Unpredictable UPSC : हर साल questions का trend change क्यों होता है?

Sansar LochanSuccess Mantra10 Comments

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इन्तजार के क्षण

3 June, 2018 को मेरे कई परिचत छात्र UPSC Prelims की परीक्षा दे रहे थे. मैं कड़ी धूप में अपने छात्रों का सेंटर के बाहर इंतज़ार कर रहा था. दिल्ली की कड़ी धूप बहुत कष्टकारी होती है. कुछ समय कार के अन्दर AC चला कर बैठा. पर जैसे-जैसे घड़ी की सूई 11:00 के आस-पास भटकने लगी तो मैं सेंटर की ओर चल पड़ा. पार्किंग दूर थी तो सोचा मुझे सेंटर के आस-पास ही रहना चाहिए था. कई सवाल उठ रहे थे मेरे में. मैं भी किसी छात्र की तरह ही घबराया हुआ था. मुझे आशा थी कि पिछले साल की ही तरह मेरे बताये कई सवाल आयेंगे और कई छात्र UPSC Prelims परीक्षा को आसानी से निकाल लेंगे. इसी उम्मीद के साथ मैं स्कूल के दिवार पर अपनी पीठ टिकाकर पेड़ की छोटी-छाँव में खुद को सूर्य की प्रखर किरणों से बचाने के प्रयास में लगा था.

अचानक बेल बजी और मेरे दिल की धड़कन तेज हो गयी. पता नहीं मेरे छात्र क्या कर रहे होंगे. उनकी परीक्षा कैसी गई होगी? क्या करंट अफेयर्स से सवाल आये? क्या मेरे Guess Papers इस बार काम करेंगे? फिर अपने-आप को सान्तवना देने लगता कि क्यों नहीं करेंगे. पिछली बार तो रिकॉर्ड सवाल मैंने guess किये थे जिससे अखबारों में भी मेरा नाम भी आ गया था. फिर थोड़ी देर के लिए खुश हो जाता.

सवालों पर मेरी नजर

फिर मेरी नज़र मेरे छात्रों पर गई. उनके कंधे के झुकाव को देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि मामला कुछ गड़बड़ है. मैंने उन्हें आवाज़ लगाई – “इधर…इधर हूँ मैं”. वे काफी अप्रसन्न दिख रहे थे. मैंने फिर भी पूछा – “क्यों मुंह क्यों लटकाए हो तुम सब?” उनका जवाब था, ” सर, सवाल काफी कड़े थे और परीक्षा बहुत ही बुरी गयी”. मैंने उन्हें कहा कि चलो कोई बात नहीं, चलो पेड़ की छाँव में बात करते हैं.

फिर मैंने तन्मय (मेरा प्रिय छात्र) के हाथ से GS Paper 1 ली और प्रश्न देखने लगा. उसके पास Set D था. पहले सवाल पर नज़र गई तो लगा कि मामला सच में गंभीर है. फिर आगे के सवाल देखने लगा. मुझे जिस बात का डर था ठीक वैसा ही हुआ. करंट अफेयर्स से सवाल होकर भी करंट अफेयर्स के सवाल मुझे नहीं लगे. “हाल ही में”…”समाचारों में….” आदि तो जरुर लिखा हुआ था पर सवाल हाल के कहीं से भी नहीं लग रहे थे.

UPSC Prelims का Classical Trend

UPSC Prelims परीक्षा में प्रायः ऐसा देखा गया है कि ज्यादातर सवाल 1 साल – जैसे परीक्षा जिस महीने होने वाली है …उसके ठीक एक साल पहले का करंट अफेयर्स पढ़ लो तो पर्याप्त माना जाता है. पर हर साल या तो static portion (इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान आदि) के basic सवाल अधिक आ जाते हैं और या तो current affairs ज्यादा आ जाता है. ये सारे trend तो सहनीय प्रतीत होते हैं. पर यह क्या? इस साल ऐसा क्या हुआ? कुछ ही सवाल static के थे और कुछ ही सवाल करंट अफेयर्स के लग रहे थे…पर बाकी के सवाल UPSC ने कहाँ से उठा लिए?

आप 3d printing, Blockchain, Two-State Solutions, GM Mustard, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना आदि से सवाल पूछो, यह सही लगता है. मैंने इन सब के बारे में अपनी वेबसाइट पर बता रखा है क्योंकि ये सारे टॉपिक The Hindu, Economic times में cover किये गए थे. पर आप यदि छठा विलोप/sixth mass extinction, पाखुई वन्यजीव अभ्यारण्य, संकटपूर्ण वनजीव पर्यावास, GACSA, Bani Thani आदि के बारे में पूछने लगोगे तो छात्रों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है. ये सारे टॉपिक न तो 2018 के हैं और न ही 2017 के. ये टॉपिक कभी-भी न्यूज़ आदि में नहीं आई इसलिए इन टॉपिक को न तो static कह सकते हैं और न ही current affairs.

तो हमें क्या करना चाहिए?

जिस तरह हर साल UPSC Pre के साथ experiment कर रही है, वैसे ही हमें रोना छोड़कर स्वयं में बदलाव लाना होगा. यह जरूरी नहीं कि current affairs ढेर सारा पढ़कर और static portion को ignore करके हम परीक्षा में बैठे. हमें दोनों को लेकर चलना पड़ेगा.

जो छात्र 2019 को target कर रहे हैं उन्हें मैं यही सलाह देना चाहुंगा कि आप पहले अपने history, geography, polity, economics ये सब विषयों पर दक्षता हासिल करें. चाहे इन विषयों के लिए आप NCERT Books का सहारा लें या कहीं और sources से पढ़ें…पर आपको पता रहना चाहिए कि विधान सभा के अध्यक्ष होने की योग्यता क्या है, भारतीय शासन अधिनियम, 1935 के प्रावधान क्या हैं, निजता का अधिकार किस अनुच्छेद के अंतर्गत आता है, सहायक संधि क्या है…आदि-आदि. (ये सारे सवाल इस साल आये थे).

पहले आप अपने static portion को अच्छा करें….फिर करंट अफेयर्स के लिए मैं हूँ ही. उसकी चिंता मत करें. मेरे डेली करंट अफेयर्स को जरुर पढ़ते रहें.

तो चलिए देखते हैं कि मेरे वेबसाइट से कितने सवाल इस साल UPSC ने पूछे ….

My Guess

वैसे परीक्षा होने के ठीक बाद कई वेबसाइट और कई बड़े-बड़े education mafia यह claim करने लगे कि मेरे बताये गए सवाल ही UPSC ने पूछे…पर कोई सबूत नहीं दे पा रहा है क्योंकि UPSC ने इस बार सब की watt लगाई है. खासकर उन webportal, app और internet sources को जो Current Affairs को ज्यादा तूल देने में लगे थे. दुर्भाग्यवश उनमें से मैं भी हूँ. पर सच कहूँ तो इस वर्ष का हमारे टीम का performance below average रहा. चलिए देखते हैं कैसे?

हमारे द्वारा कवर किये गए टॉपिक जो UPSC ने उठाये – with PROOF

1. Merchant Discount Rate

2. GM Mustard

3. National Green Tribunal

national green tribunal

4. प्रधानमन्त्री कौशल विकास योजना

pmkvy

5. GI Tag

gi tag

6. Free Trade Partners – ASEAN

free trade

7. Digital India

इसके बारे में तो कई बार लिखा है.

इस तरह कुल मिलकर 7-8 सवाल करेंट अफेयर्स से आये और बाकी के static सवाल तो कई सारे सजीव सर और रुचिरा मैम के नोट्स से आये. (Sajiva Sir = 9 सवाल, Ruchira Mam = 5 सवाल). पर करंट अफेयर्स ने इस बार निराश किया. क्योंकि कई सवाल 2013, 2014 ई. के थे.

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10 Comments on “Unpredictable UPSC : हर साल questions का trend change क्यों होता है?”

  1. Koi baat nhi sir hum sab aapko 2019 me Result denge zarur…..UPSC EK PATIENCE AUR HUM ME PATIENCE HAI##HUM HONGE KAMYAB EK DIN##

  2. @UPSC dose…

    bhai tu hi bata de…upsc dose naam hai, bta do kina jayega cut off upsc pre 2018 ka?
    mujhe to 80-85 lagta hai.

  3. sare coaching fake claims kar rahe hain aur apne ghatiya hone ke saboot pesh kar rhe hain
    aapne geniunely bata rha ho sab kuch, that is commendable
    fake claim se accha hai ki logo ko sach btana chahie. hum log hmsha apke sath hai guruji

  4. aap matribhasha ko aage laa rhe hain.
    aap aise nirash hoge to hum sab nirash ho jayege sir…..we love u a lot

  5. sir mere according to kafi sare swal aye apke site se. fir bhi aap aisa kyu bol rhe ho? we r greatful to u

  6. Koi baat nahi sir, hum apke sath hain, Last time pre aapke wejeh se hi clear hui thi. LAst time current affairs based tha sara kuch islie apke btaaye topics se bahar aaye hi nahi

    is saal cut off niche jayega to shayad mera selection ho jaye

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