अधीनस्थ न्यायालय – उच्च न्यायालय के अधीन

RuchiraIndian ConstitutionLeave a Comment

आपने उच्च न्यायालय और उसके क्षेत्राधिकार के विषय में हमारे ब्लॉग पर पढ़ा ही होगा. यदि नहीं पढ़ा तो यहाँ इस लिंक से पढ़ लें > (उच्च न्यायालय). आज हम इस पोस्ट में उच्च न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालय के विषय में पढेंगे.

उच्च न्यायालय के अधीन कई श्रेणी के न्यायालय होते हैं, उन्हें अधीनस्थ न्यायालय की श्रेणी में रखा जाता है. अधीनस्थ न्यायालय के सम्बन्ध में विभिन्न उपबंध संविधान के अनुच्छेद 233 से 236 तक उल्लिखित हैं. 

राज्य के प्रत्येक जिले में एक जिला अदालत होती है. सम्बंधित जिले के अपील संबंधी क्षेत्राधिकार  जिला अदालत के होते हैं – अतिरिक्त जिला अदालत, कोर्ट, मुंसिफ मजिस्ट्रेट अदालत, द्वितीय श्रेणी विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत, रेलवे के लिउए विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत आदि जिला अदालत के अधीन काम करती है. 

जिला अदालत मुख्यतः अधीनस्थ न्यायालयों से आई अपील का निपटारा करती है. अधीनस्थ न्यायालयों में एक जिला न्यायाधीश का न्यायालय और दूसरा मुंसिफ न्यायाधीश का न्यायालय होता है. जिला न्यायाधीश के न्यायालय के न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश, संयुक्त न्यायाधीश और सहायक न्यायाधीश की अदालतें सम्मिलित होती हैं. अधीनस्थ न्यायालय की दूसरी श्रेणी के न्यायालय मुंसिफ न्यायाधीश या दीवानी न्यायाधीश के नाम से जाने जाते हैं, जिनकी स्थापना जिला स्तर पर की जाती है. जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल सम्बन्धित उच्च न्यायालय के परामर्श से करते हैं. जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए सम्बंधित व्यक्ति को केंद्र या राज्य की न्यायिक सेवा में होना या कम से कम सात वर्ष का अधिवक्ता का अनुभव रखना अनिवार्य है.

Read them too :
[related_posts_by_tax]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.