Sansar डेली करंट अफेयर्स, 21 December 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 21 December 2020


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Indian diaspora.

Topic : Overseas Citizens of India

संदर्भ

हाल ही में, कर्नाटक के उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया है कि प्रवासी भारतीय नागरिक (Overseas Citizens of India- OCI) श्रेणी के अंतर्गत आने वाले छात्रों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए इन्हें ‘भारत का नागरिक’ माना जाएगा.

पृष्ठभूमि

हाल ही में, कर्नाटक राज्य सरकार द्वारा अप्रैल 2019 के एकल-न्यायाधीश के निर्णय के विरुद्ध अपील दायर की गई थी, जिसमें न्यायालय ने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में OCI छात्रों को नियमित कोटे की सीटों पर प्रवेश लेने की अनुमति दी थी. राज्य सरकार, प्रवासी छात्रों को केवल NRI कोटे के अंतर्गत प्रवेश देने के पक्ष में है.

विदेशी भारतीय नागरिक कार्डधारक

भारत सरकार आवेदन प्राप्त होने पर किसी विदेशी भारतीय नागरिक कार्डधारक को नागरिकता के लिये पंजीकृत कर सकती है. पंजीकरण की निम्नलिखित शर्तें निर्धारित की गई हैं-

पूर्ण आयु क्षमता वाला कोई व्यक्ति
(I) किसी अन्य देश का नागरिक है, लेकिन संविधान लागू होने के समय अथवा उसके बाद भारत का नागरिक था, अथवा
(II) किसी अन्य देश का नागरिक है लेकिन संविधान लागू होने के समय भारत का नागरिक होने के लिये अर्ह था, अथवा
(III) किसी अन्य देश का नागरिक है लेकिन उस भू-भाग से संबंध रखता है जो 15 अगस्त 1947 से भारत का भाग हो गया, अथवा
(IV) जो किसी नागरिक का पुत्र/पुत्री या पौत्र/पौत्री या प्रपौत्र/प्रपौत्री हो,

    1. कोई व्यक्ति जो निर्दिष्ट व्यक्ति का नाबालिक बच्चा हो, अथवा
    2. कोई नाबालिक बच्चा जिसके माता-पिता दोनों या दोनों में से कोई एक भारत का नागरिक हो, अथवा
    3. भारतीय नागरिक की विदेशी मूल का/की पति/पत्नी किसका विवाह निबंधित है और आवेदन प्रस्तुत करने की तिथि के पूर्व कम-से-कम दो वर्ष तक लगातार रहा हो.

भारत सरकार उस आँकड़े/डाटा को उल्लिखित कर सकती है जिसमे से सूचीबद्ध भारतीय मूल के कार्डधारक व्यक्तियों को विदेशी भारतीय कार्डहोल्डर मान लिया जाएगा.

कार्डधारकों को प्राप्त सुविधाएँ

  • जीवनपर्यंत वीज़ा
  • अनिश्चित समय तक की यात्रा के दौरान भी पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं.
  • ठहरने की किसी भी अवधि तक पुलिस प्राधिकारियों को रिपोर्ट करने से छूट.
  • पंजीकृत विदेशी भारतीय नागरिक कार्डधारकों को घरेलू उड़ानों के किराए के मामले में अप्रवासी भारतीय के बराबर समझा जाएगा.

कार्डधारकों का पंजीकरण रद्द होने की शर्तें

  • यदि OCI पंजीकरण में कोई धोखाधड़ी सामने आती है.
  • यदि पंजीकरण के पाँच साल के भीतर OCI कार्डधारक को दो साल या उससे अधिक समय के लिये कारावास की सज़ा सुनाई गई है.
  • यदि ऐसा करना भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिये आवश्यक हो.
  • हाल ही में पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 (Citizenship Amendment Act, 2019) में OCI कार्डधारक के पंजीकरण को रद्द करने के लिये एक और आधार जोड़ा गया है, जिसके तहत यदि OCI कार्डधारक अधिनियम के प्रावधानों या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अन्य कानून का उल्लंघन करता है तो भी केंद्र के पास उस OCI कार्डधारक के पंजीकरण को रद्द करने का अधिकार होगा.

इस टॉपिक से UPSC में बिना सिर-पैर के टॉपिक क्या निकल सकते हैं?

जो लोग विदेश में रहते हैं, उनको भारत सरकार नागरिकता से भिन्न एक विशेष दर्जा देती है, जिसका सम्बन्ध उस व्यक्ति को भारत सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं से होता है. विशेष दर्जों में ये तीन दर्जे महत्त्वपूर्ण हैं –

  1. अनिवासी भारतीय (NRI- Non-Residents Indians)
  2. भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO – Persons of Indian Origin)
  3. भारत के समुद्रपारीय नागरिक (OCI – Overseas Citizens of India)

GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Issues related to Education.

Topic : State of the Education Report (SER) 2020

संदर्भ

हाल ही में यूनेस्को द्वारा भारत के लिए शिक्षा की स्थिति रिपोर्ट [State of the Education Report (SER) 2020] का शुभारंभ किया गया है.

शिक्षा की स्थिति रिपोर्ट

  • SER का यह संस्करण तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (technical and vocational education and training: TVET) पर केंद्रित है.
  • इसका उद्देश्य सरकार को तकनीकी शिक्षा में सहयोग प्रदान करना है. ज्ञातव्य है कि सरकार ने पहले ही कौशल भारत मिशन (Skill India Mission) के अंतर्गत एक प्रमुख राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में कौशल विकास की घोषणा की है.

TVET

  • एक व्यापक पदावली है, जो प्रौद्योगिकियों और संबंधित विज्ञानों के अध्ययन को संदर्भित करती है.
  • साथ ही, आर्थिक एवं सामाजिक जीवन के विभिनन क्षेत्रों में व्यवसायों से संबंधित व्यावहारिक कौशल, अभिवृत्ति, समझ और ज्ञान के अधिग्रहण को भी संबोधित करती है.

TVET का महत्त्व

  • युवा रोज़गार और उद्यमिता को प्रोत्साहन देना.
  • समता और लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना.
  • हरित अर्थव्यवस्थाओं और संधारणीय समाजों की ओर परिवर्तन की सुविधा प्रदान करना.

रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएँ

  • रिपोर्ट में TVET गुणवत्ता के लिए विजन को रेंखाकित किया गया है, जिसे भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (new National Education Policy 2020) में भी शामिल किया गया है.
  • इस विजन में सभी शैक्षणिक संस्थानों से व्यावसायिक शिक्षा को अपने पाठ्यक्रमों में शामिल करने का आह्वान किया गया है.

TVET प्रदायगी की वर्तमान स्थिति

  • आज की तिथि में 1,000 से अधिक महाविद्यालयों द्वारा विशेष स्नातक पाठ्यक्रम “बैचलर ऑफ वोकेशन” का संचालन किया जा रहा है.
  • लगभग 10,158 राज्यों द्वारा संचालित सरकारी विद्यालयों में 12 मिलियन से अधिक छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही है.

TVET के संवर्द्धन के समक्ष चुनौतियां

  • छात्रों और अभिभावकों के मध्य प्रचलित इस मानसिकता का सामना करना कि TVET निम्नस्तरीय स्थिति में है.
  • विशेषरूपेण महिलाओं को TVET तक समावेशी पहुँच प्रदान करने की जरूरत है. इसके अतिरिक्त, वृदद्‌ डिजिटल अंतराल को समाप्त करना भी अपरिहार्य है.

मेरी राय – मेंस के लिए

 

सरकार द्वारा विनियमित टीवीईटी कार्यक्रम (Technical and vocational education and training-Tvet) उद्योग की मांग के अनुरूप अपने पाठ्यक्रम को संरेखित करने में विफल रहे हैं. इस कारण स्नातक लोग अच्छी नौकरियों से वंचित रह जा रहे हैं. यह एक दीर्घकालिक समस्या है, जो हरित नौकरियों के मामले में विशेष रूप से हानिकारक है. क्योंकि वर्तमान समय में ऐसी नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ रही है. सरकार की यह विफलता लगभग निश्चित थी, क्योंकि वर्तमान में लगभग 17 मंत्रालय शिक्षा, व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास में लगे हुए हैं. उदाहरणस्वरूप, 2015 में लॉन्च किया गया ‘स्किल इंडिया मिशन’ पटरी से उतर चुका है, क्योंकि यह खराब प्रबंधन और योग्य प्रशिक्षकों की कमी से जूझ रहा है. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हाल ही में एक ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम (जीएसडीपी) लॉन्च किया किया, जिसका लक्ष्य अगले तीन वर्षों में पर्यावरण और वन क्षेत्रों में 550,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित करना है. यदि इस कार्यक्रम को सफल बनाना है, तो अतीत की विफलताओं से सीख लेनी होंगी. उन सीखों में से एक सीख निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी के महत्त्व को पहचानने की है. फरवरी 2018 तक भारत में कुल स्थापित नवीकरणीय विद्युत ऊर्जा क्षमता 65 GW थी, जबकि देश का लक्ष्य 2022 तक 175 GW का उत्पादन करना है. यदि सरकार वास्तव में इस लक्ष्य तक पहुँचना चाहती है, तो उसे हरित ऊर्जा संबंधी बुनियादी ढाँचे पर ध्यान केंद्रित करना होगा.


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Effect of policies and politics of developed and developing countries on India’s interests, Indian diaspora.

Topic : S-400

संदर्भ

संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा S-400 के कारण तुर्की पर लगाए गए प्रतिबंध, रूसी हथियार खरीदने पर भारत व अन्य देशों के लिए चेतावनी है. हाल ही में अमेरिका ने रूस से S-400 वायु रक्षा प्रणाली प्राप्त करने के लिए तुर्की पर काउंटरिंग अमेरिकाज ऐड्वर्सेरी थू सेक्शन एक्ट के तहत प्रतिबंध लगाए हैं.

भारत के लिए यह परिस्थिति महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि भारत भी आगामी वर्ष की शुरुआत में ही 8-400 वायु रक्षा प्रणाली की खेप प्राप्त करने वाला है.

S-400 क्या है?

  • यह एक हवाई प्रतिरक्षा प्रणाली है जो आकाश में शत्रु के विमान को धरती पर से ही भेद सकती है.
  • यह रूस की सर्वाधिक उन्नत प्रणाली है जो 380 km. दूर स्थित बमवर्षकों, जेटों, मिसाइलों और ड्रोनों को भी नष्ट कर सकती है.
  • यह प्रणाली रूस में 2007 से काम कर रही है.
  • इस प्रणाली का निर्माण Almaz-Antey ने किया है.

भारत को S-400 क्यों चाहिए?

पड़ोस से भारत को सदैव खतरा रहता है. पाकिस्तान और चीन दोनों से हमें कभी भी सामना करना पड़ सकता है. पाकिस्तान के पास 20 लड़ाकू स्कवॉड्रन (fighter squadrons) हैं जिनके पास उत्क्रमित F-16 के साथ-साथ चीन से लिए गये कई J-17 विमान भी हैं. चीन के पास भी स्वयं 1,700 फाईटर हैं जिनमें 800 4-Gen फाइटर हैं. इसलिए S-400 का सौदा भारत के लिए आवश्यक हो गया था.

CAATSA क्या है?

  • CAATSA का पूरा रूप है – Countering America’s Adversaries Through Sanctions Act अर्थात् प्रतिबंधों के माध्यम से अमेरिका के शत्रुओं से निबटने से सम्बंधित अधिनियम.
  • यह अमेरिका का एक संघीय अधिनियम है जिसके द्वारा ईरान उत्तरी कोरिया और रूस पर प्रतिबंध लगाए गए हैं. इस अधिनियम में यह प्रावधान भी है की रूस के साथ रक्षा और गुप्त सूचना प्रक्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण लेनदेन करने वाले देशों पर भी प्रतिबंध लागू किये जा सकते हैं.
  • परन्तु भारत के साथ अमेरिका की रक्षा भागीदारी को देखते हुए अमेरिका ने भारत के विरुद्ध CAATSA लगाने नहीं जा रहा है, ऐसा रूस के साथ हुए सौदे पर उसकी नरम प्रतिक्रिया से ज्ञात हो रहा है.

GS Paper 3 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Indian Economy and issues relating to planning, mobilization of resources, growth, development and employment.

Topic : Quality Council of India – QCI

संदर्भ

भारतीय गुणवत्ता परिषद् (Quality Council of India – QCI) ने हाइजीन रेटिंग ऑडिट एजेंसियों (Hygiene Rating Audit Agencies: HRAA) के लिए मान्यता योजना का शुभारंभ किया है. QCI द्वारा भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से योजना को प्रारंभ किया गया है. 

  • इस योजना को देश में मान्यता प्राप्त HRAA की संख्या में वृद्धि करके स्वच्छता रेटिंग का स्तर बढ़ाने के लिए प्रारंभ किया गया है.
  • मान्यता प्राप्त HRAA, भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा निर्धारित खाद्य स्वच्छता एवं सुरक्षा प्रक्रियाओं (खाद्य स्वच्छता रेटिंग योजना के तहत) के अनुपालन की पुष्टि करने तथा स्वच्छता रेटिंग प्राप्त करने के लिए उत्तरदायी होंगी.

खाद्य स्वच्छता रेटिंग योजना

  • वर्ष 2019 में प्रारंग की गई खाद्य स्वच्छता रेटिंग योजना (Food Hygiene Rating Scheme) उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष रूप से खाद्य आपूर्ति करने वाले खाद्य व्यवसायों के लिए एक प्रमाणन तंत्र है.
  • खाद्य व्यवसायों का आकलन निरीक्षण के समय दृष्टिगोचर हुई खाद्य स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी स्थितियों के आधार पर किया जाता है. साथ ही, उनके स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा अनुपालन के अनुसार उन्हें 1 व 5 के मध्य एक अंक प्रदान किया जाता है.
  • यह होटल, रेस्त्रां, काफी हाउस, ढाबों, मिठाई की दुकानों, बेकरी और माँस खुदरा दुकानों जैसे खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों पर लागू होती है.

योजना का महत्व

  • यह योजना उपभोक्ताओं को उन खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों से संबंधित सूचित विकल्प के चयन / निर्णय लेने में सक्षम करती है, जहां उपभोक्ता खाद्य ग्रहण करने के इच्छुक होते हैं.
  • यह खाद्य व्यवसायों को उच्च स्वच्छता मानकों को अपनाने और उपभोक्ताओं के समक्ष उन मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित करती है.

इस टॉपिक से UPSC में बिना सिर-पैर के टॉपिक क्या निकल सकते हैं?

NABCB क्या है?

  • यह भारतीय गुणवत्ता परिषद् (Quality Council of India) का एक अंगीभूत बोर्ड है जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर सत्यापन/निरीक्षण से सम्बंधित निकायों के अभिप्रमाणन के लिए उत्तरदायी होता है.
  • इसके द्वारा निर्यात की जा रही सामग्री को सत्यापित करने के कारण वह सामग्री वैश्विक बाजार में स्वीकार्य हो जाती है क्योंकि इस सत्यापन से ही यह स्पष्ट हो जाता है कि वह सामग्री अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करती है. इससे भारतीय वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा मिलता है.
  • एशियाई प्रशांत क्षेत्र में NABCB के सदृश अन्य दो ही प्रमाणन निकाय हैं. ये दो निकाय हांगकांग और मेक्सिको में है.
  • NABCB जिन अंतर्राष्ट्रीय मानकों के पालन की जाँच करता है, वे हैं –ISO/IEC 17021-1 और ISO 45001.

सैनिटेशन एंड हाइजीन फंड

  • SHF एक वैश्विक वित्तपोषण तंत्र है, जो स्वच्छता सेवाओं की कमी और प्रतिक्रिया करने की न्यूनतम क्षमता से उत्पन्न होने वाले रोगों से दबावग्रस्त देशों को त्वरित वित्तपोषण प्रदान करेगा.
  • इसका लक्ष्य प्रयासों का समर्थन करने के लिए आगामी पांच वर्षों में 2 बिलियन डॉलर जुटाना है.
  • इसे संयुक्त राष्ट्र परियोजना सेवा कार्यालय (Project Services) के लिए आयोजित किया गया है.

मेरी राय – मेंस के लिए

 

जल जीवन का मूल तत्व है. सामुदायिक जल आपूर्ति की प्रवृत्ति एवं स्वच्छता के द्वारा लोगों के सामाजिक, आर्थिक एवं शारीरिक जीवन को बहुत हद तक प्रभावित किया जा सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के आकलन के अनुसार विश्व में व्याप्त 80 प्रतिशत रोग अपर्याप्त स्वच्छता या दूषित जल के कारण होते हैं. इसमें दूषित जल पीने के प्रभाव, जल में रोगवाही जीवाणुओं की उत्पत्ति तथा नहाने-धोने के अभाव के कारण होने वाले रोग सम्मिलित हैं.

यद्यपि पिछले दशक में अतिसार एवं उदर-रोगों के कारण होने वाली मौतों में कमी हुई है, तथापि अनुमानतः 33 लाख बच्चों की अब भी इन रोगों के कारण मृत्यु हो जाती है (विश्व में प्रति दस सेकेंड में लगभग एक बच्चे की मृत्यु होती है) अध्ययनों के अनुसार सुरक्षित जल एवं आवश्यक स्वच्छता के द्वारा अतिसार एवं उदर रोगों में 25 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है. जल संबंधी रोग मनुष्य की अस्वस्थता एवं मृत्यु का एक मात्र बड़ा कारण है. मुख्यतः संक्रमण एवं परजीवी रोग ही गरीबों को पीड़ित करते हैं. बढ़ती हुई जनसंख्या एवं शहरीकरण के साथ-साथ आने वाले वर्षों में पेयजल की मांग के निरंतर बढ़ते रहने का अनुमान है.

गाँवों की जल आपूर्ति में दो प्रमुख समस्याएँ अपर्याप्त मात्रा तथा रासायनिक प्रदूषण है. पीने हेतु प्रयुक्त जल रोगाणु रहित होना चाहिए और उसमें स्वास्थ्य हेतु महत्वपूर्ण कार्बनिक तथा अकार्बनिक तत्व बहुत अधिक मात्रा में नहीं होने चाहिए. 


Prelims Vishesh

Himalayan serow :-

  • इसे हिमालय के ठंडे रेगिस्तानी क्षेत्र (हिमाचल प्रदेश) में पहली बार देखा गया.
  • हिमालयन सीरो एक बकरी, एक गधा, एक गाय और एक सुअर के बीच एक संकर प्रजाति जैसा दिखता है/
  • यह एक बड़े सिर, मोटी गर्दन, खच्चर जैसे कान, और काले बालों वाला मध्यम आकार का स्तनपायी है.
  • IUCN की रेड लिस्ट में ‘असुरक्षित’ (Vulnerable) के रूप में सूचीबद्ध है.
  • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची- I के तहत सूचीबद्ध है.

Financial Stability and Development Council (FSDC) :-

  • वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद् का गठन दिसम्बर, 2010 में हुआ था.
  • इसका उद्देश्य है – वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के तन्त्र को सुदृढ़ करना एवं उसे संस्थागत बनाना.
  • विभिन्न नियामक संस्थाओं के बीच समन्वय को बढ़ावा देना तथा वित्तीय प्रक्षेत्र के विकास को प्रोत्साहित करना.
  • इस परिषद् के अध्यक्ष केन्द्रीय वित्त मंत्री होते हैं.

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