[GST BILL] Good and Services Tax – GST क्या है?

Aaj hum GST aur GST Bill ke vishay men charcha karenge. Indian Economy men iske impact aur significance ki baat karenge. Bharat ke tax system/structure ko samjhenge.

[GST BILL] Good and Services Tax – GST क्या है?

राज्यसभा ने 3 August, 2016 को GST Bill निर्विरोध पारित कर दिया. यह बिल लोकसभा द्वारा पहले ही पारित किया जा चुका है. इस प्रकार इस बिल को दोनों सदनों की मंजूरी मिल चुकी है. इसे एक एतिहासिक घटना बताया जा रह है. Economists का कहना है कि 1947 के बाद से यह भारत का आर्थिक सुधार (economic reform) का कदम है. 19/10/2016 को GST Council की तीसरी बैठक हुई. इसमें GST के लिए दर (rate) का निर्धारण करने पर विचार हुआ. इसमें केंद्र सरकार के वित्त मंत्री एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए. बैठक में GST rate पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया. अधिकांश राज्यों को demerit goods पर अतिरिक्त cess लगाने को लेकर आपत्ति थी. अब यह बैठक पुनः 3-4 नवम्बर, 2016 को होगी जिसमें GST की कर संरचना पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

GST (Good and Services Tax) को समझने के लिए पहले हमें पहले भारत के tax structure को समझना होगा. आइए सर्वप्रथम भारत के टैक्स स्ट्रक्चर को समझते हैं.

भारतीय संविधान ने Taxation Power को दो हिस्सों में बाँटा है-

i) Central Government’s Tax Power

ii) State Government’s Tax Power

कर शीर्षों के आबंटन का महत्त्वपूर्ण सिद्धांत

  1. वे टैक्स जो अंतर्राज्यीय महत्त्व के हैं —->>> केन्द्रीय टैक्स के अन्दर आयेंगे.
  2. वे टैक्स जो स्थान-विशेष से सम्बंधित हैं और स्थानीय खपत के लिए हैं—->>> राज्य टैक्स के अन्दर आयेंगे.

tax_distribution

इस current tax arrangement में कहाँ त्रुटि है?

इस tax arrangement में कई तरह की दिक्कतें आती हैं. जैसे हम दुकान में जाकर लैपटॉप लेने जाते हैं. हम जानते हैं कि लैपटॉप का उत्पादन किसी फैक्ट्री में हुआ होगा. इसलिए केन्द्रीय सरकार उसके उत्पादन के समय ही कंपनी के मालिक से tax वसूल लेती है. फिर वह लैपटॉप उस दुकान तक पहुँचता है जहाँ अभी मैं खड़ा हूँ. इस stage पर आकर अब राज्य सरकार उस लैपटॉप पर VAT लगा देती है. अंततः: लैपटॉप खरीदते समय मुझे central government और state government दोनों के द्वारा लगाए गए taxes का वहन करना पड़ता है. आइए इसे एक example से समझते हैं:-

दया ने मुंबई daya_breakingdoorमें जितने घर के दरवाज़े तोड़े हैं…उन घरों में वह दरवाज़ा लगवाना चाहता है. उसे अफ़सोस और आत्मग्लानि है इसलिए उसने ऐसा कार्य करने की ठानी है. उसने असम से लकडियाँ मंगवाने का सोचा.

राज्य के border के अन्दर राज्य का अपना tax structure होता है. बाहर के राज्यों से आ रहे goods को वे as an import देखती हैं. यदि दया दरवाजे की लकड़ी असम से महाराष्ट्र import कर के लाया है तो दया को निम्नलिखित taxes का वहन करना पड़ेगा:—>

a) लकड़ियाँ जहाँ काटी जा रही हैं (saw mill) वह पहले से Central और State टैक्स दे चुका है. इसलिए दया को भी इन दोनों taxes का वहन करना पड़ेगा.

b) जब दया दरवाज़ा महाराtax_structureINDIAष्ट्र लेकर आया तो महाराष्ट्र सरकार ने चुंगी वसूल कर ली. इस तरह दया ने तीन taxes का वहन किया:—>> उत्पाद शुल्क, राज्य कर और चुंगी.

c) यदि दया जरुरत से ज्यादा लकड़ी ले आया और वह उसे local market में बेचना चाहे तो उसमें भी राज्य सरकार टैक्स लगायेगी.

d) यदि राज्य से बाहर लकड़ियों को बेचना चाहे तो फिर से टैक्स.

भारत भले ही राजनैतिक रूप से एक देश है पर आर्थिक रूप से बहुत बिखरा हुआ है. राज्य की सीमा के बाहर वाणिज्य करने पर तरह-तरह के taxes लिए जाते हैं. फलस्वरूप, हर वस्तु का मूल्य बढ़ जाता है और अंततः भारत के अन्दर कोई भारतीय यदि व्यवसाय करता है तो उसमें पेचीदगी आ जाती है. चाहे वो खुद उत्पादक हो या रिटेलर हो या हम जैसे खरीदने वाले हों. सबसे अधिक भुक्तभोगी हम जैसे consumer होते हैं जिनको सभी taxes including VAT भी देना पड़ता है.

 

इन double/triple taxation को दूर करने के लिए ही GST लाया गया है. अब बहुत से टैक्स खत्म हो जाएँगे और उनके बदले मात्र एक tax GST रह जायेगा.

किन Taxes को GST के द्वारा ख़त्म (subsumed) कर दिया जायेगा?

Central Taxes जिन्हें ख़त्म कर दिया जायेगा State Taxes जिन्हें ख़त्म कर दिया जायेगा
Central Excise duty (CENVAT)State VAT / Sales Tax
Additional duties of exciseCentral Sales Tax
Excise duty levied under Medicinal & Toiletries Preparation Act Purchase Tax
Additional duties of customs (CVD & SAD) Entertainment Tax (not levied by the local bodies)
Service TaxLuxury Tax
Surcharges & Cess Entry Tax ( All forms)
Taxes on lottery, betting & gambling
Surcharges & Cess

GST के लाभ/ Benefits of GST

  1. कई taxes के जंजाल से छुट्टी.
  2. एक ही tax रहने से इसे लेने और देने वाले दोनों को आसानी.
  3. तरह-तरह के tax होने से तरह-तरह की बैमानियाँ होतीं थीं जो अब नहीं होंगी या घट जायेंगी.
  4. तरह-तरह टैक्स के बदले एक टैक्स होने से सरकार को कर प्रवंचन (tax evasion) पर लगाम रखने की सुविधा होगी अर्थात् Black money/काले धन पर नकेल कसी जाएगी.
  5. पूरे भारत में एक ही tax होने से देश भर में वस्तुओं और सेवाओं के दाम एक ही रहेंगे, उनमें आजकल की तरह अंतर नहीं होगा.
  6. निर्माता को अब एक ही टैक्स भरना होगा जिससे वस्तु और सेवा के दाम गिर सकते हैं. पूरा भारत अब एक विशाल बाजार हो जायेगा जिससे देश के व्यापारियों और विदेशी व्यवसायियों को आसानी हो जाएगी.
  7. GST से भारत के अन्दर विभिन्न राज्यों के बीच व्यवसाय सरल होगा तथा उसका खर्च बहुत घट जायेगा क्योंकि एक तो चुंगी नहीं देनी होगी और दूजे परिवहन का खर्चा (transportation cost) इसलिए कम हो जाएगा कि अब trucks को अलग-अलग चुंगी (octroi) स्टेशनों पर रुकना नहीं पड़ेगा.
  8. सामान ढोने वाले trucks की आवाजाहि निर्बाध होने से देश के खनिज तेल का खर्च बचेगा.
  9. अनुमान है कि GST लागू होने के बाद भारत की GDP में 1 से 2% वृद्धि हो जाएगी.

GST की दर क्या होगी? Taxation rate under GST

  1. GST की दर का निर्धारण अभी नहीं हुआ है.
  2. यह काम संसद द्वारा भविष्य में किया जायेगा.
  3. सरकार ने 17% GST Tax का प्रावधान करने का प्रस्ताव दिया है. जिसका विरोध एक विपक्षी दल कर रहा है है जो 18% दर की माँग कर रहा है.
  4. अंत में कौन-सी दर निर्धारित होगी यह अभी भविष्य के गर्भ में है.

GST लागू होने की तिथि 

  1. केंद्र सरकार का प्रयास है कि GST को अगले वित्तीय वर्ष से अर्थात् 1-4-2017 से लागू कर दिया जाए.
  2. GST लागू करने के लिए संविधान में संशोधन (amendment in constitution) करना होगा और इस संशोधन पर 50% राज्य विधान मंडलों (legislature) से स्वीकृति ली जानी है. इसमें समय लग सकता है.

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About Sansar

संसार लोचन sansarlochan.IN ब्लॉग के प्रधान सम्पादक हैं. SINEWS नामक चैरिटी संगठन के प्रणेता भी हैं. ये आपको अर्थशास्त्र (Economics) से सम्बंधित अध्ययन-सामग्री उपलब्ध कराएँगे और आपके साथ भारतीय एवं विश्व अर्थव्यवस्था विषयक जानकारियाँ साझा करेंगे.

30 Responses to "[GST BILL] Good and Services Tax – GST क्या है?"

  1. vasisht kumar   August 4, 2016 at 2:58 pm

    thanks u so much sir .
    for this information .

    Reply
  2. Mainkabishnoi   August 4, 2016 at 5:00 pm

    Thanks a lot sir ji ,now all doubt clear about GST

    Reply
  3. nitin kumar   August 4, 2016 at 5:02 pm

    fabulou,,,, thank you for this information SIR<..

    Reply
  4. Lovely Goyal   August 4, 2016 at 6:30 pm

    Thank you for wonderful information of GST with awesm Daya explanation 😀 . Maja agaya

    Reply
  5. ABHISHEK   August 4, 2016 at 7:11 pm

    Thumps up……..

    Reply
  6. Syrus Choudhary   August 4, 2016 at 7:16 pm

    So nice column regarding GST and foremost is your mode of presentation. So simple and very informative.

    I request you to present this type of new issues arising in daily basis.

    Reply
    • Syrus Choudhary   August 4, 2016 at 7:18 pm

      So nice column regarding GST and foremost is your mode of presentation. So simple and very informative.

      I request you to present this type of new issues arising in daily basis.

      Reply
  7. harphul jat   August 4, 2016 at 9:13 pm

    sir,
    harphul jat
    form bhilwara raj.
    con. 9783316827
    job chahiya

    Reply
  8. kailash navrang   August 4, 2016 at 10:10 pm

    Ager kisi ke paas gyaan hai aur wo use batne ke bajaye chhupata hai to usse bada murkh koi or nahi hai . Par aap gyaan baatate ho

    Sir ji gyaan batne me hi sobha deta hai

    So thank sir ji

    Reply
  9. bharat   August 5, 2016 at 3:27 pm

    Thank you sir ji
    for wonderful information

    Reply
  10. Divya singh   August 6, 2016 at 12:21 am

    thanku for your information but can u please clarify my point that how poors get affected by passing this gst bill bcoz I read this point in newspaper…

    Reply
    • Sansar Lochan   August 6, 2016 at 1:01 pm

      Divya, all have different opinions about GST. Wherever you’ve read about its drawbacks and disadvantages, writer might have expressed his/her own views. Some people say that GST will make basic necessities of daily lives like food, transport, houses, clothing and medical treatment more expensive and the huge economic inequality will occur (gap between rich and poor).

      Reply
  11. Divya singh   August 6, 2016 at 7:49 pm

    Thanku so much sir.. 🙂

    Reply
  12. dk   August 9, 2016 at 9:11 pm

    bhot bahot dhanyawaad sir

    Reply
  13. Manoj RJ   August 10, 2016 at 7:41 pm

    GST Bill ke baare me hum hindi chatron ko itne detail me batane k lie apko big big salute, i jst <3 ur every article sir

    Reply
  14. jeevan bansal   August 11, 2016 at 5:55 pm

    thanks sir..

    Reply
  15. Satyendra kumar   August 14, 2016 at 4:28 am

    Very nice sir….
    Apake dear game aashani se samaj aa Gaya… Thanks sir

    Reply
  16. rakesh   August 14, 2016 at 11:10 am

    thanks for help hindi medium student

    Reply
  17. Sheela yadav   August 18, 2016 at 11:41 pm

    Very nice sir this information regarding GST is really very useful

    Reply
  18. Neeraj   August 25, 2016 at 10:31 am

    Many many thanx sir

    Reply
  19. saiyed jainul   September 21, 2016 at 9:31 pm

    thanks sir

    Reply
  20. Chhagan   October 23, 2016 at 9:40 pm

    Thank you so much sir..

    Mein kab se GST smjh NHi pa rhi thi. Aj sb clear smjh aa gya.
    But Sir ye Chungi Kya hota h.? Ye nhi smjhe.

    One more question..
    Sir pre csat GS paper 2
    Only qualifing h,to Uski prepation ko kitna time Dena jruri h.
    Meri reasoning almost bahut achi h. To m kitna Pdhu?

    Reply
    • Sansar Lochan   October 23, 2016 at 9:56 pm

      Paper 2 में अधिक मेहनत न करें. रोज आधे घंटे की प्रैक्टिस पर्याप्त है.

      चुंगी = बाहर से कोई भी सामन अन्दर आया (चाहे International या Regional)….उस पर देश/राज्य tax लगा देती है, उसे ही चुंगी कहते हैं. जैसे उत्तर प्रदेश से ट्रक से लदा सामान बिहार आया तो बिहार सरकार Custom Duty (चुंगी) लगाएगी.

      Reply
  21. arun kumar   November 16, 2016 at 4:41 pm

    sir its useful for me thanks

    Reply
  22. suresh sir   November 24, 2016 at 11:02 am

    pm sir Gst ka lea thanks

    Reply
  23. Swati   December 3, 2016 at 10:02 am

    Sir main asmanjas ki sthiti mein hu…mai pahle coaching le chuki hu…ab mere dad fir se coaching dilane ko taiyar hain…par mujhe samajh nahi aa raha ki coaching lu ya nahi…kaise janu ki mujhe coaching ki zarurat hai ya nahi?please bataiye taki main sahi faisla le paau…

    Reply
    • Sansar Lochan   December 5, 2016 at 12:48 pm

      कोचिंग तभी लें जब आपने कम से कम आधी पढ़ाई कम्पलीट कर ली है क्योंकि कोचिंग क्लासेज बहुत बार सर के ऊपर से जानी लगती है जब आप पूरी तरह से तैयार नहीं हों तो. इसलिए advance में आपने पढ़ाई कर लिया हो तो ही कोचिंग ज्वाइन करें.

      Reply
  24. Arun kumar   December 27, 2016 at 6:16 pm

    Thanks u sir

    Reply
  25. amit barthwal   January 15, 2017 at 5:40 pm

    koi goods uttrakhand se tamilnadu jata hai to uttrakhand aur tamilnadu mai us goods ka same rate hoga kya ??

    Reply
  26. Dr. Abhi   January 28, 2017 at 2:42 am

    Nice… very Simple way to make concept.. y dont ypu Go for Online classes.. it will be one of Best…

    Reply

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