Sansar डेली करंट अफेयर्स, 21 May 2021

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Sansar Daily Current Affairs, 21 May 2021


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Effect of policies and politics of developed and developing countries on India’s interests, Indian diaspora.

Topic : India urges Israel, Palestine to re-engage in direct talks for two-state solution

संदर्भ

भारत ने फिलिस्तीनी हित के लिए अपने समर्थन और द्विराष्ट्र समाधान के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (UNSC) में एक वक्तव्य देते हुए किसी एक का पक्ष लेना अस्वीकृत कर दिया था. साथ ही, संकट के द्विराष्ट्र समाधान का आह्वान करते हुए और “न्यायसंगत फिलिस्तीनी हित” के लिए दृढ समर्थन की घोषणा करते हुए एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है. ऐतिहासिक रूप से, भारत ने फिलिस्तीनियों का समर्थन किया है.

इतिहास

  • वर्ष 1948 में, भारत ने इजरायल के निर्माण के विरुद्ध मतदान किया था और वर्ष 1992 तक भारत ने इजरायल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित नहीं किए थे. हालाँकि, इजरायल ने वर्ष 1971 में और साथ ही, कारगिल युद्ध में भी भारत का सहयोग किया था.
  • वर्ष 2013 तक, भारत एशिया में इजरायल का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया था.
  • भारत और इजरायल के बीच घनिष्ठता फिलिस्तीन के साथ भारत के संबंधों की कीमत पर नहीं आई है. वर्ष 2003 में, भारत ने इजरायल द्वारा वेस्ट बैंक पर दीवार के निर्माण के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था.
  • साल 2011 में, इसने फिलिस्तीन को यूनेस्को (UNESCO) के पूर्ण सदस्य के रूप में स्वीकार करने के पक्ष में मतदान किया था.
  • साल 2014 में, भारत ने गाजा में इजरायल के आक्रमण की जाँच के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के प्रस्ताव का समर्थन किया था.
  • कालांतर में, भारत ने इजरायल और फिलिस्तीन के साथ अपने संबंधों के संदर्भ में एक डी-हाइफेनेटेड नीति को आगे बढ़ाने का निर्णय किया था.

GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Conservation, environmental pollution and degradation, environmental impact assessment.

Topic : Cutting sulphur oxide emissions

संदर्भ

पोत वायु को कम प्रदूषित कर रहे है, परन्तु उनका जल-प्रदूषण फुटप्रिंट बढ़ रहा है. अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के सल्फर 2020 विजन के अनुसार पोतों के ईंधन में सल्फर की मात्रा की अधिकतम सीमा के लिए मानकों के निर्धारण से समग्र सल्फर ऑक्साइड उत्सर्जन में 77 प्रतिशत तक की गिरावट आएगी.

पृष्ठभूमि

वर्ष 2020 में, IMO ने सल्फर की अत्यधिक मात्रा युक्त ईंधन पर प्रतिबंध आरोपित करने वाला नियम लागू किया था. चूँकि, सल्फर की कम मात्रा वाला ईंधन बहुत महंगा हो सकता है, इसलिए IMO पोतों को इग्जॉस्ट (निकास) स्क्रबर संस्थापित करने की अनुमति प्रदान करता है. यह इग्जॉस्ट से निकलने वाले प्रदूषकों को अवशोषित करने हेतु उच्च मात्रा व उच्च गति वाले जल स्प्रे का प्रयोग करता है.

स्क्रबर दो प्रकार के होते हैं – खुले और बंद.

बंद लूप वाले स्क्रबर (closed-loop scrubbers) गंधक के उत्सर्जन को रोके रखते हैं जिससे कि बाद में उसका बंदरगाह पर जाकर निरापद रूप से निपटारा हो सके. मगर खुले लूप वाले स्क्रबर (open-loop scrubbers) सल्फर डाइऑक्साइड को गंधकाम्ल (sulphuric acid) में बदलकर उसको समुद्र में बहा देते हैं.

चिंता का विषय

यद्यपि, प्रतिबंध ने स्क्रबर की फिटिंग को प्रेरित किया है, किन्तु आंकड़ों से ज्ञात होता है कि अधिकांश स्क्रबर ओपन-लूप स्क्रबर हैं. इसके चलते खतरनाक प्रदूषकों और कैंसर जन्य हाइड्रोकार्बन सहित विषाक्त रसायनों से युक्त 10 गीगाटन स्क्रबर अपशिष्ट जल को निर्मुक्त किया गया है. इसने न केवल संवेदनशील समुद्री पारिस्थितिक तंत्र को संकटग्रस्त कर दिया है, बल्कि समुद्री खाद्य के उपभोग के माध्यम से मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरा उत्पन्न किया है.

आगे की राह

इस पृष्ठभूमि में, जब भारत अपने सागरमाला कार्यक्रम की प्रारम्भ कर रहा है, उसे यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि जल प्रदूषण को रोकने के लिए पोतों में क्लोज्ड-लूप स्क्रबर फिट किए जाएँ. सागरमाला भारत का बंदरगाह आधारित विकास कार्यक्रम है, जो जल परिवहन को बढ़ावा देता है.

इस टॉपिक से UPSC में बिना सिर-पैर के टॉपिक क्या निकल सकते हैं?

कन्वेंशन फॉर द प्रिवेंशन ऑफ़ पोल्यूशन फ्रॉम शिप्स (MARPOL) क्या है?

  • यह एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संधि है जिसे अंतर्राष्ट्रीय सामुद्रिक संगठन (IMO) द्वारा 2 नवम्बर, 1973 को अंगीकृत किया गया था.
  • यह संधि जलयानों से होने वाले प्रदूषण को रोकने और घटाने के लिए नियमों का प्रावधान करती है चाहे यह प्रदूषण दुर्घटनावश हुआ हो या जहाजों के दैनंदिन संचालन से.
  • जिन देशों ने MARPOL पर हस्ताक्षर किये हैं उनके सभी जहाजों को इस संधि के नियमों का अनुसरण करना पड़ता है चाहे वे जहाज जहाँ कहीं भी चलायमान हों. संधि के सदस्य देशों का यह दायित्व है कि वे अपने जहाजों को अपनी राष्ट्रीय जलयान पंजी में पंजीकृत करें.

GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Technology missions; economics of animal-rearing.

Topic : World Bee Day

संदर्भ

20 मई को प्रतिवर्ष ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ (World Bee Day) के रूप में मनाया जाता है. आज ही के दिन वर्ष 1734 में ‘मधुमक्खी पालन’ के प्रणेता एंटोन जानसा (Anton Janša) का जन्म हुआ था. संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2017 में 20 मई को विश्व मधुमक्खी दिवस के रूप में घोषित किया. यह प्रस्ताव स्लोवेनिया (Slovenia) द्वारा पेश किया गया था.

विश्व मधुमक्खी दिवस 2021 का विषय (theme) –बी एंगेज्ड: बिल्ड बैक बेटर फॉर बीज़ (Bee engaged: Build Back Better for Bees)” है.

सरकार द्वारा किये गये प्रयास

  • सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. सरकार मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए गठित की गई समिति की सिफारिशों का कार्यान्‍वयन कर रही है.
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार ने मीठी क्रांति के तहत हनी मिशन की भी घोषणा की है, जिसके चार भाग है, इसका भी पर्याप्त लाभ मिलेगा.
  • राष्‍ट्रीय मधुमक्‍खी बोर्ड ने राष्‍ट्रीय मधुमक्‍खी पालन एवं मधु मिशन (एनबीएचएम) के लिए मधुमक्खी पालन के प्रशिक्षण के लिए चार माड्यूल निर्मित किये गए हैं, जिनके जरिये देश में 30 लाख किसानों को प्रशिक्षण दिया ग यह एक अनूठी अवधारणा है जिसका रूपांकन खादी एवं ग्राम उद्योग आयोग (Khadi and Village Industries Commission – KVIC) ने इस उद्देश्य से किया है कि मधुमक्खियों से भरे बक्सों की देखभाल सरलता से हो तथा उनको आसानी से इधर-उधर ले जाया जा सके. यह एक मंच है जो बिना कठिनाई के 20 मधुमक्खी बक्सों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जा सकता है. यह मंच किसी ट्रेक्टर अथवा ट्रॉली से सरलतापूर्वक जोड़ा जा सकता है और किसी समुचित गंतव्य तक खींच के पहुँचाया जा सकता है. या है. इन्हें सरकार द्वारा वित्‍तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है.
  • महिला समूहों द्वारा जैविक शहद व जंगली शहद के उत्पादन, ब्रांडिंग और विपणन को बढ़ावा देने के लिए अपनी सरकार ने विभिन्न कदम उठाये हैं.
  • पिछले वर्ष सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने Apiary on Wheels” (पहियों पर मधुमक्खी पालन) का उद्घाटन किया था.

मुख्य तथ्य

  • भारत विश्व में शहद के 5 सबसे बड़े उत्पादकों में है.
  • भारत में वर्ष 2005-06 की तुलना में अब शहद उत्पादन 242% बढ़ गया है, वहीं इसके निर्यात में 265% की वृद्धि हुई है.

आगे की राह

बढ़ता शहद निर्यात इस बात का प्रमाण है कि मधुमक्‍खी पालन 2024 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्‍य हासिल करने की दिशा में महत्‍वपूर्ण कारक रहेगा. मधुमक्खी पालन का काम गरीब व्यक्ति भी कम पूंजी में अधिक मुनाफा प्राप्त करने के लिए कर सकता है. 500 करोड़ रुपये के पैकेज से मधुमक्खी पालकों के साथ ही किसानों की भी दशा और दिशा सुधारने में मदद मिलेगी.

इस टॉपिक से UPSC में बिना सिर-पैर के टॉपिक क्या निकल सकते हैं?

शहद के एफपीओ (HONEY FPOS) के बारे में :-

  • केन्द्रीय किसान कल्याण मंत्री ने 10 हजार एफपीओ बनाने की केन्द्र सरकार की योजना के अंतर्गत पाँच राज्यों में मधुमक्खी पात्रकों/शहद संग्राहकों के पाँच एफपीओं का शुभारम्भ किया था.
  • ये एफपीओ मध्य प्रदेश मुरैना, पश्चिम बंगाल सुंदरवन, बिहार में पूर्वी चंपारण, राजस्थान में भरतपुर और उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले में नेफेड के सहयोग से बनाये गये हैं.
  • इसके लिए 500 करोड़ रूपये का फंड आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत राहत पैकेज के रूप में दिया गया है. वहीं अनेक अन्य योजनाओं के माध्यम से भी मधुमक्खी पालकों को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है.
  • भारत सरकार की योजना के अंतर्गत इन पांचों नए एफपीओ से जुड़े लगभग पांच सौ गाँवों के 4 से 5 हज़ार शहद उत्पादकों को इस परियोजना से सीधा लाभ पहुंचेगा. शहद उत्पादकों द्वारा निकाला जाने वाला 60 हजार क्विंटल शहद अब उनके स्वयं के द्वारा ही प्रोसेस करके नाफेड की मदद से उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जाएगा, जिससे इनकी आय में बढ़ोतरी हुई.

GS Paper 3 Source : Indian Express

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UPSC Syllabus : Awareness in the fields of IT, Space, Computers, robotics, nano-technology, bio-technology and issues relating to intellectual property rights.

Topic : What Beijing’s new crackdown means for crypto in China?

संदर्भ

हाल ही में, चीनी नियामकों द्वारा ‘क्रिप्टोकरेंसी’ (Cryptocurrency) के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए गए हैं.

नए नियमों के द्वारा, ‘क्रिप्टोकरेंसी’ के लिए निषिद्ध सेवाओं के दायरे का काफी विस्तार गया है, और इन्हें ‘बिना किसी वास्तविक कीमत की आभासी मुद्राएं’ बताया गया है.

नवीनतम परिवर्तनों के अनुसार

  1. बैंकों और ऑनलाइन भुगतान फर्मों के द्वारा क्रिप्टो-संबंधित किसी भी सेवा, जैसेकि खाता खोलना, पंजीकरण, व्यापार, समाशोधन, निपटान और बीमा आदि का प्रस्ताव नहीं किया जाएगा.
  2. नए नियमों में उन सेवाओं को भी शामिल किया गया है, जिनका पहले उल्लेख नहीं किया गया था.
  3. संस्थाओं के लिए, क्रिप्टोकरेंसी बचत, साख (Trust) या गिरवी रखने की सेवाएं प्रदान करने और क्रिप्टो-संबंधित वित्तीय उत्पाद जारी करने से प्रतिबंधित किया गया है. और,
  4. ‘ट्रस्ट तथा फंड उत्पादों’ द्वारा निवेश लक्ष्य के रूप में आभासी मुद्राओं का उपयोग नहीं किया जाएगा.

पृष्ठभूमि

चीन में क्रिप्टोकरेंसी को ‘कानूनी निविदा’ (legal tender) के रूप में मान्यता नहीं है और बैंकिंग प्रणाली में क्रिप्टोकरेंसी को स्वीकार नहीं किया जाता है और न ही इससे संबंधित कोई सेवाएं प्रदान की जाती हैं.

चीन में क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित नियमों को सख्त किये जाने का कारण:

नए निर्देशों ने चेतावनी दी गई है, कि काल्पनिक बिटकॉइन ट्रेडिंग में फिर से तेजी आ रही है, जिससे लोगों की संपत्ति की सुरक्षा का अतिक्रमण हो सकता है और सामान्य आर्थिक और वित्तीय व्यवस्था में बाधा पहुँच सकती है.

इस कार्रवाई का प्रभाव

  1. चीन द्वारा की गई इस नई कार्रवाई से लोगों के लिए विभिन्न भुगतान चैनलों के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी खरीदना और कठिन हो गया है.
  2. इससे क्रिप्टोकरेंसी का युआन में विनियम करना कठिन हो गया है, जिससे क्रिप्टोकरेंसी-खनिकों (Miners) का व्यवसाय प्रभावित हो सकता है.
  3. इसके अलावा, बैंकों और भुगतान कंपनियों को भी क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित धन-प्रवाह की पहचान करने संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

क्या है क्रिप्टोकरेंसी?

  • क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी करेंसी है जिसे आप देख नहीं सकते इसलिए इसे आभासी मुद्रा भी कहते हैं.
  • सरल शब्दों में आप इसे डिजिटल रुपया या डिजिटल करेंसी भी कह सकते हैं.
  • क्रिप्टोकरेंसी को कोई बैंक जारी नहीं करती है.
  • इसको जारी करने वाले ही इसका नियंत्रण और संचालन करते हैं. इसका प्रयोग डिजिटल दुनिया में ही होता है.
  • इस मुद्रा में कोडिंग तकनीक का प्रयोग होता है/इस तकनीक के माध्यम से करेंसी के लेन-देन का सम्पूर्ण लेखा-जोखा होता है.
  • इसको हैक करना बहुत कठिन होता है. यही वजह है कि क्रिप्टोकरेंसी में धोखाधड़ी की संभावना न के बराबर होती है.
  • इंटरनेट पर इस आभासी मुद्रा का प्रारम्भ जनवरी 2009 में बिटकॉइन के नाम से हुआ था.

विश्व-भर में विभिन्न नाम से क्रिप्टोकरेंसी

वर्तमान समय में पूरे विश्व में कई प्रकार के वर्चुअल करेंसी हैं. विश्व-भर में बिटकॉइन, रिप्लड, एथेरम और कार्डनो जैसे तकरीबन 2,116 क्रिप्टो करेंसियाँ प्रचलित हैं, जिनका बाजार पूंजीकरण 119.46 अरब डॉलर के बराबर है.

  • दुबई (UAE) – Emcash
  • वेनेजुएला – Petro
  • एस्टोनिया – Estcoin
  • रूस – Crypytoruble
  • स्वीडेन – E-Krona
  • जापान – J-Coin

Bitcoin के बारे में डिटेल पढ़ेंBitcoin in Hindi


Prelims Vishesh

Ronne Ice Shelf :-

  • आइसबर्ग A-76, अंटार्कटिका में रॉन आइससेल्फ (Ronne Ice Shelf) के पश्चिमी भाग से टूटकर, वेडेल सागर (Weddell Sea) में तैर रहा है.
  • उपग्रहों और विमानों द्वारा की गई माप के अनुसार, यह दुनिया का सबसे बड़ा हिमशैल है.
  • यह आकार में लगभग 170 किलोमीटर (105 मील) लंबा और 25 किलोमीटर (15 मील) चौड़ा है.
  • अंटार्कटिका में बर्फ की चादर, शेष ग्रह की तुलना में तेजी से गर्म हो रही है, जिसकी वजह से हिम तथा हिमावरण पिघल रहे हैं और साथ ही हिमानियों / ग्लेशियरों, विशेषकर वेडेल सागर के आसपास, का निवर्तन (Retreat) हो रहा है.
  • ग्लेशियरों का निवर्तन होने अर्थात पीछे हटने के साथ ही, सतह से हिमखंड टूटने लगते हैं और नजदीकी सागर में तैरते हुए अथवा किसी स्थलीय क्षेत्र से टकराकर बिखर जाते हैं.

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