[Sansar Surgery Part 13, 2018] Left Topics of Sansar DCA

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कई बार ऐसा होता है कि हमारी लाख मेहनत के बावजूद करंट अफेयर्स का कोई न कोई टॉपिक छूट ही जाता है. यह सिर्फ हमारे साथ ही नहीं, बड़ी-बड़ी कोचिंग संस्थाओं के साथ भी होता है. हम तो खैर छोटे लोग हैं और वैसे भी मानव की प्रकृति है कि कुछ भी परफेक्ट नहीं हो सकता.

खैर, जब हमने फिर से The Hindu और अन्य अखबारों पर अपनी पैनी नज़र दौड़ाई तो देखा कि कुछ important current affairs को हमने Sansar DCA में cover नहीं किया है या कभी-कभी हम उन टॉपिक को इसमें उठाते हैं जो Revision के लिए उपयुक्त हैं.

फिर हमने सोचा जो लोग UPSC Prelims 2019 को टारगेट कर रहे हैं और संसार लोचन टीम पर आँख मूँद कर भरोसा कर रहे हैं, हमारी यह भूल उनके लिए नाइंसाफी होगी. इसलिए हमने Sansar DCA से हटकर “Sansar Surgery Series” शुरू की है जिसमें वर्ष 2018 और आगामी वर्ष 2019 के वही टॉपिक शामिल होंगे जो हमारे द्वारा भूल से Sansar DCA में कवर नहीं किये गए हों. यह Sansar Surgery Series का पार्ट 13 है.

Sansar Surgery Part 13, 2018

लिविंग ट्री सिद्धांत

यह एक कनाडा देश का (Canadian) एक राजनैतिक सिद्धांत है जिसके अनुसार एक जीते-जागते वृक्ष के अनुसार संविधान का भी समय-समय पर विकास होना चाहिए अर्थात् उसमें परिवर्तन होना चाहिए. कुछ विचारकों का मानना है कि संविधान के मूल उद्देश्यों को ही अपनाया जाना चाहिए, जो कि हमारे संविधान निर्माताओं की इच्छा थी. जबकि “लिविंग ट्री सिद्धांत” के बारे में दूसरे विचारकों का मानना है कि, यह महत्त्वपूर्ण नहीं है कि संविधान निर्माताओं की इच्छा क्या थी बल्कि महत्त्वपूर्ण बात यह है कि संविधान किस प्रकार अधिकारों की व्याख्या विस्तृत रूप में करता है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है?

हाल ही में, सबरीमाला मंदिर विवाद के सम्बंध में अनुच्छेद 17 की व्याख्या के समय उल्लेख के कारण “लिविंग ट्री सिद्धांत” समाचारों में है. ज्ञातव्य है कि अस्पृश्यता की प्रथा को अनुच्छेद 17 के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध घोषित कर किया गया है. यदि सबरीमाला मंदिर के विषय में आप नहीं जानते तो आप Sansar DCA पढ़ा करें, वैसे मैं लिंक दे देता हूँ >> सबरीमाला मंदिर विवाद

नॉर्डिक समूह के सदस्य देश

हाल ही में समाचारों में रहे “नॉर्डिक देशों” को आमतौर पर “हैप्पीनेस सुपरपावर” कहा जाता है. स्कैंडिनेविया शब्द का उपयोग डेनमार्क, नॉर्वे और स्वीडन के लिए किया जाता है लेकिन फिनलैंड और आइसलैंड को भी नॉर्डिक देशों के रूप में ही जाना जाता है. आमतौर पर खुशहाली से सम्बंधित सभी रिपोर्टों में, नॉर्डिक देशों को शीर्ष 10 में देखा जाता है. लेकिन, हाल ही में जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 12.3% लोग नाखुश हैं. इसलिए, कुछ पूर्व रिपोर्टों के विपरीत होने कारण यह समाचारों में है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है?

इस टॉपिक चुनने का मुख्य उद्देश्य यूपीएससी के पाठ्यक्रम के मानचित्र-अध्ययन खंड से सम्बंधित नॉर्डिक समूह का गठन करने वाले देशों की उपयोगिता को देखते हुए इसपर, छात्रों का ध्यान आकृष्ट करना है.

सिंधु जल संधि

लाहौर में सिंधु जल संधि की बात चल रही है. इसकी मध्यस्थता 1960 में विश्व बैंक द्वारा की गई थी. इसके अनुसार, चिनाब, झेलम और सिंधु जैसी पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों का उपयोग पाकिस्तान द्वारा किया जाएगा. लेकिन, भारत इसके पानी का उपयोग सिंचाई और अन्य मामूली जरूरतों के लिए कर सकता है. वहीं, सिंधु घाटी की पूर्व की ओर बहने वाली नदियां भारत के नियंत्रण में होंगी. तुलबुल सिंचाई परियोजना झेलम नदी पर स्थित है. यह श्रीनगर से बारामुला और अन्य स्थानों तक वस्तुओं के आसान परिवहन के लिए बनाया गया है. जबकि, सावलकोट परियोजना चिनाब नदी पर स्थित है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है?

चूंकि, ये परियोजनाएं मूल रूप से पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों पर हैं और पाकिस्तान अक्सर इनका विरोध करता है. लेकिन, संधि के अनुसार, भारत को जलबिजली परियोजना के लिए पानी का उपयोग करने की अनुमति है. इसलिए, सिंधु नदी पाकिस्तान के लिए “एचिलेस हील”(Achilles heel) बन गई है और इस सम्बंध में पाकिस्तान जब भी अपना असामान्य व्यवहार दिखता है, हम सिंधु जल संधि के प्रावधानों का उपयोग करते हैं.

ओपेक

हाल ही में, ओपेक (पेट्रोलियम निर्यात करने वाले देशों का संगठन) कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण समाचारों में है. ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब और वेनेजुएला ओपेक के संस्थापक सदस्य हैं. इसका मुख्यालय वियना, ऑस्ट्रिया में है. गैबॉन को ओपेक समूह के नए सदस्य के रूप वर्ष 2016 में जोड़ा गया है. ओपेक समूह में नए सदस्यों को जोड़ने के लिए कुल सदस्यों के 3/4 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है?

वेनेजुएला और ईरान में चल रहे मौजूदा संकट के कारण, ओपेक समाचारों में है. इसलिए, इसकी उपयोगिता को देखते हुए ओपेक से संबंधित तथ्यों को ध्यान रखना आवश्यक है.

बग्वाल महोत्सव

बग्वाल महोत्सव आमतौर पर उत्तराखंड में रक्षा बंधन पर मनाया जाता है. वर्ष 2013 में, उत्तराखंड के उच्च न्यायालय ने पत्थर फेंकने की परंपरा पर प्रतिबंध लगा दिया था. परंपरा के अनुसार, बग्वाल महोत्सव में प्रतिभागियों द्वारा एक-दूसरे पर पत्थर फेंके जाते हैं और वे खुद को बचाने के लिए ढाल के रूप में बांस का उपयोग करते हैं.

भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई)

भारतीय चुनाव आयोग राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, संसद और राज्य विधानसभा के लिए चुनाव आयोजित करता है. लेकिन, स्थानीय निकायों के लिए राज्य चुनाव आयोग चुनाव आयोजित करता है. भारतीय चुनाव आयोग के मुख्य रूप से तीन कार्य होते हैं

I. प्रशासनिक कार्य- मतदाता सूची का निर्माण आदि,

II. अर्ध-न्यायिक भूमिका – उदाहरण: किसी भी विवाद के दौरान एक राजनीतिक दल के प्रतीक चिन्ह पर निर्णय लेना इत्यादि और

III. सलाहकार की भूमिका – सांसदों की अयोग्यता पर राष्ट्रपति को और विधायकों की अयोग्यता पर राज्यपाल को सलाह देना.

ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड)

टीटीजेड क्षेत्र यूपी के पांच जिलों के साथ राजस्थान के एक जिले (भरतपुर) को भी कवर करता है. यह क्षेत्र आकार में ट्राइपोज़ाइडल(trapezoidal) है. इस क्षेत्र में ताजमहल, आगरा का किला, फतेहपुर सीकरी आदि सहित 40 अन्य स्मारक शामिल हैं और जैसा कि हम जानते हैं कि फतेहपुर सीकरी और आगरा का किला यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर स्थलों में सूचीबद्ध हैं.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है?

ताजमहल के लगातार समाचारों में रहने के कारण और टीटीजेड क्षेत्र की महत्ता को देखते हुए इसके बारे में जानना आवश्यक है.

बुद्धमाल महोत्सव

असम में अच्छी फसल के लिए आमतौर पर हर पाँच साल बाद बुद्धमाल महोत्सव मनाया जाता है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है?

ऐसा देखा गया है कि कभी-कभी यूपीएससी की परीक्षाओं में समाचारों में रहने वाले त्योहारों और जनजातियों के सम्बंध में प्रश्न पूछा जाता है. अतः इसकी महत्ता को देखते हुए हमने छात्रों का ध्यान इस और आकृष्ट करने का प्रयास किया है.

बांदीपुर टाइगर रिजर्व

बांदीपुर टाइगर रिजर्व मानव-पशु संघर्ष के कारण इन दिनों समाचारों में हैं. बांदीपुर टाइगर रिजर्व, नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है और कर्नाटक में स्थित है। जिसमें ज्यादातर सूखे पर्णपाती जंगल है। मोयर नदी जो कि भवानी नदी (तमिलनाडु) की सहायक नदी है, बांदीपुर और मुदुमलाई टाइगर रिजर्व के बीच में प्राकृतिक सीमा रेखा का कार्य करती है।

बठुकम्मा महोत्सव

यह तेलंगाना में मनाया जाने वाला एक पुष्प उत्सव है. इसमें फूलों को शंकु के आकार में व्यवस्थित किया जाता है जो “गोपुरम”(Gopuram) के आकार को दर्शाता है. जिस प्लेट पर इसे सजाया जाता है वह पीतल की होती है और उसे “ताम्बलम”(Taambalam) कहा जाता है. आम तौर पर, फूलों की प्रकृति औषधीय होती है जिसे हल्दी के साथ फैलाया जाता है. इसलिए, जब इन फूलों को जल निकायों में डाला जाता है, तो यह हल्दी, जीवाणुरोधी होने के कारण, तालाबों को शुद्ध करने में मदद करती है. इसलिए, यह पृथ्वी, जल और मानव के बीच अंतर्निहित सम्बंधों का एक उत्कृष्ट उदाहरण दर्शाता है.

भारत का चालू खाता घाटा (सीएडी)

भारत का चालू खाता घाटा (सीएडी) सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 3% होने वाला है जो कि खतरनाक है. हाल ही में, CAD द्वारा आर्थिक आँकड़ें जारी किये गये हैं. यह स्पष्ट है कि, अवमूल्यित मुद्रा हमेशा निर्यात को बढ़ावा देती है और आयात को कम करती है. आयात महंगा होने से आयातक, आयात कम करेंगे और चूंकि, निर्यात अधिक प्रतिस्पर्धी बन जाएगा, अतः इससे निर्यात को और अधिक बढ़ावा मिलेगा. इसलिए, सीएडी को नियंत्रित करने के लिए अवमूल्यित मुद्रा एक उत्कृष्ट उपकरण है.सीएडी पर नोटबंदी और जीएसटी का प्रभाव: नोटबंदी के कारण, असंगठित क्षेत्र बहुत अधिक प्रभावित हुआ और इससे बेरोजगारी भी बढ़ी है. जीएसटी के सम्बंध में, जीएसटी रिफंड के खराब कार्यान्वयन के कारण, निर्यातक बाहरी मांगों को पूरा करने में असफल रहे हैं, जिससे सीएडी में बढ़ोतरी हुई है.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है?

इस टॉपिक को चुनने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मुद्रा के अवमूल्यन की वास्तविकता से अवगत कराते हुए यह बताना है कि मुद्रा के अवमूल्यन का सीएडी के साथ सकारात्मक सहसंबंध है. उन्हें वर्तमान आर्थिक परिदृश्यों को देखते हुए यह धारणा नहीं बनानी चाहिए कि इसका नकारात्मक सहसंबंध होता है.

जेट्रोफा के पौधे

हाल ही में, जेट्रोफा के बीज से निकाले गए जैव ईंधन पर संचालित भारत का पहला विमान समाचारों में था. जेट्रोफा का पौधा (जंगली अरंडी) एक गैर-खाद्य पदार्थ है, चूंकि यह खाद्य सुरक्षा की आवश्यकताओं और ऊर्जा की आवश्यकताओं के बीच की बहस को खत्म करता है, अतः जैव ईंधन के लिए यह एक उत्कृष्ट स्रोत है. जेट्रोफा के पौधे को बिना किसी सिंचाई के बंजर भूमि में भी उगाया जा सकता है, इसलिए इसे किसानों के लिए वरदान माना जाता है, लेकिन इस पौधे के साथ एकमात्र समस्या यह है कि इसकी उत्पादनपूर्व अवधि 3-5 साल लंबी होती है और यह एक निम्न पैदावार वाला पौधा है.

राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (एनएससी)

एनएससी की स्थापना वर्ष 2005 में सी. रंगराजन की अध्यक्षता में आर्थिक सलाहकार परिषद की संस्तुति के आधार पर की गई और यह एक स्वायत्त संस्था है. एनएससी की स्थापना का मुख्य उद्देश्य सीएसओ, एनएसएसओ और विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के उन मंत्रालयों के बीच एक मध्यस्थ के रूप में कार्य करना था, जिन्होंने सीएसओ को डेटा न दिया हो. एनएससी के सम्बंध में बहस का कारण यह है कि, यह सांविधिक निकाय न होने कारण अधिक प्रभावी नहीं है. इसलिए, अधिक शक्ति प्रदान करने के लिए इसे एक सांविधिक निकाय बनाने की मांग की जा रही है.

रुद्रसागर झील

रुद्रसागर झील में वार्षिक नौका दौड़ महोत्सव मेलाघर (त्रिपुरा) में वार्षिक रूप से मनाया जाता है. इस दौड़ में स्थानीय मछुआरे भाग लेते हैं. इस महोत्सव में लोगों के बीच के सामूहिक कार्य, एकता और दोस्ती का जश्न मनाया जाता है.

उलची-फ्रीडम गार्डियन”(Ulchi-Freedom Guardian) ड्रिल

उलची-फ्रीडम गार्डियन (Ulchi-Freedom Guardian) ड्रिल, संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं के बीच संयुक्त रूप से होने वाला सैन्य अभ्यास था. वहीं, उत्तर कोरिया द्वारा इस सैन्य अभ्यास को अपनी स्वायत्तता के लिए खतरा समझा गया. इसलिए, इस सैन्य अभ्यास को रद्द करने के बाद ही सिंगापुर में संयुक्त राज्य अमेरिका और उत्तरी कोरिया के बीच समझौता हुआ.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह टॉपिक इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है?

आमतौर पर, यूपीएससी भारत से संबंधित टॉपिक ही पूछता है. लेकिन, कभी-कभी ऐसे टॉपिक भी पूछ लेता है जिनका अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर असर हो. इसलिए, भू-राजनीति को आकार देने वाले कुछ महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों और समझौतों की महत्ता को देखते हुए हम छात्रों का ध्यान इस ओर आकृष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं.

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