Sansar डेली करंट अफेयर्स, 25 November 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 25 November 2019


GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Issues related to health.

Topic : Intensified Mission Indradhanush

संदर्भ

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग दक्षिण कन्नड़ जिले में चार चरणों में गहन मिशन इन्द्रधनुष चलाने जा रहा है.

मिशन इन्द्रधनुष क्या है?

दिसम्बर, 2014 में आरम्भ किये गये भारत सरकार के मिशन इन्द्रधनुष का लक्ष्य देश के सभी बच्चों और गर्भवती स्त्रियों को शीघ्र से शीघ्र टीके लगवा दिए जाएँ.

गहन मिशन इन्द्रधनुष क्या है?

सरकार ने गहन मिशन इन्द्रधनुष (IMI -Intensified Mission Indradhanush) का आरम्भ अक्टूबर 8, 2017 को किया गया था. इस कार्यक्रम के माध्यम से, सरकार का उद्देश्य है कि सामान्य टीकाकरण कार्यक्रम के लाभ से वंचित रह गए 2 वर्ष से कम के बच्चों और सभी गर्भवती महिलाओं को इसका लाभ दिया जाए. इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसमें चुने हुए जिलों और नगरों में टीकाकरण (immunization) की स्थिति में सुधार किया जाएगा.

उद्देश्य

इन्द्रधनुष मिशन का उद्देश्य है दो वर्ष से कम के बच्चों और सभी गर्भवती महिलाओं को रोकथाम के योग्य रोगों की टीका दी जाए. ऐसे रोग हैं – डिप्थीरिया, कुक्कुरखाँसी, धनुषटंकार, पोलियो, यक्ष्मा, खसरा, हेपेटाइटिस B, रूबेला (Rubella) और रोटा वायरस (Rotavirus) . कुछ राज्यों में जापानी कपालज्वर (Japanese Encephalitis) और हेमोफिलियस इन्फ्लुएंजा टाइप B के भी टीके दिए जायेंगे.

मुख्य तथ्य

  1. गहन इन्द्रधनुष मिशन में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच तालमेल, कार्य की प्रगति की समीक्षा प्रणाली और गहन अनुश्रवन तथा उत्तरदायित्व की व्यवस्था होगी. जिससे कि अधिक से अधिक से लाभार्थियों को इसके अंतर्गत लाने का प्रबंध हो सके.
  2. IMI mission में 11 अन्य मंत्रालय और विभाग सहयोग करेंगे, जैसे – महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, पंचायती राज, शहरी विकास मंत्रालय, युवा मामलों के मंत्रालय आदि.
  3. इस कार्यक्रम के लिए विभिन्न विभागों के ground level workers जैसे – आशा, ANMs, आंगनवाड़ी सेविकाओं, जिला प्रेरकों तथा Self Help Groups (SHGs) को साथ लेकर चला जायेगा.

IMI 2.0

  • देश का कोई भी बच्चा टीकाकरण से नहीं बचे, यह सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने पिछले अक्टूबर 31 से गहन मिशन इन्द्रधनुष 0 (IMI 2.0) का अनावरण किया है जिसमें उन क्षेत्रों में टीकाकरण पर बल दिया जाएगा जहाँ टीकाकरण का काम शिथिल रहा है.
  • IMI 2.0 के अन्दर प्रयास किया जाएगा कि उत्तर प्रदेश और बिहार के ऐसे 271 जिलों और 652 प्रखंडों में दो वर्ष के नीचे के सभी बच्चों और गर्भवती स्त्रियों के लिए टीकाकरण अभियान चला जाएगा जहाँ यह काम अभी तक नहीं हो पाया था अथवा आंशिक रूप से हुआ था.
  • IMI 2.0 में प्रत्येक महीने 7-7 दिनों के चार टीकाकरण चक्र चलाये जाएँगे.
  • इस कार्यक्रम में 12 मंत्रालय और विभाग शामिल हैं और इस पर राष्ट्रीय स्तर पर केबिनेट सचिव नज़र रख रहे हैं.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Functions and responsibilities of the Union and the States, issues and challenges pertaining to the federal structure, devolution of powers and finances up to local levels and challenges therein.

Topic : Private Member’s Bill

संदर्भ

लोक सभा में निजी सदस्यों के 28 विधेयक उपस्थापित हुए हैं.

निजी सदस्य कौन होता है?

कोई भी सांसद जो मंत्री नहीं है उसे निजी सदस्य कहा जाता है.

निजी सदस्य विधेयक को विचारार्थ लेने की प्रक्रिया

किसी निजी सदस्य विधेयक को विचार के लिए अपनाया जाए या नहीं इसका निर्णय राज्य सभा के सभापति अथवा लोकसभा के अध्यक्ष करते हैं. दोनों सदस्यों के लिए मोटे तौर पर प्रक्रिया एक ही है :-

  1. विधेयक लाने वाले सदस्य को एक महीने का नोटिस देना होगा. उसके पश्चात् ही विधेयक उपस्थापन के लिए सूचीबद्ध हो सकेगा.
  2. सदन का सचिवालय परीक्षण करके देखता है कि प्रस्तावित विधेयक सांविधानिक प्रावधानों और विधायी नियमों के अनुरूप है अथवा नहीं. इसके पश्चात् ही उसे सूचीबद्ध किया जाता है.

निजी सदस्य विधेयक लाने के लिए निर्धारित दिन

सरकारी विधेयक किसी भी दिन लाये और विचारे जा सकते हैं, परन्तु निजी सदस्य विधेयक केवल शुक्रवार को ही उपस्थापित हो सकते हैं और उसी दिन उन पर चर्चा हो सकती है.


GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Statutory, regulatory and various quasi-judicial bodies.

Topic : GST Council

संदर्भ

पिछले दिनों 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन.के. सिंह ने GST परिषद् और वित्त आयोग के कार्यों में समरसता लाने का आह्वान किया. ज्ञातव्य है कि वित्त आयोग व्यय और राजस्व की संभावनाओं को देखता है, परन्तु GST दरों में छूट, उनमें परिवर्तन और अप्रत्यक्ष करों को लागू करने का काम GST परिषद् के दायरे में आता है.

इससे अनुश्रवण और निरीक्षण में अड़चन आती है तथा राजस्व प्रतिफल को आदर्श स्तर पर लाना संभव नहीं हो पाता. इसलिए दोनों संस्थाओं में समन्वय परमावश्यक है.

हमें GST परिषद् क्यों चाहिए?

  • GST परिषद् वह प्रमुख निर्णायक निकाय है जो GST से सम्बंधित सभी बड़े फैसले करती है.
  • GST परिषद् के दायरे में ये सभी चीजें आती हैं – कर की दर, कर में छूट, प्रपत्रों को भरने की अंतिम तिथि, कराधान कानून और कर भरने की अंतिम समय-सीमा. इन सब के लिए परिषद् कुछ राज्यों के लिए विशेष दरों और प्रावधानों को ध्यान में रखती है.
  • GST परिषद् का सर्वप्रधान दायित्व यह पक्का करना होता है कि पूरे देश में वस्तुओं और सेवाओं के लिए करों की दर समरूप हो.

GST परिषद् की संरचना

संविधान का अनुच्छेद 279 (1) कहता है कि अनुच्छेद 279A के आरम्भ होने के 60 दिनों के भीतर राष्ट्रपति GST परिषद् का गठन करेगा.

परिषद् की बनावट

अनुच्छेद 279A के अनुसार, परिषद् केंद्र और राज्यों का एक संयुक्त मंच होगा जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे –

  • केन्द्रीय वित्त मंत्री परिषद् के अध्यक्ष.
  • केन्द्रीय राजस्व वित्त राज्य मंत्री एक सदस्य के रूप में.
  • इस परिषद् में प्रत्येक राज्य सरकार द्वारा नामित वित्त अथवा कर के प्रभार वाले मंत्री अथवा अन्य कोई भी मंत्री इसके सदस्य होंगे.

GST परिषद् की अनुशंसाएँ

अनुच्छेद 279A (4) में प्रावधान है कि GST परिषद् GST से जुड़े बड़े-बड़े विषयों पर केंद्र और राज्य को अनुशंसाएँ करेगी, जैसे – किस वस्तु अथवा सेवा पर GST लगेगा और किसपर इससे छूट दी जायेगी.


GS Paper 3 Source: Down to Earth

down to earth

UPSC Syllabus : Conservation, environmental pollution and degradation, environmental impact assessment.

Topic : Avian botulism

संदर्भ

राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार ने पुष्टि की है कि जयपुर की सांभर झील में 18,000 प्रवासी पक्षियों की मौत ‘एवियन बोटुलिज़्म’ के कारण हुई है.

एवियन बोटुलिज़्म क्या है?

एवियन बोटुलिज़्म एक किस्म की फूड पॉयजनिंग है जो बोटुलिन के शरीर में जाने से होती है. यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम (CNS) को प्रभावित करती है.

सांभर झील में बैक्टीरिया जमाव के कारण

अच्छी वर्षा

विदित हो कि सांभर झील में 18,000 से अधिक प्रवासी पक्षी मृत पाए गए. हर साल सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षी इस विश्व प्रसिद्ध झील को अपना प्राकृतिक ठिकाना बना लेते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि जलवायु के कारण इस झील में एवियन बोटुलिज़्म का प्रकोप हुआ है. इस बार मानसून अच्छा रहा जिसके चलते जल का स्तर बीस वर्षों के बाद झील की बेड तक पहुँच गया. ज्ञातव्य है कि अधिक वर्षा होने से ये बैक्टीरिया अधिक फैलते हैं. ये बैक्टीरिया अम्लीय परिस्थिति में नहीं बढ़ते हैं क्योंकि इन्हें ऑक्सीजन की अनुपस्थिति रास आते है. इसके अतिरिक्त नष्ट पौधों और पशुओं से सम्बंधित पदार्थों की एक बड़ी मात्रा झील में जमा हो गई जिसमें पोषक तत्त्वों की भरमार थी. अच्छी वृष्टि के कारण झील में झींगे, केंकड़े, कछुए, काई आदि की संख्या और मात्रा में भी बढ़ोतरी हुई. ये पशु और पदार्थ पर बैक्टीरिया लम्बे समय तक फलते-फूलते रहे.

स्वस्थ मछलियाँ

स्वस्थ मछलियों के गलफड़ों और आंत में बैक्टीरिया पाया जाता है. इन बैक्टीरियों को तापमान में अंतर और झील के सूखने से कोई अंतर नहीं पड़ता है. मानसून के बाद जब जल-स्तर घटता है तो लवणीयता बढ़ने के कारण ये बैक्टीरिया मर जाते हैं.

पक्षी चक्र

विशेषज्ञों का मानना है कि पक्षी-से-पक्षी चक्र (bird-to-bird cycle) भी आप्रवासी पक्षियों की मृत्यु का कारण हो सकता है. यह ऐसे होता है कि मरी हुई चिड़ियों में कीड़े लग जाते हैं और जब दूसरी चिड़ियाँ इन मरे हुए चिड़ियों को खाती हैं तो उन्हें रोग लग जाता है. इस बात की पुष्टि इससे होती है कि यहाँ जो भी चिड़ियाँ मरी हैं वे सभी कीटभक्षी और सर्वभक्षी थीं न कि तृणभक्षी.


GS Paper 3 Source: Indian Express

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UPSC Syllabus :Basics of cyber security.

Topic : Budapest Convention on cyber security

संदर्भ

पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र की एक समिति ने रूस द्वारा उपस्थापित वैश्विक साइबर अपराध संधि का एक संकल्प पारित कर दिया जबकि कुछ लोग को आपत्ति थी कि इस संधि का दुरूपयोग दमनशील देशों में सिविल सोसाइटी को बंद करने में हो सकता है.

इस संकल्प के पक्ष में चीन, उत्तरी कोरिया, क्यूबा, निकरागुआ, वेनेज़ुएला, सीरिया आदि थे. प्रस्तावित संधि को अमेरिका के नेतृत्व वाली बुडापेस्ट संधि का विकल्प बताया जा रहा है.

बुडापेस्ट संधि क्या है?

  • बुडापेस्ट संधि साइबर अपराध से सम्बंधित विश्व की पहली अंतर्राष्ट्रीय संधि है.
  • इसे यूरोप की परिषद् ने तैयार किया था और इस कार्य में उसे कनाडा, जापान, दक्षिण अफ्रीका और अमेरिका का साथ मिला था.
  • सितम्बर, 2019 तक इस संधि को 64 देशों ने अपना लिया था.

बुडापेस्ट संधि के उद्देश्य

  • बुडापेस्ट संधि का उद्देश्य इन गतिविधियों को अपराध घोषित करना है – डाटा तक अवैध पहुँच, कंप्यूटर से जुड़ी जालसाजी और बाल पोर्नोग्राफी.
  • यह संधि साइबर अपराध की जाँच के लिए प्रक्रियात्मक कानून का प्रावधान करती है. इसमें किसी अपराध के संदर्भ में ई-साक्ष्य लेने का भी प्रावधान किया गया है.

इसके अतिरिक्त इसमें अंतर्राष्ट्रीय पुलिस और न्यायालयों के बीच साइबर अपराध और ई-साक्ष्य लेने के लिए आपसी सहयोग लेने का प्रावधान किया गया है.

भारत ने अब तक इस संधि पर हस्ताक्षर क्यों नहीं किये हैं?

  • भारत संधि के लिए हुई वार्ता में शामिल नहीं हुआ था क्योंकि इसे शुरू से ही कुछ आपत्तियाँ रही थीं.
  • संधि की धारा 32b डाटा की सीमा-पार पहुँच की अनुमति देती है जिससे भारत राष्ट्रीय सम्प्रभुता का उल्लंघन मानता है.
  • संधि में सहयोग का जो वादा किया गया है वह कमजोर प्रतीत होता है क्योंकि असहयोग करने के आधार भी वर्णित हैं.

Prelims Vishesh

Living root bridges :-

  • मेघालय में पीढ़ियों से ऐसे पुल बाँधे जाते रहे हैं जिनको रबर के पेड़ की जड़ों को मोड़-तरोड़ कर और उनकी बुनाई करके तैयार किया जाता है.
  • इन पुलों से लोग नदी-झरने पार करते हैं. वहाँ की भाषा में ऐसे पुलों को Jing Kieng Jri कहते हैं.
  • आजकल ऐसे पुल विश्व-भर के पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र बन गये हैं.

Malabar Tree Toad :-

  • पश्चिमी घाट में पाए जाने वाले मेढ़क की मालाबार ट्री प्रजाति के बारे में पता लगाने के लिए बेंगलुरु की एक लाभरहित संस्था महाराष्ट्र से लेकर तमिलनाडु के ग्रामीणों को प्रशिक्षण दे रही है.
  • ज्ञातव्य है कि यह प्रजाति एक संकटग्रस्त प्रजाति है जो अपना पूरा जीवन पेड़ों पर बिताती है और केवल पहले मानसून के समय नीचे उतरकर प्रजनन का कार्य करती है.
  • विदित हो कि पश्चिमी घाट जैव-विविधता का एक बड़ा स्थल जहाँ 179 प्रकार की उभयचर प्रजातियाँ मिलती हैं और जिनमें 80% ऐसी हैं जो और कहीं नहीं मिलतीं.

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