंकटरमणअगस्त 31 ,  1984जुलाई 27 ,  1987ज्ञानी जैल सिंह
शंकर दयाल शर्मासितम्बर 3 ,  1987जुलाई 24 ,  1992रामस्वामी वेंकटरमण
के आर नारायणनअगस्त 21 ,  1992जुलाई 24 ,  1997शंकर दयाल शर्मा
कृष्णकांतअगस्त 21 ,  1997जुलाई 27 ,  2002के आर नारायणन
भैरो सिंह शेखावतअगस्त 19 ,  2002जुलाई 21 ,  2007एपीजे अब्दुल कलाम
हामिद अंसारीअगस्त 11 ,  2007वर्तमानप्रतिभा पाटिल
"प्रणब मुखर्जी
Books to buy

12 Comments on “भारत का उपराष्ट्रपति : Vice-President of India in Hindi”

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.