[Sansar Surgery Part 17, 2018] Left Topics of Sansar DCA

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कई बार ऐसा होता है कि हमारी लाख मेहनत के बावजूद करंट अफेयर्स का कोई न कोई परीक्षा छूट ही जाता है. यह सिर्फ हमारे साथ ही नहीं, बड़ी-बड़ी कोचिंग संस्थाओं के साथ भी होता है. हम तो खैर छोटे लोग हैं और वैसे भी मानव की प्रकृति है कि कुछ भी परफेक्ट नहीं हो सकता. खैर, जब हमने फिर से The Hindu और अन्य अखबारों पर अपनी पैनी नज़र दौड़ाई तो देखा कि कुछ important current affairs को हमने Sansar DCA में cover नहीं किया है या कभी-कभी हम उन परीक्षा को इसमें उठाते हैं जो Revision के लिए उपयुक्त हैं.

फिर हमने सोचा जो लोग UPSC Prelims 2019 को टारगेट कर रहे हैं और संसार लोचन टीम पर आँख मूँद कर भरोसा कर रहे हैं, हमारी यह भूल उनके लिए नाइंसाफी होगी. इसलिए हमने Sansar DCA से हटकर “Sansar Surgery Series” शुरू की है जिसमें वर्ष 2018 और आगामी वर्ष 2019 के वही परीक्षा शामिल होंगे जो हमारे द्वारा भूल से Sansar DCA में कवर नहीं किये गए हों. यह Sansar Surgery Series का पार्ट 17 है.

Sansar Surgery Part 17, 2018

ग्रह की परिभाषा

“ग्रह” के रूप में वर्गीकृत होने के लिए, उनकी “अपनी कक्षा स्पष्ट ” होनी चाहिए. “चूंकि, प्लूटो की तुलना में नेप्च्यून का गुरुत्वाकर्षण बल अधिक प्रभावी था और प्लूटो, नेपच्यून के गुरुत्वाकर्षण बल से प्रभावित था, इसलिए प्लूटो को ग्रहों की सूची से हटा दिया गया. तर्क यह भी दिया गया था कि यदि किसी खगोलीय पिंड की “कक्षा स्पष्ट हो” यानी वह अपनी कक्षा में सबसे बड़ा गुरुत्वाकर्षण बल हो तो, उस खगोलीय पिंड को ग्रह के रूप में जाना जा सकता है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

प्लूटो को ग्रह के रूप में संदर्भित करने के सम्बंध में चर्चा फिर से शुरू हो गई है, इसलिए हमने इसकी महत्ता को देखते हुए छात्रों का ध्यान “कक्षा स्पष्ट होने” के इस मानदंड की ओर आकृष्ट करने का प्रयास किया है.

चालू खाता घाटा (Current Account Deficit)

वर्तमान में Current Account Deficit के बढ़ने का कारण कच्चे तेल की कीमतों में हुई वृद्धि को बताया गया है, लेकिन हमें उन अन्य वस्तुओं पर भी ध्यान देना चाहिए जो Current Account Deficit में हुई बढ़ोतरी का कारण हैं. कोल इंडिया लिमिटेड हमारे थर्मल प्लांटों को कोयले की आपूर्ति करने में असफल रहा, इसलिए विकल्प के रूप में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया इत्यादि जैसे देशों से कोयले का आयात किया गया. सीआईएल (कोल इंडिया लिमिटेड) के कोयला उत्पादन की वृद्धि 2016 में 9% थी जोकि घटकर 2017 में 2.9% और आखिरकार 2018 में 2.4% हो गई है. इसी प्रकार, रत्नों और कीमती पत्थरों के क्षेत्रों में भी हमारे निर्यात में कमी आई है. 2017 में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का हमारा आयात 42.8 अरब डॉलर था जोकि 2018 में बढ़कर 52.9 अरब डॉलर हो गया. इसलिए, पेट्रोलियम उत्पादों को छोड़कर बाकि सभी, वर्तमान में Current Account Deficit बढ़ने के कारक हैं.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

इस टॉपिक को चुनने का उद्देश्य CAD को प्रभावित करने वाले कारकों के बारे में अवधारणाओं को और स्पष्ट करना है. क्योंकि, वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार पाठ्यक्रम के इस हिस्से की महत्ता को देखते हुए इसे विस्तार से समझना आवश्यक है.

“ग्रेट पैसिफिक गार्बेज”(Great Pacific Garbage)

ग्रेट पैसिफिक गार्बेज (Great Pacific Garbage) में प्लास्टिक, रासायनिक कीचड़ (chemical sludge) और उत्तर प्रशांत जायर (North Pacific Gyre) की धाराओं से फँसा अन्य मलबा शामिल है. इनके कम घनत्व वाले होने के कारण उपग्रहों द्वारा मलबे का पता नहीं लगाया जा सकता. इनका पता पहली बार वर्ष 1988 में लगा और यह कैलिफ़ोर्निया और हवाई द्वीप के बीच स्थित है.

“हत्ती समुदाय”

“हत्ती” समुदाय हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से संबंधित है. वे अनुसूचित जनजाति के दर्जे की मांग कर रहे हैं. वे अनुसूचित जनजाति से सम्बंधित मुद्दों के निस्तारण के लिए गठित लोकुर समिति के सभी मानदंडों को पूरा करते हैं.

भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई)

यह भारत सरकार के लिए पशु कल्याण से सम्बंधित कानूनों के सम्बंध में एक सलाहकार निकाय है और देश में पशु कल्याण को बढ़ावा देता है. भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की स्थापना वर्ष 1962 में पशु क्रूरता निवारण कानून, 1960 के खण्ड चार के तहत की गई थी. इसलिए, यह बहुत स्पष्ट है कि यह एक वैधानिक निकाय है. इसके वर्तमान अध्यक्ष पर्यावरण मंत्री नहीं, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एसपी गुप्ता हैं. इसका मुख्यालय चेन्नई, तमिलनाडु से हरियाणा के फरीदाबाद ज़िले के बल्लभगढ़ में स्थानांतरित कर दिया गया है. भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की स्थापना में प्रसिद्ध मानवतावादी रूक्मिणी देवी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

हाल ही में हुए, भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के स्थानांतरण और हालिया प्रारंभिक परीक्षाओं में पूछे गए पर्यावरण से सम्बंधित टॉपिकों के कारण इसकी महत्ता को देखते हुए हमारा प्रयास समाचारों में रहने वाले पर्यावरण संगठनों की ओर छात्रों का ध्यान आकृष्ट करना है.

बोनेट हेड शार्क

बोनेटहेड शार्क ऐसी पहली सर्वाहारी है जो झींगा, केकड़ा, आदि खाती है, लेकिन मुख्य रूप से समुद्री घास पर निर्भर होती है. यह मुख्य रूप से “मेक्सिको की खाड़ी” और इसके आस-पास के क्षेत्रों में पाई जाती है.

वाटल (wattle), देवदार (Pine), स्कॉच ब्रूम (Scotch Broom), भटकटैया (Gorse)

हाल ही में, विशेष रूप से मुकुर्थी राष्ट्रीय उद्यान जिसे पहले “नीलगिरी ताहर राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता था, उसमें नीलगिरी ताहर की संख्या में वृद्धि हुई है. इस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाली आक्रामक प्रजातियां भटकटैया, स्कॉच ब्रूम, वाटल, देवदार इत्यादि थीं.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

यूपीएससी परीक्षा 2018 में, आक्रामक प्रजातियों पर प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा से सम्बंधित टॉपिक पूछा गया था. इसलिए, इसकी महत्ता को देखते हुए हमारा प्रयास महत्वपूर्ण आक्रामक प्रजातियों की ओर छात्रों का ध्यान आकृष्ट करना है.

राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ)

हाल ही में, भारत का पहला मिसाइल ट्रैकिंग जहाज बनाया गया है, जिसका उपयोग राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ) द्वारा भी किया जाएगा.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

आईसीसी किसी न किसी वजह से हमेशा समाचारों में रहता है. इसलिए, हमारा प्रयास छात्रों का ध्यान आईसीसी की ओर आकृष्ट करते हुए आईसीसी और आईसीजे के मध्य के अंतर को स्पष्ट करना है. राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ), प्रधानमंत्री कार्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की देखरेख में एक तकनीकी खुफिया एजेंसी है, जिसकी स्थापना 2004 में की गई थी. राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन के नियंत्रण में, नेशनल क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर का निर्माण महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर होने वाले खतरों की निगरानी करने के लिए किया गया है. इसमें भी गोपनीयता के मानदंड आईबी और रॉ के समान ही हैं. इसलिए इसकी कार्यप्रणाली और इसके द्वारा किये जाने वाले कार्यों की जानकारी आरटीआई के माध्यम से नहीं प्राप्त की जा सकती.

अरावली

“अरावली” में पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है. अरावली सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला है. यह गुजरात के पालनपुर से दिल्ली तक फैली हुई है. यह लूनी, बनस और साबरमती जैसी नदियों का स्रोत है.

आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा)

हाल ही में, सरकार ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) का अनावरण किया है. यह योजना एक बहुद्देशीय योजना है, जिसमें किसानों के लिए उचित मूल्‍य सुनिश्चित करने की व्‍यवस्‍था शामिल है और इसके अंतर्गत निम्‍नलिखित समाहित हैं-

• मूल्‍य समर्थन योजना (पीएसएस)

• मूल्‍य न्‍यूनता भुगतान योजना (पीडीपीएस)

• निजी खरीद एवं स्‍टॉकिस्‍ट पायलट योजना (पीपीपीएस)

पीएसएस में, राज्य सरकारों की सक्रिय भूमिका के साथ केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा दालें, तिलहन और कोपरा (Copra) की भौतिक खरीद की जाएगी. NAFED और एफसीआई नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेंगी. पीडीपीएस के तहत, सभी तिलहनों को कवर करने का प्रस्ताव है जिसके लिए एमएसपी अधिसूचित किया गया है. इसमें, एमएसपी और बिक्री मूल्य के बीच के अंतर का सीधा भुगतान पूर्व-पंजीकृत किसानों को एक पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से अधिसूचित बाजार यार्ड में अपनी उपज बेचने के लिए किया जाएगा. सभी भुगतान सीधे किसान के पंजीकृत बैंक खातों में किए जायेंगे. यह मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) को शामिल नहीं करेगी.

गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (Fair and Remunerative Price –FRP)

FRP वह न्यूनतम कीमत है जो कि चीनी मिलों को गन्ना किसानों को भुगतान करनी पड़ती है. यह कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों और राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के परामर्श के आधार पर निर्धारित की जाती है. लेकिन, यह निर्णय आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) द्वारा किया जाता है, न कि सीएसीपी द्वारा, जो केवल सिफारिश करता है. FRP आमतौर पर एसएपी से कम होता है, क्योंकि गन्ना क्षेत्र एक बड़ा वोट बैंक है, इसलिए राज्य आमतौर पर अपने एसएपी को एफआरपी से अधिक रखते हैं (क्योंकि राज्यों को उस वोट बैंक को बरकरार रखना होता है). रंगराजन समिति ने एसएपी तंत्र को दूर करने की सिफारिश की थी.

अमूर फाल्कन, दोयांग झील और कोलेरू झील

बाज की सबसे छोटी प्रजाति अमूर फाल्कन है. यह साइबेरिया और उत्तरी चीन में पैदा होते हैं और भारत के उत्तर पूर्व से होते हुए अफ्रीका स्थानांतरित हो जाते हैं. केंद्र सरकार ने इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नागालैंड की दोयांग झील को विकसित करने का फैसला किया है. कोलेरू झील आंध्र प्रदेश में सबसे बड़े “ताजे पानी” की झीलों में से एक है और केरल की सस्थमकोट्टा झील एक ताजे पानी की झील के साथ-साथ एक रामसर साइट भी है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

नागालैंड और केरल में आई बाढ़ के कारण, ये दोनों ही झीलें समाचारों में हैं. अतः इनकी महत्ता को देखते हुए हमने इसपर विस्तृत रूप से छात्रों का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया है.

युद्ध अभ्यास 2018

भारत एवं अमेरिका के मध्य रक्षा क्षेत्र में सहयोग के रूप में संयुक्त सैन्य अभ्यास “युद्ध अभ्यास 2018” उत्तराखंड के चौबटिया में 16 सितंबर से 29 सितंबर 2018 तक आयोजित किया जाएगा. दोनो देशों के मध्य यह 14वाँ संयुक्त सैन्य अभ्यास होगा. संयुक्त सैन्य अभ्यास का आयोजन दोनों देश बारी-बारी से करते हैं. युद्ध अभ्यास-2018 के जरिये दोनों देशो के सैन्य बल संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र के अंतर्गत पहाड़ी क्षेत्र में आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी अभियान का संयुक्त रूप से अभ्यास करेंगे.

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