Sansar डेली करंट अफेयर्स, 29 March 2021

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Sansar Daily Current Affairs, 29 March 2021


GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre and States and the performance of these schemes.

Topic : Affordable Rental Housing Complexes

संदर्भ

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में शहरों में रहने वाले छात्रों, शहरी प्रवासियों और गरीब लोगों के लिए एक किफायती किराये की आवास योजना शुरू करने की घोषणा की है. ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) (pmay-u) के अंतर्गत एक उप-योजना के रूप में किफायती किराया आवास परिसर (arhc) की घोषणा 14 मई 2020 को आत्मनिर्भर भारत के एक भाग के रूप में केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा की गई थी. इसे 8 जुलाई को कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई थी.

किफायती किराया आवास परिसर (ARHC) योजना

  • आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर शहरी प्रवासियों/गरीबों को जीवन यापन में सरलता प्रदान करने हेतु किफायती किराया आवास परिसर (ARHC) योजना की घोषणा 14 मई, 2020 को माननीय वित्त मंत्री द्वारा की गई है.
  • ARHC योजना के लाभार्थी ईडब्ल्यूएस/एलआईजी श्रेणियों के शहरी प्रवासी/गरीब होंगे जिनमें मजदूर, शहरी गरीब (रेहड़ी-पटरी वाले या स्ट्रीट वेंडर, रिक्शा चालक, अन्य सेवा प्रदाता, इत्यादि), औद्योगिक श्रमिक, शैक्षणिक/स्वास्थ्य संस्थान, आतिथ्य क्षेत्र, दीर्घकालिक पर्यटक, विद्यार्थी या ऐसी अन्य कोई भी श्रेणी शामिल है जिसे राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों द्वारा उपयुक्त माना जाता है.

PMAY-URBAN क्या है?

प्रधानमन्त्री आवास योजना (शहरी) एक निर्माण कार्यक्रम है जिसका अनावरण आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय (MoHUPA) द्वारा किया गया है.

  • सरकार का यह मिशन है कि 2022, जब भारत के स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे हो जायेंगे, तक सभी शहरों में सभी के लिए आवास हो जाए.
  • इस योजना के लाभार्थी गरीब लोग, EWS (Economically Weak Sections) के नीचे के लोग और LIG (Low Income Group) के लोग होंगे.
  • यह योजना तीन चरणों में पूरी की जायेगी
  1. पहले चरण में अप्रैल 2015 से मार्च 2017 में 100 शहरों में ऐसे आवास बनाए जायेंगे.
  2. दूसरे चरण में अप्रैल 2017 से मार्च 2019 में 200 और शहरों को लिया जायेगा.
  3. तीसरे चरण में अप्रैल 2019 से मार्च 2022 में बाकी शहर इस योजना में शामिल किये जायेंगे.
  • योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को आवास बनाने के लिए एक लाख रु. दिया जाता है.
  • यदि लाभार्थी अपने आवास का जीर्णोद्धार (renovation) करना चाहे तो उसको डेढ़ लाख रु. का ऋण भी दिया जाता है.
  • इस ऋण पर 15 साल तक के लिए 5% की घटी हुई दर पर सूद लिया जाता है.

GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Effect of policies and politics of developed and developing countries on India’s interests, Indian diaspora.

Topic : Belt and Road Initiative

संदर्भ

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाईडेन और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने लोकतांत्रिक देशों को बेल्ट एंड रोड पहल (Belt and Road Initiative) नामक चीन की बुनियादी ढांचे की रणनीति का विकल्प प्रदान करने के लिए कहा है.

पृष्ठभूमि

ज्ञातव्य है कि ट्रम्प प्रशासन ने वर्ष 2019 में, “ब्लू डॉट नेटवर्क” (Blue Dot Network) नामक एक इस्फ्रास्ट्रक्चर योजना शुरू की थी, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में निजी क्षेत्र के नेतृत्व में बुनियादी ढाँचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए थी.

ज्ञातव्य है कि पिछले कुछ दिनों में ब्रिटेन और चीन के संबंधों में गिरावट आई है. ब्रिटेन द्वारा चीन के शिनजियांग प्रान्त में मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे ओर चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाये जाने के बाद अब चीन ने भी ब्रिटिश अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाये हैं. इसके अतिरिक्त हांगकांग के निवासियों को ब्रिटेन द्वारा ब्रिटिश नेशनल (ओवरसीज) पासपोर्ट को लेकर भी चीन-ब्रिटेन के बीच तनाव की स्थिति है.

बेल्ट एंड रोड परियोजना क्या है?

  • बेल्ट एंड रोड परियोजना की घोषणा चीन द्वारा 2013 में हुई थी. BRI पहल एक ऐसी पहल है जिसमें स्थल और समुद्र दोनों में सिल्क रोड की पट्टियाँ होंगी. इसका उद्देश्य पूर्वी एशिया के आर्थिक क्षेत्र को यूरोप के आर्थिक क्षेत्र से जोड़ना बताया जाता है अर्थात् इसका ध्येय दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को भूमि और समुद्री मार्गों के नेटवर्क से जोड़ना है.
  • इस प्रकार इस परियोजना के अन्दर एशिया, यूरोप और अफ्रीका तीन महाद्वीप आते हैं. यदि यह परियोजना लागू होती है तो इसके अन्दर सकल वैश्विक जनसंख्या का 65% और विश्व की GDP का 60% आ जायेगा. साथ ही इसमें अभिकल्पित 6 आर्थिक गलियारों में 70 देश समाहित हो जाएँगे.
  • चीन देश यूरोप, पश्चिम एशिया, पूर्व अफ्रीका एवं स्वयं चीन को स्थलीय और सामुद्रिक व्यापार सम्पर्कों को फिर से जीवित करने और नये ढंग से रचने के लिए लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर खर्च कर रहा है. इसके अंदर ऐसे आधुनिक बंदरगाह बनाए जा रहे हैं जो तीव्र गति वाली सड़कों और रेल गलियारों से जुड़ जाएँगे.

GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Awareness in space.

Topic : NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar satellite – NISAR

संदर्भ

नासा और इसरो द्वारा ‘नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार उपग्रह’ (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar satellite)  अर्थात ‘निसार’ (NISAR) नामक उपग्रह को संयुक्त रूप से विकसित करने हेतु कार्य किया जा रहा है.

NISAR

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के साथ पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट मिशन के लिए सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) विकसित किया है, जो बहुत ही उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें लेने में सक्षम है.
  • नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर (NISAR) पृथ्वी की सतह के निरीक्षण का संयुक्त मिशन है.
  • नासा के अनुसार निसार, रडार की दो भिन्न आवृत्तियों (एल और एस बैंड) का प्रयोग करने वाला पहला उपग्रह अभियान होगा. इससे पृथ्वी की सतह पर एक सेंटीमीटर से भी कम दूरी में होने वाले बदलाव को मापा जा सकेगा.
  • इस उपग्रह को वर्ष 2022 में भारत के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एक ध्रुवीय कक्षा के निकट प्रक्षेपित किया जाएगा.
  • यह उपग्रह अपने तीन-वर्षीय मिशन के दौरान प्रत्येक 12 दिनों में पूरे ग्लोब की बारीकी से जाँच (scan) करेगा. यह उपग्रह अपने मिशन के दौरान पृथ्वी पर भूमि, बर्फ की चादर और समुद्री बर्फ की चित्रण कर ग्रह की एक ‘अभूतपूर्व’ दृश्य प्रदान करेगा.

GS Paper 3 Source : Indian Express

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UPSC Syllabus : Indian Economy and issues relating to planning, mobilization, of resources, growth, development and employment.

Topic : Development Financial Institution: DFI

संदर्भ

हाल ही में राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण एवं विकास बैंक (National Bank for Financing Infrastructure and Development: NBFID) विधेयक, 2021 संसद द्वारा पारित किया गया.

NBFID विधेयक, 2021

  • इस विधेयक का उद्देश्य बुनियादी ढाँचे के वित्तपोषण के लिए मुख्य विकास वित्त संस्थान (Development Financial Institution: DFI’s) के रूप में NBFID की स्थापना करना है.
  • DFI अर्थव्यवस्था के ऐसे क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक वित्त प्रदान करता है, जहाँ वाणिज्यिक बैंकों और अन्य सामान्य वित्तीय संस्थानों की स्वीकार्य सीमा से परे जोखिम विद्यमान होता है.

राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण एवं विकास बैंक (NBFID) विधेयक की मुख्य विशेषताएँ

  • एक लाख करोड़ रुपये की प्राधिकृत शेयर पूँजी के साथ एक निगमित निकाय (corporate body) के रूप में स्थापित किया जाएगा.
  • शुरुआत में, केंद्र सरकार सभी 100% शेयर धारण करेगी, जिन्हें बाद में घटाकर 26% तक कम किया जा सकता है.
  • NBFID केंद्र सरकार, RBI, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, म्यूचुअल फंड तथा विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक जैसे बहुपक्षीय संस्थानों से धन उधार ले सकता है.
  • NBFID एक निदेशक मंडल द्वारा प्रशासित होगा.
  • इसके अध्यक्ष की नियुक्ति भारतीय रिज़र्व बैंक के सलाह से केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी.
  • केंद्र सरकार द्वारा गठित एक निकाय प्रबंध निदेशक और उप प्रबंध निदेशक के पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों की अनुशंसा करेगा.
  • NBFID एक निदेशक मंडल द्वारा शासित होगा. इसके अध्यक्ष की नियुक्ति RBI के परामर्श से केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी.
  • केंद्र सरकार द्वारा गठित एक निकाय प्रबंध निदेशक और उप प्रबंध निदेशक के पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों की अनुशंसा करेगा.
  • केंद्र सरकार 5,000 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान करेगी. इसके अलावे, बहुपक्षीय संस्थानों, संप्रभु धन निधियों आदि से ऋण लेने के लिए सरकार 0.1% से अनधिक पर शुल्क की रियायत दर विहित कर सकेगी.
  • अध्यक्ष या अन्य निदेशकों के मामले में केंद्र सरकार और अन्य कर्मचारियों के मामले में प्रबंध निदेशक के पूर्व अनुमोदन के बिना NBFID के कर्मचारियों / पदाधिकारियों के विरुद्ध कोई जाँच आरंभ नहीं की जा सकती है.
  • RBI केंद्र सरकार के परामर्श से अन्य DFI के लिए लाइसेंस प्रदान कर सकता है.

NBFID के मुख्य कार्य

  • भारत में पूर्ण अथवा आंशिक रूप से अवस्थित अवसंरचना परियोजनाओं के लिए ऋण प्रदान करना, निवेश करना या निवेश आकर्षित करना
  • अवसंरचना परियोजनाओं के लिए ऋण और अग्रिम का विस्तार करना
  • निजी क्षेत्र से निवेश आकर्षित करना
  • बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में विदेशी भागीदारी को सुगम बनाना
  • विवाद समाधान उपलब्ध करवाना और अवसंरचना वित्तपोषण में परामर्श सेवाएँ देना.

Prelims Vishesh

Shigmo festival :-

  • हाल ही में कोविड 19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए शिग्मो उत्सव को रद्द करने का निर्णय लिया गया है.
  • शिग्मो, गोवा के आदिवासी समुदायों द्वारा धान की समृद्ध और सुनहरी फसल के लिये मनाए जाने वाला उत्सव है.
  • यह वसंत के आगमन का प्रतीक भी होता है.
  • इसे फाल्गुन-चैत्र महीनों में करीब 15 दिवसों तक मनाया जाता है.
  • इस दौरान घोड़े मोदिनी/मोड़नी (घुड़सवार योद्धाओं का नृत्य), गोप और फुगड़ी जैसे लोक नृत्य किये जाते हैं.
  • कुन्बी (Kunbi), गावड़ा (Gawda) और वेलिप (Velip) सहित कृषक समुदाय भी यह त्यौहार मनाता है.

Zo Tribe :-

  • जो जनजाति (Zo tribe) भारत, बांग्लादेश और म्यांमार में पाए जाने वाला देशज समुदाय है.
  • हाल ही में, जो यूनिफिकेशन ऑर्गेनाइजेशन (ZORO) ने केंद्र से अपने आदेश को रद्द करने का निवेदन किया था, जिसमें म्यांमार की सीमा से संलग्न चार उत्तर-पूर्वी राज्यों को निर्देश दिया गया था कि वे पड़ोसी देशों के ऐसे लोगों को निष्कासित करें, जिन्होंने सैन्य सत्ता परिवर्तन के उपरांत भारत में शरण ली है.

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