Sansar डेली करंट अफेयर्स, 28 May 2021

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Sansar Daily Current Affairs, 28 May 2021


GS Paper 1 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : World History.

Topic : Rwanda genocide

संदर्भ

हाल ही में, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने कहा है कि वह ‘रवांडा नरसंहार’ में अपने देश की भूमिका को स्वीकार करते हैं और क्षमा की आशा करते हैं. फ़्रांस द्वारा यह वक्तव्य, रवांडा द्वारा आरोप लागने के कई वर्षो पश्चात् जारी किया गया है. रवांडा ने फ्रांस पर, वर्ष 1994 में, देश में हुई नृशंसता में शामिल होने का आरोप लगाया था.

रवांडा’ की भौगोलिक अवस्थिति

‘रवांडा’ (Rwanda) मध्य अफ्रीका में अवस्थिति एक स्थल-रुद्ध देश है.

  1. इसकी राजधानी ‘किगाली’ है.
  2. जनसंख्या संघटन : हुतु समुदाय (Hutus)- बहुसंख्यक तथा तुत्सी समुदाय (Tutsi) – अल्पसंख्यक.

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रवांडा नरसंहार’ क्या है?

  • रवांडा नरसंहार को अब तक के सबसे भयानक जनसंहार में से एक माना जाता है.
  • यह नरसंहार अप्रैल 1994 में हुआ था, जिसके बाद 100 दिन में ही पूरे देश में करीब 10 लाख लोगों की मौत हुई.
  • यह देश के तुत्सी और हुतु समुदाय के लोगों के बीच हुआ एक जातीय संघर्ष था, जिसने इतना भयानक रूप ले लिया.
  • 7 अप्रैल 1994 में रवांडा के प्रेसिडेंट हेबिअरिमाना और बुरंडियन के प्रेसिडेंट सिप्रेन की हवाई जहाज पर बोर्डिंग के दौरान हत्या कर दी गई थी. उस वक्त हुतु समुदाय की सरकार थी और उन्हें लगा कि यह हत्या तुत्सी समुदाय के लोगों ने की है.
  • इनकी हत्या के दूसरे ही दिन पूरे देश में नरसंहार शुरू हो गया. हुतु सरकार के अपने सैनिक भी इसमें शामिल हो गए. उन्हें तुत्सी समुदाय के लोगों को मारने का आदेश दे दिया गया.
  • इस नरसंहार में कुछ ही दिन में 80000 से भी ज्यादा तुत्सी समुदाय के लोगों को मार दिया गया था. कई देश छोड़कर भाग गए थे.
  • नरसंहार करीब 100 दिन तक चला, जिसमें मौत का आंकड़ा 10 लाख के करीब पहुंचा था. इसमें सबसे ज्यादा मरने वालों की संख्या तुत्सी समुदाय के लोगों की ही थी.
  • पहले भी इन दोनों समुदायों के बीच वर्चस्व को लेकर हिंसक झड़प होती रही थीं, जो इस भयानक नरसंहार के रूप में सामने आई.

GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Bilateral, regional and global groupings and agreements involving India and/or affecting India’s interests.

Topic : Quad targeting China: Consul General

संदर्भ

हाल ही में, मुंबई में चीन के ‘महावाणिज्यदूत’ अर्थात्  काउंसल जनरल  (Consul General) द्वारा क्वाड को ‘नियंत्रण करने के लिए एक प्रयास” बताया गया है.

‘महावाणिज्यदूत’ के अनुसार, क्वाड तथाकथित लोकतांत्रिक गठबंधन की वकालत करता है, और नियंत्रण पाने के प्रयास में एक विशिष्ट देश को लक्षित कर रहा है.

भारत के लिए निहितार्थ

भारत के संबंध में चीन का कड़ा रुख वर्ष 2020 से कुछ अधिक तीक्ष्ण हो गया है. क्वाड (Quad) का संदर्भ देने से स्पष्ट संकेत मिलता है, कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, और जिन क्षेत्रों को चीन अपना प्रभुत्व-क्षेत्र मानता है, उनमे उसके प्रभाव को सीमित करने के इरादे से बनाए गए समूह से चीन बुरी तरह चिढ़ा हुआ है.

QUAD क्या है?

  • Quad एक क्षेत्रीय गठबंधन है जिसमें ये चार देश शामिल हैं – ऑस्ट्रेलिया, जापान, भारत और अमेरिका.
  • ये चारों देश प्रजातांत्रिक देश हैं और चाहते हैं कि समुद्री व्यापार और सुरक्षा विघ्नरहित हो.
  • Quad की संकल्पना सबसे पहले जापान के प्रधानमन्त्री Shinzo Abe द्वारा 2007 में दी गई थी. परन्तु उस समय ऑस्ट्रेलिया के इससे निकल जाने के कारण यह संकल्पना आगे नहीं बढ़ सकी.

Quad समूह भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के बीच विचारों के आदान-प्रदान का एक रास्ता मात्र है और उसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए. इसके गठन का उद्देश्य प्रतिस्पर्धात्मक नहीं है.


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : Interpol

संदर्भ

भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ इंटरपोल द्वारा ‘येलो नोटिस’ (Yellow Notice) जारी करने के बाद पड़ोसी देश डोमिनिक गणराज्य में पकड़ा गया है. मेहुल चोकसी, हाल ही में एंटीगुआ और बारबुडा से भाग गया था.

मेहुल चोकसी, वर्ष 2018 में नागरिकता हासिल करने के बाद एंटीगुआ और बारबुडा में रह रहा था. वह पंजाब नेशनल बैंक के ₹13,500 करोड़ के ऋण धोखाधड़ी में वांछित है.

(नोट: हमें इस लेख से इंटरपोल और उसके द्वारा जारी किए गए विभिन्न नोटिसों के बारे में जानने की जरूरत है; ज्यादा कुछ नहीं).

इंटरपोल क्या है?

  • इंटरपोल का पूरा नाम है – International Criminal Police Organisation.
  • यह एक अंतरसरकारी संगठन है जिसका मुख्यालय फ्रांस के ल्यों नगर में है.
  • इस संगठन में 194 देश सदस्य हैं.
  • इसकी स्थापना 1923 में हुई थी. उस समय इसका नाम अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस आयोग (International Criminal Police Commission) था. इसका नाम इंटरपोल 1956 में पड़ा.
  • भारत इस संगठन में 1949 में ही सम्मिलित हो गया था और इस प्रकार वह इसके पुराने सदस्यों में से एक है.

इंटरपोल के लक्ष्य

  • आतंकवाद से लड़ना.
  • संकटापन्न समुदायों को सुरक्षा देना.
  • जनसामान्य और व्यवसायों के लिए सुरक्षित साइबर स्पेस की व्यवस्था करना.
  • अवैध बाजारों पर लगाम लगाना.
  • पर्यावरण सुरक्षा में सहयोग करना.

इंटरपोल महासभा (INTERPOL GENERAL ASSEMBLY) क्या है?

  • इंटरपोल महासभा इंटरपोल का सर्वोच्च प्रशासी निकाय है जिसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि होते हैं.
  • अपनी गतिविधियों एवं नीतियों पर मतदान के लिए यह महासभा प्रत्येक वर्ष बैठती है. यह बैठक लगभग चार दिन चलती है.
  • महासभा में प्रत्येक देश के एक अथवा अधिक प्रतिनिधि होते हैं जो अपने-अपने देश के कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख होते हैं.
  • इंटरपोल महासभा इंटरपोल कार्यकारिणी समिति का भी चुनाव करती है. इस समिति का काम उस समय मार्ग-निर्देश, दिशा-निर्देश उपलब्ध कराती है जब महासभा की बैठक नहीं हो रही होती है.

interpol

इंटरपोल सूचना क्या होती है?

यदि कोई व्यक्ति अपने देश से अपराध कर के भागा हुआ हो तो उसको उसके देश में वापस बुलाने, आत्म-समर्पण करवाने अथवा इसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करने के लिए सम्बन्धित मूल देश इंटरपोल को नोटिस निर्गत करने का अनुरोध करता है.

ये सूचनाएँ आठ प्रकार की होती हैं – लाल सूचना, पीली सूचना, नीली सूचना,  काली सूचना, हरी सूचना, नारंगी सूचना, बैंगनी सूचना और इंटरपोल-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद विशेष सूचना.

लाल सूचना

यह नोटिस वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी या उनके प्रत्यर्पण को हासिल करने के लिए किया जाता है. रेड कॉर्नर नोटिस एक ऐसे व्यक्ति को ढूंढने और उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार करने का अनुरोध है जिसे आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया है.

पीली सूचना

यह नोटिस लापता या अगवा हुए व्यक्तियों (अक्सर नाबालिगों और दिमागी रूप से कमजोर लोगों का पता लगाने) के लिए निर्गत किया जाता है. इस नोटिस की सहायता से लापता व्यक्तियों के मिलने की संभावना बढ़ जाती है. इस नोटिस की प्रतियाँ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भी चिपकायी जातीं हैं जिससे यदि कोई व्यक्ति खोये/अपहृत व्यक्ति के बारे में जानकारी देना चाहे तो सरलता से दे सके.

नीली सूचना

यह सूचना तब निर्गत होती है जब किसी अपराध के संदर्भ में किसी व्यक्ति की पहचान, स्थिति अथवा गतिविधियों के बारे में अतिरिक्त सूचना उपलब्ध करनी होती है.

काली सूचना

अज्ञात व्यक्तियों की जानकारी लेने के लिए इंटरपोल द्वारा ब्लैक नोटिस निर्गत किया जाता है. यहां अज्ञात व्यक्ति का अर्थ है एक ऐसी मृत व्यक्ति से है जिसकी पहचान पुलिस और चिकित्सा परीक्षकों द्वारा नहीं बताई जा सकी है.

हरी सूचना

ग्रीन नोटिस को ऐसे व्यक्तियों के बारे में चेतावनी और जानकारी प्रदान करने के लिए जारी की जाती है जिन्होंने जघन्य अपराध किए हैं और भविष्य में इन अपराधों को पुनः अंजाम दे सकते हैं. इस प्रकार के नोटिस बार-बार यौन अपराध करने वाले लोगों के विरुद्ध जारी की जाती है.

नारंगी सूचना

इस प्रकार की नोटिस एक ऐसे व्यक्ति, वस्तु, पार्सल बम, संदिग्ध हथियार और अन्य खतरनाक और विस्फोटक सामग्री के विषय में सतर्क करने के लिए निर्गत की जाती है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा हो.

बैंगनी सूचना

इस तरह की नोटिस पर्यवरण को क्षति पहुँचाने वाले लोगों के खिलाफ जारी की जाती है. यह नोटिस उन अपराधियों के लिए जारी की जाती है जो वन्य जीवों का शिकार करते हैं और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उनके शरीर के हिस्से बेचते हैं. भारत में एक सींग वाले गेंडे का शिकार (इसके सींग की चीन के बाजार में बहुत माँग है) और बंगाल टाइगर का शिकार (खाल और नाखून के लिए) करने वाले लोगों के विरुद्ध इस प्रकार का नोटिस निर्गत किया जाता है.

इंटरपोल-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद विशेष नोटिस

इस प्रकार की नोटिस, ऐसे समूहों और व्यक्तियों के लिए जारी की जाती है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समितियों (UN Security Council Sanctions Committees) के निशाने पर होते हैं. लश्कर-ए-तैयबा, तालिबान और अल-कायदा जैसे आतंकवादी समूहों को इसी तरह की नोटिस निर्गत की गई है.


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Related to Health.

Topic : IMA demands action against Baba Ramdev for calling allopathy ‘stupid science’

संदर्भ

हाल ही में, भारतीय चिकित्सा संघ (Indian Medical Association- IMA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोविड-19 टीकाकरण पर ‘गलत सूचना अभियान’ को रोकने के लिए सहायता माँगी है, और एलोपैथी और एलोपैथिक डॉक्टरों पर बाबा रामदेव द्वारा कथित रूप से गलत टिप्पणी करने के लिए उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की माँग की है.

संबंधित प्रकरण

हाल ही में, एक वीडियो में बाबा रामदेव ने दावा किया है, कि वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बावजूद 10,000 डॉक्टरों और कई लोगों की मौत हुई है. इस टिप्पणी को, टीकाकरण को जनता तक पहुचाने के प्रयासों को रोकने के लिए एक जानबूझकर उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है.

भारतीय चिकित्सा संघ

भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) आधुनिक चिकित्सकीय प्रणालियों का उपयोग करने वाले डॉक्टरों का स्वैच्छिक राष्ट्रीय संगठन है, जो कि डॉक्टरों के हितों की रक्षा करते हुए संपूर्ण मानव समाज के कल्याण के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहा है.

मेरी राय – मेंस के लिए

 

जब हम सेहत, बीमारी या व्याधि की बात करते हैं, तो उनके दो बुनियादी प्रकार हैं. एक तरह की व्याधि हमारे शरीर में बाहर से आती है, जो बाहरी जीवाणुओं का हमला होता है. उससे निपटने का एक तरीका होता है.

अब भी एलोपैथी चिकित्सा पद्धति संक्रमणों से निपटने में सबसे प्रभावी है, इसमें कोई शक नहीं है. मगर मनुष्य की ज्यादातर बीमारियां खुद की उत्पन्न की हुई होती हैं. वे शरीर के अंदर उत्पन्न होते हैं. ऐसी पुरानी बीमारियों के लिए, एलोपैथी चिकित्सा बहुत कारगर साबित नहीं हुई है. एलोपैथी से बीमारी को सिर्फ संभाला जा सकता है. वह कभी बीमारी को जड़ से खत्म नहीं करती क्योंकि मुख्य रूप से इसमें लक्षणों का इलाज किया जाता है.

ज्यादातर पुरानी बीमारियों के लक्षण बड़ी समस्या का छोटा सा हिस्सा होते हैं. हम हर समय बस उन छोटे हिस्सों का इलाज करते हैं. असल में अब यह उपचार का एक स्थापित तरीका बन गया है – चाहे आपको मधुमेह हो, उच्च रक्तचाप या दमा, डॉक्टर आपसे इसी बारे में बात करते हैं कि बीमारी को संभाला कैसे जाए. वे कभी उससे छुटकारा पाने की बात नहीं करते. मगर बीमारी की लक्षणों के रूप में अभिव्यक्ति बहुत छोटी चीज होती है. जो असल में होता है, वह अधिक गहरे स्तर पर होता है, जिसे बाहरी दवाओं से ठीक नहीं किया जा सकता. अगर आप बहुत गंभीर स्थिति में हैं, तो किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर के पास जाना सही नहीं होगा. आप उसके पास तभी जाएं, जब आपके पास ठीक होने का समय हो. आपात स्थिति के लिए एलोपैथी में बेहतर व्यवस्था है. मगर जब आपकी समस्याएँ हल्की होती हैं, और आप जानते हैं कि वे उभर रही हैं, तो आयुर्वेदिक उपचार और दूसरी प्रणालियां उपचार के बहुत प्रभावशाली तरीके हैं.


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Places in News :-

बेलारूस (Belarus) :-

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  • बेलारूस (राजधानी: मिन्स्क) पूर्वी यूरोप में स्थित है. यह पूर्ववर्ती सोवियत संघ का भाग है.यह स्लाव गणराज्यों का हिस्सा है (रूस और यूक्रेन के साथ).
  • यह यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EEU) का हिस्सा है.
  • यह वर्ष 2015 में स्थापित 5 सदस्यीय आर्थिक संघ है.
  • भारत-बेलारूस एक मजबूत संबंध साझा करते हैं. भारत द्वारा बेलारूस को बाजार अर्थव्यवस्था का दर्जा (Market Economy Status) प्रदान किया गया है.
  • बेलारूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में भारत का समर्थन करता है तथा भारत गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) में इसके प्रवेश का समर्थन करता है.

माली (Mali) :-

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  • हाल ही में, माली को सैन्य सत्ता परिवर्तन का सामना करना पड़ा, जब उसके परिवर्ती राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सेना द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया.
  • माली एक पश्चिमी अफ्रीकी राष्ट्र (राजधानी: बमाको) है. इसका अधिकांश भाग सहारा और सहेलिया क्षेत्रों में स्थित है.
  • यह नील और कांगो के बाद अफ्रीका की तीसरी सबसे बड़ी नदी नाइजर नदी से जल प्राप्त करता है.

टिग्रे (इथियोपिया) : Tigray (Ethiopia) :-

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  • टिग्रे क्षेत्र में इथियोपिया के बढ़ते अत्याचारों के कारण, संयुक्त राज्य अमेरिका ने इशियोपिया को आर्थिक और सुरक्षा सहायता पर प्रतिबंध लगा दिया है.
  • टिग्रे इरिट्रिया के साथ इथियोपियाई सीमा पर स्थित है और दीर्घावधि से हिंसा से पीडित है.

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