[Sansar Surgery Part 22, 2018] Left Topics of Sansar DCA

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कई बार ऐसा होता है कि हमारी लाख मेहनत के बावजूद करंट अफेयर्स का कोई न कोई परीक्षा छूट ही जाता है. यह सिर्फ हमारे साथ ही नहीं, बड़ी-बड़ी कोचिंग संस्थाओं के साथ भी होता है. हम तो खैर छोटे लोग हैं और वैसे भी मानव की प्रकृति है कि कुछ भी परफेक्ट नहीं हो सकता. खैर, जब हमने फिर से The Hindu और अन्य अखबारों पर अपनी पैनी नज़र दौड़ाई तो देखा कि कुछ important current affairs को हमने Sansar DCA में cover नहीं किया है या कभी-कभी हम उन परीक्षा को इसमें उठाते हैं जो Revision के लिए उपयुक्त हैं.

फिर हमने सोचा जो लोग UPSC Prelims 2019 को टारगेट कर रहे हैं और संसार लोचन टीम पर आँख मूँद कर भरोसा कर रहे हैं, हमारी यह भूल उनके लिए नाइंसाफी होगी. इसलिए हमने Sansar DCA से हटकर “Sansar Surgery Series” शुरू की है जिसमें वर्ष 2018 और आगामी वर्ष 2019 के वही परीक्षा शामिल होंगे जो हमारे द्वारा भूल से Sansar DCA में कवर नहीं किये गए हों. यह Sansar Surgery Series का पार्ट 22 है.

Sansar Surgery Part 22, 2018

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20 के अनुसार, किसी भी राज्य/ संघ शासित प्रदेश में चुनाव कार्यों की निगरानी के लिए राज्य/ संघ शासित प्रदेश का मुख्य निर्वाचन अधिकारी अधिकृत होता है. हालाँकि, संसदीय या विधानसभा क्षेत्र के चुनावों के संचालन की जिम्मेदारी संसदीय या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के “रिटर्निंग अधिकारी” के पास होती है.

घोस्ट नेट(Ghost net)

घोस्ट नेट (Ghost net) को खोए हुए या छोड़कर गए मछली पकड़ने के लिए प्रयुक्त उपकरणों जैसे- जाल, हुक और ड्रेज (dredge) इत्यादि के रूप में परिभाषित किया गया है. यह पानी के निम्नतम स्तर में मौजूद समुद्र के निचले पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट कर देता है. चूंकि अधिकांश जाल अजैविक होते हैं, इसलिए यह समुद्री जीवों के द्वारा माइक्रोप्लास्टिक अंतर्ग्रहण का कारण बन सकते हैं.

पूर्वी घाट

पूर्वी घाट भारत के पूर्वी तट के साथ पर्वतों की एक असतत श्रृंखला है. पूर्वी घाट उत्तरी ओडिशा से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना से तमिलनाडु तक दक्षिण में कर्नाटक के कुछ हिस्सों और केरल के वायनाड क्षेत्र से गुजरता है. “अरकू घाटी” पूर्वी घाट में मौजूद है. पूर्वी घाटों की चोटी इतनी ऊंची नहीं है की बर्फ से ढकी रहे.

गंगा टास्क फोर्स

GTF (Ganga Task Force) चार साल के लिए वर्ष 2020 तक रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के साथ गंगा की सेवा में तैनात क्षेत्रीय सेना (Territorial Army /TA) की एक इकाई है. TA रक्षा की पहली इकाई नहीं है, यह नियमित सेना के बाद रक्षा की दूसरी इकाई है.

जीटीएफ के कार्य :

मिट्टी के कटाव की जाँच करना, जैव विविधता संरक्षण के लिए संवेदनशील नदीय क्षेत्रों पर गश्त लगाना, घाटों की निगरानी, नदी प्रदूषण की निगरानी करने के लिए वृक्षारोपण करना और इस क्षेत्र में बाढ़/प्राकृतिक आपदा के दौरान सहायता करना इनके मुख्य कार्य हैं.

किलिमंजारो पर्वत

“किलिमंजारो पर्वत” तीन ज्वालामुखी शंकु किबो, मवेन्ज़ी और शिरा के साथ, तंजानिया में स्थित एक निष्क्रिय ज्वालामुखी पर्वत है. यह अफ्रीका का सबसे ऊंचा पर्वत है, जो कि धरातल से लगभग 4,900 मीटर (16,100 फीट) और समुद्र तल से लगभग 5,895 मीटर (19,341 फीट) ऊपर है. यह किलिमंजारो राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है.

ऑपरेशन समुद्र मैत्री

भारत ने इंडोनेशिया के मध्य सुलावेसी प्रांत में भूकंप और सुनामी के पीड़ितों की सहायता के लिए ‘ऑपरेशन समुद्र मैत्री’ शुरू किया है. इसके तहत भारतीय वायु सेना के दो विमान, सी-130 जे और सी -17, को राहत सामग्रियों और चिकित्सा कर्मियों के साथ भेजा गया है, साथ ही, मानवीय सहायता और आपदा राहत के लिए नौसेना के तीन जहाजों को भी भेजा गया है.

JIMEX 18

“JIMEX 18” भारत और जापान के बीच का द्विपक्षीय सामुद्रिक अभ्यास है. जो की 5 साल बाद (पिछला संस्करण चेन्नई में दिसंबर, 2013 में आयोजित किया गया था) के बाद विशाखापत्तनम में आयोजित किया जा रहा है.

मार्राकेश समझौता

मार्राकेश समझौता (Marrakesh Agreement) नेत्रहीनों, दृष्टि बाधित व्यक्तियों के लिए प्रकाशित कार्यों तक पहुँच सुलभ करने में मदद करता है जिसपर विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) के तहत हस्ताक्षर किया गया और साथ ही इसे 20 देशों की पुष्टि करने के बाद लागू किया गया था. यूरोपीय संघ इस पर हस्ताक्षर करने वाला 70वाँ देश था.

मार्राकेश समझौता पर हस्ताक्षर करने के लाभ:–

• कॉपीराइट मानक में आसानी.

• यह भारत में लाखों नेत्रहीनों और दृष्टि बाधित व्यक्तियों के लिए प्रकाशित कार्यों तक पहुंच की सुविधा प्रदान करेगा. यह उनके लिए शिक्षा और रोजगार के लिए समान अधिकार एवं अवसर स्थापित करने में एक लंबा सफर तय करेगा.

अहमदिया आंदोलन

अहमदिया समुदाय एक इस्लामिक संप्रदाय है जिसका उद्भव भारत से हुआ और इसके बाद पूरे विश्व में विस्तार हुआ. इसकी स्थापना वर्ष 1889 में मिर्जा गुलाम अहमद ने की थी. अहमदिया आंदोलन ईसाई मिशनरी के आदर्शों और आर्य समाज के विचारों के खिलाफ था. इसने ब्रह्म समाज के विचारों के अनुरूप मानवता के सभी सार्वभौमिक धर्मों के सिद्धांतों पर आधारित धर्म का प्रस्ताव दिया. अहमदियों ने गैर-मुस्लिमों के खिलाफ जिहाद का विरोध किया और सभी लोगों के बीच भाईचारे पर बल दिया. इस आंदोलन ने भारतीय मुसलमानों के बीच पश्चिमी उदार शिक्षा फैलाई और स्कूलों और कॉलेजों के माध्यम से अपने विचारों को फैलाया. इन्हें पूरे विश्व के मुस्लिम समुदाय और विशेष रूप से पाकिस्तान द्वारा ‘अल्पसंख्यक’ या कभी-कभी “गैर-मुस्लिम” माना जाता है.

अंतर सरकारी पैनल (आईपीसीसी)

1990 के दशक के बाद से, विश्व के अधिकतर देशों ने जलवायु परिवर्तन पर चर्चा शुरू कर दी और इससे एक साथ मिलकर निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर बातचीत भी शुरू कर दी. स्पष्ट और निहित दोनों उद्देश्यों में, वैश्विक औसत तापमान को पूर्व-औद्योगिक समय से 2 डिग्री सेल्सियस के अंदर सीमित करना है – यह 1850 और 1900 के बीच की अवधि को संदर्भित करता है, जिसे तथाकथित दूसरी औद्योगिक क्रांति कहा जाता है. आईएनडीसी भी इतना पर्याप्त नहीं है जो 2 डिग्री सेल्सियस के लक्ष्य (रिपोर्ट के अनुसार) को हासिल कर पाए.

“अर्थशास्त्र” के लिए वर्ष 2018 का नोबेल पुरस्कार

“अर्थशास्त्र” के लिए वर्ष 2018 का नोबेल पुरस्कार विलियम डी नॉर्डहॉस और पॉल एम रोमर को लिए दिया गया है. रोमर का योगदान: पूर्व में वैज्ञानिकों का मानना था कि लंबे समय तक निरंतर वृद्धि, तकनीकी प्रगति पर निर्भर है, जो इसके बदले में नए विचारों के निर्माण से संबंधित थी. लेकिन, उन्होंने यह पता लगाने के लिए काफी संघर्ष किया कि नए विचारों का उद्भव कैसे हो, और कैसे नवाचार अन्य बाजार गतिविधियों के साथ सामंजस्य बैठाए. रोमर के विकास मॉडल में, बाजार नए विचारों को उत्पन्न करता है. लेकिन, जिस गति पर वे उत्पन्न होते हैं और जिस तरीके से उनका विकास किया जाता है, वे अन्य कारकों पर निर्भर करते हैं– जैसे अनुसंधान और विकास या बौद्धिक संपदा सुरक्षा के लिए राज्य समर्थन और इसने बाजार अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव किया है.

नॉर्डहॉस का योगदान:

इन्होंने गणितीय विवरणों को एक साथ किया कि कैसे उत्सर्जन वायुमंडलीय कार्बन सांद्रता को प्रभावित करता है, वायुमंडलीय कार्बन वैश्विक तापमान को कैसे प्रभावित करता है और तापमान में परिवर्तन आर्थिक गतिविधि पर कैसे प्रभाव डालता है. इसलिए, इनके सिद्धांत ने पर्यावरण के समन्वय में बेहतर नीति तैयार करने में मदद की है.

ग्लोबल औसत तापमान को 2 डिग्री सेल्सियस के बजाय 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के संभावित लाभ

• वर्ष 2016 की यूएनडीपी रिपोर्ट के अनुसार, यदि हम वैश्विक औसत तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करते हैं, तो हम वर्ष 2050 तक ऊर्जा के क्षेत्र में रोजगार को दोगुना कर सकते हैं, क्योंकि ऊर्जा की पूर्ति के लिए अक्षय ऊर्जा के स्रोतों जैसे- सौर, हवा, आदि पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे रोजगार की संभावनाएँ उत्पन्न होंगी.

• 1.5 डिग्री सेल्सियस वैश्विक औसत तापमान होने से, वायुमंडल में कम कार्बन डाइऑक्साइड होगा, इसका तात्पर्य यह है कि महासागरों में कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण कम होगा, जिसके परिणामस्वरूप महासागरिय अम्लीकरण कम होगा.

• पूर्वी एंजेलिया विश्वविद्यालय (यूके) की रिपोर्ट के अनुसार, हम कैरीबियाई देशों और अफ्रीका में डेंगू के प्रसार को कम कर सकते हैं, अगर हम तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित कर सकते हैं, क्योंकि एडीज इजिप्ती को बढ़ने और जीवित रहने के लिए गर्म तापमान की आवश्यकता होती है.

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद्

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् (National Safety Council – NSC) एक कार्यकारी सरकारी एजेंसी है जो प्रधानमंत्री के कार्यालय को राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हित के मामलों पर सलाह देने के लिए कार्यरत है. वर्ष 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने ब्रजेश मिश्रा को पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में चयनित कर इसकी स्थापना की थी. NSC के गठन से पहले, इन गतिविधियों की निगरानी प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव करते थे.

एनएससी के सदस्य:

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) के अलावा, उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (डीएनएसए), रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय के मंत्रियों सहित नीति आयोग के उपाध्यक्ष इसके सदस्य होते हैं. आवश्यक होने पर अन्य सदस्यों को मासिक बैठकों में भाग लेने के लिए बुलाया जा सकता है. पूर्व में इसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करते थे, लेकिन अब इसका नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार करते हैं. सामरिक नीति समूह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की तीन स्तरीय संरचना का पहला स्तर है. यह एनएससी के निर्णय लेने के तंत्र को केंद्रीकृत बनाता है.

एसपीजी (Security Policy Group – SPG) के सदस्य:

सेना प्रमुख, नौसेना अध्यक्ष, वायु सेना के प्रमुख, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर, गृह सचिव, रक्षा सचिव वित्त सचिव इसके सदस्य होते हैं.

कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न से संबंधित अधिनियम, 2013

कंपनी अधिनियम, 2013 प्रत्येक नियोक्ता को 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक कार्यालय या शाखा में एक आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) को गठन करना अनिवार्य करता है. यह यौन उत्पीड़न के विभिन्न पहलुओं को परिभाषित करता है, जिसमें पीड़ित महिला – किसी भी उम्र की हो “चाहे वह नियोजित हो या नहीं” वह अपने प्रति हुए यौन उत्पीड़न के किसी भी कृत्य का आरोप लगा सकती है” जिसका अर्थ है कि किसी भी क्षमता में काम करने या किसी भी कार्यस्थल पर जाने वाली सभी महिलाओं के अधिकार कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत सुरक्षित हैं. अधिनियम, 2013 के तहत आईसीसी की शक्तियां सिविल कोर्ट के समान हैं, वह किसी भी व्यक्ति को बुलाकर जाँच कर सकती है.

मेडवॉच

भारतीय वायुसेना ने ‘मेडवॉच’ नामक स्वास्थ्य सम्बंधी एक अभिनव मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जो वायु सैनिकों और भारत के सभी नागरिकों को सही, वैज्ञानिक और प्रामाणिक स्वास्थ्य जानकारी प्रदान करेगा. इस ऐप में प्राथमिक चिकित्सा, स्वास्थ्य विषयों और पोषण संबंधी तथ्यों की जानकारी जैसी विशेषताएं हैं, इसमें समय पर चिकित्सा समीक्षा, टीकाकरण और उपयोगिता उपकरण जैसे स्वास्थ्य रिकॉर्ड कार्ड, बीएमआई कैलकुलेटर, हेल्पलाइन नंबर और वेब लिंक है.

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