Sansar डेली करंट अफेयर्स, 29 April 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 29 April 2019


GS Paper  1 Source: The Hindu

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Topic : Plea to protect accused in sexual abuse cases

संदर्भ

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर यौन अपराध के मामलों में आरोपों की सच्चाई पर जांच पूरी होने तक आरोपी की पहचान छिपाने के लिए दिशानिर्देश तय करने के संबंध में निर्देश देने का अनुरोध किया गया है.

याचिका से सम्बंधित बातें

  • यह याचिका सर्वोच्च न्यायालय के यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने दायर की है.
  • याचिका के माध्यम से मीडिया को भी यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वह सक्षम एजेंसी द्वारा जांच पूरी होने तक यौन अपराध के आरोपों पर ओरोपी व्यक्ति की पहचान का खुलासा नहीं करे.
  • याचिका में कहा गया है कि कभी-कभी झूठे आरोपों से एक बेकसूर व्यक्ति का पूरा जीवन बर्बाद हो जाता है और ऐसे कई उदाहरण रहे हैं जिनमें आरोपी को फंसाया गया था और उन्होंने इस वजह से आत्महत्या कर ली.
  • विदित हो कि यौन अपराध के मामलों में पीड़ित की पहचान नहीं उजागर की जा सकती है. किसी भी परिस्‍थिति में बलात्‍कार की शिकार महिला की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता . न तो पुलिस और न ही मीडिया पीड़ित महिला का नाम सार्वजनिक कर सकता है . भारतीय दंड संहिता की धारा 228-ए के अनुसार, पीड़ित महिला की पहचान बताना दंडनीय अपराध है . जिस महिला के साथ अपराध हुआ है, उसके नाम अथवा ऐसी किसी सामग्री का मुद्रण अथवा प्रकाशन दंडनीय है, जिससे उस महिला की पहचान उजागर हो . इसका उद्देश्‍य यौन अपराध की शिकार महिला का सामाजिक उत्‍पीड़न अथवा सामाजिक बहिष्‍कार रोकना है . यदि निर्णय उच्‍च न्‍यायालय अथवा निचले न्‍यायालय में लंबित भी क्‍यों न हो, तो भी पीड़ित महिला का नाम नहीं लिया जाता. उसे निर्णय में मात्र ‘पीड़ित’ कहा जाता है.

हाल की घटना

एक रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में जनवरी से मई के बीच 6 जिलों से जुटाए आँकड़ों के अनुसार कुल 266 दुष्कर्म के केस दर्ज हुए थे. इनमें 50 फर्जी साबित हुए थे. अब ऐसी स्थिति में यह वास्तव में विचार करने का विषय है कि यौन अपराध के आरोपित पर अपराध सिद्ध होने तक उसकी पहचान उजागर की जाए या नहीं.

आगे की राह

आज हमारे समाज में महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से बनाए गए कानूनों का कुछ लोगों द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है. जिसके कारण इस तरह की याचिका दायर करने की जरूरत पड़ी. निसंदेह ही एक बलात्कारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन ये भी सच है कि कानूनों का दुरुपयोग करके किसी निर्दोष को नहीं फँसाया जाना चाहिए. जिस तरह यह जरूरी नहीं है कि यौन अपराध की पीड़ित कोई महिला ही हो, उसी प्रकार यह जरूरी नहीं है कि यौन अपराध का आरोपित पुरुष ही हो.  सुप्रीम कोर्ट ने कई बार इस बात पर  जोर दिया है कि “प्रतिष्ठा का अधिकार” भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 और 19 (2) का अभिन्न अंग है. इसलिए, न्याय के हित में ऐसी स्थितियों से बचने और निपटने के लिए कुछ निवारक उपाय किए जाने चाहिए.


GS Paper  2 Source: The Hindu

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Topic : Bangladesh- China- India- Myanmar (BCIM) Economic corridor

संदर्भ

भारत और अमेरिका चीन में हो रहे बेल्ट एंड रोड बैठक में नहीं शामिल हुए. भारत ने लगातार दूसरी बार इस बैठक से दूरी बनाई है. चीन ने इसके प्रत्युत्तर में अपनी अरबों डॉलर की महत्वाकांक्षी बेल्ट ऐंड रोड परियोजना से बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार आर्थिक गलियारे (BCIM) को हटा दिया है.

Bangladesh-China-India-Myanmar-BCIM-Economic-corridor-mapपृष्ठभूमि

भारत ने बेल्ट ऐंड रोड के तहत बन रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का विरोध करते हुए चीन के इस परियोजना से अपनी दूरी बना रखी है. माना जा रहा है कि इस विरोध की खीझ में ही चीन ने बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार आर्थिक गलियारे को लिस्ट से बाहर कर दिया है. चीन-पाक आर्थिक गलियारा पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर से होकर गुजरता है, जिस पर भारत का विरोध है. इस हिस्से को संवैधानिक तौर पर भारत अपना हिस्सा मानता है.

BCIM के बारे में

  • चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना (CPEC) की तरह BCIM भी बेल्ट एंड रोड परियोजना के छह प्रमुख गलियारों में शामिल है जो लगभग 2800 किलोमीटर लम्बी परियोजना है.
  • इसका उद्देश्य चीन के पूर्वी शहर कुन्मिंग को बांग्लादेश के ढाका और म्यांमार के मांडले समेत भारत के कोलकाता को जोड़ना है.
  • भारत को यह आशंका है कि इस परियोजना से देश के पूर्वोत्तर के इलाकों को खतरा पैदा होगा.

बेल्ट एंड रोड

इस परियोजना की घोषणा चीन द्वारा 2013 में हुई थी. BRI पहल एक ऐसी पहल है जिसमें स्थल और समुद्र दोनों में सिल्क रोड की पट्टियाँ होंगी. इसका उद्देश्य पूर्वी एशिया के आर्थिक क्षेत्र को यूरोप के आर्थिक क्षेत्र से जोड़ना बताया जाता है. इस प्रकार इस परियोजना के अन्दर एशिया, यूरोप और अफ्रीका तीन महाद्वीप आते हैं. यदि यह परियोजना लागू होती है तो इसके अन्दर सकल वैश्विक जनसंख्या का 65% और विश्व की GDP का 60% आ जायेगा. साथ ही इसमें अभिकल्पित 6 आर्थिक गलियारों में 70 देश समाहित हो जाएँगे.

चीन यूरोप, पश्चिम एशिया, पूर्व अफ्रीका एवं स्वयं चीन को स्थलीय और सामुद्रिक व्यापार सम्पर्कों को फिर से जीवित करने और नये ढंग से रचने के लिए लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर खर्च कर रहा है. इसके अंदर ऐसे आधुनिक बंदरगाह बनाए जा रहे हैं जो तीव्र गति वाली सड़कों और रेल गलियारों से जुड़ जाएँगे.

भारत की चिंता

  • गलियारा का हिस्सा PoK से होकर गुजरेगा जिसे भारत अपना अभिन्न अंग मानता है. भारत का कहना है कि यह गलियारा उसकी क्षेत्रीय अखंडता को आहत करता है.
  • इस परियोजना के कारण हिन्द महासागर में चीन का दबदबा बढ़ सकता है जिससे भारतीय हितों को क्षति पहुँच सकती है.
  • BRI परियोजनाओं के चलते कई देश गहरे कर्ज में डूब रहे हैं जिनको नहीं चुका पाने के कारण इन देशों की सम्प्रभुता पर आँच आ रही है.
  • इस परियोजना में चीन अपने कौशल अथवा तकनीक को हस्तांतरित नहीं कर रहा है. अतः अंततोगत्वा उन देशों को कोई लाभ नहीं होगा जहाँ उसका काम चल रहा है.
  • चीन की परियोजनाएँ पर्यावरण की दृष्टि से भी अनुकूल नहीं हैं.
  • इसके माध्यम से चीन भारत पर रणनीतिक बढ़त बनाना चाहता है. वह पूर्वोत्तर भारत के आस-पास अपनी उपस्थिति सुदृढ़ करना चाहता है. विदित हो कि यहाँ के कुछ भागों पर चीन अपना दावा करता रहा है. इस प्रकार इस परियोजना से भारत की सुरक्षा पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ेगा.
  • चीन और भारत के आपसी रिश्ते ठीक नहीं हैं और दक्षिण-एशिया और हिन्द प्रशांत क्षेत्र में चीन के इरादे ऐसे हैं कि भारत कभी भी इस परियोजना के लिए हामी नहीं भरेगा.
  • इस परियोजना के अंदर बन रही अवसंरचनाओं की सुरक्षा के लिए चीन 30,000 सैनिकों की तैनाती शुरू कर चुका है. भारत का कहना है कि यह तैनाती अंततोगत्वा भारत को घेरने के निमित्त की गई है.

आगे की राह

  • भारत को उत्तर-पूर्वी राज्यों के भीतर सड़क, रेलवे नेटवर्क, जलमार्ग और हवाई संपर्क सहित बुनियादी ढांचे का निर्माण और उन्नयन के लिए ठोस कदम उठाने होंगे.
  • भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग पर जल्द से जल्द काम किया जिससे भारत के पूर्वोत्तर राज्य थाईलैंड और अन्य आसियान सदस्यों से जुड़ सकें. सड़कों का यह नेटवर्क अलग-थलग पड़े पूर्वोत्तर राज्यों को दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ जोड़ेगी और अर्थव्यवस्था को एक अच्छा-ख़ासा उछाल प्राप्त होगा.
  • कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट पूर्वोत्तर को म्यांमार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल से जोड़ने में मदद करेगा.
  • बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल (BBIN) को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता है क्योंकि इसमें शीघ्र लाभांश देने की बहुत अधिक संभावना है.
  • पूर्व की ओर देखो नीति के कार्यान्वयन पर और भी अधिक जोर देने की आवश्यकता है.

GS Paper  2 Source: The Hindu

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Topic : Asia Pacific Broadcasting Union

संदर्भ

हाल ही में 5वें एशिया प्रशांत प्रसारण संघ (ABU) का मीडिया सम्मलेन नेपाल में आयोजित हुआ.

माहात्म्य

इस शिखर सम्मेलन का मूल उद्देश्य जलवायु क्रिया और आपदा की तैयारियों में तेजी लाने के लिए मीडिया का पूरी तरह से उपयोग करने की क्षमता के मुद्दे को संबोधित करना है और सहयोग और संयुक्त व्यावहारिक परियोजनाओं के लिए मीडिया पेशेवरों के लिए हितधारकों को जोड़ना है.

ABU क्या है?

  • एशिया प्रशांत प्रसारण संघ एशिया प्रशांत क्षेत्र के प्रसारकों का एक पेशेवर संगठन है.
  • एबीयू की स्थापना 1964 में इलाके में प्रसारण के विकास में सहायता के लिए की गई थी.
  • मलेशिया के कुआलालंपुर में इसका सचिवालय है. चार महाद्वीपों पर 76 देशों में 272 से अधिक सदस्य के साथ, एबीयू दुनिया में सबसे बड़ा प्रसारण संघ है
  • एसोसिएशन टेलीविजन और रेडियो प्रसारकों के सामूहिक हितों को बढ़ावा देता है और प्रसारकों के बीच क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करता है.

GS Paper  3 Source: Times of India

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Topic : Global Food Policy Report-2019

संदर्भ

वाशिंगटन डीसी स्थित अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (International Food Policy Research Institute-IFPRI) द्वारा हाल ही में वैश्विक खाद्य नीति रिपोर्ट (Global Food Policy Report-GFPR), 2019 निर्गत की गई है.

प्रतिवेदन के मुख्य तथ्य

  • प्रतिवेदन के अनुसार भूख और कुपोषण, गरीबी, सीमित आर्थिक अवसर तथा पर्यावरण क्षरण के कारण दुनिया के कई हिस्सों में ग्रामीण क्षेत्र संकट की स्थिति से गुज़र रहे हैं जो सतत् विकास लक्ष्यों, वैश्विक जलवायु लक्ष्यों और बेहतर खाद्य तथा पोषण सुरक्षा की प्रगति की दिशा में बाधक है.
  • प्रतिवेदन के अनुसार, दुनिया की कुल आबादी में 3 प्रतिशत ग्रामीण आबादी है और दुनिया की कम-से-कम 70 प्रतिशत आबादी अत्यंत गरीब है.
  • सबसे कमज़ोर और हाशिये पर होने के अलावा ग्रामीण आबादी तीव्र जनसंख्या वृद्धि दर, अपर्याप्त रोजगार और उद्यम निर्माण, खराब बुनियादी ढाँचा तथा अपर्याप्त वित्तीय सेवाओं के कारण पीड़ित है.
  • इसके अलावा ग्रामीण समुदाय जलवायु परिवर्तन प्रभावों का खामियाजा भी भुगत रहे हैं, जो 2019 के लिये ग्रामीण पुनरुद्धार (Rural Revitalisation) को एक महत्त्वपूर्ण विषय बनाता है.
  • प्रतिवेदन के अनुसार, नव-प्रवर्तनशील और समग्र पुनरुद्धार के बिना नए अवसरों का लाभ उठाने और बढ़ती चुनौतियों का सामना करने के लिये 2030 तक सभी के लिये खाद्य सुरक्षा प्राप्त करना मुश्किल होगा, शायद असंभव भी.
  • ग्रामीण पुनरुत्थान केवल एक दशक में ही भूख और कुपोषण को समाप्त करने के लिये महत्त्वपूर्ण है.

ध्यान दिये जाने वाले क्षेत्र

  • इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये महिलाओं और ग्रामीण युवाओं पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है.
  • कई देशों में 60 प्रतिशत खेती उन महिलाओं द्वारा की जाती है जिनके पास संपत्ति या राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं होती है या जिनकी कृषि विस्तार सेवाओं तक पहुँच नहीं है.
  • स्वच्छ पेयजल और प्रदूषण रहित वायु की सीमित पहुँच के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन यापन की स्थिति बेहद खराब है.
  • इसके अलावा दुनिया भर में लगभग 50 प्रतिशत ग्रामीण युवाओं के पास कोई औपचारिक रोज़गार नहीं है, वे या तो बेरोज़गार हैं या अस्थायी रोज़गार में लगे हैं.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयास

  • प्रतिवेदन के अनुसार, ग्रामीण परिवर्तन और पुनरुद्धार स्वतंत्रता के बाद से भारत के विकास के प्रयासों का प्रमुख लक्ष्य रहा है.
  • भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने तथा बुनियादी सेवाओं तक पहुँच बढ़ाने के साथ-साथ कृषि और ग्रामीण बुनियादी ढाँचे में निवेश बढ़ाकर ग्रामीण आजीविका को बेहतर बनाने के कई उपाय किये गए हैं.
  • देश में हाल के वर्षों में प्रमुख फसलों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य उनके उत्पादन लागत का 5 गुना अधिक किया गया है.
  • भारत में 22,000 ग्रामीण हाटों (स्थानीय अनौपचारिक बाज़ार) को ग्रामीण कृषि बाज़ार (GrAMs) से जोड़ने तथा कृषि विपणन बुनियादी ढाँचे को उन्नत करने की योजना बनाई गई है.

चुनौतियाँ

  • प्रगति के बाद भी भारत लगातार जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना कर रहा है. भूमि क्षरण, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट और जैव विविधता के नुकसान ने ग्रामीण रूपांतरण (Rural Transformation) के कार्य को धीमा कर दिया है.
  • रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बदलते उपभोग पैटर्न ने भारत में शहरीकरण, जनसांख्यिकीय बदलाव, आय में वृद्धि और खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं (Food Supply Chains) तथा खाद्य प्रणालियों के बढ़ते एकीकरण से ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता और रोज़गार के नए अवसर प्रदान किये हैं.

अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान क्या है?

  • अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (IFPRI) विकासशील देशों में गरीबी, भूख और कुपोषण को कम करने के लिये अनुसंधान आधारित नीतिगत समाधान प्रदान करता है.
  • 1975 में स्थापित IFPRI में वर्तमान में 50 से अधिक देशों में काम करने वाले 600 से अधिक कर्मचारी हैं.
  • यह CGIAR (Consultative Group for International Agricultural Research) का एक अनुसंधान केंद्र है.
  • विदित हो कि वैश्विक भूख सूचकांक (Global Hunger Index) अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (IFPRI) और Welthungerhilfe (German for World Hunger Aid नामक NGO द्वारा ही जारी किया जाता है.

CGIAR के बारे में

  • CGIAR उन संगठनों की एक वैश्विक भागीदारी मंच है जहाँ खाद्य सुरक्षा पर शोध का काम होता है.
  • CGIAR अनुसंधान ग्रामीण गरीबी को कम करने, खाद्य सुरक्षा बढ़ाने, मानव स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करने और प्राकृतिक संसाधनों के स्थायी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिये समर्पित है.

GS Paper  3 Source: The Hindu

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Topic : Jan Dhan

संदर्भ

प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए बैंक खातों में कुल जमा रकम एक लाख करोड़ रुपए के करीब हो गई है.

मुख्य तथ्य

  • जनधन खातों में कुल जमा राशि में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और यह तीन अप्रैल को 97,665.66 करोड़ रुपए पहुंच गई.
  • जनधन खातों की संख्या 39 करोड़ पहुंच गई है.
  • अबतक 89 करोड़ से अधिक खाताधारकों को रूपे डेबिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं.
  • योजना की सफलता से उत्साहित सरकार ने 28 अगस्त 2018 के बाद खोले गए नए खातों के लिए दुर्घटना बीमा एक लाख रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दिया.
  • कुल खातों में 50 प्रतिशत से अधिक खाते महिलाओं के नाम पर हैं जबकि करीब 59 प्रतिशत खाते ग्रामीण तथा अर्द्ध-शहरी क्षेत्र में खोले गए.

PMJDY योजना के बारे में

  • 28 अगस्त 2014 को शुरू इस योजना का प्रमुख लक्ष्य वित्तीय समावेशन (फाइनेंशियल इनक्लूजन) रहा है.
  • PMJDY के जरिये सरकार की कोशिश नए बैंक खाते खोलने के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचाने की रही है.
  • प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) जीरो बैलेंस अकाउंट के साथ कुछ अन्य सुविधायें प्रदान करती है.
  • इस योजना में जमा राशि पर ब्याज के साथ ही का दुर्घटना बीमा कवर दिया जाता है.
  • इस योजना के अंतर्गत 30,000 रुपये का जीवन बीमा पॉलिसीधारक की मौत होने पर उसके नॉमिनी को दिया जाता है.
  • विशेष लाभ के रूप मे छह माह तक खातों के संतोषजनक परिचालन के बाद ओवरड्राफ्ट की सुविधा का प्रावधान भी है.
  • PMJDY के अंतर्गत खुले खाते पर धारक 6 महीने के बाद 10,000 रुपये तक की राशि लोन के तौर पर भी ले सकते हैं.
  • जनधन योजना में खाता खुल जाने से डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम का फायदा आज हर परिवार को मिल रहा है.

Prelims Vishesh

Cyclone Fani :-

  • मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ‘Fani बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है.
  • इसकी उत्पत्ति सुमात्रा (इंडोनेशियाई द्वीप) के दक्षिण-पूर्व में कम दबाव के क्षेत्र में हुई थी.

What are Mango showers? :-

  • आम्र वर्षा आम की फ़सल के लिए काफ़ी उपयोगी है.
  • गर्म पवन तथा आर्द्र समुद्री पवनों के मिलने से यह वर्षा होती है.
  • ग्रीष्म ऋतु में मानसून के आगमन से पूर्व यह वर्षा होती है.
  • मानसूनी पूर्व वर्षा के क्षेत्रीय नाम – असम में चाय की बारिश (Tea Shower), बंगाल में “”काल बैशाली”, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में चेरी फूल / कॉफी शावर (Cherry Blossoms/ Coffee showers).

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